: किसानों ने 28दिन तक चितौड़गढ़ धरना देकर 1997 98 से काटेगये पटटे को बहाली करने हेतु की गई मांग
Mukesh Kumar Bharti
Mon, Nov 22, 2021
21 नवंबर 2021 चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्री धरने के 28 वें दिवस पर
किसानों ने बरसती बरसात में सर्द रातों में धरना देकर अफीम खेती की नीति की पारदर्शिता अफीम खेती की नीति 2021- 22 को संशोधित कर थोपा गया मार्फिन नियम समाप्त कर 1997-98 से 2021 तक काटे गए सभी अफीम पट्टे बहाली के लिए माननीय प्रधानमंत्री महोदय और भारत सरकार को निवेदन कर रहे हैं।अफीम घटिया नहीं अधिकारी घटिया है।
माननीय मेक इन इंडिया का मजबूत आधार है समृद्ध भारत का मजबूत जरिया है आज जो नेता है नेता भी नहीं थे आज जो अधिकारी है अधिकारी भी नहीं थे आज जो किसान है किसान भी नहीं थे उस समय में भी संवैधानिक तरीके से परंपरागत अफीम खेती के 160000 किसान 50-50 आरी की अफीम खेती करते थे
माननीय प्रधानमंत्री महोदय 24 11 2013 को आपके द्वारा दिए गए आश्वासन के भरोसे किसान आज भी सर्द रातों में अफीम खेती की नीति की पारदर्शिता के लिए परंपरागत अफीम खेती के लिए धरना दे रहा है जबकि 24 11 2013 को स्वयं आपने चित्तौड़ की धरती पर हम अफीम किसानों के दर्द को आपने स्वयं अपने शब्दों में बयां किया था।
नारकोटिक्स के भ्रष्टाचार की जमीनी हकीकत हम किसानों ने वित्त राज्य मंत्री पंकज जी चौधरी साहब को विद प्रूफ वीडियो बना करके भी प्रेषित किया लेकिन आज तक हम किसानों को न्याय नहीं मिला।
अफीम घटिया नहीं अधिकारी घटिया है नारकोटिक्स के भ्रष्ट अधिकारी सैकड़ों हजारों नहीं लाखों करोड़ों रुपए भोले किसानों से लूट रहे हैं और यह रात के अंधेरे में नहीं दिनदहाड़े भ्रष्टाचार युक्त अफीम खेती की नीति में मार्फिन नियम को थोप कर किसानों को लूटा जा रहा है माननीय प्रधानमंत्री महोदय आप स्वयं संज्ञान ले
चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्री पर धरना लगातार अनवरत जारी है
जो थोपा गया मार्फिन नियम समाप्ति और 1997-98 से 2021 तक काटे गए सभी अफीम पट्टे बहाली तक जारी रहेगा। और नए अफीम पट्टे भी दिया जाए।
भारत सरकार से मांग की है साथ ही राजस्थान सरकार से भी निवेदन किया है कि देश व किसान हित में राजस्थान सरकार से भी देश को आर्थिक आजादी दिलाने वाले एकमात्र औषधीय उत्पाद अफीम खेती की नीति की पारदर्शिता के लिए भारत सरकार को निवेदन करें घर घर औषधिय पौधे बांटना अच्छी बात हैं धन्यवाद है। लेकिन औषधिय फसल अफीम खेती की नीति के लिए आपके द्वारा आज दिन तक भारत सरकार से मांग नहीं किया जाना किसानों को मायूसी दे रहा है।
हालांकि कुछ किसान 2008 से संघर्ष कर रहे हैं संघर्ष करेंगे और जीत किसानों की ही होगी आज नहीं तो कल होगी लेकिन जो- जो किसानों के साथ धोखा कर रहा है किसानों की आंखों में कैमरे की तरह कैद भी हो रहा है।
महाराज भगवान लाल मेघवाल सुथार खेड़ा मांगीलाल मेघवाल बिलोट संरक्षक उदय लाल भील नारायणपुरा
हरि सिंह चुंडावत चावंडिया बेगू
रोशन लाल शर्मा तहसील अध्यक्ष बेगू शंभू लाल डांगी चंपा लाल डांगी भेरू लाल भील जवारी लाल मीणा भेरू लाल जटिया
सूरजमल बाबरी बाबरी बगदीराम डूंगला राजू राजू लाल देवेंद्र
नानू राम मेघवाल
राजस्थान मध्य प्रदेश के किसान प्रतिनिधि उपस्थित थे। मीडिया प्रभारी सुरेश डाँगी पिपलियाजोधा जिला अध्य्क्ष नहरसिंग डाँगी टिडवास
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