: बालको के जीईटी हॉस्टल में धूमधाम से मनाया गया ईद
Tue, Apr 1, 2025
बालकोनगर, 01 अप्रैल 2025।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने धूमधाम से ईद मिलन समारोह आयोजित किया। जीईटी हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार उपस्थित थे। उन्होंने ईद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें सांप्रदायिक सौहार्द्र, एकता, धैर्य, सहनशीलता और सदाचार की सीख देता है।बालको जीईटी हॉस्टल में सभी धार्मिक, सांस्कृतिक और परंपरा का उत्सव मनाएं जाते हैं। कंपनी के प्रयास से सभी धर्मों के कर्मचारी एकजुट होते हैं। हॉस्टल में देश के विभिन्न जगहों से आएं कर्मचारी एकदूसरे के उत्सव में बढ़-चढ़ के हिस्सा लेते हैं। कंपनी ने सामूहिकता की भावना को बढ़ावा देते हुए सामुदायिक भलाई के साथ ही अपनी आद्यौगिक यात्रा का अनूठा उदाहरण पेश किया है।बालको के जीईटी हॉस्टल में युवा अधिकारियों के रहने की अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। अत्याधुनिक जिम, लाइब्रेरी और सुरक्षित पार्किंग के अलावा बेहतरीन कैंटीन है। इनडोर गेम के साथ मनोरंजन के अनेक साधन मौजूद हैं। फन एंड फिटनेस क्लब में जिम के साथ मनोरजंन के लिए टीवी के साथ-साथ इनडोर खेल चेस, टेबल टेनिस, कैरम और पूल और आदि खेलों की उचित व्यवस्था है। समय-समय पर तीज-त्यौहार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जो भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तरोताजा बनाए रखने में मदद करते हैं। कर्मचारियों के उज्जवल भविष्य के लिए लाइब्रेरी की व्यवस्था, जहां पठन-पाठन की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हाई स्पीड नेट, बेहतरीन किताबें और कम्प्यूटर की उचित व्यवस्था।
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: बालको में लोहड़ी, मकर संक्रांति एवं मंडला पूजा धूमधाम से संपन्न
Wed, Feb 12, 2025
*बालकोनगर, 15 जनवरी, 2025।* विविधता, एकता और परंपरा का जश्न मनाने की अपनी यात्रा में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने प्रत्येक राज्य की सभी संस्कृतियों एवं परंपरा को एक मंच पर लाकर इस क्षेत्र को मिनी इंडिया बना दिया। यहां विभिन्न धर्म एवं समुदाय के लोग साथ रहते हैं जो अलग-अलग त्योहार मनाते हैं। टाउनशिप एवं समुदाय में लोहड़ी, मकर संक्रांति और मंडला पूजा उत्साह के साथ मनाई गई।
बालको जीईटी हॉस्टल में लोहड़ी पर्व धूमधाम से मनाया गया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विधिपूर्वक पूजा एवं अनुष्ठान के बाद लोहड़ी प्रज्ज्वलित किया। इस मौके पर लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया।
मकर संक्रांति महोत्सव के अवसर पर अंबेडकर स्टेडियम में पतंग स्पर्धा आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बालको कर्मचारियों, उनके परिजन, बच्चों एवं समुदाय के लोगों ने शिरकत की। कंपनी के सीईओ एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने बालको परिवार को मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं दीं और विभिन्न पंतगबाजी के 5 श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार दिए। कंपनी ने सामुदायिक विकास कार्यक्रम के माध्यम से समुदाय में मकर संक्रांति महोत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम में प्रतिभागी महिलाएं पंतगबाजी, स्पून लेमन एवं बैलून रेस तथा जलेबी खाने की प्रतियोगिता में शामिल हुई। सभी महिलाओं के बीच छत्तीसा के बने तिल एवं लाई के लड्डू बांटे गए।
बालकोनगर अय्यप्पा सेवा संघम ने मंडला पूजा एवं मकर संक्रांति पर बालकोनगर अय्यप्पा मंदिर में अनेक अनुष्ठान आयोजित किए। मंडला पूजा 26 दिसंबर 2024 से शुरू होकर 14 जनवरी 2025 को धूमधाम से संपन्न हुआ। बालको के वरिष्ठ अधिकारियों ने भगवान अय्यप्पा की पूजा-अर्चना कर बालको परिवार की खुशहाली और चहुंमुखी प्रगति का आशीर्वाद मांगा। अय्यप्पा मंदिर में मकरा विलक्कू पूजा की शुरूआत सुबह साढ़े पांच बजे से हुई। निर्माल्य दर्शन, गणपति हवन, अभिषेकम और उषा पूजा के अलावा नागराजा के लिए नूरूम पालुम अनुष्ठान हुआ। दोपहर को मध्याह्न पूजा आयोजित हुई। शाम को भगवान अय्यप्पा की दीप यात्रा आयोजित हुई जिसकी शुरूआत बालकोनगर के सेक्टर-पांच स्थित सिद्धेश्वर श्री हनुमान मंदिर से हुई। अनेक बालको अधिकारियों, कर्मचारियों और बालकोनगरवासियों ने पारंपरिक मोर एवं कर्मा नाच, मुथुकुड्डा, निरापरा, थिवेट्टी और कुथुविलक्कू आदि अनुष्ठानों में भागीदारी कर पुण्यलाभ कमाया।हाथों में थालाप्पोली लिए महिलाओं और किशोरी बालिकाओं ने शोभा यात्रा में हिस्सा लिया। रथ यात्रा बालकोनगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई अय्यप्पा मंदिर पहुंची। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के पट खोले गए। स्वामी अय्यप्पा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। मकरा विलक्कू पर अय्यप्पा मंदिर परिसर में आतिशबाजी हुई। बड़ी संख्या में बालकोनगरवासियों ने आतिशबाजी का आनंद उठाया। अनुष्ठानों के बाद अय्यप्पा सेवा संघम की ओर से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
बालको ने धार्मिक स्थलों की समृद्ध विरासत को संरक्षित किया है जो दशकों से टाउनशिप का अभिन्न अंग हैं। राम मंदिर से लेकर सेंट विंसेंट पल्लोटी चर्च, गोसिया मस्जिद और गुरुद्वारा ये सभी पूजा स्थल आस्था के प्रतीक हैं। समुदाय के साथ ही कंपनी के प्रयास से विभिन्न धर्मों के कर्मचारी, निवासी और उनके परिवार के लोग एकजुट होते हैं। ये सभी धार्मिक स्थल विभिन्न संस्कृति एवं धर्मों के सम्मान के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। बालको ने सामूहिकता की भावना को बढ़ावा दिया। जहां सभी परंपराओं का जश्न साथ मिलकर मनाया जाता है। कंपनी ने सामुदायिक भलाई के साथ ही अपनी आद्यौगिक यात्रा का भी अनूठा उदाहरण पेश किया है।
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: पुरी शंकराचार्यजी के आगामी प्रवास की मीडिया प्रभारी अरविन्द तिवारी ने दी जानकारी
Sun, Nov 17, 2024
प्रयागराज - हिन्दुओं के सार्वभौम धर्मगुरु एवं हिन्दू राष्ट्र प्रणेता ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी पीठ के 145 वें श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाराज राष्ट्रव्यापी राष्ट्र रक्षा अभियान अंतर्गत मैहर (मध्यप्रदेश) से प्रस्थान कर आज सायं सात बजे काशी तमिल एक्सप्रेस द्वारा प्रयागराज चौकी रेल्वे स्टेशन पहुचेंगे , यहां स्वागत पश्चात वे सीधे श्री शिवगंगा आश्रम , नया झूंसी , नये रेलवे ब्रिज के पास प्रस्थान करेंगे। पूज्यपाद पुरी शंकराचार्यजी दिनांक 17 नवम्बर से 24 नवम्बर तक शिवगंगा आश्रम में निवासरत रहेंगे। जहां आश्रम परिसर में प्रतिदिन प्रात:कालीन सत्र में साढ़े ग्यारह बजे आयोजित दर्शन , दीक्षा एवं गोष्ठी में उपस्थित भक्तवृन्दों को अपने धार्मिक , आध्यात्मिक तथा राष्ट्रीय विषय से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त होगा। वहीं सायंकालीन सत्र में सायं साढ़े पांच बजे से पुन: दर्शन के साथ आध्यात्मिक संदेश श्रवण करने का सौभाग्य सुलभ रहेगा। गौरतलब है कि इस वर्ष आयोजित होने वाले प्रयागराज कुंभ मेले में महाराजश्री मकरसंक्रांति पश्चात लगभग पंद्रह दिनों तक मेले परिक्षेत्र में स्थित शिविर में निवासरत रहेंगे तथा सभी सनातनी भक्तवृन्दों को प्रात: एवं सायं दर्शन के साथ ही आध्यात्मिक प्रवचन श्रवण का सुअवसर प्राप्त होगा। महाराजश्री संदेश देते हैं कि शासनतन्त्र को धर्म , अर्थ , राजनीति और विकास की शास्त्रसम्मत परिभाषा ज्ञात नही हैं, इसलिये प्रत्येक क्षेत्र में दुष्परिणाम ही परिलक्षित हो रहा है। शास्त्रसम्मत सिद्धान्तों का शास्त्रसम्मत विधि से क्रियान्वयन करने पर ही सर्वहितप्रद परिणाम प्राप्त होगा , इसके लिये मान्य आचार्यों का मार्गदर्शन प्राप्त करना आवश्यक है। दृष्टान्तों के माध्यम से विषयवस्तु को आसान तरीके से अभिव्यक्त करने के क्रम में महाराजश्री का कथन है कि जिस कार्य की सिद्धि के लिये जो काल प्रशस्त है , उस काल में उस कार्य का सम्पादन अवश्य करे। काल पारखी कालज्ञ प्रमाद और आलस्य के वशीभूत होकर समय का सदुपयोग अवश्य करें। समय निकल जाने पर पछताने से कुछ हाथ नहीं लगता , कार्य सिद्धि के लिये अपेक्षित योग पुनः कब प्राप्त होगा यह कहा नहीं जा सकता। यह ध्यान रखना भी अत्यावश्यक है कि जिस समय जो कार्य नहीं करना चाहिये , उस समय उसे करने पर विस्फोट सुनिश्चित है। उदाहरणार्थ प्रदोषकाल में पतिव्रता दिति द्वारा पतिदेव कश्यप को संस्पर्श के लिये बाध्य करने के फलस्वरूप ही विश्वविघातक हिरण्यकशिपु तथा हिरण्याक्ष का प्रादुर्भाव हुआ। यहां आयोजित कार्यक्रमों की समाप्ति पश्चात पुरी शंकराचार्यजी 24 नवम्बर को रात्रि आठ बजे निवासस्थल शिवगंगा आश्रम से प्रयागराज जंक्शन प्रस्थान करेंगे तथा प्रयागराज एक्सप्रेस से रात्रि दस बजे राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के अगले चरण में दिल्ली प्रस्थान करेंगे। इसकी जानकारी श्री सुदर्शन संस्थानम , पुरी शंकराचार्य आश्रम / मीडिया प्रभारी अरविन्द तिवारी ने दी।