: राजनीतिक अस्थिरता के दौर में ओली पुनः बने नेपाल के प्रधानमंत्री
Tue, Jul 16, 2024
काठमाण्डू - देश में लगातार राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानि सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष खड्ग प्रसाद (केपी) शर्मा ओली (72 वर्षीय) ने आज चौथी बार नेपाल के प्रधानमंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन के मुख्य भवन शीतल निवास में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने उसे शपथग्रहण कराया। नेपाल में संविधान बनने के बाद यह तीसरी बार है जब उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। संविधान जारी होने के बाद पहले कार्यकाल में दो बार और संविधान सभा के दौरान एक बार पहले भी ओली प्रधानमंत्री बन चुके हैं। इस बार वे नेपाली कांग्रेस के समर्थन से प्रधानमंत्री बने हैं। ओली ने दो दिन पहले सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के समर्थन से बहुमत का दावा पेश किया था। ओली एक नई गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेंगे जो नेपाल में राजनीतिक स्थिरता प्रदान करने की कठिन चुनौती का सामना करेगी। ओली ने पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ की जगह ली जो शुक्रवार को प्रतिनिधि सभा में विश्वास मत हासिल नहीं कर पाये और इसकी वजह से ओली के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ। ओली को अब 30 दिनों के भीतर संसद से विश्वास मत हासिल करना होगा , उसे 275 सीट वाली प्रतिनिधि सभा में कम से कम 138 मतों की आवश्यकता होगी। प्रधानमंत्री ओली सहित कुल 22 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली है , उनके साथ दो उप प्रधानमंत्रियों ने भी आज शपथ ली है। नेपाली कांग्रेस से प्रकाशमान सिंह ने शहरी विकास मंत्रालय के साथ उप प्रधानमंत्री पद की शपथ ली तो एमाले पार्टी से वित्त मंत्रालय के साथ विष्णु पौडेल ने उप प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इनके अतिरिक्त 19 कैबिनेट मंत्रियों को ओली मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। आज शपथ लेने वाले मंत्रियों में नेपाली कांग्रेस से 09 , नेकपा एमाले से 08 , जनता समाजवादी पार्टी से 02 और लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी से एक मंत्री ने शपथ ली है। इनमें कांग्रेस से आरजू राणा ने विदेश मंत्री , रमेश लेखक ने गृहमंत्री , दीपक खड्का ने ऊर्जा , अजय चौरसिया ने कानून , प्रदीप पौडेल ने स्वास्थ्य , बद्री पाण्डे ने पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन , तेजुलाल चौधरी ने युवा तथा खेलकूद , रामनाथ अधिकारी ने कृषि और ऐन बहादुर महर ने वन मंत्री के रूप में शपथ ली है। इसी तरह एमाले की तरफ से पृथ्वीसुब्बा गुरूंग ने सूचना तथा संचार , विद्या भट्टराई ने शिक्षा , दामोदर भण्डारी ने उद्योग , देवेन्द्र दाहाल भौतिक पूर्वाधार , राज कुमार गुप्ता संसदीय कार्य मंत्रालय , मानवीर राई , बलराम अधिकारी भूमि व्यवस्था मंत्रालय की शपथ ली है। छोटे दलों से शरत सिंह भण्डारी ने श्रम , पिरदीप यादव ने पेयजल , नवल किशोर साह ने महिला , बालबालिका तथा ज्येष्ठ नागरिक मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया। बताते चलें यह चौथी बार है जब ओली ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। सबसे पहले ओली ने 11 अक्टूबर 2015 से 03 अगस्त 2016 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया , इस दौरान नई दिल्ली के साथ काठमांडू के संबंध तनावपूर्ण रहे जिसका कारण उनका चीन के प्रति झुकाव था। इसके बाद वे 05 फरवरी 2018 से 13 मई 2021 तक फिर प्रधानमंत्री रहे। इसके बाद वह तत्कालीन राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी की वजह से 13 मई 2021 से 13 जुलाई 2021 तक पद पर बने रहे , उनका यह छोटा कार्यकाल विवादास्पद रहा था क्योंकि नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा उनके पीएम के रूप में नियुक्ति को असंवैधानिक करार देकर रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में कहा था कि ओली का प्रधानमंत्री पद पर बने रहना असंवैधानिक है।पीएम मोदी ने दी बधाई -ओली को नेपाल के नये प्रधानमंत्री चुने जाने पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनको बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा है कि नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में आपकी नियुक्ति पर के०पी०शर्मा ओली को बधाई। हम दोनों देशों के बीच दोस्ती के गहरे बंधन को और मजबूत करने तथा हमारे लोगों की प्रगति और समृद्धि के लिये हमारे पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को और बढ़ाने के लिये मिलकर काम करने के लिये तत्पर हैं।कौन हैं केपी शर्मा ओली -वर्ष 1952 में जन्मे ओली बारह साल की उम्र में ही राजनीति में आ गये , मार्क्स और लेनिन से प्रभावित थे तो कम्युनिस्ट राजनीति में गये। चौदह वर्षों तक जेल में भी रहे , बाद में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी का गठन किया। ओली वर्ष 1991 में एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी के नेता बने और बाद में दोनों पार्टियों को मिलाकर (सीपीएन - यूएमएल) की स्थापना की गई थी। वर्ष 2006 से 2007 तक वे उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रहे। पहली बार वर्ष 2015 में वे नेपाल के पीएम बने , हालांकि वर्ष 2016 में ही वे सरकार से बाहर हो गये। वर्ष 2018 में वे फिर से एक बार पीएम बने लेकिन ये सरकार भी 2021 तक ही चली।
: तीसरे कार्यकाल में पीएम मोदी पहली विदेश यात्रा में आज होंगे इटली रवाना
Sat, Jun 15, 2024
रोम (इटली) - इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचासवें जी-7 उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिये आज 13 जून गुरूवार को इटली की यात्रा करेंगे। यह शिखर सम्मेलन 14 जून को इटली के अपुलिया में फसानो शहर एरिया में स्थित बोर्गो एग्नाज़िया के लग्जरी रिजॉर्ट में आयोजित किया जायेगा, जहां भारत को एक आउटरीच देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह लगातार तीसरे कार्यकाल में पदभार सम्हालने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली विदेश यात्रा होगी। इससे उन्हें जी -7 शिखर सम्मेलन में उपस्थित अन्य विश्व नेताओं के साथ भारत और वैश्विक दक्षिण के लिये महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा। उल्लेखनीय है कि भारत के लोकसभा चुनाव के परिणाम आने से काफी पहले ही इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी को जी -7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दे दिया था। भारत जी - 7 का सदस्य देश नहीं है, पर फिर भी पीएम मोदी को पिछले कुछ सालों से हर साल जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिये आमंत्रित किया जाता है। भारत के साथ ही दूसरे कुछ अन्य देशों को भी इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया जाता है। इस बार के सम्मेलन में भारत के अलावा यूक्रेन , ब्राजील , अर्जेंटीना , तुर्किए , संयुक्त अरब अमीरात , कीनिया , अल्जीरिया , ट्यूनीजिया और मॉरीतानिया के राष्ट्राध्यक्षों को भी न्यौता दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इटली जायेगा जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर , राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल , विदेश सचिव विन मोहन क्वात्रा समेत कई लोगों के शामिल होने की संभावना है। इटली के अपुलिया क्षेत्र के बोर्गो एग्नाजिया के आलीशान रिसॉर्ट में 13 से 15 जून तक आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन में चल रहे युद्ध और गाजा में संघर्ष का मुद्दा छाया रहने की प्रबल संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन , उनके फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों , जापानी प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले शीर्ष नेताओं में शामिल हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भी उनके देश पर रूसी आक्रमण पर एक सत्र में भाग लेने वाले हैं। बताते चलें जी-7 में अमेरिका , ब्रिटेन , फ्रांस , इटली , जर्मनी , कनाडा और जापान शामिल है। वर्तमान में जी - 7 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता इटली के पास है , ऐसे में समिट की मेजबानी इटली कर रहा है। इस शिखर सम्मेलन में ग्लोबल साउथ के अनेक ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होगी। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , दक्षिणी अफ्रीकी की समस्या जैसे मुद्दे प्रमुख होंगे। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा के अनुसार इस दौरान पीएम मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। दोनों नेता संबंधों को नई ऊंचाई पर कैसे ले जायें , इसके बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे और आगे का दिशा निर्देश देंगे।भारतीय विदेश मंत्रालय ने जताई नाराजगीप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इटली दौरा से पहले वहां के कुछ खालिस्तानी समर्थकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमाा को तोड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इटली यात्रा के दौरान महात्मा गांधी की इस प्रतिमा का उद्घाटन करने वाले थे , लेकिन उद्घाटन से पहले ही खालिस्तानियों ने इसे क्षतिग्रस्त कर दिया। यही नहीं इस प्रतिमा की आधारशिला पर उन्होंने हरदीप सिंह निज्जर के समर्थन में नारे भी लिखे हैं। महात्मा गांधी की प्रतिमा को तोड़ने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि हमनें इटली में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाये जाने का मामला उठाया है , गांधीजी की प्रतिमा को ठीक कर दिया गया है। इस मामले में इटली के अधिकारियों के साथ बातचीत की गई है और उस पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
: पुरी शंकराचार्य महाभाग का मुम्बई पहुँचने पर हुआ भव्य स्वागत
Fri, Feb 2, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टमुम्बई - राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के माध्यम से पूरे विश्व में सनातन धर्म के प्रचार - प्रसार एवं देश भर में सनातन संस्कृति के संरक्षण हेतु भारत भ्रमण पर निकले ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ जगन्नाथपुरी के पीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज आज देर शाम मुम्बई पहुंचे। कोयना एक्सप्रेस से दादर स्टेशन मुम्बई पहुंचने पर शिष्यवृंदों द्वारा वाद्ययंत्रों से शंकराचार्यजी का भव्य स्वागत किया गया। इसके साथ ही पूरा स्टेशन धार्मिक जयकारों के साथ हम भारत भव्य बनायेंगे - हम हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे के जयघोष से गूंज उठा। मुम्बई प्रवास के अंतर्गत तीन एवं चार फरवरी को लिंकिंग रोड, सांताक्रुज वेस्ट स्थित जानकी पटेल के आवास में पूर्वान्ह साढ़े ग्यारह बजे से संगोष्ठी - दीक्षा का कार्यक्रम संपन्न होगा। जबकि तीन फरवरी को शाम पांच बजे से हीरावती हाल , सांताक्रुज वेस्ट में विशाल हिन्दूराष्ट्र धर्मसभा का आयोजन किया गया है। यहां कार्यक्रम समाप्ति के पश्चात पांच फरवरी को सुबह आठ बजे एयरपोर्ट के लिये प्रस्थान करेगें जहां से वे माघ मेला महोत्सव ( 06 से 16 फरवरी ) में सम्मिलित होने प्रयागराज के लिये रवाना हो जायेंगे। पुरी शंकराचार्यजी द्वारा संस्थापित संगठन पीठ परिषद , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी ने समस्त शिष्यवृंदों एवं सनातनियों से उक्त कार्यक्रम में उपस्थित होकर दर्शन श्रवण लाभ लेने की अपील की है।