: लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कल
Sat, Mar 16, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - चुनाव आयोग कल 16 मार्च शनिवार को दोपहर तीन बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान करेगा। नवनियुक्त चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करेंगे। सूत्रों के मुताबिक ये चुनाव सात से आठ चरणों में हो सकते हैं। इसके साथ ही कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का भी ऐलान किया जायेगा। ये विधानसभा चुनाव ओडिशा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और आंध्रप्रदेश में होंगे। शेड्यूल के तहत बताया जायेगा कि लोकसभा चुनाव 2024 और कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव कब, कितने चरणों में होंगे और उनके लिये क्या बंदोबस्त किये जायेंगे। वहीं चुनाव की तारीखों के ऐलान के ठीक बाद देश भर में आचार संहिता लग जायेगी और उसकी वजह से सरकार कोई भी नये नीति या फिर फैसले की घोषणा नहीं कर सकेगी। हालाकि पहले से जारी विकास कार्यों को पूरा किया जा सकेगा। आचार संहिता लागू होते ही राजनीतिक दलों को कई तरह के प्रतिबंधों का पालन करना पड़ेगा। चुनाव आयोग के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग की जायेगी। गौरतलब है कि गुरुवार को ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाले चयन पैनल की सिफारिश के बाद विधि एवं न्याय मंत्रालय ने पूर्व आईपीएस ज्ञानेश कुमार और पूर्व आईपीएस सुखबीर संधू को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की थी। आज सुबह दोनों पूर्व आईएएस ने चुनाव आयुक्त का पदभार ग्रहण कर लिया। अनूप चंद्र पांडे के 14 फरवरी को सेवानिवृत्त होने और 08 मार्च को अरुण गोयल के अचानक इस्तीफे के बाद से निर्वाचन आयोग में ये पद खाली थे। इन पदों के भरते ही लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान का समय घोषित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 16 जून को खत्म हो रहा है और उससे पहले नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पिछली बार लोकसभा चुनाव की घोषणा 10 मार्च को हुई थी और 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में मतदान हुआ था जबकि वोटों की गिनती चुनाव समाप्ति के चौथे ही दिन 23 मई को हुई थी। उस चुनाव के समय देश में 91 करोड़ से ज्यादा मतदाता थे , जिनमें से 67 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया था। उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 303 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 353 सीटें जीतीं। कांग्रेस पार्टी महज 52 सीटें जीत सकी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को कुल 92 सीटें मिली थी। इस जीत के साथ भाजपा ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी।85 प्लस के बुजुर्ग घर से करेंगे मतदानचुनाव आयोग की सिफारिश के बाद शुक्रवार (01 मार्च) को सरकार ने बुजुर्ग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलट से वोटिंग करने वाले चुनावी नियम में बदलाव किया है। अब केवल 85 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग मतदाता ही पोस्टल बैलट से वोटिंग कर सकेंगे। अभी तक 80 साल से ज्यादा उम्र के लोग इस सुविधा के पात्र थे। कानून मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन में बताया कि 85 की उम्र पार चुके वोटर्स को यह सुविधा देने के लिये चुनाव संचालन नियम 1961 में संशोधन किया गया है।दो करोड़ नये मतदातावर्ष 2024 लोकसभा चुनाव में 97 करोड़ लोग वोटिंग कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने 08 फरवरी को सभी 28 राज्यों और 08 केंद्र शासित प्रदेशों के वोटर्स से जुड़ी स्पेशल समरी रिवीजन 2024 रिपोर्ट जारी की थी। आयोग ने बताया कि वोटिंग लिस्ट में 18 से 29 साल की उम्र वाले दो करोड़ नये वोटर्स को जोड़ा गया है। वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या में 6% की बढ़ोत्तरी हुई है।चुनाव आयोग ने कहा दुनियां में सबसे ज्यादा 96.88 करोड़ वोटर्स लोकसभा चुनावों में वोटिंग के लिये रजिस्टर्ड हैं। साथ ही जेंडर रेशो भी 2023 में 940 से बढ़कर 2024 में 948 हो गया है।
: आज से नागरिकता संशोधन कानून लागू
Wed, Mar 13, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) नियमों को अधिसूचित कर दिया है , इसके साथ ही यह कानून अब देश भर में लागू हो गया है। इसके तहत शरणार्थियों को देश की नागरिकता मिल सकेगी। लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार का यह बड़ा कदम है , इसके तहत अब तीन पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी। इसके लिये उन्हें केंद्र सरकार द्वारा तैयार किये गये ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। बताते चलें वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने सीएए को अपने घोषणा पत्र में शामिल करते हुये इसे बड़ा मुद्दा बनाया था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हाल ही के अपने चुनावी भाषणों में कई बार नागरिकता संशोधन कानून को लागू करने की बात कर चुके थे। उन्होंने ऐलान किया था कि लोकसभा चुनाव से पहले इसे लागू कर दिया जायेगा। अब केंद्र सरकार ने इसके लिये एक नोटिफिकेशन जारी करते हुये इसे लागू कर दिया है। सीएए के तहत मुस्लिम समुदाय को छोड़कर तीन मुस्लिम बहुल पड़ोसी मुल्कों से आने वाले बाकी धर्मों के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है। केंद्र सरकार ने सीएए से संबंधित एक वेब पोर्टल भी तैयार कर लिया है, जिसे नोटिफिकेशन के बाद लॉन्च किया जायेगा। तीन मुस्लिम बहुल पड़ोसी मुल्कों से आने वाले वहां के अल्पसंख्यकों को इस पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा और सरकारी जांच पड़ताल के बाद उन्हें कानून के तहत नागरिकता दी जायेगी। इसके लिये बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आये विस्थापित अल्पसंख्यकों को कोई दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम नियमों की अधिसूचना जारी होना केंद्र सरकार का बड़ा फैसला है।किसे मिलेगी नागरिकता -इसके तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आये हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता दी जायेगी। इन तीन देशों के लोग ही नागरिकता के लिये आवेदन कर सकेंगे। भारतीय नागरिकों से सीएए का कोई सरोकार नहीं है , संविधान के तहत भारतीयों को नागरिकता का अधिकार है और सीएए या कोई कानून इसे नहीं छीन सकता। नागरिकता प्राप्त करने के लिये आवेदन ऑनलाइन करना होगा। आवेदक को बताना होगा कि वे भारत कब आये , पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज ा होने पर भी वे आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत भारत में रहने की अवधि पांच साल से अधिक रखी गई है। जबकि बाकी विदेशियों (मुस्लिम) के लिये यह अवधि ग्यारह साल से अधिक है।
: नारी समृद्ध होने से ही समाज समृद्ध हो सकता है - पीएम
Mon, Mar 11, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - कोई भी देश या समाज महिला शक्ति की गरिमा को आगे बढ़ाकर और उनके लिये नये अवसर सृजित करके ही आगे बढ़ सकता है। कोई भी समाज तभी समृद्ध हो सकता है जब उसकी नारी शक्ति समृद्ध हो। लेकिन दुर्भाग्य से हमारे पहले की सरकारों के लिये महिलाओं की मुश्किलें और उनका जीवन कभी प्राथमिकता नहीं रही और उन्होंने आपको आपके नसीब पर छोड़ दिया। मेरा अनुभव है कि अगर महिलाओं का थोड़ा अवसर-सहारा मिल जाये तो उन्हें सहारे की जरूरत नहीं रहती है बल्कि वे लोगों का सहारा बन जाती हैं।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित सशक्त नारी - विकसित भारत कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने सशक्त नारी विकसित भारत कार्यक्रम को लेकर कहा कि यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण के लिहाज से बहुत ऐतिहासिक है। आज पूरा देश विभिन्न क्षेत्रों में भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियों पर गर्व कर रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के कारण एक करोड़ से अधिक महिलायें लखपति दीदियां बनकर सफलता के नये अध्याय लिख रही हैं। पीएम ने कहा कि ऐसी सफल महिला उद्यमियों के साथ बातचीत करना उन्हें देश के भविष्य को लेकर आश्वस्त
करता है। उन्होंने नारी शक्ति के दृढ़ संकल्प और दृढ़ता की सराहना करते हुये कहा कि इससे उन्हें तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने की यात्रा शुरू करने का आत्मविश्वास मिला। पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद कई योजनायें महिलाओं लिये लाई गईं और उनका सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा आज पहली सांस से लेकर आखिरी सांस तक मोदी कोई न कोई योजना लेकर भारत की बहन-बेटियों की सेवा में हाजिर हो जाता है। गर्भ में बेटी की हत्या न हो इसके लिये हमने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया। गर्भ की अवस्था में मां को सही पोषण मिले, इसके लिये हर गर्भवती को छह हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। जन्म के बाद बेटी को पढ़ाई में मुश्किल ना हो, इसके लिये ज्यादा ब्याज देने वाली सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की। बड़ी होकर बेटी काम करना चाहे तो आज उसके पास मुद्रा योजना का इतना बड़ा साधन है। बेटी के केरियर पर प्रभाव ना पड़े इसके लिये हमने प्रेगनेंसी लीव को भी बढ़ाकर छब्बईस हफ्ते कर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश की महिला शक्ति इक्कीसवीं सदी के भारत की प्रौद्योगिकी क्रांति का नेतृत्व कर सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में ड्रोन प्रौद्योगिकी का देश में विस्तार होगा और देश में नमो ड्रोन दीदियों के लिये असंख्य अवसर उपलब्ध होंगे। भारत में स्वयं सहायता समूहों ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नया इतिहास बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी संवेदनायें और योजनायें रोजमर्रा की जिंदगी के अनुभवों से उभरी हैं। उन्होंने कहा कि जीवन की वास्तविकताओं को जीने के अनुभव ने इन संवेदनाओं और योजनाओं की जानकारी दी है , इसलिये ये योजनायें देश की माताओं और बेटियों के लिये जीवन में सुगमता लाती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने उन योजनाओं के बारे में भी बात की जो नारी शक्ति से संबंधित मुद्दों को उनके जीवन के हर चरण में सुलझाने के लिये लाई जा रही हैं। पीएम ने कहा मैं आज देश की हर महिला, हर बहन, हर बेटी को ये बताना चाहता हूं जब-जब मैंने लाल किले से आपके सशक्तिकरण की बात की दुर्भाग्य से कांग्रेस जैसे राजनीतिक दल, उन्होंने मेरा मजाक उड़ाया और मेरा अपमान किया लेकिन मैंने हमेशा अपने काम से उनको जवाब देने की कोशिश की। उन्होंने कहा देश की करोड़ों माताओं-बहनों को मुश्किलों से मुक्ति दिलाने की सोच हमारी सरकार की अनेक योजनाओं का आधार रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि वे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लाल किले की प्राचीर से महिलाओं के लिये शौचालय, सैनिटरी पैड, अस्वास्थ्यकर धुयें वाली रसोई, महिलाओं को दैनिक असुविधा से बचाने के लिये नल का जल, हर व्यक्ति के लिये जन धन खाता, महिलाओं के लिये अपमानजनक भाषा के खिलाफ और बेटों को नारी शक्ति के प्रति उचित व्यवहार के बारे में शिक्षित करने की जरूरत जैसे महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर बात की। प्रधानमंत्री ने सभी क्षेत्रों में महिलाओं की प्रगति का उल्लेख करते हुये कहा विश्वास जताया कि नारी शक्ति देश में प्रौद्योगिकी क्रांति का नेतृत्व करेगी। प्रधानमंत्री ने दूध और सब्जी उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, दवा वितरण आदि क्षेत्रों में ड्रोन प्रौद्योगिकी के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की, जिससे ड्रोन दीदियों के लिये नये रास्ते खुलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक सशक्तिकरण के अलावा, स्वयं सहायता समूहों के सामाजिक प्रभाव की प्रशंसा करते हुये कहा कि इन समूहों ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास और ग्रामीण समुदायों के समग्र उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बैंक सखी, कृषि सखी, पशु सखी और मत्स्य सखी की भूमिका और सेवाओं की सराहना की। पीएम ने कहा कि ये दीदियां देश के स्वास्थ्य से लेकर डिजिटल इंडिया तक के राष्ट्रीय अभियानों को नई गति दे रही हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान चलाने वालों में पचास प्रतिशत से अधिक महिलायें हैं और पचास प्रतिशत से अधिक लाभार्थी भी महिलायें हैं। सफलताओं की यह श्रृंखला नारी शक्ति में मेरे विश्वास को और मजबूत करती है।प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन में बढ़-चढ़कर शामिल होने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां भी स्वयं सहायता समूह के सदस्य पहल करेंगे, उन्हें योजना में प्राथमिकता दी जायेगी।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समर्थन से सफलता हासिल करने और अन्य स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों के उत्थान लिये मददगार बन उन्हें प्रेरित करने वाली लखपति दीदीयों को सम्मानित भी किया। इन योजनाओं के जरिये अन्य स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को प्रोत्साहित और समर्थन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रत्येक जिले में बैंकों द्वारा लगाये गये बैंक संपर्क शिविरों के जरिये कम ब्याज दरों पर स्वयं सहायता समूहों को लगभग आठ हजार करोड़ रुपये के ऋण भी दिये।इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, डॉ मनसुख मंडाविया और गिरिराज सिंह उपस्थित थे। इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली में नमो ड्रोन दीदियों के कृषि ड्रोन प्रदर्शन के साक्षी भी बने। देश भर में दस अलग–अलग स्थानों से नमो ड्रोन दीदियों ने भी एक साथ ड्रोन प्रदर्शन में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान 1,000 नमो ड्रोन दीदियों को ड्रोन भी सौंपे , इस दौरान उन्होंने ‘नमो ड्रोन दीदियों’ की ओर से कृषि क्षेत्र में किये गये ड्रोन के उपयोग का प्रदर्शन देखा और लाभार्थियों से बातचीत भी की। कार्यक्रम में देश भर के अलग-अलग राज्यों से नमो ड्रोन दीदीयां शामिल हुईं। अपने संबोधन के दौरान महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर बात करते हुये पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने पांच कामों का जिक्र कर पांच बार कहा कि ऐसा करने वाला मैं देश का पहले प्रधानमंत्री हूं। पीएम मोदी ने कहा - मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसने शौचालय की बात की। मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसने सैनिटरी नैपकिन की जरुरत पर बात की। मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसने बहनों को लकड़ी के धुंयें से होने वाली परेशानी पर बात की। मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसने नल से जल की बात की और मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसने महिला सशक्तिकरण की बात की। उल्लेखनीय है कि नमो ड्रोन दीदी और लखपति दीदी पहल, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय स्वायत्तता को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग हैं। यह कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिये पहल की गई है। यह योजना महिलाओं को आधुनिकता के साथ एग्रीकल्चर में अपना योगदान देने के लिये शुरू किया गया है और इसके लिये सरकार नि:शुल्क प्रशिक्षण भी दे रही है।