: चातुर्मास्य पश्चात पुरी शंकराचार्यजी का प्रवास कार्यक्रम आज से
Fri, Sep 20, 2024
जगन्नाथपुरी - ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर एवं हिन्दू राष्ट्र निर्माण के पथप्रदर्शक अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाराज प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के उपरान्त श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी में ही चातुर्मास्य व्रत करते हैं तथा इस अवधि में राष्ट्रोत्कर्ष अभियान अंतर्गत राष्ट्रव्यापी प्रवास कार्यक्रम विराम रहता है। चातुर्मास्य पश्चात यह प्रवास कार्यक्रम निरन्तर जारी रहता है , इसी परिपेक्ष्य में प्रथम प्रवास कार्यक्रम आज 18 सितम्बर 2024 बुधवार से आरम्भ हो रहा है। आज अपरान्ह दो बजे श्रीगोर्द्धनमठ से प्रस्थान कर श्रीगोवर्द्धन गोशाला , पंचवटी आश्रम , जीराकंडी ( चांदीपुर) पहुंचकर धर्मसभा में आध्यात्मिक संदेश प्रदान करेंगे तत्पश्चात वहां से समुद्र आरती के पूर्व भगवती बतमंगला देवी की पूजा अर्चना , दर्शन कर स्वर्गदार पुरी में समुद्र आरती आयोजन के पश्चात वापस श्रीगोवर्द्धनमठ पहुंचेंगे। राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के प्रथम चरण में पुरी शंकराचार्यजी का कोलकता प्रवास होगा। पश्चिम बंगाल से 21 सितम्बर को प्रस्थान कर 22 सितम्बर को दसदिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे। राजधानी रायपुर रावाभांठा स्थित शंकराचार्य आश्रम , श्री सुदर्शन संस्थानम् में 22 सितम्बर से 26 सितम्बर तक निवासरत रहेंगे। रायपुर पश्चात 26 सितम्बर रात्रि में रेलमार्ग द्वारा अम्बिकापुर प्रस्थान होगा। वहां 29 सितम्बर तक सनातनी भक्त वृन्द निर्धारित समय में दर्शन , दीक्षा , संगोष्ठी का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अम्बिकापुर से 29 सितम्बर रात्रि में प्रस्थान कर 30 सितम्बर प्रात: न्यायधानी बिलासपुर पहुंचकर 01 अक्टूबर तक निवासरत रहेंगे। यहां आयोजित सभी कार्यक्रमों की समाप्ति पश्चात दो अक्टूबर को राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के अगले चरण के लिये प्रस्थान करेंगे। गौरतलब है कि पुरी शंकराचार्यजी के हिन्दू राष्ट्र निर्माण यात्रा कार्यक्रम के प्रात:कालीन सत्र में पूर्वान्ह लगभग साढ़े ग्यारह बजे से दर्शन , दीक्षा , संगोष्ठी आयोजित होता है तथा सायं छह बजे दर्शन लाभ , संगोष्ठी का पुन: सुअवसर प्राप्त होता है। सामान्यत: धर्मसभा का आयोजन सायं पांच बजे आरम्भ होता है , उपरोक्तानुसार समयों मे परिस्थिति अनुसार परिवर्तन सम्भावित रहता है जिसकी पृथक सूचना प्रसारित किया जाता है। धर्मसंघ पीठपरिषद् , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी छत्तीसगढ़ इकाई ने उपरोक्त कार्यक्रमों में सभी सनतनी भक्त वृन्द को सपरिवार - इष्ट मित्रों के साथ उपस्थित रहकर हिन्दू राष्ट्र निर्माण तथा भव्य भारत की संरचना जैसे पुण्य कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। इसकी जानकारी श्रीसुदर्शन संस्थानम् , पुरी शंकराचार्य आश्रम / मीडिया प्रभारी अरविन्द तिवारी ने दी।
: पुरी शंकराचार्य महाभाग का मुम्बई पहुँचने पर हुआ भव्य स्वागत
Fri, Feb 2, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टमुम्बई - राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के माध्यम से पूरे विश्व में सनातन धर्म के प्रचार - प्रसार एवं देश भर में सनातन संस्कृति के संरक्षण हेतु भारत भ्रमण पर निकले ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ जगन्नाथपुरी के पीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज आज देर शाम मुम्बई पहुंचे। कोयना एक्सप्रेस से दादर स्टेशन मुम्बई पहुंचने पर शिष्यवृंदों द्वारा वाद्ययंत्रों से शंकराचार्यजी का भव्य स्वागत किया गया। इसके साथ ही पूरा स्टेशन धार्मिक जयकारों के साथ हम भारत भव्य बनायेंगे - हम हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे के जयघोष से गूंज उठा। मुम्बई प्रवास के अंतर्गत तीन एवं चार फरवरी को लिंकिंग रोड, सांताक्रुज वेस्ट स्थित जानकी पटेल के आवास में पूर्वान्ह साढ़े ग्यारह बजे से संगोष्ठी - दीक्षा का कार्यक्रम संपन्न होगा। जबकि तीन फरवरी को शाम पांच बजे से हीरावती हाल , सांताक्रुज वेस्ट में विशाल हिन्दूराष्ट्र धर्मसभा का आयोजन किया गया है। यहां कार्यक्रम समाप्ति के पश्चात पांच फरवरी को सुबह आठ बजे एयरपोर्ट के लिये प्रस्थान करेगें जहां से वे माघ मेला महोत्सव ( 06 से 16 फरवरी ) में सम्मिलित होने प्रयागराज के लिये रवाना हो जायेंगे। पुरी शंकराचार्यजी द्वारा संस्थापित संगठन पीठ परिषद , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी ने समस्त शिष्यवृंदों एवं सनातनियों से उक्त कार्यक्रम में उपस्थित होकर दर्शन श्रवण लाभ लेने की अपील की है।
: पुरी शंकराचार्यजी ने चंद्रयान अभियान की सफलता पर दी बधाई
Fri, Aug 25, 2023
जगन्नाथपुरी - ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाराज ने चंद्रयान अभियान की सफलता पर अपने संदेश में कहा कि मुझे बहुत ही प्रसन्नता है , इसरो के माननीय वैज्ञानिकों ने देश को गौरवान्वित किया है। चंद्रमंडल तक उनके यान की गति विश्व के लिये आदर्श है। चीफ सोमनाथ इत्यादि जो महानुभाव है , वे इस प्रकार के अभियान में सफल होते रहें ऐसी हमारी भावना है। साथ ही साथ केंद्रीय और प्रांतीय शासन तंत्र ने जो वैज्ञानिकों को सुविधा प्रदान की है , साथ ही साथ कार्य करने के लिये अवसर प्रदान किया है वे भी धन्यवाद के पात्र हैं। गौरतलब है कि पूर्व में पुरी शंकराचार्यजी का वैज्ञानिकों के संस्थान में वेदों में सन्निहित विज्ञान विषय पर प्रवचन आयोजित हुआ है तथा वैज्ञानिकों को उनसे मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है। बार्क मुम्बई , चांदीपुर उड़ीसा के साथ ही इसरो बंगलौर में भी उनका व्याख्यान आयोजित हुआ तथा इसरो मुख्यालय में उन्हें सम्मान स्वरूप सेटेलाइट का माडल भी भेंट किया गया है। वेदों में सन्निहित विज्ञान के गूढ़ रहस्यों को प्रतिपादित करते हुये वैज्ञानिकों ने उद्घृत किया है कि वेदों में वर्णित विभिन्न सिद्धान्तों से हम लोगों का मार्ग प्रशस्त होता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि राष्ट्र की चहुंमुखी विकास एवं प्रगति के लिये शासक वर्ग को मान्य आचार्यों से मार्गदर्शन लेकर नीतियां निर्धारित कर उनका शास्त्रोक्त विधि से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहिये।