Thursday 30th of July 2026

ब्रेकिंग

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘‘सीएम हेल्पलाइन - 1076‘‘ का शुभारंभ

बालको ने किया मल्टी-स्पेशलिटी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

बालको द्वारा आयोजित किसान मेला से कृषि नवाचार को मिला बढ़ावा

बालको द्वारा आयोजित किसान मेला से कृषि नवाचार को मिला बढ़ावा

बालको ने सुरक्षा को बनाया कार्य संस्कृति का आधार, ‘सुरक्षा संकल्प’ के 4 साल पूरे

सुचना

Welcome to the Samachar Bharti News, for Advertisement call +91-6261565687

: किसान सभा ने पूरे प्रदेश में निकाले गए जुलूस, कहा : सब याद रखा जाएगा, समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनने तक जारी रहेगा संघर्ष

Mukesh Kumar Bharti

Mon, Nov 22, 2021
रायपुर। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा काले कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ किसान सभा द्वारा जगह-जगह ढोल-नगाड़ों के साथ विजय जुलूस निकाले जा रहे हैं। इन जुलूसों और सभाओं में मोदी सरकार की कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों को शिकस्त देने के लिए सी-2 लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य की गारंटी देने का कानून बनने तथा बिजली कानून में संशोधन बिल को वापस लेने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया जा रहा है। छग किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने बताया कि कोरबा, सूरजपुर, सरगुजा सहित प्रदेश के कई जिलों और कोनों-कस्बों में कानून वापसी की घोषणा की खबर फैलते ही स्वतःस्फूर्त ढंग से किसानों ने रैलियां निकालकर अपनी जीत पर खुशी का इजहार किया। 26 नवम्बर को इस देशव्यापी किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने जा रहे हैं और इस दिन पूरे प्रदेश में जोश-खरोश से प्रतिरोध रैलियां निकालकर इस आंदोलन में 700 से ज्यादा किसान शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिनकी कुर्बानियों से ही इस सरकार को अपने घुटने टेकने पड़े हैं। किसान सभा नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार की दमनकारी चालों के बावजूद 'किसानों की तपस्या' ने इस आंदोलन को एक मुकाम तक पहुंचाया है। लेकिन इस सरकार के पास शहीद किसानों के प्रति संवेदना के दो शब्द भी नहीं है। इसी सरकार ने उनकी राह पर कीलें ठोंकी थी, उन पर गोलियां चलाई है, उन्हें कार से कुचलने का किया है और 'आन्दोलनजीवी और राष्ट्रविरोधी' कहकर उनका अपमान किया है। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी को देश से माफी मांगने का कोई नैतिक हक नहीं है और सबसे पहले उन्हें इन सबके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन कुकृत्यों को हमेशा याद रखा जाएगा और शांतिपूर्ण और अहिंसात्मक आंदोलन के जरिये इसका जवाब आगे भी दिया। किसान सभा नेताओं ने मांग की है कि केंद्र सरकार तुरंत आन्दोलनकारी संगठनों के साथ वार्ता शुरू करें, ताकि समर्थन मूल्य सहित अन्य मुद्दों को भी किसानों के हितों में सुलझाया जा सके।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें