: जय जवान जय किसान जय विज्ञान भारत सरकार व जनप्रतिनिधि अंधे और बहरे हो चुके हैं अब किसान मोदी जी से आस लगाए बेटे हैं
Mukesh Kumar Bharti
Wed, Nov 24, 2021
2008से संघर्ष कर रहे अफीम किसानों की सुनने को कोई तैयार नहीं है यह किसानों को सबसे बड़ा दुर्भाग्य है क्योंकि आज जो सरकार है वह जनप्रतिनिधि है 2008 में कोई दूसरे जनप्रतिनिधि थे किसी दूसरे की सरकार थी तब से किसान विरोध कर रहे हैं जब माननीय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी से आस लगाई थी कि माननीय प्रधानमंत्री जी हम गरीब किसानों का भला करेंगे लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं 1998 से जो किसान संघर्ष कर रहे हैं उन्हें हर बार नजरअंदाज किया गया जब जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं तो वह हर वर्ष उनको कहते हैं कि अगले वर्ष आपका काम हो जाएगा लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं जो विदेशों में अफीम की खेती बड़े पैमाने पर बिना अनुमति के हो रही हैं तो फिर भारत में भारत सरकार के अधीन आवंटित रखने पर ही खेती करता है फिर भी उसके ऊपर कई प्रकार की पाबंदियां लगाई जा रही हैं जब लाखों की अफीम कौड़ियों के दाम सरकार खरीदती हैं जिससे देश में मरीजों को सच्ची दवाइयां उपलब्ध हो सके लेकिन धीरे-धीरे सरकार व जनप्रतिनिधि अफीम खेती को समाप्ति की ओर ले जाने के चक्कर में है क्योंकि विदेशों से आयात करने में मोटी रकम मिलती हैं यदि अगर ऐसा नहीं होता तो शायद अब तक सभी अफीम किसानों के अफीम पट्टे जारी हो चुके होते इसलिए अभी।भी समय। है ।जनप्रतिनिधि और भारत सरकार को अफीम किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए क्योंकि यह किसान 2008 से संघर्ष कर रहे हैं वह देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय मोदी जी से आस लगा कर बैठे हैं।अब तो आप किसानो को उनका हक दीजिए ✍️✍️🤝🤝
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