: पोड़ी जलाशय के पानी से अब सैकड़ो एकड़ खेतिहर भूमि पर लहलहाएगी रबी की फसलें, किसानों को मिलेगा दोहरा लाभ
Mukesh Kumar Bharti
Mon, Oct 3, 2022
कोरबा/पाली:- जिले के पाली विकासखण्ड अंतर्गत पोड़ी क्षेत्र के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। ग्रीष्मकालीन फसलों की पटवन के लिए अब उन्हें पंप सेट पर निर्भर नही रहना पड़ेगा। क्योंकि सिंचाई विभाग उप खंड पाली द्वारा 98 लाख की लागत के कराए गए टैंक रेनिवेशन (जीर्णोद्धार कार्य) से गर्मी के दिनों में भी सैकड़ो एकड़ खेती योग्य भूमि मे सिंचाई का रास्ता साफ हो गया है। जहां नहरमार्ग के माध्यम से किसानों को पानी का सीधा लाभ मिलेगा, और रबी फसल के लिए जब भी जरूरत होगी किसान पटवन कर सकेंगे। इसके अलावा सब्जी बाड़ी मे भी जरूरत के हिसाब से पानी की पटवन की जा सकेगी।
यहां बता दे कि गर्मी के दिनों में पोड़ी जलाशय का जल स्तर घटने के कारण नहरमार्ग से पानी की आपूर्ति कम हो जाती थी, जिसके कारण इस बांध के आसपास खेतों में रबी फसल लेने वाले किसानों को खेतों के हिसाब से पर्याप्त पानी नही मिल पाता था, जिसके कारण उन्हें डीजल व विद्युत पंपों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन विभागीय पहल और अधिकारियों की मुश्तैदी के कारण अब उन किसानों को बारहमासी पानी मिलेगा। जिसके लिए क्षेत्र के किसानों ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार जताया है। पोड़ी जलाशय से निकले सात सौ पचास मीटर दो नहर लाईन का गत माह मई- जून में विभागीय उप अभियंता आर.एम. ओझा के देखरेख में किये गए जीर्णोद्धार के तहत नहरमार्ग मरम्मत, मेढ़ विस्तार तथा 5 फिट पानी रोके क्षमता रखने वाले कांक्रीट वाल के निर्माण कार्य से रबी फसलों को अब लगातार पूरा पानी मिल सकेगा। विभागीय स्तर पर किये गए इस ठोस प्रयास से किसानों के चेहरे खिल उठे है। जिस जीर्णोद्धार कार्य से अब पोड़ी एवं आसपास किसानों के लगभग 2 सौ से भी अधिक एकड़ खेतो में सुगम रूप से पानी पहुँचेगा, और उन्हें मेहनत अनुरूप अधिकाधिक फसलों का लाभ मिलेगा। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इस विषय पर जल संसाधन उप संभाग पाली के अनुविभागीय अधिकारी एच. एक्का ने बताया कि पानी का संरक्षण कर वाटर रिचार्ज से गिरते भू- स्तर पर रोक लग सके तथा रबी फसल लेने वाले कृषकों को सिंचाई के लिए समुचित पानी मिल सके, इसके लिए शीर्ष अधिकारियों के मार्गदर्शन में पोड़ी जलाशय के जीर्णोद्धार कार्य का कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजा गया था। जिसके तहत स्वीकृत राशि से बीते गर्मी में गुणवत्ता को ध्यान में रखकर नहरमार्ग की साफ- सफाई के साथ मरम्मत, बांध के मेढ़ का उचांन व पानी बहाव वाले स्थान पर 5 फीट के कांक्रीट वाल का निर्माण कराया गया है। जिससे पानी का ठहराव रहे और नहरमार्ग के माध्यम से किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके। पोड़ी जलाशय में लगभग एक करोड़ के कराए गए इस जीर्णोद्धार कार्य से अब गर्मी के दिनों में भी सैकड़ो एकड़ खेतिहर भूमि में रबी की फसल लहलहाती नजर आएगी।

यहां बता दे कि गर्मी के दिनों में पोड़ी जलाशय का जल स्तर घटने के कारण नहरमार्ग से पानी की आपूर्ति कम हो जाती थी, जिसके कारण इस बांध के आसपास खेतों में रबी फसल लेने वाले किसानों को खेतों के हिसाब से पर्याप्त पानी नही मिल पाता था, जिसके कारण उन्हें डीजल व विद्युत पंपों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन विभागीय पहल और अधिकारियों की मुश्तैदी के कारण अब उन किसानों को बारहमासी पानी मिलेगा। जिसके लिए क्षेत्र के किसानों ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार जताया है। पोड़ी जलाशय से निकले सात सौ पचास मीटर दो नहर लाईन का गत माह मई- जून में विभागीय उप अभियंता आर.एम. ओझा के देखरेख में किये गए जीर्णोद्धार के तहत नहरमार्ग मरम्मत, मेढ़ विस्तार तथा 5 फिट पानी रोके क्षमता रखने वाले कांक्रीट वाल के निर्माण कार्य से रबी फसलों को अब लगातार पूरा पानी मिल सकेगा। विभागीय स्तर पर किये गए इस ठोस प्रयास से किसानों के चेहरे खिल उठे है। जिस जीर्णोद्धार कार्य से अब पोड़ी एवं आसपास किसानों के लगभग 2 सौ से भी अधिक एकड़ खेतो में सुगम रूप से पानी पहुँचेगा, और उन्हें मेहनत अनुरूप अधिकाधिक फसलों का लाभ मिलेगा। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इस विषय पर जल संसाधन उप संभाग पाली के अनुविभागीय अधिकारी एच. एक्का ने बताया कि पानी का संरक्षण कर वाटर रिचार्ज से गिरते भू- स्तर पर रोक लग सके तथा रबी फसल लेने वाले कृषकों को सिंचाई के लिए समुचित पानी मिल सके, इसके लिए शीर्ष अधिकारियों के मार्गदर्शन में पोड़ी जलाशय के जीर्णोद्धार कार्य का कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजा गया था। जिसके तहत स्वीकृत राशि से बीते गर्मी में गुणवत्ता को ध्यान में रखकर नहरमार्ग की साफ- सफाई के साथ मरम्मत, बांध के मेढ़ का उचांन व पानी बहाव वाले स्थान पर 5 फीट के कांक्रीट वाल का निर्माण कराया गया है। जिससे पानी का ठहराव रहे और नहरमार्ग के माध्यम से किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके। पोड़ी जलाशय में लगभग एक करोड़ के कराए गए इस जीर्णोद्धार कार्य से अब गर्मी के दिनों में भी सैकड़ो एकड़ खेतिहर भूमि में रबी की फसल लहलहाती नजर आएगी।

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