: शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती पर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया माकपा और किसान सभा ने
Mukesh Kumar Bharti
Wed, Sep 29, 2021
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और छत्तीसगढ़ किसान सभा द्वारा शहीदे आजम भगत सिंह की 114 वीं जयंती मड़वाढोंढा में मनाया गया
सर्वप्रथम भगत सिंह के चित्र पर माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दिया गया उसके बाद उपस्थित सभी ग्रामीणों ने पुष्पांजलि दी उसके बाद शहीद भगत सिंह जिंदाबाद, शहीदों तेरे अरमानों को मंजिल तक पहुचायेंगे,शहीदों को लाल सलाम, साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, समाजवाद जिंदाबाद,इंकलाब जिंदाबाद नारे लगाए गए।
शहीद भगत सिंह के जयंती पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि भगत सिंह हमारी आजादी के आंदोलन के एक प्रखर साम्राज्यवाद विरोधी प्रतीक है, जिन्होंने समानता पर आधारित एक शोषणमुक्त,समाजवादी समाज का सपना देखा था। इसके लिए उन्होंने देश की मेहनती जनता की एकता पर बल दिया था। लेकिन आज मोदी सरकार जिस तरह किसान विरोधी कानूनों को लागू करने और श्रम कानूनों को खत्म कर श्रम संहिता लागू करने पर तुली हुई है, उससे स्पष्ट है कि वह हमारी अर्थव्यवस्था को कॉरपोरेटों के हाथों बेचने पर आमादा है और हमारे देश की राजनैतिक-आर्थिक आजादी खतरे में है।मजदूर-किसान एकता पर आधारित एक व्यापक जन आंदोलन ही भाजपा-आरएसएस की इस साजिश को मात दे सकता है।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर ने कहा कि भगत सिंह का सपना था कि भारत देश आजाद होगा तो सबको एक समान शिक्षा और सबको रोजगार की गारंटी मिलेगी,हर खेत में पानी पंहुचेगा और खुशहाली आएगी शोषण अन्याय मुक्त व बराबरी पर आधारित जिस आजाद भारत का सपना देखा था वह उनकी शहादत के इतने साल बाद भी अधूरा है किसानों मजदूरों को एक जुट होकर शहीद भगत सिंह के विचारों को जन जन तक लेजाकर जन आंदोलन के लिए प्रेरित करना होगा और भगत सिंह का सपना जन आंदोलन से ही पूरा हो सकता है सभा को माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, दीपक साहू ने भी संबोधित किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,जय कौशिक, हुसैन अली,संजय यादव,मंघन सिंह,चमरा राम,दिलीप चौहान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
शहीद भगत सिंह के जयंती पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि भगत सिंह हमारी आजादी के आंदोलन के एक प्रखर साम्राज्यवाद विरोधी प्रतीक है, जिन्होंने समानता पर आधारित एक शोषणमुक्त,समाजवादी समाज का सपना देखा था। इसके लिए उन्होंने देश की मेहनती जनता की एकता पर बल दिया था। लेकिन आज मोदी सरकार जिस तरह किसान विरोधी कानूनों को लागू करने और श्रम कानूनों को खत्म कर श्रम संहिता लागू करने पर तुली हुई है, उससे स्पष्ट है कि वह हमारी अर्थव्यवस्था को कॉरपोरेटों के हाथों बेचने पर आमादा है और हमारे देश की राजनैतिक-आर्थिक आजादी खतरे में है।मजदूर-किसान एकता पर आधारित एक व्यापक जन आंदोलन ही भाजपा-आरएसएस की इस साजिश को मात दे सकता है।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर ने कहा कि भगत सिंह का सपना था कि भारत देश आजाद होगा तो सबको एक समान शिक्षा और सबको रोजगार की गारंटी मिलेगी,हर खेत में पानी पंहुचेगा और खुशहाली आएगी शोषण अन्याय मुक्त व बराबरी पर आधारित जिस आजाद भारत का सपना देखा था वह उनकी शहादत के इतने साल बाद भी अधूरा है किसानों मजदूरों को एक जुट होकर शहीद भगत सिंह के विचारों को जन जन तक लेजाकर जन आंदोलन के लिए प्रेरित करना होगा और भगत सिंह का सपना जन आंदोलन से ही पूरा हो सकता है सभा को माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, दीपक साहू ने भी संबोधित किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,जय कौशिक, हुसैन अली,संजय यादव,मंघन सिंह,चमरा राम,दिलीप चौहान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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