: एटक का 50 वां वार्षिक सम्मेलन एटक कार्यालय बालको में संपन्न
Mukesh Kumar Bharti
Tue, Apr 2, 2024
पूर्व में लिए गए निर्णय अनुसार एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन जो राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन *ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक)* से संबध्द है का 50 वां वार्षिक सम्मेलन दिनांक 31/3/2024 एटक कार्यालय बालकों में संपन्न हुआ सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ राज्य एटक के महासचिव द्वारा झंडा तोलन किया गया उसके बाद शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई श्रद्धांजलि देने उपरांत इंकलाब जिंदाबाद मजदूर एकता जिंदाबाद के नारे लगाए गए मुख्य वक्ता के रूप में चांपा से एटक के वरिष्ठ नेता काॅ महेश बनाफर आए हुए थे सर्वप्रथम अध्यक्ष मंडली की घोषणा की गई जिसमें कामरेड महेश बनाफर कामरेड हरिनाथ सिंह जी कामरेड एम एल रजक जी काॅमरेड एसके सिंह अध्यक्ष मंडली में शामिल थे इसके बाद स्वागत समारोह का कार्यक्रम हुआ उसके बाद एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन (एटक) के महासचिव के द्वारा वर्ष 2023 का रिपोर्ट पेश किया गया और उस रिपोर्ट में 10 मुद्दों को लेकर आंदोलन करने की भी बात कही गई है बालको एटक के महासचिव सुनील सिंह ने कहा कि एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन का 50 वां वार्षिक सम्मेलन के साथ-साथ इस यूनियन का 50 वर्षगांठ भी है सभी साथियों को बधाई देते हुए एटक को मजबूत करने को कहा ।
बालको एटक के महासचिव सुनील सिंह के द्वारा पेश किए गए रिपोर्ट का सभी साथियों ने समर्थन किया और कहा कि बालको कारखाना में आज ठेका श्रमिकों को जो भी वेतन सुविधा मिल रही हैं वह सभी एटक यूनियन की देन है और सभी ने एटक को मजबूत करने के लिए कहा।
छत्तीसगढ़ राज्य एटक के महासचिव कामरेड हरिनाथ सिंह जी ने रिपोर्ट का समर्थन करते हुए कहा की मजदूर और किसानों पर सबसे ज्यादा हमले शोषण केंद्र सरकार के द्वारा किए जा रहे हैं केंद्र सरकार ने बहुत सारे वादे किए हैं लेकिन 10 साल पूर्ण होने के बाद भी उन वादों पर खरा नहीं उतरा, केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई का सहारा लेकर विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर झूठे केस में फंसा कर जेल में डलवाया जा रहा है ऐसी सरकार को आने वाले लोकसभा चुनाव में हमें सत्ता से उखाड़ फेंकना है साथियों बालको कारखाना में मजदूरों का भी बहुत ही ज्यादा शोषण हो रहा है यह आज किसी से छुपा नहीं बालकों में बहुत सारी ट्रेड यूनियन है लेकिन किसी के द्वारा कुछ बोला नहीं जा रहा है बाल्को के ठेका श्रमिकों को जो सुविधाएं मिल रही है उनको लड़कर दिलवाया गया था लेकिन आज यह सारी सुविधाएं धीरे-धीरे प्रबंधन के द्वारा छिनते चले जा रहे हैं इस पर हमको गहन चिंतन करना होगा नहीं तो आने वाले समय में बालकों की मजदूरों पर बहुत बड़ा खतरा आने वाला है।
सभी के उद्बोधन के बाद अध्यक्ष मंडली के द्वारा नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई जिसमें अध्यक्ष एसके सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष एमएल रजक, उपाध्यक्ष श्री हरिनाथ सिंह, धर्मेंद्र तिवारी ,रामायण यादव, संतोषी बरेठ, महासचिव सुनील सिंह, सहायक महासचिव जी नरसिम्हा राव, धर्मेंद्र सिंह ,सचिव:- मनीष नाग, अविनाश सिंह ,अभिषेक मिश्रा, पीके वर्मा ,संगठन मंत्री:- अनूप सिंह ,कोषाध्यक्ष ताराचंद कश्यप, स्थाई आमंत्रित सदस्य में आलेख मलिक, लल्लू राव ,डी श्रीनिवास, अजय यादव, धर्मेंद्र शाह, फुलेंद्र पासवान, विजय लक्ष्मी चौहान एवं इनके अलावा 101 की कार्यकारिणी सर्वसम्मति से चुने गए हैं इस सम्मेलन में सैकड़ो लोग उपस्थित हुए थे
प्रस्ताव पारित किया गया है कि निम्न बिंदुओं को लेकर आंदोलन किया जाएगा
1) बाहरी भर्ती बंद कर बालको कारखाना के आसपास की श्रमिक बस्तियों के बेरोजगार महिला पुरुषों को संयंत्र विस्तार व ऑपरेशन में भर्ती में प्राथमिकता दी जाए।
2) बालकों में बीएससी बीकॉम की सीधी भर्ती कर मेन पावर दुरुस्त किया जाए।
3) ठेका कर्मचारियों का जनरल प्रमोशन या टाइम बांड प्रमोशन किया जाए।
4) बालकों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों को प्रोडक्शन इंसेंटिव दिया जाए।
5) जिन ठेका कर्मचारियों को अप्रैल 2022 में हुए एलटीएस में शामिल किया गया है उनको अभिलंब कैटेगरी दिया जाए।
6) स्थायी एवं अस्थायी रूप से काम कर रहे ठेका कर्मचारियों को कैंटीन भत्ता दिया जाए।
7) बालकों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों को टाउनशिप में एक न्यूनतम किराए पर आवास आवंटित किया जाए।
8) फिक्स्ड टर्म एम्पलाॅयमेंट खत्म किया जाए।
9) अप ठेका (sub contractor) प्रथा खत्म किया जाए
10) जो ठेका कर्मचारी नियमित प्रवृत्ति के काम पर लगे हुए हैं उनको बालको में नियमित किया जाए।
बालको एटक के महासचिव सुनील सिंह के द्वारा पेश किए गए रिपोर्ट का सभी साथियों ने समर्थन किया और कहा कि बालको कारखाना में आज ठेका श्रमिकों को जो भी वेतन सुविधा मिल रही हैं वह सभी एटक यूनियन की देन है और सभी ने एटक को मजबूत करने के लिए कहा।
छत्तीसगढ़ राज्य एटक के महासचिव कामरेड हरिनाथ सिंह जी ने रिपोर्ट का समर्थन करते हुए कहा की मजदूर और किसानों पर सबसे ज्यादा हमले शोषण केंद्र सरकार के द्वारा किए जा रहे हैं केंद्र सरकार ने बहुत सारे वादे किए हैं लेकिन 10 साल पूर्ण होने के बाद भी उन वादों पर खरा नहीं उतरा, केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई का सहारा लेकर विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर झूठे केस में फंसा कर जेल में डलवाया जा रहा है ऐसी सरकार को आने वाले लोकसभा चुनाव में हमें सत्ता से उखाड़ फेंकना है साथियों बालको कारखाना में मजदूरों का भी बहुत ही ज्यादा शोषण हो रहा है यह आज किसी से छुपा नहीं बालकों में बहुत सारी ट्रेड यूनियन है लेकिन किसी के द्वारा कुछ बोला नहीं जा रहा है बाल्को के ठेका श्रमिकों को जो सुविधाएं मिल रही है उनको लड़कर दिलवाया गया था लेकिन आज यह सारी सुविधाएं धीरे-धीरे प्रबंधन के द्वारा छिनते चले जा रहे हैं इस पर हमको गहन चिंतन करना होगा नहीं तो आने वाले समय में बालकों की मजदूरों पर बहुत बड़ा खतरा आने वाला है।
सभी के उद्बोधन के बाद अध्यक्ष मंडली के द्वारा नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई जिसमें अध्यक्ष एसके सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष एमएल रजक, उपाध्यक्ष श्री हरिनाथ सिंह, धर्मेंद्र तिवारी ,रामायण यादव, संतोषी बरेठ, महासचिव सुनील सिंह, सहायक महासचिव जी नरसिम्हा राव, धर्मेंद्र सिंह ,सचिव:- मनीष नाग, अविनाश सिंह ,अभिषेक मिश्रा, पीके वर्मा ,संगठन मंत्री:- अनूप सिंह ,कोषाध्यक्ष ताराचंद कश्यप, स्थाई आमंत्रित सदस्य में आलेख मलिक, लल्लू राव ,डी श्रीनिवास, अजय यादव, धर्मेंद्र शाह, फुलेंद्र पासवान, विजय लक्ष्मी चौहान एवं इनके अलावा 101 की कार्यकारिणी सर्वसम्मति से चुने गए हैं इस सम्मेलन में सैकड़ो लोग उपस्थित हुए थे
प्रस्ताव पारित किया गया है कि निम्न बिंदुओं को लेकर आंदोलन किया जाएगा
1) बाहरी भर्ती बंद कर बालको कारखाना के आसपास की श्रमिक बस्तियों के बेरोजगार महिला पुरुषों को संयंत्र विस्तार व ऑपरेशन में भर्ती में प्राथमिकता दी जाए।
2) बालकों में बीएससी बीकॉम की सीधी भर्ती कर मेन पावर दुरुस्त किया जाए।
3) ठेका कर्मचारियों का जनरल प्रमोशन या टाइम बांड प्रमोशन किया जाए।
4) बालकों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों को प्रोडक्शन इंसेंटिव दिया जाए।
5) जिन ठेका कर्मचारियों को अप्रैल 2022 में हुए एलटीएस में शामिल किया गया है उनको अभिलंब कैटेगरी दिया जाए।
6) स्थायी एवं अस्थायी रूप से काम कर रहे ठेका कर्मचारियों को कैंटीन भत्ता दिया जाए।
7) बालकों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों को टाउनशिप में एक न्यूनतम किराए पर आवास आवंटित किया जाए।
8) फिक्स्ड टर्म एम्पलाॅयमेंट खत्म किया जाए।
9) अप ठेका (sub contractor) प्रथा खत्म किया जाए
10) जो ठेका कर्मचारी नियमित प्रवृत्ति के काम पर लगे हुए हैं उनको बालको में नियमित किया जाए।
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