: टीपाखोल में किए जा रहे केज कल्चर मछली पालन के निरीक्षण में पहुंचे कलेक्टर श्री भीम सिंह
Mukesh Kumar Bharti
Thu, Oct 14, 2021
रायगढ़, 13 अक्टूबर2021/ कलेक्टर श्री भीम सिंह आज टीपाखोल जलाशय में किए जा रहे केज कल्चर मछली पालन के निरीक्षण में पहुंचे। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत डॉ.रवि मित्तल भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री सिंह आज रॉफ्ट के माध्यम से टीपाखोल जलाशय के बीच पहुंचे। जहां केज कल्चर के माध्यम से मछली पालन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सिंह ने यहां किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी ली। बताया गया कि यहां रायपुर के एक हितग्राही द्वारा केज कल्चर मछली पालन किया जा रहा है। यहां 24 केज में मछली पालन हो रहा है। फ्लोटिंग रॉफ्ट तथा नेट के माध्यम से केज का निर्माण किया गया है। प्रत्येक केज में 3 से 4 हजार मछली के फिंगरलिंग डाले गए है। जिसमें से हर केज में साल भर में 3 से 4 टन मछली का उत्पादन होता है। यहां वर्तमान में पंगेशियस किस्म की मछली का पालन किया जा रहा है। मछली के लिए फ्लोटिंग (तैरने वाला)चारा दिया जाता है। प्रत्येक केज की लागत 3 लाख रुपए होती है। विभागीय योजना के माध्यम से हितग्राही को 40 प्रतिशत का अनुदान दिया गया है। इसकी देखरेख के लिए स्टॉफ यही पर रहते है। इसके अतिरिक्त जलाशय में महिला समूह द्वारा मछली पालन किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें 10 साल के लिए पट्टा आबंंटित किया गया है।
कलेक्टर श्री सिंह ने विभागीय योजनाओं के माध्यम से मछली पालन की गतिविधियां जिले में बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में अन्य दूसरे जलाशयों में भी इस तरह की केज कल्चर के जरिए मछली पालन को बढ़ावा दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने जलाशय की प्राकृतिक भौगोलिक खुबसूरती को देखते हुए यहां पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए। जिसके तहत यहां बोट राइडिंग शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने की बात कही। जिससे यहां पिकनिक तथा पर्यटन के लिए आने वाले लोग केज कल्चर को भी सुविधाजनक तरीके से देख सके। इस दौरान एसडीएम रायगढ़ श्री युगल किशोर उर्वशा, सीईओ जनपद पंचायत श्री सागर सिंह राज, सहायक संचालक मछली पालन श्री एम.के.पाटले, नायब तहसीलदार श्री विक्रांत राठौर सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री सिंह आज रॉफ्ट के माध्यम से टीपाखोल जलाशय के बीच पहुंचे। जहां केज कल्चर के माध्यम से मछली पालन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सिंह ने यहां किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी ली। बताया गया कि यहां रायपुर के एक हितग्राही द्वारा केज कल्चर मछली पालन किया जा रहा है। यहां 24 केज में मछली पालन हो रहा है। फ्लोटिंग रॉफ्ट तथा नेट के माध्यम से केज का निर्माण किया गया है। प्रत्येक केज में 3 से 4 हजार मछली के फिंगरलिंग डाले गए है। जिसमें से हर केज में साल भर में 3 से 4 टन मछली का उत्पादन होता है। यहां वर्तमान में पंगेशियस किस्म की मछली का पालन किया जा रहा है। मछली के लिए फ्लोटिंग (तैरने वाला)चारा दिया जाता है। प्रत्येक केज की लागत 3 लाख रुपए होती है। विभागीय योजना के माध्यम से हितग्राही को 40 प्रतिशत का अनुदान दिया गया है। इसकी देखरेख के लिए स्टॉफ यही पर रहते है। इसके अतिरिक्त जलाशय में महिला समूह द्वारा मछली पालन किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें 10 साल के लिए पट्टा आबंंटित किया गया है।
कलेक्टर श्री सिंह ने विभागीय योजनाओं के माध्यम से मछली पालन की गतिविधियां जिले में बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में अन्य दूसरे जलाशयों में भी इस तरह की केज कल्चर के जरिए मछली पालन को बढ़ावा दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने जलाशय की प्राकृतिक भौगोलिक खुबसूरती को देखते हुए यहां पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए। जिसके तहत यहां बोट राइडिंग शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने की बात कही। जिससे यहां पिकनिक तथा पर्यटन के लिए आने वाले लोग केज कल्चर को भी सुविधाजनक तरीके से देख सके। इस दौरान एसडीएम रायगढ़ श्री युगल किशोर उर्वशा, सीईओ जनपद पंचायत श्री सागर सिंह राज, सहायक संचालक मछली पालन श्री एम.के.पाटले, नायब तहसीलदार श्री विक्रांत राठौर सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।Tags :
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