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: चिकित्सक हमेशा मानवीय मूल्यों के साथ करें कार्य - महामहिम राष्ट्रपति

Mukesh Kumar Bharti

Fri, Oct 25, 2024
रायपुर - मेडिकल प्रोफेशनल का कार्य अत्यंत जिम्मेदारी भरा होता है , उनके निर्णय जीवन रक्षा से जुड़े होते हैं। यहां से उत्तीर्ण चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल छात्र इस जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का निर्वहन पूरी तन्मयता और क्षमता के साथ करेंगे। जब आप सबने मेडिकल को अपना कार्यक्षेत्र चुना होगा तो आपके मन में दया और संवेदना का भाव रहा होगा। आपको यह हमेशा याद रखना होगा कि दया , करूणा, संवेदना मानवीय मूल्य को मजबूत बनाते हैं। इसलिये हमेशा अपने कार्य क्षेत्र में इन जीवन मूल्यों के साथ कार्य करें। उक्त उद्गार महामहिम राष्‍ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के आसंदी से व्यक्त करते हुये कही। उन्होंने कहा कि भारत सरकार देश के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है। पिछले एक दशक में देशवासियों को यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड प्रदान करने के लिये अनेक कदम उठाये गये। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाई उपलब्ध हो रही है। पिछले दस वर्षों में मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस और पीजी की सीटों में भी बढ़ोतरी हुई है। नए एम्स भी स्थापित किये गये हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ कुपोषण को दूर करने तथा सिकलसेल क्लिनिक का संचालन कर रहा है। आधुनिकतम टेक्नोलॉजी का उपयोग जनकल्याण के लिये किया जाना चाहिये। एम्स रायपुर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चलित क्लीनिकल डिसीज और सपोर्ट सिस्टम पर भी कार्य कर रहा है। इससे दूर दराज के क्षेत्र के डॉक्टरों को आपातकालीन स्थितियों में रियल टाइम मदद तथा सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार होगा। हमने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है , आपके कार्य विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभायेंगे। इस दौरान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने संस्थान के दस विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं पदोपाधि तथा 514 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान किया। उन्होंने उपाधि एवं पदोपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देेते हुए उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की। यह एम्स छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के लिये वरदान - राज्यपाल रमेन डेका राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर सभी स्नातक छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनायें दीं और उनके सफल करियर की कामना की। उन्होंने कहा कि आज से आप , लोगों के लिये आशा की किरण होंगे। उन्होंने एम्स रायपुर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुये कहा कि इस संस्थान ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे देश में स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त की है। एम्स रायपुर का 2024 में राष्ट्रीय रैंकिंग में 38वां स्थान प्राप्त करना इसकी एक मिसाल है। इस संस्थान ने छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश के लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का कार्य किया है। कोविड-19 महामारी के दौरान यहां के मरीजों को मिले उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की भी उन्होंने प्रशंसा की। राज्यपाल ने आयुष्मान भारत योजना जैसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि इस योजना ने संस्थान की गरिमा को और बढ़ाया है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता - मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुये कहा यह गौरव की बात है कि इस आदिवासी प्रदेश में स्थित मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थाओं की प्रतिभायें आपकी उपस्थिति में दीक्षा पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में देश की लगभग सभी ख्यातनाम संस्थाएं स्थित हैं। ये संस्थायें राज्य के भविष्य को रास्ता दिखाने वाली मशालें हैं। इनमें से ज्यादातर संस्थायें यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की रूचि और पहल पर छत्तीसगढ़ को मिली हैं। एम्स रायपुर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र और ओडिशा के लोगों के लिये भी वरदान है। इस संस्थान ने अपनी व्यवस्था और विशेषज्ञता के लिये पूरे देश में नाम कमाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है। राज्य में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भर्तियां बड़े पैमाने पर की जा रही हैं। अस्पताल भवनों को बेहतर बनाया जा रहा है। आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था भी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर और सिम्स बिलासपुर में भवन विस्तार तथा सुविधाओं का विकास शुरू कर दिया गया है। प्रदेश के चार नये मेडिकल कॉलेजों के भवनों के निर्माण के लिये 1020 करोड़ 60 लाख रुपये का प्रावधान कर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में भी कराने का निर्णय लिया है , इससे विशेष रूप ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का मेडिकल हब बनाने में अपना योगदान देने के लिए हमारे शासकीय अस्पताल भी पूरी तरह तैयार हैं। हम राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को दुर्गम क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिये प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. जॉर्ज ए डिसूजा ने स्वागत भाषण तथा कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल ने एम्स रायपुर का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल , एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. जॉर्ज ए डिसूजा , एम्स के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल सहित एम्स रायपुर के चिकित्सक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। गौरतलब है कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंची। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पुष्प गुच्छ भेंटकर व छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। स्वागत की इसी कड़ी में सांसद बृजमोहन अग्रवाल , डिप्टी सीएम अरुण साव , डीजीपी अशोक जुनेजा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में उन्हे गार्ड ऑफ आनर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू एयरपोर्ट से सीधे एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिये रवाना हुई। दीक्षांत समारोह के बाद राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के राजभवन पहुंचने पर राज्यपाल रमेन डेका , प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी ने आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंचकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के चौदहवें दीक्षांत समारोह में शिरकत की।‌ यहां उनके साथ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका , मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू भी उपस्थित रहे। बताते चलें किराष्ट्रपति के मुख्य आतिथ्य में पहली बार राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ , जिसमें राष्ट्रपति के हाथों 11 होनहार विद्यार्थियों को 12 स्वर्ण मिला। इसमें यश बंसल को मिलेंगे कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग शाखा तथा संस्थान में ओवर ऑल टॉपर बनने पर दो स्वर्ण पदक मिला। वहीं इस दीक्षांत समारोह में बी०टेक० व बी०आर्क० के 1044 , एम०सी०ए० व एम०टेक के 225 और पीएचडी के 170 सहित कुल 1439 छात्र छात्राओं को डिग्री भी मिली और राष्ट्रपति के साथ गोल्ड मेडलिस्ट का फोटो सेशन हुआ। इसके पश्चात पुरखौती मुक्तांगन में महामहिम राष्ट्रपति ने दीपावली से पहले बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की नौवीं किस्त छत्तीसगढ़ की सत्तर लाख महिलाओं को 651.37 करोड़ रुपये उनके बैंक खातों में ऑनलाइन अंतरित की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तिरण को बढ़ावा देने उनके सामाजिक और पारिवारिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने , लिंग विभेद एवं असामानता को दूर करने के उद्देश्य से महतारी वंदन नामक अभिनव योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था , यह योजना राज्य में एक मार्च 2024 से लागू की गई है। इसके अलावा राष्ट्रपति मुर्मु इस मौके पर पुरखौती मुक्तांगन में निर्मित सरगुजा प्रखण्ड का लोकार्पण की। राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रपति मुर्मु को आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तकों की प्रथम प्रतियां भेंट की। इस मौके पर मुर्मु स्थानीय जनजाति समुदाय के लोगों से भी मुलाकात एवं चर्चा की।

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