: एक दिन के उद्घोषित कलेक्टर शैलेन्द्र ध्रुव का निधन
Mukesh Kumar Bharti
Wed, Jun 7, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
गरियाबंद - लाईलाज बीमारी प्रोजेरिया से ग्रसित एवं एक दिन के उद्घोषित कलेक्टर शैलेंद्र ध्रुव का देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने से आकस्मिक निधन हो गया। इस खबर के बाद परिजनों समेत आसपास के क्षेत्रो में शोक की लहर दौड़ गई। छत्तीसगढ़ सरकार ने उनको एक दिन का कलेक्टर बनाकर उनकी इच्छा पूरी की थी। उनके निधन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शोक जताया है।
गौरतलब है कि शैलेन्द्र ध्रुव गरियाबंद जिले के छुरा के ग्राम मेडकी डबरी के निवासी थे। वे लाईलाज प्रोजेरिया बीमारी से ग्रसित थे। इस बीमारी के कारण बचपन में ही उनका शरीर बुजुर्गों जैसा हो गया था। इस बीमारी के कारण व्यक्ति का शारीरिक विकास रूक जाता है और छोटी उम्र में ही बूढ़े की तरह दिखने लगते हैं। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे की कहानी पर्दे पर उतारी थी और इस फिल्म के लिये अमिताब बच्चन के काम को काफी सराहा गया था। पा नाम से आई इस फिल्म के बाद शैलेन्द्र ध्रुव भी चर्चा में आये थे। उनसे जब पूछा गया कि उनका सपना क्या है तो उन्होंने बताया था कि उनको कलेक्टर बनना है। इसके बाद उनके इस सपने को पूरा करते हुये राज्य शासन ने दो साल पहले 23 अक्टूबर 2021 को उन्हें 16 वर्ष की उम्र में एक दिन का कलेक्टर बनाया था। डिप्टी कलेक्टर रुचि शर्मा उनको लेने उसके घर लेने पहुंची थी। वहीं कलेक्टर निलेश क्षीर सागर सारे प्रोटोकॉल का पालन किया। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर एसपी कान्फ्रेंस में शैलेंद्र ध्रुव को अपने बगल में बैठाया और सारे उच्च अधियाकारियो से उसकी मुलाकात भी कराई थी। इतना ही नहीं सीएम भूपेश बघेल ने उन्हें अपने निवास में आमंत्रित कर उनके साथ भोजन भी किया था। सोमवार की देर रात शैलेन्द्र के सीने में तेज दर्द हुआ , जिसके बाद रसेला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
सीएम ने जताया शोक
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आज सुबह जैसे ही शैलेंद्र के निधन की सूचना मिली उन्होंने ट्वीट कर शोक जताया। सीएम बघेल ने लिखा कि शैलेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। वो प्रोजेरिया बीमारी से ग्रसित थे। हमने उसकी एक दिन का कलेक्टर बनने की इच्छा तो पूरी कर दी थी लेकिन ईश्वर की कुछ और इच्छा थी। भगवान उसका ख्याल रखें , घर वालों को हिम्मत मिले। ओम् शांतिः।
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