: छग के मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार ने ली शपथ
Tue, Oct 12, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - महामहिम राज्यपाल अनुसुईया उइके ने न्यायाधीपति अरूप कुमार गोस्वामी को आज राजभवन के दरबार हॉल में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। इसके पूर्व गोस्वामी आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर पदस्थ थे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शपथग्रहण के बाद उन्हें पुष्पगुच्छ भेंटकर शुभकामनायें दीं , वहीं राज्यपाल ने मुख्य न्यायाधीश को शाल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। इस समारोह में मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी की धर्मपत्नी डॉ. नीलाक्षी गोस्वामी सहित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण उपस्थित थे। शपथ ग्रहण समारोह के प्रारंभ में प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कार्यक्रम का संचालन और राष्ट्रपति के वारंट का वाचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल , गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू , खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत , मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू , पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी , राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं हाईकोर्ट के अधिवक्तागण उपस्थित थे। गौरतलब है कि आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नये चीफ जस्टिस बनाये गये हैं। वहीं बिलासपुर हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त किये गये हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा पर शनिवार को केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी की थी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बीते 16 सितंबर को देश भर के हाईकोर्ट के आठ न्यायाधीशों की पदोन्नित करने के साथ ही 28 जजों को ट्रांसफर करने की अनुशंसा की थी। इसके साथ ही पांच हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के स्थानांतरण करने की भी अनुशंसा की गई थी। इसमें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का नाम भी शामिल था।
: बांकीमोंगरा कालोनी के जे.आर.सी क्लब मनोरंजन मंदिर में उमड़ रहे हैं नवरात्र में भक्तो की भीड़
Tue, Oct 12, 2021
कोरबा जिला के बांकीमोंगरा एसईसीएल कालोनी के जे.आर.सी क्लब मनोरंजन मंदिर मे प्रति वर्ष के भांति इस वर्ष भी बांकी कॉलोनी के युवाओं द्वारा सार्वजनिक दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया है बांकी मोंगरा के इस दुर्गा पंड़ाल पर लगभग 57 वर्ष पहले जब 1964 में एसईसीएल की कोयला खदाने प्रारम्भ हुई थी तब से बांकी मेन माइंस द्वारा यहां पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता था । वर्ष 2005 में बांकी एसईसीएल ने दुर्गा पूजा करवाने से अपना हाथ पीछे कर लिया तब बांकी कॉलोनी के युवाओं ने सार्वजनिक नवयुवक दुर्गा पूजा समिति के नाम से पूजा करवाना प्रारंभ करवाया जहा इस वर्ष बड़े ही धूमधाम से प्रतिवर्ष की तरह नवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है । छोटे-छोटे बच्चों द्वारा डांडिया एवं अन्य कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं । आपको बता दे कि बांकीमोंगरा में इस पंडाल को सबसे पुराना दुर्गा पंडाल के नाम से जाना जाता है इस वर्ष भी नवरात्रि दुर्गा पूजा में शासन एवं कोरबा कलेक्टर के द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देश एवं कोविड-19 का पालन करते हुए पूजा का आयोजन किया जा रहा है ।
: आकर्षण की केंद्र बनी दुर्गा मां की मुस्कुराती जीवंत प्रतिमा
Tue, Oct 12, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनरसिंहपुर -- इस शारदीय नवरात्रि के अवसर पर पूरे देश में साधना और भक्ति का माहौल है। जगह-जगह पंडाल लगे हैं और लोगों द्वारा मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित कर उनकी पूजा-अर्चना की जा रही है। इस नवरात्रि में इन दिनों मां दुर्गा की मुस्कुराती हुई जीवंत मूर्ति की तस्वीर और बीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है , जिसे सभी लोग अपने ही घरों में विराजित देवी मां की बताकर वाहवाही लूटने में लगे हुये हैं। सौम्य स्वरूप में साक्षात विराजित मां दुर्गा के बारे में पाठकों की जिज्ञासाओं को देखते हुये हमारी मीडिया टीम ने इसकी तहकीकात कर सच्चाई को सबके सामने उजागर करने का प्रयास किया है। बताते चलें कि देश भर में चर्चित वात्सल्य से भरी सौम्य मुस्कान बिखेरती सिंहवाहिनी देवी मां की यह मूर्ति मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर बरहटा गांव के गुप्ता मोहल्ला में विराजित हैं। करूणा बरसाती प्रतिमा को देखने से लगता है कि जैसे वो अभी बोल पड़ेंगी। सुंदर और मुस्कुराती हुई देवी मां के चेहरे में इतने मनमोहक भाव है कि जो भी दर्शन के लिये पहुंचता है , वह एक समय के लिये मां को देखते ही रहता है। मां की मुस्कुराती हुई जीवंत प्रतिमा का आकर्षण ही ऐसा है कि आसपास के जिलों से भी सैकड़ों किलोमीटर दूर से लोग इस देवी मां को देखने आ रहे हैं , यह गांव इस समय आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मूर्ति को देखकर लोग कलाकार के हुनर की भी जबरदस्त प्रशंसा कर रहे हैं। यहां आने वाले भक्तों की प्रतिमा के साथ सेल्फी लेने की होड़ मची हुई है। भक्तों का कहना है कि प्रतिमा को देखने के बाद उस पर से नजरें नहीं हटती। प्रतिमा से बरसती करुणा और मुस्कुराहट लोगों को अपनी ओर खींच रही है। आयोजक मंडल के सदस्यों का कहना है कि भक्तों की बढ़ती तादाद को सम्हालना मुश्किल हो रहा है , उन्होंने प्रशासन से इसमें मदद मांगी है। हालांकि उन्हें इस बात की खुशी भी है कि उनका छोटा सा गांव पूरे देश में मशहूर हो रहा है। इसे वे मां दुर्गा की कृपा मान रहे हैं , जिसके चलते यह छोटा सा गांव नवरात्रि के दौरान तीर्थ क्षेत्र में बदल गया है। इस जीवंत मूर्ति का निर्माण छिंदवाड़ा जिले के सिंगौड़ी के मूर्तिकार पवन प्रजापति पिता राजेंद्र ने किया है। मूर्तिकार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारे परिवार में यह काम वर्षो से होता आया है , हम कुछ नया बनाने की हमेशा सोचते हैं। मां की कृपा से हम इतना कमा लेते हैं कि हमारी साल भर की गुजर हो जाती है। देवी मां की इस मुस्कुराती हुई जीवंत प्रतिमा के निर्माण करने की प्रेरणा के बारे में पूछे जाने पर पवन ने कहा कि कोरोना में बहुत से लोगों ने अपनों को खो दिया है जिससे वे मायूस हैं। उनकी उदासी दूर करने के लिये देवी माता के मुस्कुराते हुये चेहरे वाली मूर्ति बनायी , जिसे देखकर लोग अपने गमों को कुछ भूल सकेंगे। सभी लोग खुश रहें और जीवन में आगे बढ़ें , इसी भावना के साथ माता रानी की यह मूर्ति बनायी है। मूर्तिकार पवन ने आगे बताया कि घर में मूर्ति बनाने का कार्य पुस्तैनी है जिससे उसे भी बचपन से मूर्तियां बनाने का शौक है। उसकी बनाई प्रतिमायें छिंदवाड़ा जिले के साथ ही नरसिंहपुर , होशंगाबाद , बैतूल , सिवनी जिले तक जाती हैं। नरसिंहपुर के बरहटा में देवी के जिस स्वरुप की प्रतिमायें तैयार कर दी है वैसी ही कुछ और प्रतिमायें दूसरे जिले में भी दी गई हैं। इस बार देवी की विभिन्न मुद्राओ-स्वरुप वाली करीब 35 प्रतिमायें तैयार की गई हैं। इसी तरह छिंदवाड़ा के पास सारना में माता के बाल स्वरूप की सुंदर प्रतिमा विराजित है जिसे देखने लोग पहुंच रहे हैं।