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: पाली विकासखण्ड के भ्रष्ट्र एवं शातिर सचिव चंद्रिका का कारनामा: शाला मरम्मत व पेयजल सुधार कार्य के नाम पर 14वें वित्त से 1 लाख 8 हजार की राशि निकाल किया गबन, जांच जारी

Mukesh Kumar Bharti

Thu, Sep 22, 2022
_________________________ *कोरबा/पाली:-* अपने भ्रष्ट्र आचरण से चर्चित एवं पंचायत मद की राशि डकारने के मामले में महीनों निलंबित रहने वाले पाली जनपद के शातिर तथा वर्तमान बारीउमराव पंचायत का कार्यभार देखने वाले सचिव चंद्रिका प्रसाद तंवर द्वारा पूर्व में ग्राम पंचायत रतखण्डी का कामकाज सम्हालने के दौरान गत पंचायत चुनाव आदर्श आचार संहिता में प्राथमिक शाला भवन मरम्मत कराए जाने के नाम पर 1 लाख एवं पेयजल व्यवस्था मोटर वाइंडिंग व्यय राशि बताकर 8 हजार 4 सौ 50 रुपए की राशि 14वें वित्त से निकाल गबन कर दिया गया था। जिसकी लिखित शिकायत यहां की तत्कालीन महिला सरपंच द्वारा जनपद सीईओ से कर जांच व कार्यवाही की मांग की गई थी, जिसके आधार पर जनपद के सहायक विकास विस्तार अधिकारी सी के आदिले, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी गीता सिंह एवं गणेश सिंह पैकरा की एक टीम गठित कर जांच का जिम्मा सौंपा गया था। जहां उक्त टीम द्वारा जांच में पाया गया कि सचिव चंद्रिका द्वारा शाला मरम्मत एवं पेयजल सुधार के नाम पर कुल 1 लाख 8 हजार 4 सौ पचास रुपए आहरित किया गया है, जो 14वें वित्त के कार्ययोजना में शामिल नही होने तथा आहरण किये गए राशि का प्रमाणक प्रस्तुत नही करने संबंधित रिपोर्ट जनपद सीईओ को सौंपा गया था, जहां सीईओ द्वारा सचिव से उक्त राशि वसूल किये जाने हेतु प्रकरण तैयार कर एसडीएम को सौंपा था। जिस कार्यवाही से बचने शातिर सचिव चंद्रिका द्वारा आनन- फानन में फर्जी बिल बाउचर तैयार कराकर तब जांच टीम को सौंपा गया था और जांच दल द्वारा भी बिना भौतिक सत्यापन यह मान लिया गया था कि सचिव द्वारा आहरित राशि से कार्य कराया गया है एवं जिससे कोई वसूली योग्य राशि नही संबंधित मत एसडीएम न्यायालय में पुनः प्रस्तुत भी कर दिया गया। तब एसडीएम ने पत्र के माध्यम से जनपद सीईओ से अभिमत मांगा की प्रकरण में सचिव चंद्रिका से राशि वसूली योग्य है अथवा नही। मांगे गए जिस अभिमत के आधार पर सीईओ वीरेंद्र कुमार राठौर द्वारा जनपद के वरिष्ठ करारोपण अधिकारी श्यामलाल मरावी को इस बार जांच का जिम्मा सौंपा है। वहीं इस विषय पर रतखण्डी के वर्तमान सरपंच बाबूलाल सोनवानी एवं पंचों ने बताया कि शाला मरम्मत एवं पेयजल सुधार का कार्य उनके द्वारा कराया गया है, सचिव चंद्रिका ने पूर्व में 14वें वित्त मद से राशि जरूर निकाली लेकिन जिस राशि से आजतक कोई कार्य नही कराया गया है। जांच अधिकारी श्री मरावी द्वारा जिस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है , तथा जल्द ही वर्तमान सरपंच व पंचों का कथन कलमबद्ध कर गबन राशि वसूली एवं अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने सीईओ के माध्यम से जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौपेंगे।

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