: पिछड़ा वर्ग क्वांटिफाइबल डाटा एकत्रीकरण में कि जा रही लापरवाही, भूपेश सरकार की मंशा साफ नहीं - दीपक जायसवाल (जिला महामंत्री, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा, कोरबा)
Mukesh Kumar Bharti
Fri, Sep 24, 2021
छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के गणना हेतु सर्वे कार्य 1 सितंबर से प्रारंभ किया गया है लेकिन इसमें छत्तीसगढ़ सरकार एवं प्रशासन की उदासीनता ढीली रवैया घोर लापरवाही सामने आ रही है उक्त बातें कोरबा भाजपा जिला महामंत्री पिछड़ा वर्ग मोर्चा दीपक जायसवाल ने मीडिया को जानकारी दी उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग के हितों अधिकारो सामाजिक न्याय देने की मंशा से आरक्षण संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी प्रदान की गई इस विधेयक में राज्यों को ओबीसी की सूची तैयार करने का अधिकार देने का प्रावधान है प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की गणना हेतु छत्तीसगढ़ क्वांटिफायबल डाटा आयोग के मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल लॉन्च कर दिया गया
लेकिन इसके लिए न हीं मुनादी की जा रही और न हीं सर्वे दल ठीक से भेज रही है पूरे प्रदेश में 5549 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं जिनमें शहरी क्षेत्रों में लगभग 1103 तथा ग्राम पंचायत में 4446 सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई है इसके बावजूद कोरबा सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग की गणना में कोई पारदर्शिता दिखाई नहीं दे रही निश्चित ही पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय कर रही है पिछड़े वर्ग की अनुमानित संख्या प्राप्त कर खानापूर्ति ही कर रही है साथ ही सीमित समय 12 अक्टूबर तक अन्य पिछड़ा वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग एप में डाटा अपलोड कर सकते हैं इस तरह की जानकारी मिल रही है।
लेकिन इसके लिए न हीं मुनादी की जा रही और न हीं सर्वे दल ठीक से भेज रही है पूरे प्रदेश में 5549 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं जिनमें शहरी क्षेत्रों में लगभग 1103 तथा ग्राम पंचायत में 4446 सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई है इसके बावजूद कोरबा सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग की गणना में कोई पारदर्शिता दिखाई नहीं दे रही निश्चित ही पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय कर रही है पिछड़े वर्ग की अनुमानित संख्या प्राप्त कर खानापूर्ति ही कर रही है साथ ही सीमित समय 12 अक्टूबर तक अन्य पिछड़ा वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग एप में डाटा अपलोड कर सकते हैं इस तरह की जानकारी मिल रही है।Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन