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सुचना

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: भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के रेशम यादव बने अध्यक्ष व दामोदर श्याम सचिव,सभी खातेदार को रोजगार दिलाने के लिए संघर्ष तेज करने का लिया संकल्प

Mukesh Kumar Bharti

Wed, Aug 31, 2022
कोरबा : भू विस्थापित रोजगार एकता संघ की बैठक में संगठन विस्तार व आंदोलन तेज करने पर चर्चा के साथ नई कमेटी का गठन भी किया गया बैठक की अध्यक्षता संगठन के वरिष्ठ सदस्य मोहन यादव ने किया। बैठक में 303 दिनों से कुसमुंडा में भू विस्थापितों द्वारा जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर चल रहे अनिश्चित कालीन आंदोलन की समीक्षा के साथ आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक में आंदोलन को और विस्तार देने के लिए नई कमेटी का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष रेशम यादव, उपाध्यक्ष सुमेन्द्र सिंह ठकराल, सचिव दामोदर श्याम,कोषाध्यक्ष रघु यादव, और कोर कमेटी में मोहन यादव,रघु यादव,मोहन कौशिक, दीनानाथ,सनत,सुमेन्द्र सिंह,अनिल बिंझवार,चंद्रशेखर कैवर्त, जय कौशिक, रेशम यादव, दामोदर श्याम को सर्वसम्मति से चुना गया। अध्यक्ष चुने जाने के बाद बैठक को संबोधित करते हुए रेशम यादव ने कहा कि जिस प्रकार देश के किसानों ने देश के प्रधानमंत्री को काले कानून वापस लेने पर मजबूर किया है वैसे ही कोरबा जिले के भू विस्थापित किसान भी एसईसीएल के काले कानूनों को बदलने के लिए लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। शोषण के खिलाफ किसानों के पास संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है भू विस्थापितों की जीत सुनिश्चित है। प्रत्येक खेतेदार को रोजगार दिलाने, पुनर्वास, प्रभावित गांव के युवा बेरोजगारों को आउट सोर्सिंग कंपनियों में 100% रोजगार दिलाने के लिए प्रभावित गांव का दौरा कर आंदोलन की रूप रेखा तैयार करेंगे और जल्द एसईसीएल के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। भूविस्थापित संघ के सचिव दामोदर श्याम ने कहा कि दस माह पहले जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया गया तब एसईसीएल 2 एकड़ से कम जमीन,डबल अर्जन एवं अर्जन के बाद जन्म वालों को रोजगार देने के लिए तैयार नहीं था लेकिन तानाशाह एसईसीएल के खिलाफ लंबे संघर्ष 5 बार खदान बंद और 16 लोगों को जेल भेजने के बाद भी संघर्ष जारी रहने के बाद एसईसीएल ने भू विस्थापितों के सामने झुकते हुए कम जमीन और डबल अर्जन के नियमों में बदलाव कर अभी तक 7 लोगों को रोजगार देने पर मजबूर हुआ है। भू विस्थापित संघ के उपाध्यक्ष सुमेन्द्र सिंह ठकराल ने कहा कि कम या ज्यादा जमीन का सवाल नहीं है जमीन किसानों की आजीविका का साधन भी है इसलिए छोटे बड़े नहीं वर्तमान और पुराने सभी छोटे खातेदारों को रोजगार देना एसईसीएल का काम है। कोई बहाना नहीं चलेगा सभी के लिए मिलकर संघर्ष को तेज किया जाएगा। छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, प्रशांत झा,दीपक साहू के साथ रोजगार एकता संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष राधेश्याम कश्यप ने नई कमेटी को सुभकामनाये देते हुए नई कमेटी से भू विस्थापितों के लिए संघर्ष तेज करने का आवाहन किया। बैठक में बृजमोहन, रघु,नरेंद्र यादव,राजेश,सुमेन्द्र सिंह,मोहनलाल,बसंत, हरियर प्रसाद, कृष्णा,बजरंग सोनी,मोहन कौशिक, जय कौशिक, अशवनी, ओंकार,नागेश्वर, हेमंत,टाकेश्वर, अनिल बिंझवार, अनिरुद्ध, दीना, सनत,मुनीराम,बलराम, विजय, रवि,रविशंकर,पुरषोत्तम,हरिशंकर, चंद्रशेखर, अशोक,बेदराम,पंकज, राधेश्याम,जितेंद्र,हेमलाल,के साथ बड़ी संख्या में भू विस्थापित उपस्थित थे।

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