: रात भर साप के आवाज़ से गूंजता रहा घर, बिना सोए जागता रहा पुरा परिवार, दिवाल तोड़ते ही गुस्से से आया बाहर।
Mukesh Kumar Bharti
Thu, Sep 23, 2021
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कोरबा जिले का सुप्रसिद्ध स्थल कनकेश्वर धाम कनकी के जोगीपाली गांव में एक परिवार पूरी रात साप की आवाज़ से जागता रहा, डर का आलम तो ये था की पूरा परिवार रात भार सोया ही नहीं, घर वालों ने भगाने का पूरा प्रयास किया पर वो टस से मस नहीं हुआ, आग भी लगाया फिर भी नहीं
भागा,जोगीपाली ग्रामीण क्षेत्र है अक्सर ग्रामीण लोग साप को मार देते हैं पर यहां ऐसा नहीं हुआ बल्कि खुद ही रात भार जाग कर बचाने का फ़ैसला लिया, इससे ये समझ आता हैं लोगों के अन्दर जागरूकता आ रही जो वन्य जीवों के लिए अच्छी बात हैं, फिर सुबह होते ही घर वालों ने स्नेक रेस्क्यू टीम प्रमुख वन विभाग सदस्य जितेंद्र सारथी को इसकी जानकारी दी जिसके बाद जितेंद्र सारथी ने 112 से मदद मांगी, जो शहर से 27 किलोमिटर होने के साथ अधिक दूरी होने की वजह से मदद लिया, कुछ देर के बाद पहुचे जितेंद्र सारथी ने रेस्क्यू ऑपरेशन चालू किया, जिस कमरे में रात में देखा गया था उस जगह को बारिकी से जांच की गई, एक पल के लिए लगा की वह भाग गया होगा, फिर डरे सहमे घर वालों ने दिवाल तोड़ देने की बात कहीं फिर एक तरफ़ का पूरा दिवाल तोड़ा गया, अचानक से गुस्से से बाहर आया cobra (नाग) फिर बड़ी सावधानी से सीढ़ी पर चढ़े और नाग को नीचे लाया गया इस घटना की जानकारी पूरे गांव में आग की तरह फैल चुकी थी जिसके कारण बहुत भीड़ हो चुका था फिर सभी को साप की जानकारी दी, डरे सहमे परिवार के लोगों ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
*घर के मुखिया ने बताया* कोबरा (नाग) साप जब से घर में घुसा था पूरा परिवार रात भर सो नहीं पाया, यहां लोग साप को नहीं मारते बल्की बचाने का प्रयास करते हैं।
भागा,जोगीपाली ग्रामीण क्षेत्र है अक्सर ग्रामीण लोग साप को मार देते हैं पर यहां ऐसा नहीं हुआ बल्कि खुद ही रात भार जाग कर बचाने का फ़ैसला लिया, इससे ये समझ आता हैं लोगों के अन्दर जागरूकता आ रही जो वन्य जीवों के लिए अच्छी बात हैं, फिर सुबह होते ही घर वालों ने स्नेक रेस्क्यू टीम प्रमुख वन विभाग सदस्य जितेंद्र सारथी को इसकी जानकारी दी जिसके बाद जितेंद्र सारथी ने 112 से मदद मांगी, जो शहर से 27 किलोमिटर होने के साथ अधिक दूरी होने की वजह से मदद लिया, कुछ देर के बाद पहुचे जितेंद्र सारथी ने रेस्क्यू ऑपरेशन चालू किया, जिस कमरे में रात में देखा गया था उस जगह को बारिकी से जांच की गई, एक पल के लिए लगा की वह भाग गया होगा, फिर डरे सहमे घर वालों ने दिवाल तोड़ देने की बात कहीं फिर एक तरफ़ का पूरा दिवाल तोड़ा गया, अचानक से गुस्से से बाहर आया cobra (नाग) फिर बड़ी सावधानी से सीढ़ी पर चढ़े और नाग को नीचे लाया गया इस घटना की जानकारी पूरे गांव में आग की तरह फैल चुकी थी जिसके कारण बहुत भीड़ हो चुका था फिर सभी को साप की जानकारी दी, डरे सहमे परिवार के लोगों ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
*घर के मुखिया ने बताया* कोबरा (नाग) साप जब से घर में घुसा था पूरा परिवार रात भर सो नहीं पाया, यहां लोग साप को नहीं मारते बल्की बचाने का प्रयास करते हैं।Tags :
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