: विकासखण्ड शिक्षाधिकारी पोड़ी- उपरोड़ा कार्यालय में चौकाने वाला भ्रष्ट्राचार का अनोखा खेल! एक ही कर्मचारी का 2220 दिन का अवकाश स्वीकृत कर शासन को लगाया साढ़े 13 लाख का चूना
Mukesh Kumar Bharti
Mon, Sep 26, 2022
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*कोरबा/पोड़ी- उपरोड़ा:-* कोरबा जिले में भ्रष्ट्राचार करने वाले शातिर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भरमार हो गई है। यूं कहें तो कोरबा जिला भ्रष्ट्राचारियों के लिए लूट का बड़ा प्लेटफार्म बन गया है और आए दिन ऐसे- ऐसे मामले सामने आ रहे है, जो चौकाने वाले है। कई विभागों में डीएमएफ फंड का दुरुपयोग सामने आने के बाद जिले के पोड़ी- उपरोड़ा विकासखण्ड के खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में भ्रष्ट्राचार का चौकाने वाला तरीका सामने आया है। यहां के तत्कालीन विकासखण्ड शिक्षाधिकारी एलएस जोगी और दो बाबुओं द्वारा एक अनुपस्थित कर्मचारी का 2220 दिनों का अवकाश स्वीकृत कर करीब साढ़े 13 लाख रुपए का चूना शासन को लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जनपद पंचायत पोड़ी- उपरोड़ा के वार्ड क्रमांक 19 के जनपद सदस्य प्रदीप जायसवाल ने जानकारी इकट्ठी कर जिला शिक्षाधिकारी जी पी भारद्वाज को पत्र सौंपकर जांच करने की मांग की है और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए शासन को लगाए गए लाखों का चूना की रिकव्हरी करने की मांग की है। इस सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पोड़ी- उपरोड़ा बीईओ आफिस में सनसनी फैल गई है और यहां पदस्थ बाबुओं द्वारा बचने का तरीका ईजाद किया जा रहा है। जोगी के खिलाफ कई शिकायत आने के बाद उसे पहले ही हटाकर उच्चतर माध्यमिक शाला पाली में पदस्थ कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पसान में भृत्य के पद पर बहादुर राम पदस्थ है। जिसे किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना ही विकासखण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय पोड़ी उपरोड़ा में संलग्न कर दिया गया, लेकिन बहादुर राम काफी दिनों तक अनुपस्थित रहा। पुष्ट सूत्रों के मुताबित यहां पदस्थ सहायक ग्रेड दो प्रदीप कुमार मिश्रा और तत्कालीन बीईओ जोगी ने सांठगांठ कर 24 आदेशों के तहत 89 दिनों का अलग- अलग आदेश के माध्यम से 2220 दिन का अवकाश स्वीकृत कर दिया, जबकि शायद छत्तीसगढ़ में यह पहला मामला होगा कि किसी कर्मचारी को 2220 दिन का अवकाश मिला हो। शासन के निर्देशों की यह खुलेआम धज्जियां है, शायद शासन को भी इस बात का मान नही होगा कि किसी कर्मचारी को 2220 दिन का अवकाश मिलता हो, लेकिन पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के बीईओ आफिस में अधिकारी और कर्मचारियों ने यह कारनामा कर दिखाया और साजिश के तहत 13, 57, 122 रुपए की राशि उक्त अनुपस्थित कर्मचारी के खाते में डाल दिया गया। जनपद सदस्य प्रदीप जायसवाल ने बताया कि पूर्ण जानकारी उपलब्ध होने के बाद मयदस्तावेज पत्र जिला शिक्षाधिकारी को लिखकर गहन जांच के लिए निवेदन किया है और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। प्रभारी लेखापाल छवि कुमार गहिरवाल द्वारा एक ही दिन में उक्त रकम का चेक जारी किया गया है।
*कई अनुपस्थित शिक्षकों को नोटिस देने के बजाय उनका अवकाश स्वीकृत कर दिया जा रहा वेतन*
सूत्रों के मुताबित प्रभारी लेखापाल छवि कुमार गहिरवाल द्वारा कई शिक्षक जो अनुपस्थित रहते है, उनको बीईओ द्वारा नोटिस देने के बजाय उनके साथ सेटलमेंट का खेल बाबुओं द्वारा खेला जा रहा है और अनुपस्थित शिक्षकों का अवकाश स्वीकृत किये बिना ही उन्हें पूरे महीने तनख्वाह जारी की गई। श्री जायसवाल ने बताया कि वीरेंद्र राठिया, विजय कुमार कुजूर, आसिफ खान, महावीर ताड़िया सहित कई शिक्षक जो अनुपस्थित रहे है, उनका भी पूरे महीने की तनख्वाह प्रभारी लेखापाल द्वारा जारी की गई है। इन सबकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने मांग की गई है।
*पीड़ित परिवार को नही मिला बीमा राशि का भुगतान*
बीईओ कार्यालय पोड़ी उपरोड़ा में एक और मामला सामने आया है। जिसके मुताबित भृत्य प्रफुल्ल खलखो का बीमा राशि का भुगतान शासकीय खाते से सहायक ग्रेड दो प्रदीप कुमार मिश्रा ने अपने स्वयं के खाते में डालने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि बीमा राशि 1 लाख 66 हजार 656 रुपए को अपने खाते में डालकर मिश्रा द्वारा आहरण कर पीड़ित परिवार को आज तक नही दिया गया और पीड़ित परिवार अपना भुगतान पाने भटक रहा है। इतना ही नही सहायक ग्रेड तीन छवि कुमार द्वारा शासकीय चेक अपने नाम से जारी कर इलाहाबाद बैंक से 35 हजार का आहरण करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस गबन को दबाने के लिए छवि कुमार द्वारा इस राशि को समायोजन करने का तरीका अपनाया जा रहा है लेकिन पुष्ट सूत्र बताते है कि छवि कुमार अब तक सफल नही हो पाया है। जनपद सदस्य प्रदीप जायसवाल ने अपने पत्र में इस गबन का भी उल्लेख किया है और समस्त मामलों में जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग डीईओ से की है।
*डीईओ भारद्वाज ने कहा- शिकायत आया होगा, मुझे जानकारी नही है*
बीईओ कार्यालय में लाखों का घपला का आरोप लगाने वाले जनपद सदस्य प्रदीप जायसवाल के पत्र के संबंध में जब जिला शिक्षाधिकारी जीपी भारद्वाज से प्रतिक्रिया जानने मोबाइल से जानकारी चाही गई तो श्री भारद्वाज ने कहा कि कार्यालय में शिकायत आया होगा, मुझे जानकारी नही है। देखकर बता सकता हूँ। जबकि जनपद सदस्य जायसवाल द्वारा गत 8 सितंबर को ज्ञापन दिया गया है जिसे 15 दिन से ज्यादा बीत गए है।
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