: सावन के दूसरे सोमवार पर सोन नदी के जल से होता है त्रिदेव शिवलिंग का जलाभिषेक (एक ही जलहरी पर विराजमान तीन शिवलिंग)
Mukesh Kumar Bharti
Tue, Jul 26, 2022
*कोरबा:-* भारतवर्ष में शिव जी की मंदिर लगभग प्रत्येक गांव में देखने को मिल जाती है लेकिन इसी धरा पर शिवजी के अद्भुत मंदिरों का भी दर्शन अलग-अलग महत्व वैदिक पुराणों के अनुसार स्थितियों के अनुसार कई रूपों में भी शिव जी की मूर्ति एवं मंदिरों का दर्शन होता है।
कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम सोहागपुर के सोन नदी से क्षेत्र के शिव भक्त कांवर यात्रा सावन के दूसरे सोमवार पर पिछले 6 वर्षों से निकाली जा रही है जो ग्राम पहाड़ गांव के जंगलों पर विराजित वनसरा देवी मंदिर पास एक ही जलहरी पर विराजमान तीन शिवलिंगों पर शिव भक्त कांवर में जल लेकर अभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्त रस्ते पर भक्ति माहौल के बीच शिव भक्ति पर नाचते थिरकते जंगल के बीच पहुंचते हैं जिससे क्षेत्र में एक भक्ति में माहौल उत्पन्न हो जाता है। खरवानी निवासी लखन राठौर ने बताया कि इस कंवर यात्रा की शुरुआत सावन माह के द्वितीय सोमवार पर सुहागपुर सोन नदी से जल भर कर 8 से 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर वनसरा देवी मंदिर के पहले त्रिदेव शिवलिंग विराजमान है। राठौर ने यह भी बताया कि इस शिवलिंग कि जब से पूजन प्रारंभ की गई है तब से एक अलौकिक शक्ति का भी अनुभूति मुझे स्वयं कई मर्तबा हो चुकी है जिसके कारण मेरे आस्था इस वन पर विराजित मां जगत जननी वनसरा देवी एवं त्रिदेव भोलेनाथ पर अटूट है। मैं सावन सोमवार पर कहीं जा पाऊं या ना जा पाव जब तक मेरे शरीर पर शक्ति ऊर्जा रहेगी तब तक मेरे जीवन काल के प्रत्येक सावन के द्वितीय सोमवार पर कांवर यात्रा कर त्रिदेव शिव जी पर जल अभिषेक करूंगा, देखा जा रहा है कि हर वर्ष इस पर लोगों की आस्था बढ़ रही है।
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