: एल्युमिनियम इंप्लाइज यूनियन (एटक) बालको द्वारा परसाभाटा में किया गया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन
Mukesh Kumar Bharti
Sun, Sep 17, 2023
दिनांक 16 सितंबर 2023 को एल्युमिनियम इंप्लाइज यूनियन (एटक) बालको के द्वारा परसाभाटा में सुबह 10:00 बजे से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन बालको प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ किया गया , समापन से पूर्व यह धारना प्रदर्शन शाम 4:00 बजे से आम सभा में परिणित हो गया, आमसभा को संबोधित करते हुए संगठन के महासचिव सुनील सिंह ने बताया कि बालको प्रबंधन समस्याओं को लेकर पत्र दिया गया था जिसका निराकरण बालको प्रबंधन के द्वारा नहीं किया गया, बालको प्रबंधन द्वारा लगातार श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। इस विषय में विस्तृत रूप में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि ठेका कर्मचारियों का एसटीएस-1 वर्ष 2017 मे प्रबंधन के साथ कई बैठक होने के बाद एक ऐतिहासिक वेतन समझौता हुआ था ठेका कर्मचारियों का सालाना इंक्रीमेंट 12% था और प्रमोशन पॉलिसी भी बना हुआ था लेकिन किसी भी श्रमिकों का प्रमोशन नहीं हुआ है इसलिए हम प्रबंधन से मांग रखते हैं कि ठेका कर्मचारियो का जनरल प्रमोशन किया जाए तथा श्रमिकों को बालको चिकित्सालय में ओपीडी सहित पूर्ण चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। कारखाने के आसपास की श्रमिक बस्तियां की महिला पुरुषों को रोजगार दिया जाए एवं जिन कर्मचारियों का प्लांट में काम करते-करते आकस्मिक मृत्यु हो गई या ऐसी बीमारी से ग्रसित हो गए जो कभी ड्यूटी नहीं जा पा रहे है उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलना चाहिए, संगठन के अध्यक्ष एस के सिंह ने कहा कि हमारे संगठन के साथ-साथ संयंत्र के लिए पंजीकृत सभी संगठनों ने संयंत्र विस्तार के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई का समर्थन करके बहुत बड़ी भूल कर दी है। श्रमिक संगठनों को लगा कि क्षेत्र का विकास होगा, यहां के लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा, परंतु बालको प्रबंधन ने इसके विपरीत कार्य करते हुए यहां पर कार्यरत कर्मचारियों के वेतन वृद्धि जो लगातार कई वर्षों से 12 प्रतिशत सालाना हुआ करता था उसे 8% कर दिया, मजदूरो का पैसा काट कर इस पैसे को (जो करोड़ों रुपए है) संयंत्र विस्तार में लगा दिया। वार्षिक वेतन वृद्धि में यह कटौती तथाकथित वेतन समझौते (जो की हुआ ही नहीं है)के नाम पर किया गया है तथा इसी वेतन समझौते के नाम पर अनाप-शनाप, चुन-चुन कर वेतन वृद्धि किया गया, जो की 5% से 24% तक है,और यह पूर्णतया अनुचित श्रम व्यवहार के अंतर्गत आता है। यह भी बताया कि संयंत्र में क्षेत्रीय महिला परुष बेरोजगारों को कार्य पर नहीं रखा जाता, बालको प्रबंधन का आरोप है कि क्षेत्रीय लोग कार्य नहीं करना चाहते और प्रोजेक्ट में भी श्रमिकों का जबरदस्त शोषण हो रहा है। विभिन्न वक्ताओं ने जिसमें संगठन सचिव धर्मेंद्र तिवारी, सहायक महासचिव धर्मेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष पी के वर्मा तथा राज्य एटक के सचिव कामरेड एम एल रजक जी ने अपनी बात रखी । इस प्रदर्शन में हजारो की संख्या मे श्रमिक साथियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।आज इतनी महंगाई बढ़ गई है, इसलिए सभी श्रमिकों ने निर्णय लिया है कि हम बालको प्रबंधन के समक्ष मांग रखते हैं कि अप्रैल 2023 में होने वाले वार्षिक वेतन वृद्धि को समान रूप से पूर्व अनुसार 12% किया जाए अन्यथा हम सब कठोर आंदोलन की तरफ जाएंगे।

Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन