: बालको ने दिव्यांगों को दिया माहवारी स्वच्छता प्रबंधन प्रशिक्षण
Sun, Feb 6, 2022
बालकोनगर, 6 दिसंबर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सामुदायिक विकास कार्यक्रम की परियोजना ‘नई किरण’ के अंतर्गत इनरव्हील एजुकेशन सोसाइटी संचालित दिव्य ज्योति स्कूल के दिव्यांग छात्राओं के लिए एक दिवसीय माहवारी स्वच्छता प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागियों को माहवारी स्वच्छता के अनेक आयामों से परिचित कराया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को यौन एवं प्रजनन संबंधी अधिकारों की जानकारी भी दी गई। ‘नई किरण’ परियोजना का उद्देश्य महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता के जैव वैज्ञानिक पहलुओं, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों और उनके समाधान, पोषण आहार आदि से परिचित कराना है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने कहा कि बालको की नई किरण परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य स्तर में उत्तरोत्तर सुधार तथा माहवारी संबंधी भ्रांतियों और शंकाओं का समाधान करना है। इसके अंतर्गत लक्षित महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के लिए उन्हें अनेक गतिविधियों से जोड़ा गया है। माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियानों के निरंतर संचालन के जरिए समाज में माहवारी के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के प्रति बालको प्रबंधन कटिबद्ध है।इनरव्हील एजुकेशन सोसाइटी की अध्यक्ष एवं दिव्य ज्योति स्कूल, कोरबा की प्राचार्य श्रीमती रीता खेत्रपाल ने बालको के अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिव्यांग छात्राओं को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने की दृष्टि से कार्यशाला का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने आयोजन के लिए बालको प्रबंधन को साधुवाद दिया।बालको ने वर्ष 2019 से सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कोरबा जिले के 45 गांवों एवं नगर पालिक निगम क्षेत्रों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता परियोजना लागू की। परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की 200+ महिलाओं, 600+ किशोर बालिकाओं और अग्रिम पंक्ति की 60 कार्यकर्ताओं को नेतृत्वकर्ताओं के तौर पर विकसित किया गया है जिससे वे समुदाय में जाकर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति बालिकाओं और महिलाओं को जागरूक करनें में सक्षम हुई हैं। अभियान के अंतर्गत पुरुषों को भी शामिल किया गया है ताकि वे महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल में योगदान कर सकें। 60 किशोर बालकों को माहवारी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए कम्यूनिटी चैंपियन के तौर पर प्रशिक्षित किया गया है। इस वर्ष बालको ने ग्रामीण क्षेत्रों में चार स्वास्थ्य सुविधा केंद्र विकसित किए जहां महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी दी जाती है। परियोजना के दायरे में लगभग 45000 महिलाएं, किशोरी बालिकाएं, पुरुष और किशोर बालक शामिल हैं।
: राज्योत्सव में बालको के पैवेलियन ने जीता प्रथम पुरस्कार
Fri, Feb 4, 2022
बालकोनगर, 4 नवंबर 2022। छत्तीसगढ़ राज्य के 22वें स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव-2022 में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के पैवेलियन ने उत्कृष्ट साज-सज्जा और आकर्षक प्रस्तुति के लिए श्रेष्ठ पैवेलियन का प्रथम पुरस्कार जीता। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन और कार्यक्रम अध्यक्ष छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के हाथों बालको की कंपनी संवाद प्रमुख सुश्री मानसी चैहान और हेड कॉरपोरेट अफेयर्स श्री आशीष शर्मा ने पुरस्कार ग्रहण किया।इस अवसर पर हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल तथा छत्तीसगढ़ मंत्रीमंडल से गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, आदिवासी और अनुसूचित जाति मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वाणिज्य और उद्योग, वाणिज्यिक कर (उत्पाद शुल्क) मंत्री कवासी लखमा, श्रम एवं नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत सदस्यों सहित अनेक जन प्रतिनिधि और छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारी मौजूद थे। राज्योत्सव रायपुर के साइंस कालेज मैदान में आयोजित हुआ।राज्योत्सव के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल सहित अनेक जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने बालको के पैवेलियन का अवलोकन किया। पैवेलियन में मौजूद अधिकारियों ने आगंतुकों को बालको के अनेक सामुदायिक विकास कार्यों एवं एल्यूमिनियम निर्माण प्रक्रिया की जानकारी दी। प्रदर्शनी में आगंतुकों को वेदांता समूह की नंदघर परियोजना, नए राजधानी क्षेत्र के सेक्टर-36 में स्थापित बालको मेडिकल सेंटर, कोविड-19 के नियंत्रण में बालको के योगदान के अलावा शिक्षा उन्नयन, युवा स्वावलंबन, आधारभूत संरचना विकास संबंधी अनेक परियोजनाओं एवं एल्यूमिनियम निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी डिस्प्ले पैनलों एवं अनेक ब्रोशरों के जरिए दी गई। आगंतुकों ने बालको पैवेलियन की खूब सराहना की।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने पुरस्कार मिलने पर बालको परिवार को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नागरिकों को राज्य और राष्ट्र की उत्तरोत्तर प्रगति में बालको के योगदान से अवगत कराया गया। अपनी स्थापना के साढ़े पांच दशकों में बालको ने चहमुंखी प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। बालको की उपलब्धियों का श्रेय बालको परिवार के प्रत्येक सदस्य को जाता है।
: वेदांता बालको ने अपने एल्यूमिनियम स्मेल्टर में बायोडीजल के उपयोग का सफलतापूर्वक परीक्षण किया
Wed, Feb 2, 2022
बालकोनगर, 2 नवंबर 2022। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी (बालको) ने स्मेल्टर संचालन में बायोडीजल उपयोग करने के अपने पहले परीक्षण में सफलता प्राप्त की। कंपनी ने पिघले हुए गर्म धातु (एल्यूमिनियम) को लेकर जाने वाले लैडल्स को गर्म करने के लिए बायोडीजल का इस्तेमाल किया। गर्म धातु को उच्च ताप पर ही पॉटलाइन से कास्ट हाउस तक लेकर जाने के लिए लैडल्स की जरूरत पड़ती है। एक बड़े क्षेत्र में फैले हुए पॉटलाइन में एल्यूमिना पाउडर को इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के द्वारा पिघले एल्यूमिनियम में परिवर्तित किया जाता है। लैडल के भीतर की नमी को खत्म करने के लिए प्रीहीटिंग प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है जिससे पिघले हुए एल्यूमिनियम को विभिन्न उत्पादों में परिवर्तित करने के लिए कास्ट हाउस लेकर जाने के दौरान धातु की शुद्धता और उच्च ताप को बनाये रखा जा सके।बायोडीजल कार्बनिक पदार्थों से प्राप्त ईंधन का रूप है जिसके उपयोग से जीवाश्म ईंधन की तुलना में काफी कम ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन होता है तथा साथ ही यह किसानों की आय वृद्धि में सहायक है। यह परीक्षण वेदांता कंपनी के विजन नेट जीरो कार्बन के अनुरूप है। इस दिशा में बालको हरित ईंधन के विभिन्न स्रोतों जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, बायोमास, बायोडीजल आदि के माध्यम से अपने ऊर्जा मिश्रण में हरित ऊर्जा की मात्रा को बढ़ाने पर विचार कर रही है। कंपनी वर्तमान में प्रतिदिन 40-50 टन बायोमास ब्रिकेट का उपयोग करते हुए जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता को कम कर रही है। भविष्य में बायोमास खपत की मात्रा को और बढ़ाने की योजना है।डीकार्बोनाइजेशन की यात्रा में ऊर्जा संरक्षण और हरित ईंधन में वृद्धि बालको के दो महत्वपूर्ण पहल है। वित्त वर्ष 2022 में बालको ने विभिन्न उर्जा संरक्षण के माध्यम से लगभग 22000 गीगा जूल ऊर्जा की बचत की है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने कहा कि 2050 तक या उससे पहले कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप हम संयंत्र को डीकार्बोनाइज करने के लिए मजबूत कदम उठा रहे हैं। हमने ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के तरीकों में सुधार एवं ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों का अधिकतम उपयोग करने के लिए नवीन तकनीकों को अपनाया है। हमारे स्मेल्टर में बायोडीजल के सफल प्रायोगिक परीक्षण हमें अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में प्रोत्साहित करते है। ईएसजी में उत्कृष्टता पहल के साथ बालको निरंतर सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए व्यवसाय और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ लाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।ईएसजी लक्ष्यों की दिशा में उत्कृष्ट कार्यों हेतु बालको को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। कंपनी को सबसे प्रतिष्ठित सम्मान आईएमसी आरबीएनक्यू माइलस्टोन मेरिट्स रिकग्निशन 2021 पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। साथ ही वित्तीय वर्षों में नेशनल एनर्जी लीडर्स अवार्ड 2022 तथा धातु क्षेत्र में उत्कृष्ट ऊर्जा प्रबंधन के लिए 23वां सीआईआई नेशनल अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन एनर्जी मैनेजमेंट पुरस्कार मिला। सीआईआई द्वारा लगातार तीसरी बार उत्कृष्ट ऊर्जा कुशल इकाई के रूप में मान्यता दी गई है।