प्रदेश भर में नवरात्रि पर्व को लेकर खुशियां मनाया जा रहे हैं । नवरात्रि कि तैयारी 15 दिवसीय पहले से किया जा रहे थे । इसी कड़ी में कोरबा जिले के अनेकों स्थानों में नव दुर्गा विराजमान हुए वहीं कोरबा जिला के साथ साथ उपनगरीय क्षेत्र में भी मां नव दुर्गा नौ दिन के लिए विराजमान हुए हैं । नवरात्रि के पावन पर्व पर मां दुर्गा की स्थापना से पहले कलश यात्रा निकाली गई बांकीमोंगरा चौक स्थित सिद्धिदात्री मंदिर से विशाल कलश यात्रा निकाली गई इसके साथ साथ , एसईसीएल मनोरंजन मंदिर क्लब , जंगलसाईड , बाधांपारा , शांतिनगर , चंडी मंदिर , मोंगरा बस्ती , बांकी 2 नं., कटईनार , घोड़देवा , छुराकछार , पंखादफाई , बल्गी , अरदा , ढे़लवाडीह , मढ़वाढोडा , पुरैना , जैसे अनेकों जगहों में नव दुर्गा मईया नव दिनों के लिए विराजमान हुए , स्थापना से पहले कलश यात्रा निकाली गई जिसमें महिलाएं , युवतियां , बच्चे कलश यात्रा में बड़चड़ कर हिस्सा लिए । यात्रा में सभी महिलाएं , व युवतियां सर पर कलश स्थापित कर देवस्थान पर पुजा अर्चना करके माता के मंदिर पर कलश स्थापित करके नव दिन नवरात्रि का जस किया जाएगा । माना जाता है कि किसी भी उपासना के पहले कलश स्थापना किया जाना शुभ माना जाता है और मां आदिशक्ति के उपासना का पर्व नवरात्रि हो तो कलश स्थापना का एक अलग ही महत्व हो जाता है । नवरात्रि के पावन पर्व के पहले दिन महिलाओं , बालिकाओं ने बड़ी संख्या में कलश यात्रा में शामिल होने एकत्रित हुए । इस दौरान समिति के लोगों ने कलश उठाने वाली महिलाओं , बालिकाओं की सुरक्षा का एतिहासिक रखने वालंटियर को निर्देश जारी किये थे जो कलश यात्रा के दौरान सड़कों में सुरक्षा को सम्भालने नजर आये । बता दे कि बांकीमोंगरा में नवरात्रि पर्व को बड़ी धुमधाम से मनाया जाता है नवरात्रि के पुर्व समितियों की बैठक का आयोजन भी किया जाता है । कलश यात्रा मंदिर से निकलकर बांकीमोंगरा मुख्य सड़को से होते ई देवस्थल पहुंची । जहां विधिविधान से पुजा अर्चना के मुख्य सड़कों से होते हुए मंदिर पहुंचे जिसके बाद कलव की स्थापना की गई । इस दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उपस्थित रही हैं । साथ ही कलश यात्रा में शामिल भक्तों के लिए स्थानीय पुलिस की भी नजर रही । इस नवरात्रि के पर्व पर मंदिरों में जसगीत , संस्कृति कार्यक्रम , भजन कीर्तन , डांडिया डांस , जैसे कई कार्यक्रम भी किया जाता है जो इस प्रकार कि कार्यक्रम इस बार बहुत ही कम देखने को मिलेगा । क्योंकि कोरोना गाइड लाईन व प्रशासन की निर्देशों का पालन भी करना जरुरी है इस बार दुर्गा पंडालों में , देवी स्थल मंदिरों में पुलिस-प्रशासन की कड़ी नजर भी रहेगी ।पिछले वर्ष की तरह इस बार भी कम स्थानों में देखने को मिलेंगे दशहरानवरात्रि के पावन पर्व के नौ दिन कि बाद दशवें दिन दशहरा उत्सव मनाया जाता है कई वर्षों से अनेकों जगहों में बड़े आकार के रावण के पुतला दहन किया जाता । दौरान दशहरा उत्सव में मेले जैसे महौल रहते हैं कही आरकेस्ट्रा, जागराता , संस्कृति कार्यक्रम , गम्मत जैसे कई कार्यक्रम भी किया जाता है । लेकिन पिछले दो वर्षों से कोरोनाकाल कि वजह से दशहरा देखने को नहीं मिला वहीं इस साल कुछ स्थानों में प्रशासन की नियमों का पालन करते हुए दशहरा उत्सव मनाया जाएगा है । रावण की पुतला कमसे कम 10 से 15 फिट का होगा , वही रावण दहन के दौरान भीड़ नहीं किया जाएगा ।