: बालको ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर किया मल्टी-स्पेशलिटी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
Fri, Oct 25, 2024
*बालकोनगर, 21 अक्टूबर 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन (आईडीओपी) दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश श्री सत्येंद्र कुमार साहू, विशेष न्यायाधीश श्री जयदीप गर्ग, सिविल जज सुश्री डिंपल ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत की।
हेल्पएज इंडिया के सहयोग से कंपनी ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया। मानसिक स्वास्थ्य सत्र में मनोचिकित्सक ने वृद्धावस्था में डिमेंशिया तथा मेंटल हेल्थ से निपटने का तरीका बताया। वृद्धजनों को महत्वपूर्ण तकनीक जानकारी देने के लिए डिजिटल साक्षरता कार्यशाला तथा संतुलित एवं पोषण आहार की जानकारी दी गई। अतिथियों ने समाज में उनके समर्पण और सेवा की सराहना करते हुए महत्वपूर्ण योगदान के लिए दस वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों या युवाओं के बीच पारस्परिक समझ विकसित करना तथा वरिष्ठ समुदाय की शक्ति और अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला गया।
शिविर में बुजुर्ग सदस्यों के लिए गतिशीलता और दैनिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इलेक्ट्रोथेरेपी तकनीक का उपयोग करके 33 बुजुर्गों को फिजियोथेरेपी सेवाएँ प्रदान की गईं। इन उपायों से उनकी बीमारियों में कमी एवं स्वास्थ्य लाभ हुआ। कंपनी की द्वि-मासिक मोबाइल फिजियोथेरेपी सेवा समुदाय के बुजुर्ग आबादी को राहत पहुँचा रही है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने स्वास्थ्य अभियान के प्रभाव पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कंपनी अपने संयंत्र के आसपास के समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं को बढ़ाना है और इसके साथ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और समुदाय के कमजोर वर्गों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।आरोग्य परियोजना के मल्टी-स्पेशलिटी मेगा हेल्थ कैंप के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग लाभान्वित हुए। अपने मोबाइल हेल्थ वैन के तहत कंपनी ने जामबहार और शांति नगर में दो हेल्थ कैंप आयोजित किये। कैंप की मदद से 5 गांव के 360 से अधिक सदस्यों ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। कंपनी के सामुदायिक स्वास्थ्य शिविरों में मधुमेह, रक्तचाप जैसी सेवाओं के साथ दंत, आर्थोपेडिक्स, स्त्री रोग, साइकेट्री, मनोवैज्ञानिक और स्किन केयर विभिन्न विशेषज्ञ मौजूद थे।आरोग्य परियोजना बालको का व्यापक स्वास्थ्य पहल है जो ग्रामीण स्वास्थ्य पोस्ट के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तथा कुपोषण को कम करने के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। परियोजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024 में 45 से अधिक समुदायों के 49,963 लोग लाभान्वित हुए हैं। ‘उपचार आपके दरवाजे’ थीम पर संचालित चलित स्वास्थ्य इकाई की मदद से जरूरतमंदों को निःशुल्क परामर्श और चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। वित्तवर्ष 2024 में एमएचवी से लगभग 15600 तथा 8 मल्टी-स्पेशलिटी मेगा हेल्थ कैंप से 1700 लोग लाभान्वित हुए।
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: दिल्ली हॉफ मैराथन चैलेंज में बालको ने फिर लहराया परचम
Fri, Oct 25, 2024
*बालकोनगर, 21 अक्टूबर, 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) वीडीएचएम 'रन फॉर जीरो हंगर' चैलेंज का विजेता बना। 20 अक्टूबर तक चले वीडीएचएम अभियान में बालको ने कुल 15,27,708 लाख किलोमीटर का सफर तय किया। वेदांता समूह के विभिन्न व्यावसायिक इकाई में बालको सबसे आगे रहा। दिल्ली में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने ट्रॉफी लिया। लगभग 2 महीनों तक चले अभियान में बालको के कर्मचारी, उनके परिवारजन, व्यावसायिक साझेदार और समुदाय के सदस्यों के सामूहिक प्रयास से कंपनी ने लगातार तीसरी बार यह ट्रॉफी हासिल की।
दिल्ली हाफ मैराथन के तीसरे संस्करण में 36,000 से अधिक धावकों ने ‘रन फॉर जीरो हंगर’ मैराथन में हिस्सा लिया। आयोजक वेदांता समूह ने संकल्प लिया है कि कर्मचारियों के प्रत्येक किमी चलने पर जरूरतमंद बच्चों को पौष्टिक भोजन दिया जाएगा। इस वर्ष 10 मिलियन भोजन जुटाए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है। अभियान में लोगों ने अपने समाजिक दायित्व तथा खुद को फिट रखने के उद्देश्य से इसमें हिस्सा लिया। रन फॉर जीरों हंगर के अंतर्गत समूह ने कुल 10 मिलियन किलोमीटर का लक्ष्य हासिल किया।ट्रॉफी पर खुशी जाहिर करते हुए बालको के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार कहा कि वीडीएचएम चैलेंज में सबसे अधिक किलोमीटर तय करना, समुदाय की भलाई के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने 1.5 मिलियन से अधिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए बालको परिवार के सामूहिक प्रयास की सराहना की।वेदांता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल के समाज को वापस देने के सिद्धांत के तहत समूह द्वारा भारत भर के 14 राज्यों में संचालित लगभग 6,500 नंद घरों के बच्चों को पौष्टिक भोजन दिया जाएगा। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा बाल विकास में योगदान देने के उद्देश्य से नंद घर परियोजना की शुरूआत की गई है। समुदाय के साथ-साथ कंपनी बच्चों के सर्वागीण विकास में विश्वास रखती है। यह कंपनी के कुपोषण मुक्त भारत बनाने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। बच्चों के साथ-साथ समूह के एनिमल वेलफेयर प्रोजेक्ट, द एनिमल केयर ऑर्गनाइजेशन (टाको) के माध्यम से जानवरों को भी लाभ मिलेगा।
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: बालको एवं बिहान के संयुक्त प्रयास से महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर
Sun, Oct 20, 2024
*बालकोनगर, 14 अक्टूबर 2024।* कोरबा कलेक्ट्रेट में मुख्य अतिथि श्रीमती रीना अजय जायसवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष, कोरबा और श्री चिराग ठक्कर जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने टी एवं कॉफी आउटलेट ‘उनाटी’ का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ में संचालित ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के सहयोग से बालको की उन्नति परियोजना के माइक्रो एंटरप्राइज ‘उनाटी’ के स्टॉल की शुरूआत की गई। स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं कलेक्ट्रेट में विभिन्न फ्लेवर की चाय, कॉफी और नाश्ता बेचेंगी। बिहान और बालको द्वारा एसएचजी महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके बेहतर जीवनशैली को सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक मजबूत कदम है।
कलेक्ट्रेट परिसर में उन्नति परियोजना के अंतर्गत आउटलेट ‘उनाटी’ को ग्राम नकटीखार की मातृ भूमि स्व सहायता समूह द्वारा संचालित किया जाएगा। यहां जसपूर एवं बस्तर से उत्पादित चाय तथा कॉफी के विभिन्न फ्लेवर के साथ छत्तीसगढ़ी पारंपरिक कलेवा का स्वाद भी ग्राहक ले सकेंगे। उन्नति परियोजन के छत्तीसा माइक्रो एंटरप्राइज द्वारा निर्मित सलोनी, खाजा और चॉकलेट भी यहां पर विक्रय हेतु उपलब्ध रहेंगे। महिलाओं के द्वारा संचालित इस उद्यम का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है, इसीलिए बालको एवं बिहान मंच के संयुक्त प्रयास से ऐसे अन्य उद्यम इकाइयों की स्थापना और प्रोत्साहन की योजना है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने उन्नति परियोजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से हम समुदाय में सकारात्मक बदलाव के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बने तथा समाज में अपनी स्वतंत्र पहचान स्थापित करें। श्री कुमार ने कहा कि महिलाएं अपने परिवार, समाज और देश को बुलंदियों पर ले जाने में अपना योगदान दे रही हैं।श्री चिराग ठक्कर जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने एसएचजी महिलाओं को संबोधित किया और बिहान कार्यक्रम की ओर से सक्रिय सहभागिता के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि यह सूक्ष्म उद्यम महिलाओं के स्वावलम्बन और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास है। छत्तीसगढ़ में मिशन बिहान एक महत्वाकांक्षी योजना हैं जो एसएचजी महिलाओं को रोजगार के लिए एक निश्चित प्लेटफ़ार्म उपलब्ध कराता है। जहां वो अपने निर्मित सामग्रियों को आसानी से बिक्री कर सकें।‘उनाटी’ प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली नकटीखार की रामबाई ‘मातृ भूमि’ स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। बालको के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बालको के सहयोग से आज मैं खुद के पैरों पर खड़ी हूं। आर्थिक आत्मनिर्भरता ने मुझे एक नया आत्मविश्वास दिया है। अब मैं घर के खर्च में भागीदारी निभाने में सक्षम हूं।बालको की उन्नति परियोजना एसएचजी की महिलाओं के लिए लक्षित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करती है। 'छत्तीसा' के अंतर्गत एसएचजी महिलाओं को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाना का प्रशिक्षण दिये गए हैं। उन्नति परियोजना सामुदायिक और सामाजिक सेवाओं के लिए समर्पित एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) जीपीआर स्ट्रेटजीज एंड सॉल्यूशंस (जीपीआरएसएस) के साथ साझेदारी से चल रही है। जीपीआरएसएस के सहयोग से महिलाओं को अनेक गतिविधियों से जोड़ा गया है जिससे उन्हें आजीविका प्राप्त करने और खुद के पैरों पर खड़े होने में मदद मिली है। कोरबा के 45 शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 531 स्वयं सहायता समूहों की लगभग 5768 महिलाओं को विभिन्न कार्यक्रमों से लाभ मिल रहा है।
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