: बालको अपने प्रचालन क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए डिजिटल नवाचार को दिया बढ़ावा
Sat, Jan 21, 2023
बालकोनगर, 21 जनवरी, 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) औद्योगिक सुरक्षा क्षेत्र में स्मार्ट प्रौद्योगिकी को अपनाने वाली भारत की चुनिंदा कंपनियों में से एक है। कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को बढ़ाने के लिए कंपनी ने कई प्रयास किए हैं। बालको के ‘सुरक्षा संकल्प कुटुंब’ परियोजना में सेफ्टी डिजिटलाइजेशन मॉड्यूल के पांच बिंदुओं को शामिल किया गया है जिसका उद्देश्य श्रेष्ठ सुरक्षा संस्कृति का निर्माण करना है। इसमें ऑगमेंटेड/वर्चुअल/ मिक्स्ड रिएलिटी ट्रेनिंग सेंटर, आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस बेस्ड वीडियो एनालिटिक्स, सस्टेनेबिलिटी मोबाइल एप, कौशल विकास और निर्माण के उद्देश्य से जुड़े कार्यबल के लिए सुरक्षा मॉड्यूल पर ई-लर्निंग कोर्स, असुरक्षित क्रियाओं और स्थिति का स्वतः पता लगाना, डिजिटल सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देना तथा सुरक्षा संवाद और कार्यबल सुरक्षा, उत्पादकता में बढ़ोत्तरी तथा असुरक्षित क्षेत्रों की ट्रैकिंग शामिल हैं।सिम्यूलेशन आधारित प्रशिक्षण तकनीक में वर्चुअल रिएलिटी, ऑगमेंटेड रिएलिटी और मिक्स्ड रिएलिटी तकनीकों का मिश्रण है। इसकी मदद से प्रशिक्षण लेने वाले कर्मचारियों को वास्तविक रूप से कार्य क्षेत्र में उपस्थित हुए बिना ही उस कार्य क्षेत्र से संबंधित सुरक्षा के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण दिया जाता है। बालको पहले से ही अपने कर्मचारियों के लिए ऊंचाई पर कार्य के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों से संबंधित मॉड्यूल का प्रशिक्षण देने काम कर रहा है। साथ ही साथ संकरे स्थान, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, पीपीई का उपयोग, फॉर्कलिफ्ट ड्राइविंग, पैदल चलने के दौरान सुरक्षा और अग्निशामक उपकरणों के प्रयोग संबंधी प्रशिक्षण मॉड्यूल तैनात करेगा।सुरक्षा क्षेत्र में कंपनी ने इंटरलॉकिंग के लिए एंड्रॉइड आधारित एप्लिकेशन को विकसित किया है। जिसका उद्देश्य प्लांट में 5,000 इंटरलॉक की मैपिंग के बाद विकसित एप्लिकेशन की मदद से बायपास किए गए इंटरलॉक की जोखिम रेटिंग और वास्तविक समय की जानकारी प्राप्त करना है। संयंत्र के विभिन्न स्थान जहां भारी वाहनों का आवागमन होता है वहां एलईडी लोगो/साइन प्रोजेक्टर को क्रॉसवॉक और सुरक्षा संकेत प्रदर्शन के लिए उपयोग किया जाता है। बालको ने कर्मचारियों के परिवार और स्थानीय समुदायों को उच्चतम सुरक्षा मानकोंके प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। इसके लिए संगठन कई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन कर रहा है जिसमेंसुरक्षित ड्राइविंग, अग्नि सुरक्षा औरसड़क सुरक्षा पर जागरूकता के साथ रेट्रो रिफ्लेक्टिव सुरक्षा साइन बोर्ड स्थापित किया गया है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने कहा कि ‘शून्य क्षति’ के दर्शन के अनुरूप कार्यस्थल को पूर्णतः सुरक्षित बनाने की दिशा में बालको निरंतर कार्यरत है। संयंत्र में बालको के प्रत्येक कर्मचारी को कार्यस्थल पर किसी भी असुरक्षित गतिविधि को रोकने का अधिकार है। औद्योगिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबंधन के कार्डिनल नियमों को अपनाते हुए बालको परिवार के सदस्य सुरक्षित कार्यशैली के प्रोत्साहन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सभी की सहभागिता और औद्योगिक सुरक्षा को पुख्ता बनाने की दिशा में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों को अपनाकर ‘सुरक्षा प्रथम’ कार्य संस्कृति की स्थापना में मदद मिली है।औद्योगिक सुरक्षा के सराहनीय प्रबंधन के लिए बालको ने वर्ष 2017, 2018 और 2019 के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार (खदान) प्राप्त किए और सुरक्षा डिजिटलीकरण पर अपने 'सुरक्षा संकल्प कुटुंब' परियोजना के लिए 5वीं सीआईआई राष्ट्रीय सुरक्षा अभ्यास प्रतियोगिता में प्लेटिनम विजेता घोषित किया गया।
: बालको संयंत्र की दक्षता बढ़ाने के लिए कर रहा तकनीक क्षेत्र में निवेश
Thu, Jan 19, 2023
बालकोनगर, 19 जनवरी, 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) अपने प्रचालन में स्मार्ट तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रहा है। रणनीतिक व्यवसायिक ईकाई (एसबीयू) स्तर पर निर्णय लेने के लिए स्मार्ट एनालिटिक्स से लेकर कार्यस्थल पर रियल टाइम मॉनिटरिंग तक कंपनी ने व्यावसायिक उत्कृष्टता हेतु अत्याधुनिक डिजिटल समाधान का उपयोग किया है। कंपनी ने उपकरण और एसबीयू स्तर पर तेल की खपत और रिकवरी को ट्रैक करने के लिए बिजनेस इंटेलीजेंस टूल्स का इस्तेमाल करते हुए अपनी ऑयल मॉनिटरिंग प्रोसेस को फिर से तैयार किया है। इससे बालको के तकनीकी वाहनों और भारी मशीनरी में अपने संचालन में तेल की खपत को अनुकूलित और कम किया है।सिस्टम एप्लिकेशन एंड प्रोडक्ट्स (एसएपी) और मटेरियल रिटर्न वाउचर (एमआरवी) मॉड्यूल जैसे बिजनेस इंटेलिजेंस टूल्स के माध्यम से सभी बिजनेस यूनिट्स को तेल की खपत की पूर्ति करने, बेहतर योजना और अधिक दक्षता के साथ उपयोग किए गए तेल को वापस प्राप्त कर परिष्कृत करना है जिससे लागत में बचत और अपशिष्ट में कमी आएगी। इससे कंपनी के दृष्टिकोण 'जीरो वेस्ट और जीरो डिस्चार्ज' की ओर बढ़ने के साथ-साथ ही प्रचालन में उत्पादकता और दक्षता में वृद्धि होगी। जो अंततः प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद करेगी। यह कंपनी के सतत विकास और उत्तरदायी निर्माण प्रथाओं के प्रतिबद्धता के अनुरूप है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने तकनीकी महत्व के दृष्टिकोण पर कहा कि बालको प्रबंधन ने अपने प्रचालन में अत्याधुनिक स्मार्ट तकनीकों को अपनाया है। आधुनिक तकनीक हमारे प्रचालन की दक्षता, ऊर्जा के समुचित उपयोग, सुरक्षा, उत्पादन, उत्पादकता, गुणवत्ता और उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने का काम करते हैं। हमारे प्रचालन में तेल संतुलन पहल का एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक प्रभाव होगा जो व्यवसाय के उत्तरोत्तर विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। स्मार्ट तकनीकों का प्रयोग हमारे संगठन को श्रेष्ठतम उचांई तक लेकर जा रहे हैं। बालको भारत के एल्यूमिनियम की जरूरतों को पूरा करता है और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में मदद कर रहा है।बालको अपने प्रचालन क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठा रहा है, पावर प्लांट की दक्षता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग, विभिन्न बिक्री और विपणन गतिविधियों में रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (आरपीए) का उपयोग, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग का उपयोग कर मोबाइल ऐप के माध्यम से संयंत्र परिसर के अंदर तरल एल्यूमिनियम ले जाने वाले वाहनों के आवागमन की निगरानी करना। ‘तकनीक प्रथम’ के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए बालको को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं जिसमें प्रतिष्ठित ‘मैन्युफैक्चरिंग टुडे-रीइन्वेंटिंग द फ्यूचर’ पुरस्कार भी पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। बालको को सुरक्षा डिजिटलीकरण पर ‘सुरक्षा संकल्प कुटुम्ब’ परियोजना के लिए 5वीं सीआईआई नेशनल सेफ्टी प्रैक्टिस कंपटीशन में 'प्लैटिनम विजेता' घोषित किया गया है।
: बालको का वेदांता स्किल स्कूल फाइव स्टार प्रशिक्षण केंद्र में शामिल
Wed, Jan 11, 2023
बालकोनगर, 11 जनवरी, 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षण देने और उन्हें सशक्त बनाने में हमेशा सबसे आगे रहा है। कंपनी के कौशल विकास केंद्र 'वेदांत स्किल स्कूल' को भारत सरकार के अंतर्गत स्मार्ट सेंटर द्वारा 5-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया। स्किल स्कूल छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) मान्यता प्राप्त केंद्र में शामिल है।वेदांता स्किल स्कूल गरीबी रेखा से नीचे के युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में कंपनी की ओर से प्रारंभ ऐसी संस्था है जो युवाओं को आत्मनिर्भर बन जाने का आत्मविश्वास और संबल देता है। अकुशल अथवा अर्द्धकुशल युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार मिलने से उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। ऐसे युवा देश और छत्तीसगढ़ राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।वेदांता स्किल स्कूल अपनी तरह का एक ऐसा कौशल संस्थान है जो स्थानीय युवाओं को तकनीकी शिक्षा प्रदान करता है ताकि उन्हें एक ऐसे व्यवसाय के लिए तैयार किया जा सके जो उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और बड़े पैमाने पर समाज के विकास को बढ़ावा दे रहा है। संस्थान प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेसमेंट के साथ प्रशिक्षुओं की मदद करने के साथ-साथ आतिथ्य उद्योग, वेल्डिंग, सिलाई मशीन ऑपरेटर, सोलर पीवी टेक्निशियन, इलेक्ट्रीशियन और फिटर के छह ट्रेडों में मुफ्त आवासीय प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। 45 से 65 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है और देश भर के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में लगभग 73% प्लेसमेंट के साथ छत्तीसगढ़ के लगभग 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने वेदांता स्किल स्कूल पर विचार साझा करते हुए कहा कि वेदांता समूह अपने तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल में सतत प्रगति के साथ ही सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से अपने प्रचालन क्षेत्रों में ऐसी परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने में विश्वास रखता है। देश के उत्तरोत्तर विकास में प्रशिक्षित युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। कौशल विकास केंद्र के जरिए युवाओं को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, वहीं प्रोजेक्ट कनेक्ट के जरिए जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। श्री पति ने कहा कि युवाओं के प्रतिभा प्रोत्साहन के लिए बालको प्रतिबद्ध है।वेदांता स्किल स्कूल के प्रशिक्षु पूर्णेश दरवेश ने कहा कि कौशल स्कूल में दाखिला लेना मेरे जीवन के सबसे अच्छे फैसलों में से एक रहा है। मैं खाद्य और पेय कार्यक्रम में प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुआ था। अपने परिवार को आर्थिक रूप से सहायता देने और पिता के साथ जिम्मेदारियों को साझा करने पर गर्व है।पूर्व छात्रा संतोषी धुर्वे ने आभार जताते हुए कहा कि स्किल स्कूल ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। आर्थिक रूप से परिवारजनों की मदद कर उन्हें गौरव की अनुभूति होती है। संस्थान ने आत्मनिर्भरता होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।बालको आसपास के युवाओं को प्रशिक्षण देने के अलावा, संस्थान इस क्षेत्र में रोजगार दर, जीवन की गुणवत्ता, असमानताओं को कम करने और जीवन के कई अन्य पहलुओं में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।