: जुआ खेलने वाले 06 आरोपियों को किया गिरफ्तार शिवरीनारायण पुलिस की कार्यवाही
Wed, Nov 22, 2023
*⏺️ आरोपी**(01) छत्रपाल केशरवानी उम्र 50 वर्ष निवासी खरौद थाना शिवरीनारायण**(02)भरत साहू उम्र 30 वर्ष निवासी खरौद थाना शिवरीनारायण**(03) बालाजी नोनिया उम्र 23 वर्ष निवासी खरौद थाना शिवरीनारायण**(4) खेदूराम कौशिक उम्र 32 वर्ष निवासी पेण्ड्री थाना पामगढ**(05)दुर्गेश्वर वर्मा उम्र 40 वर्ष निवासी पेण्ड्री थाना पामगढ**(06) कृष्ण कुमार कहरा उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम दुरपा थाना शिवरीनारायण**⏺️ आरोपियों के विरूद्ध धारा 3 (2) छ.ग. जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के तहत की गई कार्यवाही*
⏩ थाना शिवरीनारायण पुलिस को दिनांक 20.11.2023 को जरिए मुखबिर सूचना मिली की शिवरीनारायण क्षेत्र के ग्राम बेल्हा अमरईया खार में कुछ लोग रुपए पैसा का दाव लगाकर तास पत्ती से हार जीत नामक, काट पत्ती जुआ खेल रहे है की सूचना पर रेड कार्यवाही किया गया मौके पर आरोपी (01) छत्रपाल केशरवानी निवासी खरौद (02)भरत साहू निवासी खरौद (03) बालाजी नोनिया निवासी खरौद (4) खेदूराम कौशिक निवासी पेण्ड्री (05) दुर्गेश्वर वर्मा निवासी पेण्ड्री (06) कृष्ण कुमार कहरा ग्राम दुरपा को तास पत्ती से काट पत्ती नामक जुआ खेलते पाया गया जिसके कब्जे *जुमला कुल नगदी 12,850/ रूपये एवं दो गड्डी ताश, दो तालपत्री जप्त किया जाकर थाना शिवरीनारायण में आरोपियों के विरूद्ध दो प्रकरण अलग अलग अपराध क्रमांक 496/2023 एवम 497/2023 धारा 3(2) छ.ग. जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम छ.ग. 2022 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया जाकर आरोपियों के विरूद्ध जुआ अधिनियम के तहत कार्यवाही किया गया*।⏩उक्त कार्यवाही मे निरीक्षक अशोक द्विवेदी, प्र.आर. तारिकेश पाण्डेय, एवं आरक्षक तेरस साहू, श्रीकांत सिंह, महेन्द्रराज, डकेश्वर राय, नितेश बैश का सराहनीय योगदान रहा।
: महंत ने मतदाताओ - निर्वाचन में लगे कर्मियों व मीडिया का जताया आभार
Tue, Nov 21, 2023
विधानसभा निर्वाचन 2023 में सक्ती जिले के सक्ती विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. चरणदास महंत ने क्षेत्र के समस्त मतदाताओं और आम जनता का आभार व्यक्त किया है। लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढक़र मतदान में भाग लेने वाले युवा से लेकर वृद्ध और शारीरिक तौर पर अक्षम होने के बावजूद बूथ तक पहुंचकर मतदान करने वाले मतदाताओं के प्रति उन्होंने आभार जताया है साथ ही देश के चौथे स्तंभ प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक व शोसल मीडिया के अलावा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के समस्त कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवा दल और सभी अनुषंगी संगठनों के प्रति भी डॉ. महंत ने धन्यवाद ज्ञापित किया है। पूरे चुनाव प्रचार में एवं मतदान दिवस तक हर कदम पर साथ देने वाले समस्त सक्ती विधानसभा क्षेत्रवासियों, सामाजिक संगठनों, संस्थाओं के प्रमुखों के प्रति भी डॉ. महंत ने आभार जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने में लगे मतदान अधिकारियों, जिला प्रशासन, सुरक्षा में लगे पुलिस प्रशासन एवं कर्मियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
: श्रीसुदर्शन संस्थानम् में आयोजित हुआ गोपाष्टमी महोत्सव
Mon, Nov 20, 2023
रायपुर - प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री सुदर्शन संस्थानम् शंकराचार्य आश्रम रावाभांठा स्थित श्रीगोवर्धन गौशाला में गोपाष्टमी के उपलक्ष्य में गोपाष्टमी महोत्सव श्रद्धा भाव एवं परंपरागत तरीके से बड़े धूमधाम से मनाया गया। गौमाताओं को स्नान कराकर और सुसज्जित करके वेदमंत्रों के साथ गौमाता और बछड़ों का विधिवत पूजन किया गया। तत्पश्चात सभी ने गौमाताओं को खिचड़ी, चारा , गुड़ , पकवान एवं प्रसाद खिलाकर और गो परिक्रमा कर सुख , शांति की कामना की। गो पूजन पश्चात सर्वभूतहृदय यतिचक्र चूड़ामणि धर्मसम्राट स्वामी श्रीकरपात्रीजी महाराज का षोडशोपचार पूजन कर पं० रूद्र कृष्ण महाराज द्वारा गोपाष्टमी के दिन 07 नवंबर 1966 को दिल्ली में हुये गोरक्षा आंदोलन एवं गोसेवा - गोरक्षा - गौसंवर्धन और उनकी महत्ता पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। वहीं संध्या बेला में गौभक्तों ने गोशाला परिसर में भक्तिमय वातावरण में संकीर्तन करते हुये परिक्रमा लगाई और गोरक्षा का संकल्प लिया। गौशाला में गोपूजन के समय पं० रूद्र कृष्ण महाराज , पं०विमल दुबे , पं० ब्रजेश उपाध्याय , श्रीमति सीमा तिवारी , उत्तम शर्मा , शिवप्रसाद मिश्रा , श्रीमति वीणा मिश्रा , श्रीमति उमा उमेश साहू सहित शंकराचार्यजी के शिष्य परिवार विशेष रूप से उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि दीपावली के ठीक बाद आने वाली कार्तिक शुक्ल अष्टमी को गोपाष्टमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल अष्टमी के दिन ही मां यशोदा ने भगवान श्री कृष्ण को गाय चराने के लिये जंगल भेजा था। इस दिन गौ , ग्वाल और भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करने का महत्व है। हिंदू धर्म में गाय को माता का स्थान दिया गया है। कामधेनु के रूप में गाय माता सभी की मनोकामना पूर्ण करती हैं। मृत्यु के पश्चात जीव गाय माता की पूंछ पकड़ कर ही वैतरणी नदी को पार करता है।धर्म की मूल है गौमाता - पं० रूद्रकृष्णगोपाष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को पं० रूद्र कृष्ण महाराज ने बताया कि भारतीय संस्कृति में गाय को हमारे जीवन का अभिन्न अंग माना गया है। हमारे प्राचीन धर्मग्रंथों में गाय को पूजनीय मानकर हर पर्व और उत्सव पर गाय की पूजा की परंपरा को महत्व दिया गया है। हमारे पूर्वज गाय के अंदर विद्यमान उन तत्वों से परिचित थे जिनकी खोज इस युग में वैज्ञानिक कर रहे हैं। गाय धर्म की मूल है , उसके बिना कोई सद्कर्म और शुभकर्म नही हो सकती। “गवां अंगेषु तिष्ठन्ति भुवनानि चतुर्दश”- गाय के शरीर में चौदह लोक विराजते हैं।तुष्टास्तु गाव: शमयन्ति पापं , दत्तास्तु गावस् त्रिदिवं नयन्ति। संरक्षिताश्च उपनयन्ति वित्तं , गोभिर्न तुल्यं धनमस्ति किंचित।। - अर्थात प्रसन्न होने पर गायें सारे पाप , ताप को धो डालती हैं और दान देने पर सीधे स्वर्ग लोक को ले जाती है , विधिपूर्वक पालन करने पर धन , वैभव , समृद्धि का रूप धारण कर लेती है , गायों के समान संसार में कोई भी सम्पत्ति या समृद्धि नही है।जब कोई चीज वर्णशंकर बन जाती है तो उसका प्रभाव समाप्त हो जाता है इसलिये विदेशियों ने गाय को वर्णशंकर बना दिया। जब से हमने गौमाता का तिरस्कार किया है तब से वह अपने सारी शक्तियों को छिपा दी है। आज भी अगर उन्हें कोई वशिष्ठ , जमदग्नि जैसा गौपुत्र मिल जाये तो वह अपनी सारी शक्ति प्रकट कर देगी। भारतीयों ने जब से गौमाता की उपेक्षा की तभी से भारत की दुर्दशा का प्रारंभ हुआ है। ” गोसेवा सम पुण्य ना कोई” – गो सेवा के समान कोई पुण्य नही है , ये इहलोक और परलोक में भी हमारा उपकार करती है , पृथ्वी के सप्त आधारभूत स्तम्भों में गाय प्रमुख स्तम्भ है। गौमाता के गोमय , गोमूत्र सहित उनके श्वास , प्रश्वास में भी असुरत्व को नष्ट करने की शक्ति है। सर्वदेवमयी गौमाता चैतन्य , प्रेम , करूणा ,त्याग , संतोष ,सहिष्णुता आदि दिव्यगुणों से परिपूर्ण है। गाय के रोम रोम में सात्विक विकिरण विद्यमान है रहती है , इससे मनुष्य को धर्म , अर्थ , काम , मोक्ष चारों पुरूषार्थों की प्राप्ति होती है। बड़े दुख की बात है कि समस्त धर्मों , पुण्यों , सुख संपत्ति के भंडार एवं समस्त फलदायिनी गौमाता का वर्तमान में घोर तिरस्कार हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप देश में ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में रक्तपात , हिंसा , और उपद्रव आदि की भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है। अंत में महाराजश्री ने सभी लोगों से अपील करते हुये कहा कि अपने परिवार और परिवार के सदस्यों के साथ जब भी समय मिले गौशाला जरूर पहुंचे और गौ सेवा की इस मुहिम से जुड़े। उन्होंने कहा कि गौ माता आपके जन्म जन्मांतर के दुख़ दूर करेगी और आप ऐसा करके पुण्य के भागी बनेंगे।