: कोरबा में औद्योगिक प्रगति से हो रहा आर्थिक विकास
Mon, Oct 7, 2024
औद्योगिक विकास का असली मकसद है वहां रहने वाले नागरिकों को समृद्ध बनाना। समृद्धि का पर्याय उत्पादन और उत्पादकता के कीर्तिमानों भर से नहीं है बल्कि कारखाने से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से जुड़े नागरिकों के जीवन स्तर में उठाव और उनके चेहरों पर आने वाली मुस्कान ही विकास का असली मानदंड है। छत्तीसगढ़ में बालको की प्रगति का अर्थ सरकारी राजस्व में वृद्धि प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार के अवसरों में बढ़ोत्तरी, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिक्षा स्वावलंबन, बिजली, सड़क जैसी आधारभूत संरचना के विकास, पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन, प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसरों से भी है।
कोरबा एक औद्योगिक नगरी है जहां पर विभिन्न कंपनियां अपने विकास कार्यों से इसे नई उंचाईयों पर लेकर जा रहे हैं। इन्हीं में से एक बालको हमेशा अपने स्थानीय समुदाय के जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रयासरत रहा है। कर्मचारियों की भलाई के साथ-साथ कंपनी ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध रहा है।आज छत्तीसगढ़ में बिजली, कुशल श्रमिक, भरपूर खनिज तथा रॉ मटेरियल बहुतायत में उपलब्ध है जो इसे आधारभूत संरचना, स्टील, एल्यूमिनियम उद्योग आदि में निवेश के लिए सबसे आकर्षक स्थान बनाता है। बालकों ने विनिवेश के बाद दो दशकों में ऐसे रचनात्मक माहौल के प्रोत्साहन की वकालत की है जो अधिक से अधिक रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के सृजन की बात करता है।संयंत्र के माध्यम से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से छत्तीसगढ़ के स्थानीय नागरिक देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें, इस दिशा में निरंतर प्रयास किए गए हैं। इसी का परिणाम है कि आज बालकों में कार्यरत कुल मानव श्रम का अधिकांश हिस्सा छत्तीसगढ़ का है। इसी प्रकार 84 फीसदी नियमित कर्मचारी तथा 86 प्रतिशत आउटसोर्सड कर्मचारी छत्तीसगढ़ राज्य से हैं।कंपनी ने ‘पंछी परियोजना’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की 86 बेटियों के चयन और उनकी रूचि अनुसार उन्हें उचित शिक्षा दिलाने तथा उच्च औद्योगिक उपक्रम में काम करने के लिए प्रशिक्षित कर रहा है। इस कदम से उन बेटियों को कुछ नया कर दिखाने का हौसला मिलेगा जिनकी प्रगति की उड़ान पूरी तरह से थम चुकी थी। ‘पंछी परियोजना’ की मदद से ये महिलाएं विकास की मुख्यधारा से जुड़ कर दुनिया को यह दिखा सकेंगी कि अगर जज्बे को सही प्रेरणा मिल जाए तो आकाश की ऊंचाइयां इनके मजबूत इरादों के पंखों से जीती जा सकती हैं। दिव्यांग और थर्ड जेंडर समुदाय के युवा भी वेदांता समूह की प्रगतिशील परियोजनाओं का हिस्सा बनकर देश की आत्मनिर्भरता में योगदान करने में सक्षम हुए हैं।बालको अपने कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई नीतियां और योजनाएं लागू किया है। इनमें से कुछ नीतियां और योजनाएं हैं- बालको अपने कर्मचारियों के बच्चों के विकास में मदद करने के लिए पेरेंटहुड चाइल्डकेयर पॉलिसी प्रदान करता है। कर्मचारियों को नियमित समय पर वेतन तथा उत्कृष्ट कार्य के लिए निरंतर पुरस्कार एवं सम्मान देकर प्रोत्साहित किया जाता है। कर्मचारियों को उत्कृष्ट श्रेणी की सुविधाओं के साथ रहने एवं खाने के लिए क्वार्टर, हॉस्टल तथा कैंटीन उपलब्ध है। उत्पादकता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और सुरक्षा कार्यक्रमों की व्यवस्था है।बालको कर्मचारी अपने कर्तव्यों को सुरक्षित और कुशलता से पूरा करने के लिए कटिबद्ध हैं। कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों की भलाई, सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देकर बालको ने खुद को सफलता के लिए तैयार किया है।
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: रूपयों के लालच में वृद्ध व्यक्ति की हत्या करने का आरोपी जेल दाखिल
Sun, Oct 6, 2024
रायगढ़ - आसान रूपयों के लालच में आकर योजनाबद्ध तरीके से वृद्ध व्यक्ति के नृशंस हत्या करने के आरोपी को जूटमिल पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
इस अंधेकत्ल का खुलासा करते हुये पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने बताया कि गत दिवस 26 सितंबर के सुबह थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक मोहन भारद्वाज को सूचना मिली कि बाजीराव पारा गंधरी पुलिया के पास रहने वाले रमेश तिवारी उर्फ बब्बू महाराज (62 वर्ष) की उसके घर पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या कर दी गई है। सूचना पर तत्काल थाना प्रभारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कर अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे । पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के साथ एडिशनल एसपी , हेडक्वार्टर डीएसपी तथा साइबर सेल डीएसपी , साइबर सेल की टीम भी मौके पर पहुंची। मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट , फिंगर प्रिंट्स की टीम और डॉग स्क्वाड द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया । मृतक के घर काम करने वाली बाई- श्रीमती साधमती यादव (60 वर्ष) निवासी मौदहापारा जूटमिल ने बताई कि रोजाना की तरह सुबह आठ बजे बब्बू महाराज के घर काम करने पहुंची तो सामने आंगन का गेट भीतर से बंद था , तब पड़ोसियों की मदद से घर में प्रवेश करने पर पता चला कि बब्बू महाराज की हत्या हो चुकी है। पुलिस टीम ने घर के सभी कमरों की बारिकी से तलाशी ली गई , जिसमें घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर और मॉडेम गायब मिला जो आरोपी द्वारा साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से निकाल ले गया था। शव का पोस्टमार्टम कराकर शॉर्ट पीएम रिपोर्ट प्राप्त कर थाना जूटमिल में अज्ञात आरोपी पर हत्या और साक्ष्य छिपाये जाने का (अपराध क्रमांक 420/2024 धारा 103(1) , 238 बीएनएस अपराध पंजीबद्ध किया गया। एसपी दिव्यांग कुमार पटेल द्वारा एडिशनल एसपी आकाश मरकाम के नेतृत्व में हेडक्वार्टर डीएसपी अखिलेश कौशिक , साइबर डीएसपी अभिनव उपाध्याय , थाना प्रभारी जूटमिल के साथ साइबर सेल , थाना जूटमिल और दीगर थाना स्टाफ की अलग-अलग टीम बनाकर सभी को अलग-अलग कार्यों में लगाया गया। गठित टीम द्वारा पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन पर घटनास्थल सुरक्षित रखकर सिलसिलेवार तरीके से संदेहियों से पूछताछ , घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सभी एंगल पर हत्याकांड की जांच की जा रही थी। घटनास्थल से गायब डीवीआर को तलाश के लिये पुलिस टीम मृतक के घर के पीछे रेलवे ट्रैक के दोनों ओर काफी खोजबीन किया गया तथा नाला और आसपास सफाईकर्मियों की मदद से डीवीआर की खोजबीन जारी रखे हुये थी। आरोपी ने बताया उसे जानकारी थी कि बब्बू महाराज लोगों को रूपये उधार में देता था इसलिये बब्बू महाराज के पास काफी रूपये होने के अंदेशा हुआ और इनसे रूपये चुराने का योजना बनाकर घटना दिनांक 25 सितंबर को शाम करीब साढ़े सात बजे बब्बू महाराज के घर के पीछे के दरवाजे को तोड़कर घुसा और घर के आखरी वाले कमरे के नीचे पलंग में जाकर छिप गया था। बब्बू महाराज रात करीब नौ बजे आकर खाना बनाया और खाकर लेटा हुआ था , रात्रि करीब पौने बारह बजे मौका देखकर आरोपी दीपक यादव ने ड्रेसिंग टेबल के दराज (प्लाई लकड़ी का) निकालकर सोये अवस्था में बब्बू महाराज के सिर पर वार किया जिससे बब्बू महाराज जग गया और दोनों के बीच काफी संघर्ष हुआ। आरोपी ने कुर्सी से चोट पहुंचाया और अंतत: गमछा से फंदा बनाकर बब्बू महाराज का गला में खींचकर हत्या कर दिया और फिर तकिया के नीचे रखे चाबी से अलमारी को खोलकर अलमारी में रखे 10,500 रूपये चोरी किया। मकान से जाते समय कमरे से डीवीआर वायर को कटर से कटकर डीवीआर और मॉडेम को थैले मे लेकर मृतक के घर के पीछे रेल पटरी के किनारे घास के बीच में डीवीआर , मॉडेम के थैले को छुपा कर रखना बताया। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम पर डीवीआर , मॉडेम थैले की जप्ती की गई है तथा आरोपी से चुराई 10,500 रूपये और घटना में प्रयुक्त गमछा , घटना समय पहने कपड़े बरामद किये गये हैं । आरोपी दीपक यादव पिता स्व. मिलाऊ राम यादव उम्र 41 वर्ष निवासी बाजीराव मोदहापारा थाना जूटमिल , जिला रायगढ़ को पुलिस ने हत्या के अपराध में विधिवत गिरफ्तार का माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के कुशल नेतृत्व में थाना जूटमिल एवं साइबर सेल स्टाफ के साथ गठित टीम ने इस जटिल हत्याकांड का शीघ्र ही सटीकता से खुलासा किया। इस हत्याकांड के खुलासे में एडिशनल एसपी आकाश मरकाम , डीएसपी अखिलेश कौशिक , डीएसपी अभिनव उपाध्याय , निरीक्षक मोहन भारद्वाज , उप निरीक्षक गिरधारी साव , प्रधान आरक्षक सतीश पाठक , कृष्ण कुमार गुप्ता , रामनाथ बनर्जी , खीरेंद्र जलतारे , दिलदार कुरैशी , शिव वर्मा , आरक्षक विकास सिंह , तरुण महिलाने , सुशील यादव , जितेश्वर चौहान , नरेश रजत , लखेश्वर पुरसेठ , शशि भूषण साहू , बंसी रात्रे तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह , बृजलाल गुर्जर , रेणु मंडावी सिंह , आरक्षक धनंजय कश्यप , रविंद्र गुप्ता , प्रशांत पंडा , महेश पंडा , पुष्पेंद्र जटवार , जगमोहन ओग्रे , विकास प्रधान , विक्रम सिंह , नवीन शुक्ला , प्रताप बेहरा , परमानंद पटेल , सुदर्शन पांडे (छसबल) , महिला आरक्षक मेनका चौहान और धनुर्जय चंद बेहरा (पुसौर) , उत्तम सारथी (कोतवाली) , अखिलेश कुशवाहा (कोतरारोड़) सहित थाना जूटमिल , साइबर सेल के अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
: राम शब्द में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड समाहित है - पुरी शंकराचार्य
Sun, Oct 6, 2024
बिलासपुर - अपने राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के तहत तीन दिवसीय प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे पुरी शंकराचार्य स्वामीश्री निश्चलानन्द सरस्वतीजी महाराज ने आज पहले दिन अशोक नगर बिरकोना रोड स्थित अशोका वाटिका में हिन्दू राष्ट्र संगोष्ठी में धर्म , आध्यात्म और राष्ट्र से संबंधित जिज्ञासाओं के समाधान में उद्धृत किया कि जीविका जीवन के लिये है , जीवन जीविका के लिये नही। जीवन है जीवनधन जगदीश्वर की प्राप्ति के लिये। प्रसाद की अशुद्धि के संबंध में उन्होंने कहा न्यायालय का यह आदेश है कि शासनतन्त्र को धार्मिक क्षेत्र में हस्तक्षेप का अधिकार नही होता है। मठ , मंदिर का परिचालन मान्य आचार्यों के निर्देशन में होना चाहिये। गोहत्या की रक्षा के संबंध मे उन्होंने कहा कि महायंत्रों के प्रयोग से दिव्यता का विलोप होता है। ट्रेक्टर , मालगाड़ी आदि के प्रयोग से बैलगाड़ी का प्रचलन समाप्त हुआ और बैलों का उपयोग कृषि कार्य में बंद हो गया। सभी घरों में गो सेवा एवं गोपालन होना चाहिये तथा प्रत्येक क्षेत्र में सामूहिक गोचर भूमि गोवंशों के लिये सुरक्षित होनी चाहिये। सात्विक आहार विहार के पालन से कुसंगति में प्रवृत्ति नही होती है। राम शब्द की महत्ता के संबंध मे पुरी शंकराचार्यजी ने कहा कि राम शब्द मे शामिल र का तात्पर्य अग्नि से , आ की मात्रा का तात्पर्य सूर्य से और म का तात्पर्य चंद्रमा से है। अग्नि - सूर्य और चंद्रमा वाक् , दृष्टि एवं मन के प्रतीक है । इस प्रकार राम शब्द में सम्पूर्ण ब्रहाम्ड समाहित है। गौरतलब है कि राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के माध्यम से पूरे विश्व में सनातन धर्म के प्रचार – प्रसार एवं देश भर में सनातन संस्कृति के संरक्षण हेतु भारत भ्रमण पर निकले ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ जगन्नाथपुरी के पीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज आज सुबह बिलासपुर पहुंचे। अम्बिकापुर - दुर्ग एक्सप्रेस से उस्लापुर रेल्वे स्टेशन पहुंचने पर शिष्यवृंदों द्वारा कीर्तन वाद्ययंत्रों के साथ शंकराचार्यजी का भव्य स्वागत किया गया। इसके साथ ही पूरा स्टेशन धार्मिक जयकारों के साथ हम भारत भव्य बनायेंगे – हम हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे के जयघोष से गूंज उठा। स्वागत पश्चात वे सड़क मार्ग से बिरकोना रोड स्थित अशोक वाटिका पहुंचे जहां भी आरती पूजन कर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद प्रथम सत्र में उन्होंने धर्म , आध्यात्म और राष्ट्र से संबंधित परिचर्चा की , वहीं असंख्य शिष्यों ने महाराजश्री से दीक्षा भी लिया। इस कार्यक्रम के तहत 01 अक्टूबर को प्रात:कालीन सत्र में दोपहर बारह बजे से महाराजश्री का दर्शन - दीक्षा और हिन्दू राष्ट्र संगोष्ठी आयोजित है , जिसमें उपस्थित सनातनी भक्त वृन्द धर्म - राष्ट्र और आध्यात्म से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इसके पश्चात पुरी शंकराचार्यजी पत्रकारों से भी चर्चा करेंगे। वहीं सायंकालीन सत्र में पांच बजे से सात बजे तक पुन: दर्शन एवं श्रीशंकराचार्यजी के श्रीमुख से आध्यात्मिक संदेश श्रवण का सुअवसर सुलभ रहेगा। इसी कड़ी में 02 अक्टूबर को अपरान्ह दो बजे उस्लापुर रेलवे स्टेशन से रेलमार्ग से दुर्ग उधमपुर एक्सप्रेस से आगरा प्रस्थान के पूर्व श्रीशंकराचार्यजी का बारह बजे निवासस्थल अशोक वाटिका में ही दर्शन सुलभ रहेगा तथा महाराजश्री एक बजे अशोकवाटिका से उस्लापुर के लिये प्रस्थान करेंगे। धर्मसंघ पीठपरिषद् , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी संगठन ने पुरी शंकराचार्यजी के बिलासपुर आगमन के शुभ अवसर पर उपरोक्तानुसार प्रात:कालीन एवं सायं के सत्र में उपस्थित रहकर दर्शन तथा आध्यात्मिक संदेश श्रवण का लाभ लेने की सभी नगरवासी / क्षेत्र के लोगों से अपील की है। इसकी जानकारी श्रीसुदर्शन संस्थानम् , पुरी शंकराचार्य आश्रम / मीडिया प्रभारी अरविन्द तिवारी ने दी।