: एएसपी दीपमाला कश्यप हुई गोल्ड मेडल से सम्मानित
Wed, Sep 11, 2024
बिलासपुर - गत दिवस अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर का पांचवा दीक्षांत समारोह का गरिमामय आयोजन सम्पन्न हुआ। समारोह में विभिन्न विषयों पर पीएचडी , डिग्री एवं उच्च शिक्षा में प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त मेघावी छात्र छात्राओं को गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस दीक्षांत समारोह के दौरान 64 विषयों में 92 गोल्ड मेडल , 48 पीएचडी उपाधि और 35 हजार 291 विद्यार्थियों को विभिन्न उपाधियां प्रदान की गईं। वहीं 164 छात्राओं ने टॉप-10 में स्थान बनाकर अपनी कड़ी मेहनत और लगन का प्रमाण दिया। इस गरिमामयी दीक्षांत समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती दीपमाला कश्यप ( वर्तमान पदस्थापना जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा बिलासपुर) को बैचलर ऑफ लॉज़ में प्रवीण्य सूची में छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान मिलने पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधिपति प्रशांत मिश्रा , छत्तीसगढ़ प्रदेश के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका , प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय , उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं बिलासपुर विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ जनों की उपस्थित में गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। बताते चलें बिलासपुर में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय (शहर) उमेश कश्यप इनके पति हैं और रिशिता कश्यप तेरह वर्षीया एवं रित्विजा कश्यप नौ वर्षीया इनकी दो सुपुत्रियां हैं। एएसपी दीपमाला को गोल्ड मेडल मिलने से इनके परिवार के साथ - साथ पुलिस विभाग में भी हर्ष व्याप्त है। इनकी इस विशेष उपलब्धि पर सभी ने इन्हें शुभकामनायें एवं बधाई देते हुये इनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
: नहरिया बाबा मंदिर के दानपेटी चोरी करने के चार आरोपी जेल दाखिल
Wed, Sep 11, 2024
जांजगीर चाम्पा - सायबर टीम के संयुक्त कार्यवाही से लगभग छह सौ सीसीटीव्ही फूटेज चेक करने के बाद नहरिया बाबा मंदिर के दान पेटी को चोरी करने की घटना को अंजाम देने के तीन मुख्य आरोपी एवं चोरी के पैसा रखने के सहयोगी सहित चार आरोपियों को नैला चौकी पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस चोरीकाण्ड का खुलासा करते हुये पुलिस अधीक्षक महोदय विवेक शुक्ला (भापुसे) ने बताया कि विगत दिवस 25 अगस्त की दरम्यानी रात्रि में नहरिया बाबा मंदिर अंदर घुसकर कमरे का ताला तोड़कर कमरे में रखे दान पेटी को अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले गया है , जिसमे लगभग 90 हजार रूपया था। प्रार्थी प्रमोद कुमार तिवारी निवासी जांजगीर की रिपोर्ट पर थाना जांजगीर में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध कमांक 677/2024 धारा 331 (4) , 305 (ए) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया था। इसी दिनांक की दरम्यिानी रात्रि में नहरिया बाबा मंदिर के सामने रखे मोटरसायकल एच.एफ डिलक्स क्रमांक सी.जी 11 एके 4750 कीमती 50000 रूपये को अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले गया है प्रार्थी मनोज सूर्यवंशी निवासी जांजगीर की रिपोर्ट पर थाना जांजगीर में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध कमांक 679/2024 धारा 303(2) , 324 (4) (5) , 238 (ग) , 3(5) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया था। मंदिर में हुई चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुये विवेक शुक्ला (भापुसे.) पुलिस अधीक्षक जांजगीर चाम्पा के निर्देशन में अज्ञात आरोपियों की पतासाजी हेतु तत्काल टीम गठित किया गया। सायबर टीम/चौकी नैला पुलिस द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय राजेन्द्र कुमार जायसवाल के कुशल मार्गदर्शन में अज्ञात आरोपियों एवं चोरी गये मशरूका की लगातार पतासाजी की जा रही थी। विवेचना के दौरान सायबर सेल पुलिस जांजगीर द्वारा बारिकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। घटना में लगे सीसीटीव्ही को चेक करने पर तीन ब्यक्ति रेनकोट पहनकर अपने अपने चेहरा को कपड़े से ढका हुआ दिखा। घटनास्थल से सभी दिशाओं के सीसीटीव्ही फूटेज को चेक करने पर आरोपी घटनास्थल से मोटर सायकल चोरी कर बलौदा होते हुये सीपत , बिलासपुर शहर जाना पता चला। इसी क्रम में जांजगीर पुलिस द्वारा बिलासपुर जाकर संभावित स्थान में सीसीटीव्ही फूटेच को आसपास दिखाने पर एक व्यक्ति को धीरेन्द्र वैष्णव उर्फ टींकू निवासी भूकम्प अटल अवास थाना सरकण्डा बिलासपुर के रूप में पहचान करने पर संदेही धीरेन्द्र वैष्णव उर्फ टींकू उसके निवास से पकड़ा गया। जिसको घटना के संबंध में बारिकी से पूछताछ करने पर अपने अन्य सहयोगी विजय कुमार वैष्णव , रामायण केंवट दोनो निवासी हरदीकला टोना थाना सिरगिट्टी बिलासपुर के साथ मिलकर रात्रि में गतौरा रेलवे स्टेशन से ट्रेन से नैला रेलवे स्टेशन आना एवं नहरिया बाबा मंदिर का ताला तोड़कर दान पेटी को चोरी करना तथा वापस जाने का साधन नही होने से वहां पर खड़े मोटर सायकल हीरो एचएफ डिलक्स को चोरी कर उसी मोटर सायकल से तीनो बैठकर बलौदा , सीपत होते हुये बिलासपुर जाना एवं साक्ष्य छुपाने के लिये चोरी का मोटरसायकल एवं पहने हुये रेनकोट को जला देना बताया। प्रकरण के अन्य आरोपी विजय कुमार वैष्णव एवं रामायण केंवट दोनो निवासी हरदीकला टोना थाना सिरगिट्टी बिलासपुर को उसके निवास से पकड़कर तीनो आरोपियों से पृथक पृथक पूछताछ कर मेमोरेण्डम कथन दर्ज किया गया। आरोपियो के द्वारा चोरी का रकम को अपने साथी राजा ठाकुर उर्फ राज निवासी अशोक नगर खमतरई बिलासपुर के किराये के मकान में छुपाकर रखना बताया। आरोपियों द्वारा उक्त घटना कारित करना अपना अपना जुर्म स्वीकार किये जाने से नगदी रकम 37236 रूपये , मोटरसायकल (जला हुआ) कीमती पचास हजार रूपये एवं घटना में प्रयुक्त औजार को बरामद किया गया है तथा आरोपियों द्वारा शेष रकम को खा पीकर खर्च करना बताया गया।आरोपियों का कृत्य अपराध धारा सदर का सबूत पाये जाने से नैला चौकी पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। उपरोक्त कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार कुर्रे , निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी थाना प्रभारी जांजगीर , निरीक्षक दिनेश यादव थाना प्रभारी बम्हनीडीह , साइबर सेल प्रभारी उप. निरीक्षक पारस पटेल , चौकी प्रभारी नैला राकेश कुमार सूर्यवंशी एवं सायबर टीम से सउनि विवेक कुमार सिंह , प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा , विवेक सिंह , आरक्षक प्रदीप दुबे , गिरीश कश्यप , रोहित कहरा , शहबाज अहमद , अर्जुन यादव , चौकी नैला से सउनि आर.के. साहू , प्रधान आरक्षक भीम श्रीवास , रूद्र कश्यप , आरक्षक संतोष प्रधान एवं एसीसीयू बिलासपुर से आरक्षक तरूण केशरवानी का सराहनीय योगदन रहा।गिरफ्तार आरोपी -धीरेन्द्र वैष्णव उर्फ टींकू पिता फूलदास वैष्णव उम्र 24 वर्ष निवासी भूकम्प अटल अवास थाना सरकण्डा बिलासपुर , विजय कुमार वैष्णव पिता रामेश्वर वैष्णव उम्र 19 वर्ष निवासी हरदीकला टोना थाना सिरगिट्टी बिलासपुर , रामायण केंवट पिता छेदी केंवट उम्र 19 वर्ष निवासी हरदीकला टोना थाना सिरगिट्टी बिलासपुर और राजाठाकुर उर्फ राज पिता गोविंद सिंह ठाकुर उम्र 22 वर्ष निवासी भूकम्प अटल थाना सरकण्डा बिलासपुर हाल मुकाम अशोक नगर खमतरइ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ।
: प्रतिभाओं के विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण - महामहिम राज्यपाल
Wed, Sep 11, 2024
रायपुर - महामहिम राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान की गरिमामयी समारोह में वर्ष 2023-24 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। इस दौरान महामहिम राज्यपाल डेका ने कहा शिक्षक विद्यार्थियों को बड़ा सपना देखने प्रेरित और पूरा करने प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा देना सुनिश्चित करें। इस दौरान महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-2024 के लिये सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनायें भी दी। प्रदेश के तीन महान साहित्यकारों के नाम पर 03 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार तथा 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2024-25 के लिये चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा की। राजभवन के दरबार हॉल में आज आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में तीन उत्कृष्ट शिक्षकों बिलासपुर जिले की डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार , कबीरधाम जिले के राजर्षि पाण्डेय को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार और दुर्ग जिले की डॉ. श्रीमती सरिता साहू को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस तरह प्रधान पाठक , व्याख्याता , व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक , सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुये महामहिम राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रतिभाओं के विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज के प्रमुख नागरिक हैं , आजादी के 75 वर्ष बाद लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति में बड़ा परिवर्तन हो रहा , जिसका परिणाम भी अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में क्रांति हो रही है और शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति हो रही है। शिक्षक इस क्रांति का एक हिस्सा है। शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका बदल गया है , लेकिन इस बदलाव के साथ-साथ शिक्षा के गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा। बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास करने की जवाबदारी भी शिक्षकों की है। महामहिम डेका ने कहा कि माता-पिता एक बच्चे को जन्म देते हैं जबकि शिक्षक उस बच्चे के व्यक्तित्व को गढ़ते हैं और उसे उज्ज्वल भविष्य प्रदान करते हैं। शिक्षा के अलावा, शिक्षक बेहतर इंसान बनने के लिए मार्गदर्शन , प्रोत्साहन और प्रेरणा देने के लिये हर कदम पर हमारे साथ खड़े रहते हैं। शिक्षक ज्ञान और बुद्धि का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक देश उतना ही अच्छा होता है जितने उसके लोग , उसी प्रकार उसके नागरिक भी उतने ही अच्छे होते हैं जितने उसके शिक्षक। इसलिये बहुत कुछ शिक्षकों पर निर्भर करता है कि बच्चों को अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें। मैं सभी शिक्षकों को उनके जुनून , समर्पण , प्रतिबद्धता और योगदान के लिये सलाम करता हूं। महामहिम राज्यपाल डेका ने कहा कि शिक्षण सभी व्यवसायों की जननी है। शिक्षक दिवस हमें भविष्य की पीढ़ियों को और भी अधिक चुनौतियों का सामना करने और हमारे देश को मानव कल्याण के प्रति उच्च संवेदनशीलता के साथ एक उन्नत और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं की याद दिलाता है।देश उत्तम शिक्षा के मामले में हमेशा से समृद्ध - मुख्यमंत्री सायइस सम्मान समारोह को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में शिक्षक दिवस का जितना उत्साह और महत्व है वैसा शायद ही कहीं और देखने को नहीं मिलता। भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती को हम सब शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत देश उत्तम शिक्षा के मामले में हमेशा से समृद्ध रहा है। गणित के क्षेत्र में शून्य भारत ने ही विश्व को दिया , आर्यभट्ट जैसे वैज्ञानिक और भाष्कराचार्य जैसे गणितज्ञ भारत में ही पैदा हुये। नागार्जुन जैसे रसायनज्ञ यहाँ हुये। शिक्षकों ने देश को हमेशा नई दिशा दिखाई है। भले ही आज इंटरनेट की दुनिया में ज्ञान एक क्लिक पर उपलब्ध है लेकिन अनुभव भरा ज्ञान , संस्कारपूर्ण शिक्षा , जीवन जीने की कला , कौशल , उत्तम शैली की सीख केवल विद्यालयों में शिक्षकों के जरिये ही संभव है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी जरूरत को समझा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लेकर आये। इस नीति के माध्यम से हमारी शिक्षा में आमूलचूल बदलाव की संभावना तैयार हुई , जिसमें लोकल से वोकल तक के ज्ञान , सीख व समझ का समावेश किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हमने प्रदेश में भी लागू कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हमने प्रदेश में 9438 बालवाड़ियाँ आरंभ की हैं। हमने 18 स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की शुरुआत की है। इसके लिये किताबें बनाई हैं और शिक्षक इसे पढ़ा रहे हैं। यह बच्चों की नींव तैयार करने में काफी महत्वपूर्ण है। शिक्षा से नक्सलवाद का अँधियारा छँटने से बस्तर में अब शिक्षा की रोशनी भी तेजी से फैल रही है। बस्तर में वर्षों से बंद 29 स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है। सीएम साय ने कहा कि आधुनिक समय एआई तथा रोबोटिक्स का है। हमारे बच्चे भी इसमें पीछे नहीं रहेंगे। हमने आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के लिये भी स्कूलों में रोबोटिक्स तथा एआई की शिक्षा आरंभ कर दी है। नक्सल प्रभावित जिलों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए हम बिना ब्याज के शिक्षा ऋण दे रहे हैं। हमारा सबसे ज्यादा ध्यान कौशल विकास पर है। छोटे-छोटे ट्रेड में बच्चों को थोड़ा भी प्रशिक्षित कर दें , तो उनके लिये बेहतर भविष्य की राह खुल जाती है। हम हाइटेक स्कूल तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में पीएम श्री योजना के अंतर्गत 211 स्कूलों का शुभारंभ किया गया है। इसके अलावा 52 स्कूलों की और स्वीकृति मिल गई है। यहाँ गुणवत्तायुक्त शिक्षा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही है। हमारी सरकार ने 13 नगरीय निकायों में नालंदा की तरह हाइटेक लाइब्रेरी की स्थापना का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने स्कूलों में न्योता भोज की भी पहल की है, इससे सामुदायिक सहयोग से स्कूलों में बच्चों को रूचिकर पोषण आहार मिल रहा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन के साथ प्रतिवेदन का वाचन किया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने किया। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने महामहिम राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय को स्मृति चिन्ह स्वरूप पुस्तक भेंट की। कार्यक्रम में आयुक्त जनसंपर्क मयंक श्रीवास्तव , राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय , समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजीव झा , राज्यपाल की संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी , शिक्षक , पत्रकारगण उपस्थित थे।