: नवपदस्थ एसपी संतोष सिंह ने किया कार्यभार ग्रहण
Wed, Feb 1, 2023
बिलासपुर - जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने आज अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया , एसएसपी श्रीमति पारुल माथुर ने उन्हें एसपी का चार्ज सौपा। इसके पहले नवपदस्थ एसपी को गॉड ऑफ़ ऑनर दिया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेंद्र जायसवाल , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राहुल देव शर्मा , सीएसपी कोतवाली पूजा कुमार , सिविल लाइंस सीएसपी संदीप पटेल , हेड क़्वाटर डीएसपी राजेश श्रीवास्तव सहित पुलिस अधिकारी मौजूद थे। जिले के एसपी कार्यालय में अपना पदभार गृहण करने के साथ अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से चर्चा की। आईपीएस एसपी संतोष सिंह ने कहा बिलासपुर जिला मेरे लिये अतिमहत्वपूर्ण है। जिसमें एक अच्छा लायन आर्डर और क्राइम कंट्रोल करना बहुत जरुरी है। इसके लिये हम कोशिश करेंगे कि बेहतर पुलिसिंग हो सके। इसमें बेहतर लायन आर्डर और क्राइम कंट्रोल अच्छा रहे। मेरी कोशिश होगी कि पुलिस और पब्लिक के बीच की दूरियां कम हो , अपराधियों में कसेंगे लगाम , नशा और अपराध के खिलाफ चलाया जायेगा विशेष अभियान। उन्होंने ये भी कहा कि न्यायधानी में क्राइम रेट को कम करने संयुक्त मोर्चा अभियान चलायेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैं बिलासपुर की कमान लेते ही दो चीजों पर जिले के पुलिस अधिकारियों को फोकस करने का निर्देश दिया हूँ , इसमें पहला नशे के खिलाफ निजात अभियान और ट्राफिक एक्सीडेंट और डेथ रेट पर त्रिपल पीई मॉडल पर काम किया जाये। इसके अलावा अवैध कारोबारी और गुटबाजियों पर भी लगाम लगाया जायेगा। साथ ही जो अपराधी है और बेखोफ घूम रहें है। जिनमे अपराध करने के बाद भी कोई भय नहीं होता। ऐसे अपराधियों पर सख्ती बरतने का काम करेंगे। यानि अपराधियों पर शिकंजा और आम लोगो में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये भरोसा बढ़ाया जायेगा। पुलिस और पब्लिक के फासले कम होंगे।
उल्लेखनीय है कि संतोष सिंह की छवि एक शांत सौम्य एवं शालीनता पूर्वक अपने कार्य को संपन्न करने एवं सकारात्मक परिणामों के लिये जाने जाते रहे हैं। इसके पहले ये छह जिले के एसपी रह चुके है और बिलासपुर उनका सातवां जिला है। शुरुआत उन्होंने नारायणपुर जिले से की थी उसके बाद महासमुंद , रायगढ़ ,राजनांदगांव ,कोरिया ,कोरबा और अब बिलासपुर जिले के कप्तान बनकर जिले का दायित्व सम्हाल रहे हैं। अपनी स्थापना के दौरान वे महासमुंद , रायगढ़ , कोरिया , राजनांदगांव एवं कोरबा आदि में निर्विवाद कार्य करते हुये सफलता से अपना कार्यकाल संपन्न कर चुके हैं। वे महासमुंद एवं अन्य आदिवासी क्षेत्रों में अपनी सहज , सुलभ कार्यशैली से सकारात्मक परिणाम दे चुके अधिकारी के रूप में आज भी जाने जाते हैं। वही रायगढ़ में अपने कार्यकाल के दौरान महानदी की बाढ़ पीड़ितों एवं कोरोना महामारी की दोहरी विभीषिका में आमजनों के बीच स्वास्थ्यगत समस्याओं एवं अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुओं को बाढ़ प्रभावितों एवं दूर-दराज इलाकों में निजी प्रयासों द्वारा इनकी उपलब्धता हेतु उनके द्वारा किये गये प्रयासों के लिये इन्हें जाना जाता है। इनको महासमुंद जिले में कार्य करने के दौरान चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग को बढ़ावा देने के एवज में आईएसीपी अवार्ड मिला था। रायगढ़ में तैनाती के दौरान ही उन्हें क्राइम कंट्रोल के लिये तीन बार इंद्रधनुष अवॉर्ड भी दिया गया। कोरबा जिले में भी इन्हें बेहतर काम के चलते अवॉर्ड मिला था। ये अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड से भी सम्मानित हो चुके है। देश विदेश में "निजात अभियान" के नाम से फेमस है और इसके लिये उन्हें पुरस्कार भी मिला है। ये जिस जिले में रहे वहां पर इन्होंने निजात अभियान पर जोर डाला और नाम कमाया।
: अंधेकत्ल के तीन आरोपी जेल दाखिल
Wed, Feb 1, 2023
जांजगीर चांपा - पूर्व में किये हुये रिपोर्ट में राजीनामा नहीं होने की बात को लेकर हुये अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने में नैला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्या के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया , जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय अनिल सोनी ने इस अंधेकत्ल का खुलासा करते हुये बताया कि चौकी नैला के मर्ग क्र० 11/2023 धारा 174 जा० फौ० मृतक प्रदीप कुमार चौबे उम्र 40 वर्ष निवासी बिरकोनी चौकी नैला के मर्ग जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य संकलित किया गया। मृतक के शव का पंचनामा कार्यवाही बाद शव का पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल जांजगीर रवाना किया गया , जो मृतक के शव को अधिक जले होने से डॉक्टरों की टीम द्वारा सिम्स बिलासपुर रिफर करने पर शव का पोस्टमार्टम सिम्स में कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर क्यूरी भी कराई गई , जिस संबंध में मृतक के परिजनों का कथन लिया गया। जिन्होंने अपने कथन में गांव के शशिकांत शर्मा तथा सनत शर्मा से पुराने प्रकरण में राजीनामा होने की बात को लेकर आये दिन विवाद करना , धमकी देना तथा संजय श्रीवास को रात्रि आठ बजे करीब प्रदीप चौबे के साथ घटना स्थल के कुछ दूर के घर में जाकर माचिस मांगने की बात बताते हुये तीनों पर प्रदीप चौबे की हत्या करने का संदेह व्यक्त किये। सम्पूर्ण मर्ग जांच में मृतक प्रदीप कुमार चौबे को डण्डा से प्राणघातक हमला करने से मृतक प्रदीप कुमार चौबे को मृत होना जानकर पैरा में रखकर जलाकर साक्ष्य को नष्ट करने का प्रयास करना पाया गया है , जो प्रथम दृष्टया धारा 302 , 201 , 34 भादवि० का घटित होना पाये जाने से अपराध क्रमांक 100 / 23 धारा 302 , 201, 34 , 120बी का अपराध सदर पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुये प्रकरण के संदेहियों शशिकांत शर्मा , सनत शर्मा एवं संजय श्रीवास को पुलिस हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर विगत 22 जनवरी को पूर्व में किये हुये रिपोर्ट में राजीनामा नहीं होने की बात को लेकर प्रदीप चौबे की हत्या कर लाश को ठिकाना लगाने की योजना बनाकर तीनों पेट्रोल डिब्बा एवं डण्डा लेकर प्रदीप चौबे के पास में गये। नशे में धुत प्रदीप चौबे को डण्डा से सिर में ताबड़तोड़ प्राणघातक हमला करने लगे जिससे मौके पर ही प्रदीप बेहोश हो गया , जिसे बेहोशी के हालत में पास के पैरावट के ढेर में घसीटते हुये ले गये। पैरावट के ढेर में रखकर पेट्रोल छिड़कर पैरावट में आग लगाकर जला दिये। आरोपियों द्वारा अपना जुर्म स्वीकार करने पर घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल , डण्डा तथा पेट्रोल बाटल और खून लगे कपड़े को बरामद किया गया। प्रकरण के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर आज न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इन आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में निरीक्षक आर०एन० कुजूर , सउनि० सियाराम यादव , आरक्षक भूषण राठौर , डमरु सिंह , सुनील सिंह ठाकुर एवं जितेश राजपूत का सराहनीय योगदान रहा।
: बालको ने सर्वश्रेष्ठ जन जागरूकता कार्यक्रम के लिए जीता पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार-2022
Wed, Feb 1, 2023
बालकोनगर, 1 फरवरी, 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने 44वें पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) द्वारा आयोजित अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन, भोपाल में सर्वश्रेष्ठ जन जागरूकता कार्यक्रम श्रेणी में प्रथम पुरस्कार हासिल किया। मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री कैलाश विश्वास सारंग के हाथों द्वारा श्री विजय वाजपेयी सह प्रबंधक कंपनी संवाद विभाग, बालको को पुरस्कार प्रदान किया गया जो संचार के माध्यम से समुदाय को संवेदनशील बनाने में बालको के योगदान को दर्शाता है।यह पुरस्कार ‘सारिका-दोंद्रो की नई किरण’ के माध्यम से समुदायों में माहवारी से जुड़े मिथकों को दूर करने के लिए उद्देश्यपूर्ण संचार का उपयोग करने में बालको के प्रयासों को मान्यता देता है। लघु फिल्म की मुख्य किरदार सारिका कंवर की कहानी जो बालको के प्रोजेक्ट नई किरण के अंतर्गत माहवारी के प्रेरक अभियान का अनुसरण करती है और स्थानीय समुदायों के बीच इसके प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करती हैं।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने पुरस्कार के लिए बालको परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। कंपनी अपने सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय के लोगों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पुरस्कार विभिन्न अवसरों पर अनेक इंटरैक्टिव गतिविधियों में नागरिकों को शामिल करके क्षेत्र में महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने के हमारे प्रयासों का प्रमाण है। 'सारिका' केवल एक लघु फिल्म नहीं है बल्कि परिवर्तन की एक किरण है जो पूरे क्षेत्र और राज्य में सभी मिथकों को दूर कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का काम कर रही है। बालको में हम माहवारी से जुड़े मिथकों को दूर करने और माहवारी स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में जागरूकता फैलाने के अपने प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम अपने सामुदायिक विकास कार्यों से क्षेत्र में महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु कटिबद्ध हैं।बालको ने सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से वर्ष 2019 में ‘नई किरण’ परियोजना की शुरूआत की। कोरबा जिले के 45 गांव इस अभियान में शामिल हो चुके हैं। इस परियोजना ने लगभग 600 किशोर लड़कियों, स्वयं सहायता समूहों की 200 महिलाओं और अब तक लगभग 60 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के साथ क्षमता निर्माण और नेतृत्व सत्र शुरू किया है। उन्हें ऐसे लीडर्स के तौर पर विकसित किया गया है जिससे वे समुदाय में जाकर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति बालिकाओं और महिलाओं को जागरूकता फैलाने में अग्रणी हो। एक समावेशी कदम में परियोजना ने पुरुषों को भी संवेदनशील बनाने की दिशा में काम किया है। 2022 में माहवारी स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी मुद्दों पर परामर्श प्रदान करने और माहवारी से संबंधित प्रश्नों के समाधान के लिए गांवों में चार स्वास्थ्य सुविधा केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। अबतक परियोजना से लगभग 45,000 महिलाओं, पुरुषों एवं किशोरी बालक और बालिकाओं को नुक्कड़ नाटक, जागरूकता अभियान द्वारा संवेदनशील बनाया गया है।पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) जनसंपर्क के क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों का राष्ट्रीय संगठन है। वर्ष 1958 में संगठन की स्थापना के बाद जनसंपर्क व्यवसाय के प्रति जागरूकता के संचार के क्षेत्र में देश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां पाई हैं। इसने एक पेशे के रूप में जनसंपर्क की मान्यता को बढ़ावा देने और रणनीतिक प्रबंधन कार्य के रूप में जनसंपर्क के उद्देश्यों और संभावनाओं को जनता के लिए तैयार करने और व्याख्या करने के लिए अथक रूप से काम किया है।
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