: स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार करने के पांच आरोपी गिरफ्तार
Sun, Jun 15, 2025
दुर्ग - मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रेड कार्यवाही कर स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भण्डाफोड़ करते हुये थाना सुपेला चौकी स्मृतिनगर पुलिस ने स्पा सेंटर के संचालकों सहित तीन ग्राहकों को अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय भेज दिया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्रीमति पद्मश्री तंवर ने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से इस मामले का खुलासा करते हुये बताया जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने हेतु लगातार पेट्रोलिंग करने के निर्देशानुसार गत दिवस 14 जून को सूर्या मॉल स्थित स्पों सेंटरों में स्पा सेंटर के नाम पर अवैध रूप से देह व्यापार कराये जाने के संबंध में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई। उक्त सूचना पर टीम बनाकर व प्वॉइंटर भेजकर रेड कार्यवाही करते हुये सूर्या मॉल स्थित कुल आठ स्पॉ सेंटरों में दबिश देकर चेकिंग कार्यवाही की गई। मौके पर ब्लू एलीजा स्पा सेंटर की संचालिका श्रीमती अहिल्या सागरवंशी उम्र 36 वर्ष निवासी सिकोला भांठा दुर्ग थाना मोहननगर एवं सेंस स्पा सेंटर की संचालिका पूजा सुधु उम्र 32 वर्ष निवासी पावर हाउस छावनी के स्पा सेन्टर को चेक किया गया। आपत्तिजनक वस्तु , पाँच नग रजिस्टर , दो हजार रूपये तथा स्या सेंटर के रूम में ग्राहक योगेश कुमार देवागन , संतोष कुमार देवांगन , कमलेश देवांगन मिले। जिनके पास भी आपत्तिजनक वस्तु एवं विभिन्न कम्पनी के तीन नग मोबाईल को जप्त किया गया। आरोपीगण श्रीमती अहिल्या सागरवंशी , श्रीमती पुजा सुधु , योगेश कुमार देवांगन , संतोष देवांगन और कमलेश देवागन के विरुद्ध अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धारा 3 , 4 , 5 ,7 साथ ही एलोरा स्पा में आपत्तिजनक वस्तु प्राप्त होने पर संचालिका के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किया जाकर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। उक्त कार्यवाही नगर पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश तिवारी , उप पुलिस अधीक्षक नवी मोनिका पाण्डेय के निर्देशन में हुआ , जिसमें महिला थाना प्रभारी निरीक्षक श्रद्धा पाठक , उप निरीक्षक गुरुविन्दर सिंग संधु , सहायक उप निरीक्षक संगीता मिश्रा , आरक्षक तुषार छेदैया, जी. लक्ष्मीनारायण , संतोष निर्मलकर , सविन्दर सिंग का सराहनीय योगदान रहा।गिरफ्तार आरोपीगण -योगेश कुमार देवागन उम्र 39 वर्ष निवासी - नवागांव , जिला - धमतरी , संतोष कुमार देवांगन उम्र 43 वर्ष निवासी - फिमेशवर , जिला - गरियाबंद , कमलेश देवांगन उम्र 35 वर्ष निवासी - राजिम , जिला - गरियाबंद , अहिल्या सागरवंशी 36 वर्ष निवासी - सिकोला भांठा दुर्ग और पूजा सुधु 32 वर्ष निवासी - छावनी , जिला - दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
: बालको ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्बन न्यूट्रैलिटी और वॉटर पॉजिटीविटी संकल्प को दोहराया
Thu, Jun 5, 2025
बालकोनगर, 04 जून 2025।* वेदांता समूह की इकाई भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। कंपनी ने मिक्स रिन्यूबल एनर्जी के उपयोग, जल संरचनाओं के पुनरुद्धार और वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह कंपनी के वर्ष 2030 तक ‘नेट वाटर पॉजिटिविटी’ और 2050 तक ‘नेट ज़ीरो कार्बन एमिशन’ प्राप्त करने के लक्ष्य के अनुरूप हैं।
बालको ने अपने प्रचालन में मिक्स रिन्यूबल एनर्जी का उपयोग बढ़ाया है, जिससे वित्तवर्ष 2025 में 1.6 लाख टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आई है। एनर्जी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए कंपनी ने अपने पॉटलाइन में एक उन्नत रीलाइनिंग डिज़ाइन को अपनाया है, जिससे प्रति मीट्रिक टन उत्पादन में 400 किलोवाट-घंटे तक ऊर्जा की बचत हुई है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देते हुए कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही को अधिक कुशलता से प्रबंधित किया गया, जिससे उत्सर्जन में और कमी आई है।
जल संरक्षण के क्षेत्र में बालको ने 5.20 मिलियन क्यूबिक मीटर से अधिक जल का पुनर्चक्रण किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। कंपनी ने अपने आसपास के समुदाय में 28 जल संरचनाओं जैसे कि फार्म तालाब और सामुदायिक जलाशय का पुनरुद्धार किया, जिनकी कुल संग्रहण क्षमता 39,000 घन मीटर से अधिक है, जिससे भूजल में वृद्धि और कृषि को सहायता मिली है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी हमारी विकास नीति के केंद्र में है। पर्यावरणीय नेतृत्व, रिन्यूबल एनर्जी और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में हमारी केंद्रित पहल के माध्यम से हम एक लचीली पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करने की दिशा में कार्यरत हैं, जो सर्कुलर इकोनॉमी और औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी करे।कंपनी ने वनीकरण की अपनी पहल के अंतर्गत खनन क्षेत्रों, ऐश डाइक और समुदाय के आसपास 52,000 से अधिक पौधा रोपण किया है। कंपनी अपने प्रचालन में इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट और टाउनशिप में कचरा प्रबंधन हेतु इलेक्ट्रिक वाहनों की तैनाती की है, जिससे स्वच्छ, ऊर्जा-कुशल और कार्बन फुटप्रिंट में कमी संभव हुए हैं।बालको ने ‘ट्रांसफॉर्मिंग द प्लेनेट’ संकल्प के तहत संचालन क्षेत्रों को ऐश-फ्री बनाए रखने के साथ-साथ फ्लाई ऐश का उपयोग ईंट व सीमेंट निर्माण, अधोसंरचना विकास, सड़क निर्माण और खदानों की भराई सहित कई क्षेत्रों में सफलतापूर्वक किया है।वित्तीय वर्ष 2025 में अपने पर्यावरणीय दायित्व को और मजबूत करते हुए, बालको ने कई प्रमुख सस्टेनेबिलिटी विकास पहल को अपनाया है। इनमें संयंत्र परिसर में प्लास्टिक-मुक्त क्षेत्र का विकास, कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहन स्वरूप सब्सिडी, स्थानीय जैव विविधता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नेचर वॉक और स्वच्छता अभियान का आयोजन, देशी और विदेशी पौधों की प्रजातियों को प्रोत्साहित करने हेतु बागवानी प्रतियोगिताएं तथा छत्तीसगढ़ की पारिस्थितिक समृद्धि को उत्सव के रूप में मनाते हुए सामुदायिक अभियान के माध्यम से पर्यावरणीय संवेदनशीलता को बढ़ावा देना शामिल है।
: रेसलर प्रतीक ने की पुलिस अधीक्षक पाण्डेय से सौजन्य मुलाकात
Thu, Jun 5, 2025
जांजगीर चांपा - राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश विदेश में आयोजित मौत के मुकाबले में भारत का नाम रोशन करने वाले छत्तीसगढ़ के एकमात्र नामी रेसलर प्रतीक तिवारी ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय (आईपीएस) से सौजन्य मुलाकात की। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक ने मौत के मुकाबले में भारत की ओर से जीत हासिल करने की बधाई देते हुये उनका कुशलक्षेम जाना और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुये इसी तरह से मुकाबला जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का शुभाशीष प्रदान किया। उन्होंने रेसलर से मौत के मुकाबले में होने वाली कठिनाई / अनुभव और डेथ मैच की हर एक छोटी बातों पर विस्तृत चर्चा भी की। पुलिस अधीक्षक द्वारा मैच के बारे में पूछे जाने पर रेसलर ने बताया कि जीत से ज्यादा मायने मैच में टिकना जरूरी हैं। कभी हाथ पैर टूट जाते है तब भी मैच चलता रहता है और ये सब सहने के लिये हमको बहुत सारी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। मैच में किल , तार , बेस बाल , टेबल , सीढ़ी , चेयर , ट्यूबलाइट सबसे मार पड़ने के कारण कभी - कभी किसी की जान भी चली जाती है। रिंग में हम सिर्फ अपने देश के लिये लड़ते है , वहां जान या परिवार के बारे में कभी नहीं सोचते। अब तक के हुये महत्वपूर्ण मैच के बारे में रेसलर ने बताया कि वर्ष 2016 में देहरादून , हल्द्वानी और लुधियाना में , वर्ष 2017 में इंदौर में , वर्ष 2018 में सिरोही , बीकानेर , बिजनौर , सुजानगढ़ , श्रीगंगा नगर में भाग लेकर जीत का परचम लहराया है। रेसलर प्रतीक तिवारी ने आगे बताया कि यह मौत का मुकाबला एक मैच ना होकर दो रेसलरों के बीच जिंदगी की जंग भी होती है , इसमें कोई भी नियम नहीं होता और बेस बॉल के साथ फेंसिंग तार , टेबल के साथ किल ट्यूब स्टिक , कैंडल स्टिक , चेयर , टेबल लैडर का उपयोग किया जाता है। यानि हर रेसलर अपनी जीत तय करने के लिये किसी भी हद तक जा सकता है , चाहे प्रतिद्वंदी का जान भी क्यों ना चली जाये। देश विदेश में आयोजित इवेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला इकलौता रेसलर ने कहा कि रेसलिंग ही हमारा प्रथम और अन्तिम लक्ष्य है। हर इवेंट्स में हम अपनी तिरंगा लहराने के लिये जान की बाजी लगा देते हैं। आर या पार की बात पर दो टूक जवाब पर अपनी इच्छा प्रकट करते हुये प्रतीक ने कहा कि मौत के मुकाबले में जिंदा रहे तो तिरंगा लहरायेंगे और रिंग में सांस रुकी तो तिरंगा से ही लिपट कर घर वापस भी आयेंगे। इसी क्रम में पुलिस कप्तान महोदय ने हाल ही में आयोजित भारत वर्सेस पाकिस्तान मुकाबले के लिये भी अपनी महत्वपूर्ण सुझाव , मार्गदर्शन प्रदान की। उन्होंने रेसलर के जज्बे और देश प्रेम की सराहना की और उनका पीठ थपथपा कर आशीर्वाद देते हुये कहा कि हम आपके साथ हैं और जब भी हमारी जरूरत पड़ेंगी - हमारा पूरा सहयोग आपको मिलेगा।
गौरतलब है कि रेसलर की दुनियाँ में द लायन के नाम से सुप्रसिद्ध रेसलर प्रतीक तिवारी जांजगीर चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम अमोरा ( महंत) निवासी श्रीमति मंजू रामगुलाम तिवारी के इकलौते सुपुत्र हैं। बारहवीं तक की शिक्षा अपने गांव में ही पूरी करने के बाद इन्होंने ग्रेजुएशन किया है। अपने निवास पर पत्रकार वार्ता में अरविन्द तिवारी से चर्चा करते हुये प्रतीक ने बताया कि उनके पिता रामगुलाम तिवारी खली के बड़े फैन हैं। मैंने जब से होश सम्हाला एंटरटेनमेंट के नाम पर उन्हें टीवी पर फाइट देखते ही पाया। मन ही मन मैंने तय कर लिया था कि रेसलर ही बनना है। तेरह साल की उम्र में घर पर ही जिम बनाकर एक्सरसाइज करने लगा। मेरी लगन देखकर पैरेंट्स भी खली के पास ट्रेनिंग के लिये भेजने राजी हो गये।जिसके बाद उन्होंने अपने इकलौते बेटे को रेसलिंग में भेजने का ठान लिया और द ग्रेट खली के पास प्रशिक्षण के लिये पंजाब भेजा। तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद ट्रेनिंग लेकर प्रतीक अब तक दो सौ से अधिक रेसलिंग में हिस्सा लेकर कई राज्यों सहित विदेशी रेसलरों को भी रिंग में धूल चटा चुका है। प्रतीक ने अपने लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर बताया कि उनका पहला और अंतिम लक्ष्य रेसलिंग ही है। वे अपनी प्रतिभा को लोगों के सामने लाना चाहते हैं ताकि दूसरे को प्रेरणा मिल सके। कई विदेशी रेसलरों को हराकर चैंपियनशिप बेल्ट हासिल करने के बाद प्रतीक पिछले बार अपने गृह राज्य की राजधानी में आयोजित प्रो रेसलिंग में भी भारत की तरफ से अपनी जान की बाजी लगा दी थी। इसमें प्रतीक का मुकाबला नेपाल के प्रोफेशनल रेसलर अमित ऐस्सनसन से हुआ। बता दें अमित ऐस्सनसन टैग टीम चैंम्पियन है। ये दंगल शो में बैंगलोर , राजस्थान , वाराणसी , मथुरा , छतरपुर , नोएडा के अलावा थाईलैण्ड में भी अपनी जलवा दिखा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि यह मौत का मुकाबला एक मैच ना होकर दो रेसलरों के बीच जिंदगी की जंग भी होता है , जिसमें अपनी जीत दर्ज करने के लिये सभी रेसलर हर चुनौती को स्वीकार करने को तैयार होते हैं। कई इंटरनेशनल फाइटरों को धूल चटाने वाले प्रतीक ने आखिरकार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित मौत के मुकाबले में भी अपनी जीत दर्ज कर अपने जिला और प्रदेश का नाम रोशन किया है।