: बांकीमोंगरा थाना परिसर में थाना प्रभारी व स्टाफ ने किये शस्त्र कि पूजा
Sat, Oct 16, 2021
विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजा वर्षों से चली आ रही है कोरबा जिला के बांकीमोंगरा थाना दशहरा के मौके पर पुलिस ने शस्त्र पूजा किया गया । इस दौरान पारंपरिक तरीके से शस्त्र की पूजा किया गया वहीं सुरक्षा के लिए प्रयुक्त किये जाने वाले राइफल को परिसर में निकाल कर उनकी पूजा कर इनकी नुमाइश लगाई गई थी । साथ ही पुलिस ने शक्ति प्रदर्शन कर यह संदेश भी दिया कि इन सुरक्षा उपकरणों से पुरी तरह से लैस है और पुरी मुस्तैदी से शहर की सुरक्षा में तैनात रहेंगे । थाना प्रभारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार प्रभु श्री राम रावण का वध दशहरा के दिन ही किया था इस जीत के बाद भगवान श्रीराम द्वारा असत्य पर सत्य को जीत दिलाने वाले शस्त्रों की पूजा की थी । इसी तरह वर्षों पहले से ही शस्त्रों की पूजन करने की पंरपरा चली आ रही है शस्त्रों की पूजा के पीछे आमजन कि सुरक्षा व शांति स्थापित करने की कामना होती है भारत में भी वर्षों से यह पंरपरा रही हैं कि अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग निर्बल व असहाय लोगों की सुरक्षा के साथ ही समाज में शांति व्यवस्था कायम रखने की जाए । यह परंपरा को पुलिस विभाग द्वारा आज भी निभाया जा रहा है इसी के अनुसार सभी क्षेत्रों में विधिविधान के साथ मंत्रोच्चार करते हुए शस्त्रों की पूजा की जाती हैं । इस दौरान बांकीमोंगरा थाना प्रभारी ( निरक्षक ) रामेंद्र सिंह , सहायक उप निरीक्षक देवी प्रसाद साहु , कृष्णपाल कंवर , आर.रोहित राठौर , गोपाला महानंद , संतोष कंवर , टंडन , म.आर.मीना केंवट , रेखा , कल्पना डहरिया , सहित थाना के सभी स्टाफ मौजूद रहे ।
: असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है दशहरा - अरविन्द तिवारी
Fri, Oct 15, 2021
रायपुर - दशहरा हिंदुओं का एक प्रमुख एवं राष्ट्रीय पर्व है जिसे आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमीं तिथि को देश भर में बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये अरविन्द तिवारी ने बताया भगवान श्रीराम ने आज ही के दिन रावण का वध किया था तथा दस दिन के युद्ध के बाद देवी दुर्गा ने महिषासुर पर विजय प्राप्त किया था , इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। दशहरा का पर्व हमें अच्छाई की जीति आशा के साथ नेक कार्यों में भरोसा करना सिखाता है। आज के दिन असत्य पर सत्य की जीत होने की वजह से सभी लोगों को यह प्रण लेना चाहिये कि वह अपने मन की बुराइयों को मारेंगे। दशहरा के दिन कई लोग अपने घरों में पूजन करते हैं। आज के दिन जगह-जगह मेला लगता है , रामलीला का आयोजन होता है जिसमें भगवान राम की वीरगाथा दिखायी जाती है और रावण का विशाल पुतला बनाकर उसे जलाया जाता है। विजयादशमी के दिन लोग अस्त्र शस्त्रों का भी पूजन करते हैं। इस दिन अपराजिता देवी एवं शमी वृक्ष के पूजन का भी विशेष महत्व है। विजयादशमी के दिन प्रदोषकाल में शमी वृक्ष के समीप दीपक जलाकर उसे प्रणाम करें। पूजन के उपरांत हाथ जोड़कर निम्न प्रार्थना करें-
‘शमी शम्यते पापम् शमी शत्रुविनाशिनी।
अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी।।
करिष्यमाणयात्राया यथाकालम् सुखम् मया।
तत्रनिर्विघ्नकर्त्रीत्वं भव श्रीरामपूजिता।।’
रावण दहन के पश्चात घर आने पर सभी की आरती उतारकर स्वागत एवं भेंट किया जाता है। इसके साथ ही गाँव और पड़ोस में शमी पत्ता बांट कर बड़ों से हर कार्य में विजयश्री का आशीर्वाद भी लिया जाता है। आज के दिन नया काम शुरू करने की भी मान्यता है। कहा जाता है कि आज के दिन शुरू किये गये किसी भी काम में विजय यानि सफलता निश्चित रूप से मिलती है। अगर आपके परिवार में अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की जाती है तो एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर सभी शस्त्र उस पर रखें। फिर गंगाजल छिड़क कर पुष्प अर्पित करें। साथ ही यह प्रार्थना करें कि संकट पड़ने पर यह आपकी रक्षा करें। इस दिन भगवान श्रीराम की उपासना करने का बहुत अधिक महत्व होता है। एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापित करें। फिर धूप , दीप और अगरबत्ती जलाकर भगवान श्रीराम की उपासना करें और अंत में आरती करें।नीलकंठ का दर्शन होता है शुभनीलकंठ पक्षी को भगवान शिव का प्रतिनिधि माना गया है। रावण पर विजय पाने की अभिलाषा में भगवान श्रीराम ने पहले नीलकंठ पक्षी के दर्शन किये थे इसलिये आज के दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन शुभ जाता है। इस दिन नीलकंठ के दर्शन और भगवान शिव से शुभफल की कामना करने से जीवन में भाग्योदय , धन-धान्य एवं सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। और इसी के साथ दीपावली की तैयारी भी शुरू हो जाती है।
: अवैध संबंध की सुलझी गुत्थी , तीन आरोपी जेल दाखिल
Thu, Oct 14, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टजांजगीर चांपा - अवैध संबंधों के चलते एक महिला की गैंग रेप के बाद गला घोंटकर हत्या करने के आरोप में अकलतरा पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया , जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। बता दें अकलतरा के वार्ड नंबर 20 में रहने वाली उर्मिला की शादी पामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पेंड्री निवासी राजेंद्र पाटले के साथ करीब नौ साल पहले हुई थी। मृतिका उर्मिला 09 अक्टूबर को काम पर जाने की बात कह कर घर से निकली थी , इसके बाद नहीं लौटी। मृतिका का पति थाना में गुमशुदगी दर्ज कराकर अपनी स्तर पर अपनी पत्नी की तलाश भी कर रहा था। इस बीच मंगलवार रात तरौद से किरारी की ओर जाने वाली मुख्य नहर में पुलिस को महिला के शव एक बोरे में मिलने की सूचना मिली , महिला का आधा शरीर बोरी अंदर था और आधा शरीर बाहर।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये अकलतरा थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष सिंह परिहार ने अरविन्द तिवारी को बताया कि थाना अकलतरा के मर्ग कमांक 91/2021 धारा 174 जाफौ की जांच पर अज्ञात मृतिका के शव का पीएम पर अज्ञात आरोपियों के द्वारा मारकर हत्या कालित करना पाये जाने से धारा 302 भादवि का अपराध कायम कर विवचेना में लिया गया। प्रकरण के अज्ञात आरोपी के संबंध में पुलिस अधीक्षक महोदय प्रशांत ठाकुर (भा.पु.से. ) , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय संजय महादेवा (रा. पुसे.) एवं उपपुलिस अधीक्षक मुख्यालय जांजगीर निकोलस खलखो (रा.पु.से.) को घटना के संबंध में अवगत कराया गया जिनके द्वारा प्रकरण के जल्द निराकरण हेतु आरोपी की पतासाजी करने हेतु निर्देश प्राप्त हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुये दौरान विवेचना प्रकरण के संदेहियों चन्द्रमणी वैष्णव , सुरेन्द्र श्रीवास और शिवदास महंत को पुलिस हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया जो आरोपीगण के द्वारा अपना अपना जुर्म स्वीकार किया गया। आरोपियों ने बताया कि मृतिका के घर में पूर्व से ही आरोपी चन्द्रमणी का आना जाना था मृतिका के पिता से भी परिचित था आरोपी चन्द्रमणी के दोस्त सुरेन्द्र एंव शिवदास भी चन्द्रमणी के साथ मृतिका के घर आना जाना करते थे। दिनांक 09 अक्टूबर को आरोपीगण के द्वारा मौज मस्ती की योजना बनाये। चूंकि मृतिका उर्मिला के साथ पूर्व से परिचित थे आरोपी चन्द्रमणी ने अपने मित्र सुरेन्द्र श्रीवास से उनको भी बुलवाया और सीसीआई के बंद पडे माईस के पीपल पेड़ के पास आरोपी चन्द्रमणी व उसके साथी ने मृतिका के साथ संबंध बनाया एवं तीनो आरोपीगण मृतिका के साथ रात्रि लगभग नौ बजे तक वही रुके। रात्रि में मृतिका ने अपने बच्चे का तबियत खराब होने की बात कहते हुये आरोपीगण को उसके घर छोड़ने को कहा तो आरोपियों ने उसे रोकने की जिद की। इस दरम्यान आरोपीगण एवं मृतिका के बीच में हाथापाई होने लगी तब मृतिका ने तुम लोग के खिलाफ थाना में रिपोर्ट करूंगी बोली तो आरोपीगण द्वारा बदनाम होने व जीवन बर्बाद होने के डर से एक राय होकर मृतिका की उसके ब्लाउज से गला दबाकर व नुकीले पत्थर से मारकर हत्या कर दी गई। फिर लाश को छुपाने के उद्देश्य से अपने घर से बोरी लाकर उसमें भरकर आरोपी चन्द्रमणी एवं सुरेन्द्र द्वारा मृतिका के शव को तरौद बड़े नहर के पानी में फेक दिये। प्रकरण में आरोपीगण के मेमोरेण्डम के आधार पर घटना में प्रयुक्त एक बड़ा से नुकिला पत्थर , तथा मोटरसाइकिल को जप्त किया गया है। आरोपीगण के विरुद्ध धारा सदर का अपराध घटित करना साक्ष्य पाये जाने से आरोपी चन्द्रमणी वैष्णव उर्फ करण पिता कृष्ण कुमार वैष्णव उम्र (37 वर्ष) , सुरेन्द्र श्रीवास पिता स्व० जगत राम श्रीवास (उम्र 30 वर्ष) , शिवदास महंत पिता शीतल दास महंत (उम्र 36 वर्ष) सभी साकिनान ग्राम तरौद थाना अकलतरा जिला जांजगीर चांपा (छ०ग०) को दिनांक 14 अक्टूबर को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया , जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
उक्त कार्यवाही में निरीक्षक मनीष सिंह परिहार , उप निरी गजालाल चन्द्राकर , सउनि बलवंत घृतलहरे , प्रधान आरक्षक आलोक शर्मा , शेख सफी उल्लाह , शब्बीर मेमन , महेश राज , कृष्णा तिवारी , देव मरकाम , डकेश्वर राय एवं महिला आरक्षक सविता पटेल का सराहनीय योगदान रहा।