: पत्नी ने कराई प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या
Fri, Jun 16, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टकोरबा - जंगल में हुये अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने में कोरबा पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर ही बड़ी सफलता हासिल कर ली है। पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गमछा तथा मोटर सायकल जप्त कर तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस मीडिया ग्रुप से इस संबंध में मिली जानकारी अनुसार गत 14 जून को सूचक जगत राम पिता चेतराम कोसले उम्र 46 वर्ष निवासी अमाडांड़ चौकी रजगामार का आकर सूचना दर्ज कराया कि इसका मंझला भाई बसंत कुमार कोसले 13 जून के शाम करीब साढ़े छह बजे बच्चों के लिये चिकन चिल्ली लेने के लिये रजगामार ओमपुर की ओर जा रहा हूं कह कर अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकला था जो देर रात तक वापस घर नहीं आया जिसका पतासाजी रात्रि में किया किंतु कोई पता नहीं चला। जो 14 जून के सुबह करीब साढ़े आठ बजे ओमपुर क्वार्टर स्कूल के सामने जंगल में संदिग्ध हालत में बसंत कोसले का लाश मिलने की सूचना पर जाकर देखा जो अपने भाई को संदिग्ध हालत में मृत पाया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर चौकी राजगामार में अपराध क्रमांक 339/2023 धारा 302 भादवि के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। तत्काल घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया। घटना की जानकारी होते ही पुलिस अधीक्षक कोरबा यू० उदय किरण द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुये तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा अभिषेक वर्मा , नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा विश्वदीप त्रिपाठी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बालको/ साइबर सेल कोरबा निरीक्षक सनत सोनवानी एवं चौकी प्रभारी रजगामार अजय सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर तत्काल घटनास्थल रजगामार ओमपुर भेजा गया जो पुलिस टीम के द्वारा मौके पर सायबर सेल कोरबा , फोरेंसिक टीम , डॉग स्क्वाड टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। घटनास्थल निरीक्षण किया गया मृतक बसंत कुमार कोसले की पत्नि सनिता कोसले से पूछताछ पर वह बार बार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने लगी जिसे पुलिस टीम द्वारा कड़ाई से पूछताछ पर सनिता कोसले टूट गई और बताई कि वह अपने प्रेमी साथी के साथ मिलकर अपने पति बसंत कुमार कोसले की षडयंत्र पूर्वक हत्या को अंजाम दिये। सनिता कोसले बताया कि मृतक एनटीपीसी सीपत में काम के लिये गया था वहां पर एक किराये के मकान में अपने परिवार के साथ रहता था वहां पर दिनेश सोनवानी निवासी दर्राभाटा थाना सीपत बिलासपुर से जान पहचान एवं मित्रता होने पर दोनों के घर में आना जाना लगा रहता था पहचान होने के कारण वह मृतक के निवास स्थान ओमपुर अमाडांड़ मे भी आना जाना था। इसी बीच मृतक के पत्नी सनिता कोसले से उसका प्रेम संबंध हो गया इस वजह से दोनों प्रेमी एक साथ रहने के लिये सनिता कोसले ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या का प्लानिंग किया। गत 13 जून को सनिता कोसले ने अपने प्रेमी दिनेश सोनवानी को फोन से संपर्क कर के अमाडांड़ रजगामार बुलाया और अपने पति की हत्या की कहानी रची।उसके पश्चात पुलिस टीम ने दिनेश सोनवानी को पकड़ने के पश्चात कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि आरोपी दिनेश सोनवानी अपने साथी सिकंदर शाह के साथ दर्राभाटा सीपत से अपने दोस्त का मोटरसाइकिल हीरो स्प्लेंडर प्लस लेकर रजगामार आकर मृतक की पत्नी सनिता कोसले को फोन कर बसंत कोसले को शराब दुकान रजगामार ओमपुर के पास भेजने को कहा। मृतक की पत्नी ने मृतक बसंत कुमार कोसले को बच्चों के लिये चिकन चिल्ली लेने के लिये भेजा वहां पर आरोपी दिनेश सोनवानी से उसका मुलाकात हुआ रजगामार शराब दुकान से उन लोगों ने शराब खरीद कर ओमपुर जंगल मे जाकर शराब पिये और उस जगह पर आरोपी दिनेश सोनवानी ने अपने साथी सिकंदर शाह के साथ मिलकर मृतक बसंत कुमार कोसले के गले में गमछा से उसका गला घोट कर मार दिया। घटना में प्रयुक्त गमछा , मोटरसाइकिल को जप्त किया गया। आरोपी दिनेश सोनवानी , सिकंदर शाह एवं सनिता को गिरफ्तार कर पुलिस ने तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी बालको (साइबर सेल कोरबा) निरीक्षक सनत सोनवानी , सउनि ओम प्रकाश परिहार ,अजय सोनवानी चौकी प्रभारी रजगामार स उनि अजय सिंह , प्रधान आरक्षक गुरुवार सिंह , सुरेश मणि सोनवानी , ममता साहू ,आरक्षक प्रेमचंद साहू , साइबर सेल कोरबा सउनि राकेश सिंह , प्रधान आरक्षक रामपाण्डेय , राजेश कंवर , चंदशेखर पांडे , आरक्षक डेमन ओगरे , प्रशांत सिंह , आलोक टोप्पो , रितेश शर्मा , सुशील यादव महिला आरक्षक रेणु टोप्पो की सराहनीय भूमिका रही।गिरफ्तार आरोपीगण -दिनेश सोनवानी पिता पंचनाम सोनवानी उम्र 30 वर्ष निवासी दर्राभाठा थाना सीपत जिला बिलासपुर , सिकंदर साह पिता जुलाब साह उम्र 20 वर्ष निवासी दर्राभाटा थाना सीपत जिला बिलासपुर , सनिता कोसले पति बसंत कोसले उम्र 32 वर्ष निवासी अमाडांड़ चौकी रजगामार कोरबा।
: गेवरा महाप्रबंधक के साथ सकारात्मक चर्चा के बाद गेवरा कार्यालय घेराव आंदोलन स्थगित
Fri, Jun 16, 2023
*गंगानगर के विकास के लिए 2 करोड़ का प्रस्ताव हुआ तैयार 15 दिन में टेंडर जारी होने का आश्वाशन दिया महाप्रबंधक ने*
*15 दिनों में समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर होगा उग्र आंदोलन*मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने घाटमुड़ा से विस्थापित और गंगानगर पुनर्वासित गांव में बुनियादी सुविधा प्रदान करने के साथ गांव के बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने की मांग को लेकर 15 जून को गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव की चेतावनी दी थी। घेराव से पहले ही गेवरा महाप्रबंधक एस के मोहंती ने माकपा प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए बुलाया वार्ता में गेवरा महाप्रबंधक ने पुनर्वास गांव के विकास के लिए 2 करोड़ का प्रस्ताव बिलासपुर मुख्यालय भेजने के साथ 15 दिनों में टेंडर जारी होने की जानकारी दी साथ ही गांव के बेरोजगारों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वाशन दिया गेवरा महाप्रबंधक द्वारा गांव के विकास के साथ बेरोजगारों के रोजगार के लिए सकारात्मक पहल को देखते हुए माकपा प्रतिनिधि मंडल ने गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय घेराव आंदोलन को स्थागित करने की घोषणा की साथ ही माकपा प्रतिनिधि मंडल ने महाप्रबंधक से कहा की 15 दिनों में किए गए आश्वाशन पर कार्य शुरू नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन के लिए ग्रामीण तैयार है।उल्लेखनीय है कि एसईसीएल की गेवरा परियोजना के लिए वर्ष 1980-81 में घाटमुड़ा के 75 परिवारों को विस्थापित किया गया था तथा 25 एकड़ के प्लॉट में गंगानगर ग्राम में उन्हें बसाया गया था। लेकिन पुनर्वास के 40 सालों बाद भी यह गांव बुनियादी मानवीय सुविधाओं स्कूल,आंगनबाड़ी,अस्पताल, बिजली, पानी, सड़क,स्ट्रीट लाइट,गौठान, मनोरंजन गृह, पार्क,तालाब,खेल मैदान,आदि से वंचित हैं जिसे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की थी। एसईसीएल की इस उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों के साथ मिलकर माकपा कई सालों से लगातार आंदोलन कर रही है।माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि आंदोलन की घोषणा के बाद गेवरा प्रबंधन ने पुनर्वास गांव गंगानगर समेत अन्य बसावट गांव के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार कर बिलासपुर मुख्यालय भेजा है और 15 दिनों में टेंडर जारी होने का आश्वाशन दिया है गंगानगर में तालाब गहरीकरण और सौंदरीकरण,देवस्थल में विकास कार्य,आंगनबाड़ी और स्कूल में शौचालय निर्माण,खेल मैदान का बाउंड्रीवाल,बाजार में शेड निर्माण,सामुदायिक भवन के सामने सौंदर्यकरण, दो बार खनन के लिए लगभग 2 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर बिलासपुर मुख्यालय भेजने के साथ ही विकास कार्य के लिए 15 दिनों में टेंडर जारी होने की जानकारी प्रबंधन ने दी है साथ ही गांव में स्ट्रीट लाइट,सड़क मरम्मत,चिल्ड्रन पार्क के लिए जल्द सर्वे करने के साथ गांव के बेरोजगारों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वाशन गेवरा महाप्रबंधक ने दिया है। इन कार्यों के लिए माकपा लगातार संघर्ष कर रही थी और वार्ड में माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर के चुनाव जीतने के बाद लगातार इन मांगों को लेकर आंदोलन भी किया गया अंततः प्रबंधन को मजबूर होकर बसावट गांव के विकास के लिए सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करना पड़ा।
माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर ने कहा की प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वाशन के तहत 2 करोड़ की राशि बसावट गांव गंगानगर में खर्च की जायेगी तो गांव की तस्वीर बदलेगी आगे भी गांव को पूर्ण माडल गांव बनाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
: बालको अस्पताल में लेजर प्रोक्टोलॉजी उपयोग से चिकित्सा सेवाएं हुईं उत्कृष्ट
Thu, Jun 15, 2023
बालकोनगर, 15 जून 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक सामुदायिक पहुंच सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों में एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। उन्नत चिकित्सा तकनीकों की मदद से बालको अस्पताल ने एंडोवेनस लेजर एब्लेशन (ईवीएलए) और लेजर प्रोक्टोलॉजी नामक दो जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं का सफलतापूर्वक उपयोग किया है। इस तकनीक से अस्पताल में आने वाले लोगों को लाभ होगा जो समुदाय को उन्नत स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की प्रतिबद्धता में बालको का सराहनीय प्रयास है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हर साल 2,50,000 से अधिक रोगियों की सेवा करने वाले बालको अस्पताल की कुशल चिकित्सा टीम ने दो रोगियों के वैरिकाज़ नसों का इलाज ईवीएलए की मदद से किया। आमतौर पर यह जांघ और पैर के पिंडलीयों में होता है इससे पैरों में सूजन और नसों के फूलने से दर्द और भारीपन जैसे परेशान करने वाले लक्षण होते हैं। बालको अस्पताल के डॉ. हेमंत काजा (लैप्रोस्कोपिक सर्जन, एंडोस्कोपिस्ट और लेजर प्रोक्टोलॉजिस्ट एंडोस्कोपिस्ट) ने ईवीएलए और अन्य उन्नत लेजर उपकरणों के उपयोग से रोगियों का उपचार किया।
ईवीएलए द्वारा सफलतापूर्वक इलाज से लाभान्वित 2 रोगियों में से एक श्रीमती बसंती सोनी इस इलाज से खुश हैं। उन्होंने कहा कि बालको अस्पताल के डॉक्टर की मैं ‘वैरिकाज़ नसों’ के उपचार के लिए दिल से आभारी हूं। अस्पताल के साफ-सुथरे वातावरण और गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान करने के साथ-साथ मरीजों के प्रति अस्पताल की प्रतिबद्धता ने मुझे वास्तव में भाग्यशाली महसूस कराया। श्रीमती सोनी कहा कि बालको अस्पताल के डाक्टरों के प्रयासों से अब बिना किसी परेशानी के चलने में सक्षम हूं।
बालको अस्पताल ने कोलन, मलाशय और गुदा को प्रभावित करने वाली विभिन्न स्थितियों के इलाज के लिए लेजर प्रोक्टोलॉजी शल्य चिकित्सा पद्धति पेश की है। लेजर का उपयोग करते हुए डॉक्टर बवासीर, फिशर, फिस्टुला, पायलोनिडल साइनस और पॉलीप्स जैसी सामान्य बीमारियों का प्रभावी ढंग से इलाज करने में सक्षम होंगे। बवासीर से पीड़ित रोगियों के लिए कुशल और प्रभावी समाधान लाएगा। लेजर प्रोक्टोलॉजी के साथ अस्पताल भविष्य में लेजर की मदद से स्त्रीरोग संबंधी उपचार करने की संभावना रखता है।
बालको अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक सिन्हा ने कहा कि हम चिकित्सा नवाचार की सीमाओं को आगे बढ़ाने और बालको अस्पताल में अपने रोगियों की देखभाल में विश्वास करते हैं। लेजर प्रोक्टोलॉजी के नवीनतम प्रगति से हम उपचार के विकल्पों में क्रांति ला रहे हैं। इसकी मदद से पैरों में बिना कटिंग और स्टिंचिंग से मरीजों का इलाज हो रहा है। हमें अत्याधुनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने का नेतृत्व करने पर गर्व है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने बालको अस्पताल की टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि बालको अस्पताल के माध्यम से कोरबा जिले में अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों की शुरुआत होने पर गर्व है। हम क्षेत्र में नवीनतम चिकित्सा तकनीकों, उपकरण और सभी तक उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। श्री कुमार ने कहा कि बालको अस्पताल के जरिए क्षेत्र के जरूरतमंदों को हरसंभव चिकित्सा सुविधाएं देने के प्रति बालको प्रबंधन कटिबद्ध है।
बालको अस्पताल पर एक नजर: बालको के 75 बिस्तरों के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल ने अपने विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से बालको अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिवारजनों, ठेकाश्रमिकों और स्थानीय नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की पूर्ति पूरी दक्षता से की है। यहां पांच बिस्तरों वाला गहन चिकित्सा कक्ष मौजूद है जहां गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों का इलाज एमडी मेडिसिन की देखरेख में किया जाता है। 10 विशेषज्ञ चिकित्सक, आठ चिकित्सा अधिकारी, दो फिजियोथैरेपिस्ट, एक दंत चिकित्सक के अलावा 27 नर्सों और 80 सहायक कर्मचारियों के साथ बालको अस्पताल उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाओं के प्रति कटिबद्ध है। हृदय, मूत्र, और मेरूदंड संबंधी बीमारियों के विशेषज्ञ नियमित रूप से दौरे पर आते हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रबंधन एवं गुणवत्ता के लिए बालको अस्पताल को आई.एस.ओ. 9001-2015 प्रमाणपत्र मिल चुका है।
भारत सरकार की आयुष्मान योजना के अंतर्गत अस्पताल में जरूरतमंदों को आर्थोपेडिक्स, ई.एन.टी., सामान्य सर्जरी आदि की सुविधाएं दी जाती हैं। ओपन एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी किए जा जाते हैं। सामान्य व सिजेरिएयन प्रसव तथा स्त्री रोग संबंधी अनेक सेवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं। शुरूआती अवस्था में ही बीमारी की पहचान के लिए समय-समय पर शिविर आयोजित किए जाते हैं। एंटीनेटल शिविर, कैंसर जागरूकता शिविर, अस्थि घनत्व मापन शिविर आदि के जरिए नागरिकों को बीमारियों के लक्षणों और उसकी चिकित्सा पद्धतियों से अवगत कराया जाता है। राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित समस्त टीकाकरण कार्यक्रमों का अनुसरण बालको अस्पताल में किया जाता है।
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