: पेडन्यूज को किया गया चिन्हित, परीक्षण कर नोटिस जारी करने के निर्देश
Wed, Oct 25, 2023
कोरबा 24 अक्टूबर 23/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सौरभ कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर ने निर्वाचन आयोग द्वारा सौंपे गए दायित्वों के बारे में बताया और उनका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एमसीएमसी के गठन की जरूरत और इसके कामकाज के बारे में विस्तार से बताया। समिति की बैठक में बताया गया कि एमसीएमसी का कामकाज आचार संहिता के प्रभावशील होने के साथ ही शुरू हो गया है। प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया ईकाई द्वारा प्रतिदिन प्रकाशित और प्रसारित समाचारों के साथ विज्ञापनों पर सत्त निगरानी रखने के साथ अखबारों के कतरन, स्क्रीन शॉट और विजुअल संग्रहित किए जा रहे हैं। टीम द्वारा प्रतिदिन प्रकाशित होने वाले 9 प्रातःकालीन तथा सांध्य समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया में प्रकाशित राजनीतिक समाचारों को चिन्हित किया गया है। पार्टियों द्वारा घोषित उम्मीदवारों और राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रकाशित एक जैसे समाचारों को चिन्हित कर पेडन्यूज के रूप में रखने और संबंधित को नोटिस जारी करने के संबंध में चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी कतरनों का परीक्षण कर नियमानुसार नोटिस जारी करते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने निर्देशित किया कि मीडिया को जारी होने वाले विज्ञापनों और पेड न्यूज पर कड़ी नजर रखे। बैठक में बताया गया कि लगभग 50 से अधिकारियों की टीम हर पल की खबर पर निगरानी रख रहे हैं। चुनाव संपन्न होने तक सभी चैनलों के प्रसारण को देखा जा रहा है। प्रमाणन की जरूरत इलेक्ट्रानिक मीडिया सहित केबल, रेडियो, ई पेपर, सिनेमा घर और सार्वजनिक दृश्य श्रव्य माध्यमों के लिए होगा। सभी तरह की मीडिया में जारी होने वाले विज्ञापनों का कन्टेन्ट आदर्श आचरण संहिता के अनुरूप होना चाहिए। अन्यथा इसकी प्रकाशन प्रसारण अनुमति नहीं दी जायेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने पेड न्यूज के बारे में बताया कि पेड न्यूज (क्रीत समाचार) से तात्पर्य समाचार पत्रों में प्रकाशित उन समाचारों से है, जो वास्तव में किसी दल अथवा प्रत्याशी द्वारा अपने लाभ के लिए प्रायोजित किए जाते हैं।
कलेक्टर ने बताया कि निर्वाचन संबंधी किसी भी विज्ञापन, पोस्टर, पर्चा अथवा अन्य किसी भी अभिलेख में प्रकाशक एवं प्रिंटर का नाम और पता छपा होना चाहिए। ऐसा नहीं पाये जाने पर सजा अथवा जुर्माना हो सकता है। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171 एच के अंतर्गत किसी प्रत्याशी की सहमति के बिना उसके लाभ के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है तो यह अवैध होगा। बैठक में अपर कलेक्टर श्री दिनेश कुमार नाग, समिति के सदस्य श्री निलेश कुजूर, श्री हेमंत जायसवाल, श्री कमलज्योति, डॉ. राजेश सक्सेना, नोडल अधिकारी श्री सेवाराम दीवान, श्री विनोद सिंह, डॉ. एम. महतो उपस्थित थे।
: कोरबा पुलिस ने विजया दशमी पर पुलिस लाइन में किया मंत्रोच्चार के साथ शस्त्र पूजा
Tue, Oct 24, 2023
दिनाँक 24/10/23 को पुलिस विभाग ने परंपरा के अनुसार पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन किया। इसके लिए पुलिस लाइन में पहले से ही पूरी तैयारी कर ली गई थी। पुलिस लाइन में विभिन्न प्रकार के शस्त्रों को भी रखा गया था। पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र शुक्ला व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा के निर्धारित समय पर पहुंचने के साथ ही विधि विधान से शस्त्र पूजन किया गया। हवन व आरती के पश्चात वहां उपस्थित पुलिस अधिकारियों व जवानों के अलावा अन्य गणमान्य नागरिकों को प्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही पुलिस के अधिकारियों द्वारा पुलिस लाइन में ही हवाई फायरिंग की गई। शस्त्र पूजन के संबंध में कई किवदंती प्रचारित है। जानकारों की मानें तो भगवान श्रीरामचंद्र द्वारा लंका के राजा रावण का वध दशहरा के दिन किया गया था। इस जीत के बाद भगवान श्रीराम द्वारा असत्य पर सत्य को जीत दिलाने वाले शस्त्रों की पूजा की गई थी। इसी तरह वर्षों पहले से ही शस्त्रों की पूजन करने की परंपरा चली आ रही है। बताया जा रहा है कि शस्त्रों के पूजा के पीछे आमजन की सुरक्षा व शांति स्थापित करने की कामना होती है। भारत में भी वर्षो से यह परंपरा रही है कि अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग निर्बल व असहाय लोगों की सुरक्षा के साथ ही समाज में शांति व्यवस्था कायम रखने की जाए। यह परंपरा को पुलिस विभाग द्वारा आज भी निभाया जा रहा है। इसी के अनुसार सभी क्षेत्रों में विधिविधान के साथ मंत्रोच्चार करते हुए शस्त्रों की पूजा की जाती है। पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक महोदय श्री जितेंद्र शुक्ला , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिषेक वर्मा, के अलावा नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री भूषण एक्का , उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्रीमती प्रतिभा मरकाम , नगर पुलिस अधीक्षक दर्री श्री रॉबिंसन गुड़िया , एसडीओपी कटघोरा श्री पंकज ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्री शिवचरण सिंह परिहार, उप पुलिस अधीक्षक श्री बेंडट्रिक मिंज ,उप पुलिस अधीक्षक श्री आई.तिर्की , रक्षित निरीक्षक श्री अनंत राम पैंकरा, डी एस बी प्रभारी कोरबा निरीक्षक सनत सोनवानी, नगर कोतवाल रूपक शर्मा, सिविल लाइन रामपुर प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पांडे, थाना प्रभारी कटघोरा तेज कुमार यादव, थाना प्रभारी उरगा निरीक्षक युवराज तिवारी,थाना प्रभारी दर्री निरीक्षक चमनलाल सिंह ,थाना प्रभारी करतला प्रमोद डडसेना ,चौकी प्रभारी मानिकपुर उप निरीक्षक प्रेमचंद साहू, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक सीएसईबी नवीन पटेल, आरमोरर शाखा प्रभारी अंगध्वज राठौर एवम् अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
: बालको के पहल से महिलाएं बन रही हैं सशक्त एवं आत्मनिर्भर
Tue, Oct 24, 2023
नवरात्रि का त्योहार स्त्रीत्व शक्ति और बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाने में निहित है। यह समाज में महिलाओं को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर देता है और पूज्य देवी-देवताओं की तरह चुनौतियों से उबरने की उनकी क्षमता को पहचानता है। नारियों को सशक्त बनाना नवरात्रि की भावना का केंद्र है जो बाधाओं को पार करने, समाज में बदलाव लाने और असमानताओं पर विजय पाने की उनकी शक्ति का उत्सव है।बालको सक्रिय रूप से महिलाओं को अवसर, कौशल और समर्थन के साथ सक्षम बना रहा है जो यह सुनिश्चित करता है कि वे न केवल बाधाओं को दूर करें बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरें। आत्मनिर्भर, दृढ़ संकल्प और सफलता की ये कहानियाँ नवरात्रि का प्रतीक हैं, जहाँ महिलाएँ चुनौतियों का सामना करके अपने भविष्य को उज्जवल बना रही हैं।बालको में कार्यरत स्नातक प्रशिक्षु हिमांशी गुप्ता पॉटलाइन फ़ंक्शन में कार्य करती हैं, जो कंपनी के ऑपरेशन क्षेत्र में काम करने वाली कई महिला पेशेवरों में से एक हैं। ऑपरेशन क्षेत्र पुरुषों के लिए उपयुक्त है इस धारणा को पीछे छोड़ती हिमांशी ने संगठन को मजबूत किया है। स्मेल्टर में काम करने की बात सुनकर लोग पूछते हैं कि क्या मेरे आसपास कोई महिला सहकर्मी है। मेरा जवाब होता है कि एक नहीं बल्कि कई हैं। मुस्कुराते हुए वह आगे कहती हैं कि कई युवा लड़कियां और उनके माता-पिता विनिर्माण उद्योग में करियर बनाने, शिक्षा और नौकरी की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने में उत्सुकता व्यक्त करते हैं क्योंकि मैं उत्साहपूर्वक अपने काम के प्रति अपने जुनून को साझा करती हूं।बालको में हेड-प्रोजेक्ट मैंनेजमेंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत सुनीला एमवीएस न केवल बालको की विस्तार परियोजना की देखरेख करती हैं, बल्कि वह इंजीनियरों की एक टीम का मार्गदर्शन भी करती हैं जो उनके सहयोगी के रूप में कार्य करते हैं। वह कहती हैं कि प्रबंधकीय कौशल को लैंगिक सीमाओं तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। बालको में विविधता और समावेशन का अत्यधिक महत्व है जहां महिलाओं को समान अवसरों के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलता है। मैं वर्तमान में एक महिला टीम का प्रबंधन करती हूं। एक प्रबंधक के रूप में मेरा लक्ष्य है कि मैं अपने युवा टीम के सदस्यों को उनके करियर में आगे बढ़ने और सफलता की सीढ़ियां चढ़ने के लिए प्रेरित करूं।
बालको अपनी विभिन्न महिला केंद्रित सामुदायिक विकास परियोजनाओं के माध्यम से कंपनी के साथ-साथ समुदाय में महिला को नेतृत्व करने के लिए तैयार किया है जो महिलाओं को सशक्त बना रहा है।दोंदरो, छत्तीसगढ़ की सारिका अपने समुदाय की कई लड़कियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी हैं। वह माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के बारे में खुले मंच पर संवाद शुरू कर विभिन्न भ्रांतियों एवं बाधाओं को तोड़कर बदलाव की लहर का नेतृत्व करती हैं। समुदाय में एक पथप्रदर्शक के रूप में नेतृत्व करती सारिका को बालको की नयी किरण परियोजना के तहत प्रशिक्षित किया गया है, जिसका उद्देश्य माहवारी संबंधी मिथकों और भ्रातियों को खत्म करना तथा माहवारी के दौरान स्वच्छता प्रथाओं को विकसित करना है। सुरक्षित प्रजनन स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए व्यापक माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन (एमएचएम) क्षमता निर्माण से जुड़ा है। सारिका कहती हैं कि मैं सैनिटरी नैपकिन खरीदने या किसी से माहवारी के बारे में बात करने से नहीं कतराती। बालको की नयी किरण परियोजना मेरे लिए आशा की किरण लेकर आया है। आज मैं अपने आस-पास के सभी लोगों को माहवारी को समझने और स्वस्थ, सुखी जीवन के लिए स्वच्छ प्रथाओं में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करती हूं।सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं की छात्रा दिव्या अपने शिक्षक की तरह बनने की इच्छा व्यक्त करती हैं। जब उनसे पूछा गया कि ऐसा क्यों है? वह अपनी शिक्षिका उर्मिला की ओर देखकर मुस्कुराती हैं और कहती हैं कि जब मैम मुझे पढ़ाती हैं तो मुझे पढ़ना अच्छा लगता है। उर्मिला उन कई सरकारी शिक्षकों में से एक हैं जिन्हें सीखने के लिए अधिक अनुकूल माहौल बनाने के लिए बालको के प्रोजेक्ट कनेक्ट के तहत शिक्षाशास्त्र और व्यावहारिक-आधारित मॉडल सिखाने के लिए व्यापक रूप से प्रशिक्षित किया गया है।अवसर आपका दरवाजा जरूर खटखटाता है बस आपको उस अवसर के अनुरूप अपनी क्षमता को पहले से विकसित करना पड़ता है। 22 साल की काजल ने बिल्कुल वैसा ही किया वह वेदांता स्किल स्कूल में इलेक्ट्रिकल ट्रेड में सबसे कुशल छात्रा में से एक है। स्किल स्कूल बालको की सीएसआर परियोजना है जो युवाओं को स्थायी आजीविका के लिए कौशल प्रदान करता है। काजल अपनी अन्य महिला सहपाठियों की तरह हर दिन मेहनत करती हैं जिनका लक्ष्य आत्मनिर्भर बनना है। वह कहती हैं कि किसान परिवार से होने के कारण मैंने अपनी आजीविका में अनिश्चितताएं देखी हैं। बालको की मदद से मेरे आत्मविश्वास को मजबूती मिली और सभी बाधाओं को पार किया। इलेक्ट्रिकल ट्रेड के कौशल प्रशिक्षण में कदम रखा जिसने मेरा जीवन बदल दिया है। परिवार अब आय के स्थिर स्रोत के लिए मुझ पर निर्भर है और मेरे समुदाय की लड़कियाँ भी स्वतंत्र बनकर अपने परिवार का समर्थन करने के लिए मुझसे प्रेरणा ले रही हैं।बालको की 'छत्तीसा व्यंजन रेसिपी कार्यशालाओं' से लाभान्वित प्रतिभागी धनेश्वरी ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं चॉकलेट बनाने और उसे बेचने की कला एवं कौशल सीखूंगी। कार्यशाला से चॉकलेट बनाने के कौशल ने मुझे और अन्य प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनाया, जिससे हस्तनिर्मित चॉकलेट बेचकर अतिरिक्त आय उत्पन्न करने में सक्षम बनाया है। आज मैं न केवल चॉकलेट उत्पादन और बिक्री में शामिल हूं बल्कि आजीविका के रूप में चॉकलेट बनाने की इच्छा रखने वाली अन्य महिलाओं को ट्रेनिंग देने का कार्य कर रही हूं। धनेश्वरी उन 5700 महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने वित्त वर्ष 2023 में उद्यमिता और स्थायी आजीविका के निर्माण के लिए बालको के प्रोजेक्ट उन्नति के तहत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया है।एक स्वस्थ और सशक्त माँ समृद्ध समाज का निर्माण करने की क्षमता रखती है। माताओं को उनके बच्चों के लिए आवश्यक पोषण के बारे में जानकारी देना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण पहलू है। शुरुआत से ही सही पोषण प्रदान करने से बच्चे की वृद्धि और समग्र विकास पर गहरा प्रभाव पड़ता है।माताओं और बच्चों के लिए पोषण के महत्व पर अपनी शैक्षिक जागरूकता पहल के माध्यम से बालको आसपास के समुदायों में माताओं को सशक्त बनाने में सफल रहा है। सलमा ने बताया कि कैसे इन सत्रों के माध्यम से उनके बेटे रुहान की सेहत में काफी सुधार हुआ था। सत्रों के माध्यम से उन्हें स्वस्थ खाने की आदतों और पौष्टिक भोजन के महत्व के बारे में पता चला। वित्त वर्ष 2023 में बालको के पीडी हर्थ सत्र के माध्यम से पोषण पुनर्वास के लिए पहचाना गया है, जिसमें सलमा के साथ अन्य 430 माताओं को अपने बच्चों के लिए एक उज्जवल और स्वस्थ भविष्य की कल्पना को साकार करने में मदद मिली है।ये कहानियाँ उन परियोजनाओं की एक झलक मात्र है, जिनका जश्न बालको ने ऐसी दुनिया बनाने के अपने मिशन में मनाया है जहां हर महिला अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सके। बालको में हमारा मानना है कि युवा लड़कियों और माताओं को बेहतर आजीविका और स्वतंत्रता के लिए सशक्त बनाना एक परिवर्तनकारी प्रक्रिया है, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच और लिंग आधारित बाधाओं को दूर करना शामिल है। वित्त वर्ष 2023 में 50 प्रतिशत से अधिक डायवर्स नियुक्तियां की गई हैं। बालको महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करने के साथ-साथ समग्र रूप से समाज के विकास और प्रगति में भी योगदान दे रहा है।---------------------------------