: सीएम बघेल ने की गोधन न्याय योजना हितग्राहियों को राशि अंतरित
Mon, Jun 5, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में जैविक खाद और जैविक कीटनाशक महिला समूहों द्वारा तैयार किये जा रहे हैं। गौठानों में ये उत्पाद भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। इनके उपयोग से जमीन की उर्वरता बढ़ेगी और खेती की लागत भी कम होगी।
उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज किसानों से आगामी खरीफ सीजन में खेती किसानी में जैविक खाद और जैविक कीटनाशक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की अपील करते हुये कही। वे आज अपने राजधानी स्थित निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि के आनलाइन अंतरण के लिये आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गोधन योजना के हितग्राहियों के खाते में ऑनलाईन 21.31 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की। इस राशि में 16 मई से 31 मई तक गौठानों में क्रय किये गये गोबर के एवज में ग्रामीण पशुपालकों 04.91 करोड़ रूपये तथा गौठान समितियों को 08.98 करोड़ एवं स्व-सहायता समूहों को 06.29 करोड़ रूपये की लाभांश राशि तथा गौठान समितियों ने अध्यक्षों और सदस्यों के मानदेय की 01.13 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। गौरतलब है कि गोबर विक्रेताओं , गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को आज वितरित की गई राशि को मिलाकर अब तक हितग्राहियों को 538 करोड़ 89 लाख रूपये का भुगतान किया जा चुका है। इसमें से योजना के प्रारंभ होने के बाद से अब तक गोबर विक्रेताओं को 237.28 करोड़ रूपये तथा स्व- सहायता समूहों एवं गौठान समितियों को 223.60 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वावलंबी गौठान समिति के अध्यक्षों और सदस्यों को मिलाकर समिति के कुल 21 हजार 360 सदस्यों की मानदेय की 01.13 करोड़ रुपये की राशि जारी की। स्वावलंबी गौठान समिति के अध्यक्ष को 750 रुपये और अशासकीय सदस्यों को 500 रुपये का मानदेय दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश में 10 हजार 409 गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है , इनमें से 98 प्रतिशत यानि 10 हजार 235 गौठानों का निर्माण पूरा हो गया है। जबकि 04 हजार 584 गौठान ऐसे हैं , जिन्होंने पिछले 15 दिनों में 30 क्विंटल या उससे अधिक गोबर की खरीदी की है। इससे पूर्व के पखवाड़े की तुलना में इतनी अधिक मात्रा में गोबर खरीदने वाले गौठानों की संख्या में 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार पिछले वर्ष 16 से 31 मई 2022 की तुलना में इस वर्ष इसी अवधि में गोबर खरीदी में 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रदेश के 05 हजार 911 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। इन गौठानों द्वारा अब तक गोबर खरीदी के एवज में कुल 53 करोड़ 80 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। आज गोबर खरीदी के एवज में जारी की गई 04 करोड़ 91 लाख रुपये की राशि में से 03 करोड़ 05 लाख रुपये का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा तथा विभाग द्वारा 01 करोड़ 86 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में चल रही विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से 15 हजार 905 स्व सहायता समूहों की 01 लाख 89 हजार 614 सदस्यों को अब तक 144 करोड़ 22 लाख रुपये की आय हुई है। बताते चलें सीएम बघेल ने इस अवसर पर अपने निवास परिसर में आंवला का पौधा लगाया। उन्होंने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई देते हुये कहा आज विश्व पर्यावरण दिवस है। हमारी गोधन न्याय योजना का एक उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन करना भी है। राज्य सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना , मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना , वृक्ष संपदा योजना , कृष्ण कुंज योजना , नदी तट वृक्षारोपण , फलदार पौधा रोपण जैसी योजनाओं के माध्यम से अपने पर्यावरण को लगातर बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। हमारी सरकार पर्यावरण के संरक्षण के लिये हर संभव प्रयास कर रही है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील किया कि आने वाले मानसून में ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करें और अपने गांव , गौठान , खेतों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनायें। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा , अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू , कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह , नरवा - गरूवा - घुरवा - बाड़ी योजना के नोडल अधिकारी डॉ० अयाज तंबोली , संचालक कृषि श्रीमती रानू साहू भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।
: महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता - रतन लाल डांगी
Mon, Jun 5, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टचंदखुरी (रायपुर) - जब तक समाज में महिलाओं में उनके विरुद्ध घटित होने वाली घटनाओं का भय एवं डर ख़त्म नहीं किया जायेगा , तब तक महिलायें ना तो स्वयं किसी भी क्षेत्र में विकास कर पायेंगी और ना ही समाज एवं राष्ट्र का विकास हो पायेगा। महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिये।
उक्त बातें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस पुलिस अकादमी चंदखुरी में निदेशक रतन लाल डांगी ने पंचदिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर पुलिस विवेचकों एवं राजपत्रित अधिकारियों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा महिलाओं के प्रति बढ़ते हुये अपराधों पर नियंत्रण रखने के लिये पुलिस के विवेचक एवं राजपत्रित अधिकारियों की यह ज़िम्मेदारी होती है कि वो महिला संबंधी किसी भी प्रकार के अपराध घटित होने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल अपराध दर्ज कर विवेचना करके अपराधियों के ख़िलाफ़ मामले को ठोस सबूतों के साथ न्यायालय में पेश करे। इसके साथ ही पुलिस को ऐसे सार्वजनिक स्थान जैसे स्कूल , कॉलेज , बस स्टेण्ड , भीड़-भाड़ वाले स्थानों , बाज़ार या अन्य जगहों पर जहाँ महिलाओं की उपस्थिति बनी रहती है , वहां लगातार पुलिस के द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर असामाजिक तत्वों पर निगाह रखनी चाहिये। राज्य पुलिस अकादमी के निदेशक डांगी ने आगे कहा पुलिस अधिकारियों को इस बात पर भी गर्व महसूस करना चाहिये कि भगवान ने उनको बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिये चुना है। चूंकि ईश्वर हर जगह उपस्थित नहीं रह सकता , इसलिये पुलिस के रूप में आम नागरिकों एवं कमज़ोर लोगों की सुरक्षा के लिये ही आपको एक अवसर दिया है। इस दायित्व को पूरा करने के लिये आपको शासन ने वैधानिक अधिकार भी दिये हैं। इन अधिकारों का सदुपयोग करके महिलाओं में आत्म-विश्वास पैदा करना चाहिये , ना कि इन अधिकारों का दुरुपयोग करें। इसलिये पुलिस को जब भी कोई महिला फ़रियादी थाना आये तो उसको अपनी माँ , बहन या बेटी समझकर सहानुभूतिपूर्वक सुनना चाहिये। जिससे उसको इस बात का विश्वास हो जाना चाहिये कि अब वो एक सुरक्षित जगह पर है। बताते चलें कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस पुलिस अकादमी चंदखुरी में महिला सुरक्षा एवं उनके विरुद्ध घटित अपराध के प्रति जागरूक बनने के लिये राष्ट्रीय अपराध एवं अन्वेषण ब्यूरो के निर्देश में पंचदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों से पुलिस विवेचक एवं राजपत्रित अधिकारी पहुंचे हुये हैं। इस कार्यशाला में सभी पुलिस अधिकारियों को महिलाओं से संबंधित क़ानूनी प्रावधानों में नवीनतम संशोधनों एवं वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रक्रियाओं से अवगत कराया जायेगा। साथ ही माननीय न्यायालयों द्वारा प्रसारित दिशा निर्देश के संबंध में भी जानकारी दी जायेगी। इस कार्यक्रम में अकादमी के पुलिस अधीक्षक जयंत वैष्णव , उप पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा एवं रूपा खेस भी उपस्थित रहे।
: बालको नई किरण परियोजना ने महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में मजबूत कदम उठाया
Mon, Jun 5, 2023
बालकोनगर, 5 जून 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर कई स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को एक प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए एकजुट किया जिसमें माहवारी के बारे में सामान्य बातचीत और माहवारी स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देना शामिल है। कंपनी ने अपने नई किरण परियोजना की मदद से पहल शुरू की है जो किशोरी बालिकाओं, महिलाओं और समुदायों के माहवारी स्वास्थ्य और भलाई को बढ़ाने पर केंद्रित है। इस अवसर पर कोरबा जिले के 20 स्थानों में 1100 से अधिक व्यक्तियों तक पहुँचने के लिए कल्याण और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको अपने सामुदायिक विकास कार्यक्रम के जरिए जरूरतमंदों की हरसंभव मदद करने के लिए कटिबद्ध है। हम ऐसी दुनिया के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं जहां लिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य अवसर के लिए बाधा ना हो तथा साथ ही सभी के लिए समान अवसर हो। व्यक्ति अपनी पहचान और स्वयं की भावना को पूरी गरिमा और सम्मान के साथ बनाए रखें। हमारी पहल का उद्देश्य एक न्यायसंगत और समावेशी समाज बनाना है जहां माहवारी के बारे में बातचीत सामान्य हो। सभी बिना भेदभाव के संसाधनों और समर्थन का उपयोग कर सकें जो उनका अधिकार है।
सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से बालको ने अपने नई किरण परियोजना के अंतर्गत माहवारी स्वच्छता दिवस के तहत साप्ताहिक माहवारी स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। जिसमें सुरक्षित माहवारी के लिए प्रतिज्ञा, मां-बेटी, सास-बहू सम्मेलन , माहवारी कंगन एवं लाल डॉट अभियान, रात्रि चौपाल, विशेषज्ञ सत्र और वॉल पेंटिंग, एमएचएम रैलियां और बालको टॉक्स शामिल है।
सुरक्षित माहवारी के लिए प्रतिज्ञा पहल ने कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और सेवा प्रदाताओं को प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रोत्साहित किया। इससे माहवारी के प्रति स्थानीय समुदाय के दृष्टिकोण, कार्यों और वातावरण में सकारात्मक बदलाव लाने की अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। अभियान के दौरान 50 से अधिक प्रतिज्ञा पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए जो समावेशी वातावरण बनाने, दूसरों को शिक्षित करने, स्वास्थ्य देखभाल उत्पादों तक पहुंच सुनिश्चित करने और माहवारी के दौरान भेदभाव को दूर करने की प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करते हैं। शपथ लेने वालों ने दुकानों, क्लीनिकों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता पोस्टर लगाने का भी स्वागत किया।
मां-बेटी, सास-बहू सम्मेलन के तहत कंपनी ने लोकप्रिय ‘सांप सीढ़ी’ खेल का मानवीय संस्करण तैयार किया जिसमें माहवारी पर बातचीत को सरल बनाया गया है। खेल की मदद से महिलाओं और परिवार के सदस्य ने उत्साहपूर्वक माहवारी स्वास्थ्य मिथकों और तथ्य पर खुलकर चर्चा की। माहवारी कंगन तथा लाल डॉट अभियान की मदद से समुदायों में किशोरी लड़कियों ने 28 मनकों का कंगन तैयार किया जो माहवारी चक्र का प्रतीक हैं। कंगन में रक्तस्राव के दिनों का प्रतिनिधित्व करने के लिए लाल मोती भी शामिल हैं। लड़कियों ने माहवारी के विषय की खुली चर्चा को गले लगाते हुए अपनी हथेलियों पर लाल बिंदु भी चित्रित किए। रात्रि चौपाल, समुदाय में माहवारी की समझ को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से बनी शैक्षिक फिल्में दिखाई गईं, जिसमें बालको की शार्ट फिल्म 'सारिका- दोंद्रो की नई किरण' भी शामिल थी। चैंपियन सारिका की कहानी माहवारी के अधिकार पर उनके प्रेरक अभियान का दस्तावेजीकरण है जिससे समुदायों को माहवारी विषय पर बेहतर जानकारी देने में मदद मिली।
फिल्म को इस लिंक पर देखा जा सकता है। https://youtu.be/FL2bJAVDbYE।
विशेषज्ञ सत्र जिसमें कंपनी ने सामाजिक कार्यकर्ता और राष्ट्रीय माहवारी स्वास्थ्य गठबंधन के स्थायी सदस्य श्री ओम प्रकाश गायरी के सत्र के साथ रात्रि चौपाल का समापन किया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव, अंतर्दृष्टि और माहवारी स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को साझा किया। उन्हें 'बालको टॉक्स' में बालको कर्मचारियों के साथ एक विशेष सत्र के लिए भी आमंत्रित किया गया था।
वॉल पेंटिंग, एमएचएम रैलियां और विशेषज्ञ वार्ता में समुदाय के सदस्यों ने माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन रैली जैसे आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा अपनी दीवारों को चित्रों से सजाया जो माहवारी के बारे में सकारात्मक संदेश देते हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञों के नेतृत्व में विशेषज्ञ सत्र भी जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किए गए जिससे ग्रामीण महिलाओं को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) पर व्यापक जानकारी प्राप्त करने में मदद मिली।
बालको ने वर्ष 2019 से सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कोरबा जिले के गांवों एवं नगर पालिक निगम क्षेत्रों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता परियोजना लागू अबतक 45 गांवों में जागरूकता पैदा करने और क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से लगभग 48,000 लोगों को संवेदनशील बनाने में मदद की है। इसका उद्देश्य महिलाओं और किशोरी बालिकाओं की माहवारी संबंधी विविध भ्रांतियों को दूर कर उन्हें स्वच्छता और स्वास्थ्य के अनेक आयामों से परिचित कराना है। परियोजना के अंतर्गत जी-9 समूह (सरपंच, मितानिन, पार्षद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व सहायता समूह की क्लस्टर अध्यक्ष) का गठन किया गया है। इस समूह के सदस्य माहवारी संबंधी जागरूकता लक्षित नागरिकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 600 से अधिक समुदाय के सदस्यों को मास्टर ट्रेनर और समुदाय में बदलाव के पथप्रदर्शक के रूप में सक्षम बनाया है।
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