: रेस्क्यू कर लोगों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मी एवं ग्रामीण एसपी से हुये सम्मानित
Sun, May 28, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टजांजगीर चांपा - महानदी शिवरीनारायण में नौका विहार के दौरान मौसम खराब होने के चलते टापू में फंसे चौदह लोगों को बाहर निकालकर जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों एवं ग्रामीणों को आज पुलिस अधीक्षक महोदय विजय अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बताते चलें कि गत दिवस थाना शिवरीनारायण अंतर्गत महानदी में नौका विहार के लिये निकले चार महिला - चार पुरूष और छह बच्चों सहित कुल चौदह लोग तेज हवा चलने और मौसम बिगड़ने के कारण महानदी टापू में फंसे हुये थे। जिन्हें अपनी जान की परवाह किये बिना सामूहिक प्रयास , अथक परिश्रम का परिचय देते हुये पुलिसकर्मियों , होमगार्ड टीम एवं ग्रामीणों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। उनकी इस साहसिक कार्य के लिये पुलिस अधीक्षक ने आज सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।टापू में फंसे लोगों की सूची -पायल मिश्रा पिता नर्मदा प्रसाद उम्र 17 वर्ष निवासी सरकण्डा बिलासपुर , मानसी साहू पिता दुर्गेश साहू उम्र 13 वर्ष निवासी भटगांव हाल कुम्हारी , निधी साहू पिता सत्यप्रकाश साहू उम्र 14 वर्ष निवासी सोन लोहसी बिलासपुर , कौशल साहू पिता शान्तनु कुमार उम्र 11 वर्ष निवासी सरसीवां , नैतिक साहू पिता कमल नारायण साहू उम्र 09 वर्ष निवासी कुम्हारी थाना बिलाईगढ , शुभ साहू पिता पिता कमल नारायण साहू उम्र 09 वर्ष निवासी कुम्हारी थाना बिलाईगढ़ , श्रीमति नीलिमा शर्मा पति सुरेश शर्मा उम्र 60 वर्ष निवासी भाठापारा जिला बलौदाबाजार , श्रीमति अर्चना पाण्डेय पति लक्ष्मीकांत पांण्डेय उम्र 45 वर्ष निवासी सरकण्डा बिलासपुर , श्रीमति मीना साहू पति दुर्गेश साहू उम्र 38 वर्ष निवासी भटगांव हालमुकाम कुम्हारी , श्रीमति सोनिया साहू पति कमल नारायण साहू उम्र 37 वर्ष निवासी कुम्हारी थाना बिलाईगढ़ , आशीष कुमार प्रधान पिता पन्नालाल प्रधान उम्र 28 वर्ष निवासी कुम्हारी , कमल नारायण साहू पिता स्व. जवाहर लाल साहू उम्र 45 वर्ष निवासी कुम्हारी थाना बिलाईगढ़ , धनाराम केंवट पिता तिहारू केवट उम्र 23 वर्ष निवासी वार्ड नम्बर 03 शिवरीनारायण , गौतम निषाद पिता प्रकाश निषाद उम्र 23 वर्ष निवासी वार्ड नम्बर 04 शिवरीनारायण।रेस्क्यू टीम की सूची -चंद्रशेखर परमा उप पुलिस अधीक्षक (बा.वि.अ.अ.सेल.) जांजगीर , निरीक्षक विवेक कुमार पाण्डेय , प्रधान आरक्षक संजय उजीर , आरक्षक अर्जुन यादव , श्रीकांत सिंह , प्रवीण साहू , महेंद्र राज , मनोज रत्नेश।होमगार्ड टीमशिव कुमार साहू , हरि प्रसाद पटेल , राधेश्याम कश्यप , कृष्णा कुमार साहू , जयप्रसाद कटौतिया , धनेश्वर सिदार , अशोक पाण्डेय।मदद करने वाले ग्रामीणों की सूचीप्रकाश बंसल पिता शिवदयाल उम्र 48 वर्ष निवासी शिवरीनारायण , किर्ती शर्मा पिता स्व. लक्ष्मण शर्मा निवासी शिवरीनारायण , शिवशंकर सोनी पिता बैसचंद सोनी उम्र 41 वर्ष निवासी वार्ड नं. 06 शिवरीनारायण , शुभम केशरवानी पिता जोगेश केशरवानी निवासी नवागढ़ हाल मुकाम शिवरीनारायण , प्रतीक शुक्ला पिता सुर्दशन शुक्ला उम्र 31 वर्ष निवासी शिवरीनारायण , संजय सोनी पिता स्व. जीवन लाल उम्र 38 वर्ष निवासी शिवरीनारायण।
: छात्रत्व को गौरवान्वित करने का मंच है प्रतियोगी परीक्षा - रतन लाल डांगी
Sun, May 28, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - वरिष्ठ आईपीएस एवं राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी के निदेशक रतन लाल डांगी अपना कर्तव्य निभाते हुये भी समय - समय पर युवाओं को संदेश देते रहते हैं। इसी कड़ी में आज उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को संदेश देते हुये कहा हमारे निष्पादन / प्रदर्शन को बढ़ाता है किंतु उससे ज़्यादा तनाव प्रदर्शन को कम भी कर देता है। थोड़ा तनाव या डर आपको सतर्क बनाये रखता है तथा लक्ष्य को भूलने नहीं देता है। 'परीक्षा' इसी का नाम है। इसलिये इस संदर्भ में फिक्र करने की बजाए इसे सकारात्मक दिशा प्रदान कर जीत सुनिश्चित करनी चाहिये। याद रखें डर के आगे ही जीत है !
प्रतियोगी परीक्षा एक बड़ा मंच है। इसके लिये आप वर्षों अध्ययनरत रहते हैं। किंतु कई दफा बेहतर तैयारी के बावजूद परीक्षा भवन में जाने से पूर्व उन्हें लगता है कि जैसे वे सब कुछ भूल गये हों , उन्हें कुछ भी याद नहीं आ रहा हो तथा दिमाग सुन्न-सा हो रहा हो। ऐसी स्थिति में यदि आपका मित्र कोई प्रश्न पूछ लेता है और आप उसका सही जवाब नहीं दे पाते हैं तो आपका आत्मविश्वास न्यूनतम स्तर पर पहुँच जाता है। इस प्रकार की परिस्थिति छात्रों के लिये पीड़ादायक होती है। किंतु यहाँ सबसे मजेदार बात यह है कि इस अवधि में भूलना या याद ना आना महज एक तात्कालिक स्थिति होती है। तात्कालिक रूप से परीक्षार्थियों को भले यह लगे कि वे सब कुछ भूल गये हैं , किंतु वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं होता। परीक्षार्थियों द्वारा पढ़ी गई समस्त चीज़ें उनके अवचेतन मन में जमा रहती हैं। अत्यधिक तनाव की वजह से भले वह ‘एक्टिव मोड’ में ना रहे लेकिन परीक्षा भवन में प्रश्न देखते ही आप पायेंगे कि वह जानकारी प्रश्नों से कनेक्ट होते ही कैसे सक्रिय हो जाती है। फिर उन्हें सब कुछ स्वतः याद आने लगता है। इसलिये आपकों दिमाग से यह भ्रम निकाल देना चाहिये कि वे सब कुछ भूल गये हैं। याद रखें - ज्ञान कभी व्यर्थ नहीं जाता , ना ही उसका लोप होता है। बस सही रणनीति के ज़रिये उसे सक्रिय रखना होता है। स्मरण यह भी रखें कि प्रतियोगी परीक्षा सिर्फ छात्रों के ज्ञान और व्यक्तित्व का ही नहीं बल्कि उनके धैर्य , साहस और जुझारूपन का भी परीक्षण करती है। प्रतियोगी परीक्षा महज एक परीक्षा नहीं होती बल्कि छात्रत्व को गौरवान्वित करने तथा उनकी योग्यता-क्षमता-प्रतिभा को सम्मानित करने का एक मंच भी है। अतः इससे क्या घबराना ? अंत में उन्होंने सबको शुभकामनायें देते हुये धैर्य के साथ शांत मन से प्रश्नों पर फोकस करने की बात कही।
: मां सहित अंधेकत्ल के दो आरोपी जेल दाखिल
Sun, May 28, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टजांजगीर चांपा - अवैध संबंध के चलते बालक के गला एवं मुंह को दबाकर हत्या करने एवं उसके पैर को तार और पत्थर से बांधकर शव को कुआं में फेंक दिये जाने के मामले में नैला चौकी पुलिस ने मां सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस मीडिया ग्रुप से इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थिया द्वासा बाई धीवर निवासी मुड़पार ने गत माह 14 अप्रैल को चौकी नैला में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 अप्रैल को इसका नाबालिग लड़का घर में नहीं है और आसपास पता करने पर कोई पता नहीं चला। जिसे कोई अज्ञात आरोपी द्वारा अपहरण कर ले जाने की रिपोर्ट पर चौकी नैला में अपराध क्रमांक 269/23 धारा 363 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान 13 मई को प्रार्थिया के घर के बाड़ी से लगे कुंयें मेें एक बालक का शव तैरता हुआ मिला। जिसे कुंआ से निकालने पर प्रार्थिया द्वारा उक्त बालक की पहचान अपने पुत्र के रूप में की गई। मृत बालक का पैर तार एवं पत्थर से बंधा हुआ था। जिस पर मर्ग कायम कर शव पंचनामा कार्यवाही कराकर मर्ग जांच उपरांत प्रकरण में धारा 302 , 201, 34भादवि जोड़ी जाकर विवेचना की जा रही थी। विवेचना के दौरान घटना की गम्भीरता को देखते हुये मौके पर एफएएल वैज्ञानिक व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित होकर घटनास्थल का निरीक्षण किये एवं डॉग स्कॉट की टीम भी भेजी गई। प्रकरण के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये। प्रकरण के संदेही मृतक की मां द्वासा बाई धीवर एवं चाचा राजू धीवर को पुलिस हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर अपने मेमोरण्डम कथन में बताये कि मृतक के पिता वर्ष 2008 से हत्या के प्रकरण में सजा होने पर बिलासपुर जेल में निरूद्ध है। इसी दौरान द्वासा बाई धीवर एवं राजू धीवर के मध्य प्रेम संबंध स्थापित हो गया था। गत माह 13 अप्रैल को दोनों तिलई के बैंक से वापस घर आये और बाद मे मृतक बालक दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। उक्त घटना के संबंध में मृतक द्वारा जेल जाकर अपने पिता को बताऊंगा कहने पर आरोपी राजू धीवर मृतक बालक के गला एवं मुंह को दबाकर हत्या कर दिया एवं मृतक के पैर को बाड़ी में रखे तार एवं पत्थर से बांधकर शव को कुंआ मेें फेंक देना बताया गया। नैला चौकी पुलिस ने इस हत्याकांड के मामले में मां सहित दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में चंद्रशेखर परमा उप पुलिस अधीक्षक , यदुमणि सिदार एसडीओपी चांपा , निरीक्षक लखेश केवट , उप निरीक्षक गजा लाल चंद्राकर चौकी प्रभारी नैला , उप निरीक्षक पुष्पराज साहू , सहायक उपनिरीक्षक दिलीप सिंह , राम खिलावन साहू , प्रधान आरक्षक बलवीर सिंह , राजकुमार चंद्रा , आरक्षक जितेश सिंह , गोपेश्वर सिंह एवं महिला प्रधान आरक्षक राजकुमारी का विशेष योगदान रहा।