: बालको ने विश्व स्तनपान सप्ताह पर समुदाय में चलाया जागरूकता अभियान
Mon, Aug 26, 2024
बालकोनगर, 21 अगस्त 2024। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने समुदाय की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान के साथ विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया। इस वर्ष की थीम ‘क्लोजिंग द गैप: ब्रेस्टफीडिंग सपोर्ट फॉर ऑल’ के अनुरूप महिला एवं बाल स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सत्र आयोजित की गई। इस अवसर पर ‘आरोग्य परियोजना’ के अंतर्गत शिशुवती माताओं और गर्भवती महिलाओं को बच्चों के पोषण और स्तनपान के महत्व से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चे के लिए पहले 1,000 दिनों में मां के दूध का महत्व और कंगारू देखभाल जैसी उन्नत देखभाल तकनीकों पर जागरूकता प्रदान की गई। अभियान में मातृ एवं शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य और स्तनपान को अनुकूलित करने के लिए प्रसव से पहले महिलाओं के शरीर को तैयार करने पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में 500 से अधिक गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं ने भाग लिया।कार्यक्रम के समापन में कंपनी ने स्तनपान कराने वाली माताओं को सम्मानित और समर्थन देने का काम किया। अभियान ने स्तनपान प्रथाओं को बढ़ावा देने तथा इसे बनाए रखने में परिवार, समुदाय और स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका को बताया गया। साप्ताहिक पहल में माताओं और गर्भवती महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक सभी की पहुँच एक समृद्ध समुदाय बनाने के हमारे दृष्टिकोण का केंद्र है। विभिन्न पहल के माध्यम से हम महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के साथ लोगों को एक स्वस्थ जीवन, आत्मनिर्भर भविष्य तथा सशक्त बनाने के लिए कटिबद्ध हैं। मातृ एवं बाल स्वास्थ्य का समर्थन करके हम अपने समुदाय की भलाई को बढ़ावा दे रहे हैं। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि समुदाय के प्रत्येक माता एवं शिशु एक स्वस्थ और समृद्ध जीवन व्यतीत कर सके।कोरबा की महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रेणु प्रकाश ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि बच्चे का पोषण माँ की भलाई से जुड़ा हुआ है। महिला एवं बाल विकास लक्ष्यों के अनुरूप बालको की पहल माताओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए सशक्त बनाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उनके बच्चों को उनकी ज़रूरत के अनुसार पोषण मिले। मुझे विश्वास है कि प्रतिभागी इन सीखों को स्वयं तथा अपने बच्चों की देखभाल के लिए अधिक प्रभावी ढंग से लागू करेंगी।पथरीपारा की लाभार्थी रेजिना लिंगा ने बताया कि इस सत्र से कंगारू केयर तकनीक ने मातृत्व के प्रति मेरे दृष्टिकोण को बदल दिया है। कंगारू केयर पद्धति में सिखाया गया की अपने बच्चे को शरीर से लगाकर रखने से मातृ एवं शिशु के रिश्ते मजबूत होते हैं साथ ही मेरे बच्चे की समग्र विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। सत्र के दौरान मिले मार्गदर्शन ने एक माँ के रूप में मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया है जिससे मुझे अपने बच्चे की उचित देखभाल करने में मदद मिली है।समुदाय के प्रति समर्पित बालको की आरोग्य और नंद घर पहल, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक-आर्थिक विकास और कल्याण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। आरोग्य व्यापक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ प्रदान करता है जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एनीमिया और एचआईवी, टीबी और नशामुक्ति के बारे में जागरूकता पर केंद्रित है। नंद घर, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से प्री-स्कूल पोषण, उच्च-स्तरीय पाठ्यक्रम के साथ शिक्षा, डिजिटल शिक्षण उपकरण और बेहतर सुविधाओं को बढ़ाता है जिससे बच्चों के संज्ञानात्मक विकास और स्कूल उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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: बालको से जुड़ी कृपा राठिया लाल किला समारोह में शामिल
Mon, Aug 26, 2024
*बालकोनगर, 17 अगस्त, 2024।* बेला गांव की निवासी श्रीमती कृपा राठिया लाल किला समारोह में शामिल होने के बाद अपनी खुशी को बयां करते हुए``` कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एसएचजी महिलाओं की बात करके हमारे हौंसलों को बढ़ाया है। जहां चाह वहां राह कहावत को चरितार्थ करते हुए श्रीमती कृपा 78 वें स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हुई शामिल। जीवन में खुद के पहचान एवं आर्थिक चुनौतियों को मात देते हुए कृपा राठिया ने अपनी खुद की पहचान बनाई हैं।
हम सभी के लिए गर्व की बात की मिनिस्ट्री ऑफ माइंस की तरफ से देश भर से चुनिंदा औद्योगिक कंपनियों को ही बुलाया गया था। कार्यक्रम में शामिल होने वाली बालको छत्तीसगढ़ की एकमात्र कंपनी थी। देश भर के विभिन्न संस्थानों से 11 लोगों को इस समारोह में बुलाया गया जिसमें बालको, छत्तीसगढ़ की ओर से श्रीमती कृपा को शामिल होने का अवसर मिला।मजबूती से घर की जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए आगे बढ़ने के लिए बालको की परियोजना मोर जल मोर माटी से जुड़ी। 11 साल के बच्चे की मां श्रीमती कृपा ने सामुदायिक परियोजना से जुड़कर विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त किये हैं। कई वर्षो में इन्होंने अपनी सफलता की कहानी को स्वयं आकार दिया है। सफल उद्यमी बनकर आज समुदाय की महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत भी हैं। परियोजना की मदद से इन्होंने मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया जिससे साल में 50 हजार की आमदनी होती है। इसके साथ ही अपने मेहनत और लगन से कृषि क्षेत्र में भी उत्कृष्ट योगदान दे रही है। अपनी आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी से इन्होंने विकसित भारत के सपने को साकार किया है मिसाल पेश की है।श्रीमती कृपा राठिया ने लाल किला समारोह की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को ध्वजारोहण करते देखकर मन आनन्दित हो गया। कार्यक्रम को व्यक्तिगत रूप से अनुभव करना तथा प्रधानमंत्री और पूरे मंत्रालय को आमने-सामने से देखना मेरे लिए सबसे खास था। उन्होंने कहा कि मैं इस अनुभव के लिए बालको को धन्यवाद कहना चाहूंगी की उन्होंने मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया। बालको की सामुदायिक परियोजना ने मुझे सशक्त बनाने के साथ हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि सरपंच ने पूरे गांव को बताया है कि वह दिल्ली गई हैं और उनके पूरे गांव से बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है।लाल किला से प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने वाली हमारी बहनों की संख्या 10 करोड़ तक पहुंच गई। उन्हीं में से एक श्रीमती कृपा राठिया स्वयं सहायता समूह से जुड़ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। बालको की उन्नति परियोजना जीपीआर स्ट्रैटेजीज़ एंड सॉल्यूशंस (जीपीआरएसएस) के साथ साझेदारी में चल रही है। इस परियोजना से कोरबा के 45 शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 535 स्वयं सहायता समूहों की लगभग 5751 महिलाओं को विभिन्न कार्यक्रमों से लाभ मिल रहा है। परियोजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों के फेडरेशन विकास की दिशा में कार्य जारी है। महिलाओं को क्षमता निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, सूक्ष्म उद्यमों के प्रचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।मोर जल मोर माटी परियोजना 32 गांवों में 1800 एकड़ से अधिक भूमि के साथ 4749 किसानों तक अपनी पहुंच बना चुका है। किसान आजीविका के लिए कृषि के साथ पशुपालन, बागवानी और वनोपज जैसी गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। बालको अपने सामुदायिक विकास कार्यों की मदद से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल एवं स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, स्थायी आजीविका और पर्यावरण, संरक्षण में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है।
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: बालको ने ‘विकसित भारत’ विजन के साथ मनाया 78वां स्वतंत्रता दिवस
Mon, Aug 26, 2024
*बालकोनगर, 16 अगस्त 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारियों एव बिजनेस पार्टनर की उपस्थिति में 78वां स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने प्रशासनिक भवन परिसर में ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। राष्ट्रगान के उपरांत उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए ‘विकसित भारत’ के विजन के प्रति बालको की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। बालको प्रबंधन ने समारोह में राष्ट्र निर्माण में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया।भारत की विकास गाथा में कंपनी के योगदान के पर बोलते हुए श्री राजेश कुमार ने कहा कि हम 78वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहे हैं। करीब छह दशकों से बालको देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हमारी यात्रा में ऐसे मील के पत्थर शामिल हैं जो प्रचालन उत्कृष्टता और सतत् विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। विस्तार परियोजना के माध्यम से बालको वैश्विक ‘वन मिलियन टन क्लब’ में शामिल होने और देश को दुनिया की एल्यूमिनियम राजधानी के तौर पर स्थापित करने के लिए तैयार है। 'विकसित भारत' के लिए कंपनी के हमारे कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने के लिए कटिबद्ध हैं। हम प्रचालन उत्कृष्टता, नवाचार का उपयोग, सामुदायिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को आगे बढ़ाकर एल्यूमिनियम उद्योग को मजबूत कर रहे हैं। हम अपने इन्हीं प्रयासों से भावी पीढ़ी के लिए एक आत्मनिर्भर, समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर रहे हैं।कार्यक्रम में एक विशेष स्वतंत्रता दिवस वीडियो को प्रदर्शित किया जिसमें 'विकसित भारत' थीम के साथ बालको के प्रयासों को दिखाया गया। वीडियो में बालको की व्यावसायिक प्रथाओं के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में इसके योगदान के प्रयासों को दर्शाया गया है। सामुदायिक जुड़ाव की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री राजेश एवं कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बालको अस्पताल के मरीजों को फल वितरित किया। सीईओ ने व्यक्तिगत रूप से सभी का हालचाल पूछा और उन्हें शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। श्री राजेश सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा को सुलभ बनाने की दिशा में निस्वार्थ समर्पण के लिए बालको अस्पताल के चिकित्सकों, चिकित्साकर्मियों के प्रति आभार और प्रशंसा व्यक्त की।
भारत सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का जश्न मनाते हुए बालको परिवार के सदस्यों ने अपने-अपने घरों पर तिरंगा लगाने के उत्सव में बढ़-चढ़ के हिस्सा लिया। अभियान का हिस्सा बनकर सभी ने अपनी देशभक्ति की भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रदर्शित किया।
बालको का स्वतंत्रता दिवस समारोह लोकतंत्र और राष्ट्रीय विकास के सिद्धांतों के प्रति कंपनी के समर्पण का एक प्रदर्शन था जिसमें ‘विकसित भारत’ की यात्रा में योगदान देने की झलक दिखाई दी।
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