: दो सौ तीस नग मोबाइल पुलिस ने उनके मालिकों को किया सुपुर्द
Tue, Aug 13, 2024
बलौदाबाजार भाटापारा - जिले के विभिन्न थानों में विगत कुछ समय से दर्ज मोबाइल गुमने की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुये जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा गुम हुये मोबाइलों को रिकवर करने हेतु विशेष अभियान चलाया गया। जिसमें सीसीटीएनएस प्रभारी प्रधान आरक्षक विनोद सिंह , आरक्षक मुकेश तिवारी , प्रशांत दीवान , धर्मेंद्र यादव , प्रवीण यादव , कमलेश श्रीवास, नारायण देवांगन , अमीर राय की टीम द्वारा विशेष अभियान के तहत जिले के विभिन्न थानों में दर्ज गुम मोबाइल की रिपोर्ट पर तत्परतापूर्वक अथक प्रयास , लगन एवं मेहनत से खोजबीन करते हुये 230 नग गुम मोबाइलों को रिकवर करने में सफलता प्राप्त हुई है। रिकवर किये गये विभिन्न कंपनियों के मोबाइल की अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 32 लाख रूपये है। अभियान में पुलिस टीम द्वारा जिला रायपुर , महासमुंद , दुर्ग , बिलासपुर , मुंगेली , जांजगीर चांपा , बेमेतरा , बालोद , धमतरी , सक्ति , कबीरधाम , कोरिया आदि जिलों के साथ-साथ दीगर उड़ीसा, गोंदिया महाराष्ट्र से भी मोबाइल रिकवर किया गया है। आज पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह एवं हेमसागर सिदार द्वारा जिला पंचायत बलौदाबाजार सभागृह* में उक्त सभी मोबाइलों को उनके मालिकों के सुपूर्द किया गया। मोबाइल गुम होने पर उसके मिलने की आस खो चुके लोगों को उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने पर उन सभी के द्वारा जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस का धन्यवाद ज्ञापित कर प्रसन्नता व्यक्त किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने चर्चा करते हुये बताया गया कि पुलिस का यह अभियान भविष्य में भी निरंतर चलता रहेगा। साथ ही उन्होंने आमजनों से अपील करते हुये कहा कि किसी भी व्यक्ति को कहीं भी लावारिस मोबाइल पड़ा हुआ मिले या कोई व्यक्ति बिना रसीद के कम कीमत में मोबाइल उपलब्ध करा रहा है , तो ऐसा मोबाइल चोरी का अथवा किसी अपराध में उक्त मोबाइल का प्रयोग किया गया हो सकता है। ऐसी परिस्थिति में तुरंत अपने निकटतम थाने में इसकी सूचना देकर एक सच्चे नागरिक होने का कर्तव्य निभावें। साथ ही उन्होंने अपील किया कि अपना मोबाइल सुरक्षित रखें। किसी व्यक्ति का मोबाइल पाने वाला , दीगर व्यक्ति उस मोबाइल का गलत उपयोग कर सकता है , इसलिये अपना मोबाइल सम्हाल कर रखें। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को नवीन कानून के विषय , साइबर अपराध एवं यातायात नियमों के संबंध में भी जानकारी दिया गया। कार्यक्रम में निरीक्षक शशांक सिंह द्वारा नवीन कानून में निहित प्रावधानों , प्रक्रिया तथा साइबर अपराध से बचाव सतर्कता एवं बचाव के संबंध में जानकारी दिया गया। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा यातायात नियमों का पालन करते हुये सुगम एवं सुरक्षित परिवहन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया।
: एसएसपी रायपुर संतोष सिंह को मिली डॉक्टरेट की उपाधि
Tue, Aug 13, 2024
रायपुर - छत्तीसगढ़ कॉडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी व एसएसपी रायपुर संतोष कुमार सिंह ने एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है। छग के महामहिम राज्यपाल रामेन डेका की उपस्थिति में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें दुर्ग जिले के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में आज संपन्न हुये द्वितीय दीक्षांत समारोह में उनके संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों से जुड़े विषय पर किये गये शोध कार्य पूर्ण करने पर डॉक्टर की उपाधि प्रदान की। उन्होंने अपना शोध कार्य निर्देशक डॉ. सुनीता मिश्रा विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान शासकीय नवीन महाविद्यालय भिलाई एवं सहायक-निर्देशक डॉ. प्रमोद यादव विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान , सेठ आरसीएस कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय दुर्ग के निर्देशन में पूरा किया है। उनके शोध का विषय था “United Nations Peacebuilding Commission: Assessing its Role and Functions" (संयुक्त राष्ट्र के शांति-निर्माण प्रयासों की भूमिका व कार्यों की समालोचना)। उन्होंने पाया है कि शीत युद्ध के बाद दुनिया में हिंसाग्रस्त राष्ट्रों में शांति को चिरस्थाई बनाने के लिये संयुक्त राष्ट्र के शांति-रक्षा (पीस कीपिंग) और शांति-स्थापना (पीस मेकिंग) प्रयासों से आगे बढ़कर शांति-निर्माण या सुदृढ़ीकरण (पीस बिल्डिंग) कार्यों पर जोर देने की आवश्यकता है। इस सदी में संयुक्त राष्ट्र के यूएन पीसबिल्डिंग कमीशन के पर्यवेक्षण में किये जा रहे पीस-बिल्डिंग मिशनों ने दुनियां में शांति प्रयासों को बहुत मजबूत किया है। एसएसपी सिंह की यह थीसिस संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों विशेषकर शांति-निर्माण (पीस-बिल्डिंग) जो शांति प्रयासों में नया क्षेत्र है , उसकी समझ बढ़ाने में मदद करेगा। गौरतलब है कि महामहिम राज्यपाल रमेन डेका औऱ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आज दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ। बी.आई.टी. के सभागार में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में 68 विद्यार्थियों को शोध उपाधि और 48 विद्यार्थियों को विभिन्न कक्षाओ में प्रावीण्य सूची में प्रथम आने पर स्वर्ण मंडित पदक प्रदान किया गया आज संपन्न हुये दीक्षांत समारोह में प्रख्यात शिक्षाविद अतुल कोठरी , सम्भाग आयुक्त एस०एन० राठौर , आईजी आर०जी० गर्ग , कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी , एसपी जितेन्द्र शुक्ला , कुलपति अरुणा पल्टा , कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप , विधायक ललित चंद्राकर , गजेंद्र यादव , रिकेश सेन सहित शिक्षाविद , प्राध्यापकगण , शोधार्थी छात्र- छात्रायें एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
: बालको ने टीबी रोग के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए चलाया जागरूकता अभियान
Tue, Aug 13, 2024
बालकोनगर, 09 अगस्त 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने टीबी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला आरोग्य समिति (मास) और ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) के सदस्यों के बीच जागरूकता को बढ़ाने के लिए किया गया। डॉ. जी.एस. जात्रा नोडल अधिकारी टीबी/एचआईवी कार्यक्रम, कोरबा के नेतृत्व में प्रशिक्षण दिया गया। कंपनी द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दो बैचों में 100 से अधिक सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य मास और वीएचएसएनसी सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्र में टीबी रोग नियंत्रण और रोकथाम को लेकर उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना। कार्यक्रम की मदद से मास और वीएचएसएनसी सदस्यों की क्षमता बढ़ाने के साथ सदस्यों द्वारा एक कार्य योजना विकसित करना जिससे टीबी रोग की चुनौतियों का सामना किया जा सके। कंपनी ने टीबी जागरूकता अभियान के तहत स्थानीय स्वास्थ्य निकाय (मास और वीएचएसएनसी) के 45 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के रूप में तैयार किया। टीबी मुक्त भविष्य के लिए टीबी जागरूकता, पहचान, कारण, संपर्क ट्रेसिंग और परीक्षण में सुधार आदि के बारे में 600 से अधिक सामुदायिक सदस्यों को जागरूक किया गया।
टीबी से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार और स्वास्थ्य सुधार में उचित पोषण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक संतुलित आहार प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने और टीबी दवाओं की प्रभावशीलता को बढ़ाने में मदद करता है। पोषणयुक्त आहार सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से निक्षय मित्र पहल को लागू किया। इसके अंतर्गत कंपनी ने 56 गांवों के 22 टीबी रोगियों के आहार के लिए 6 महीने तक कर्मचारियों की स्वयंसेवा के माध्यम से वित्तीय सहायता दी गई। सहायता प्राप्त 90 प्रतिशत लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ तथा उपचाराधीन बाकी रोगियों के ठीक होने की संभावना सकारात्मक है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी अपने संयंत्र के आसपास के समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम से समुदाय में टीबी रोग की पहचान कर उनका करने में आसानी होगी। समुदाय के स्वास्थ्य देखभाल को सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं को बढ़ाना है और इसके साथ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और समुदाय के कमजोर वर्गों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।डॉ. जी.एस. जात्रा नोडल अधिकारी ने बालको मितान भवन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मास और वीएचएसएनसी के सदस्य समुदाय में टीबी रोग नियंत्रण और रोकथाम पर चर्चा करके जागरूकता बढ़ाने का कार्य करें। प्रशिक्षण में मिली जानकारी से सदस्य समुदाय में टीबी रोग पर फैली भ्रांतियों को दूर करने का काम करें। इस तरह के कार्यक्रम कंपनी द्वारा समुदाय के स्वास्थ्य एवं भलाई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बीते वित्तवर्ष 600 से अधिक सामुदायिक सदस्यों को टीबी रोग की समस्या के बारे में जागरूक किया। बालको की आरोग्य परियोजना स्वास्थ्य देखभाल और समुदाय की सेवा करने पर केंद्रित है। आरोग्य परियोजना के उपचारात्मक सेवाओं के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2024 में लगभग 49000 व्यक्तियों को स्वास्थ्य लाभ मिला है। कंपनी समुदायों के लिए स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी परियोजनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। कंपनी हर 15 दिनों में दो मोबाइल स्वास्थ्य वैन भी संचालित करती है। ग्रामीण स्वास्थ्य पोस्ट, एचआईवी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अभियानों के माध्यम से समुदायों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करती है।
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