: बालको में विश्व महिला दिवस पर महिला कर्मचारियों का सम्मान
Sat, Mar 9, 2024
विश्व महिला दिवस के अवसर पर बालको ने एल्युमिना कैंटीन में महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोरबा उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष सुश्री रंजना दत्ता उपस्थित थी। बालको की प्रमुख मानव संसाधन अधिकारी ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। बालको के सीईओ राजेश कुमार और मुख्य अतिथि की उपस्थिति में उत्कृष्ट योगदान के लिए बालको महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने सभी के साथ अपनी सफल यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि हम सभी को महिलाओं की उपलब्धियों और योगदान का जश्न मनाना चाहिए।
विश्व महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के उल्लेखनीय कार्यों पर विचार साझा करते हुए मुख्य अतिथि सुश्री रंजना दत्ता ने कहा कि बालको में महिला कर्मचारियों का योगदान प्रशंसनीय है। महिला विकास और सशक्तिकरण से ही देश की प्रगति को दोगनी रफ्तार मिलेगी। एक सफल महिला की कहानी अन्य सभी महिलाओं के लिए प्रेरणादायी होती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाये गए विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी सभी महिलाओं तक पहुंचानी चाहिए। महिलाओं को अपने अधिकारों के विषय में जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संभावनाओं के समान अवसर पर महिलाएं खुद ही क्षमता का विकास कर सकती हैं।
: लाखों युवाओं की प्रेरणास्रोत हैं छग की पहली महिला आईपीएस अंकिता शर्मा (महिला दिवस विशेष)
Thu, Mar 7, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टसक्ती - जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिये इच्छाशक्ति होना बहुत जरूरी है। जीवन में हर कठिनाई व परीक्षा को चुनौती के रूप में स्वीकार करना व पूरे मनोभाव, दृढ़ इच्छा शक्ति के किसी कार्य को करना व्यक्ति को उसकी सफलता की मंजिल तक पहुंचा सकता है। जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है, जिसे यह ज्ञात होता है कि मुझे क्या करना है, कैसे करना है और कैसे मंजिल तक पहुंचना है। हर व्यक्ति के अंदर एक प्रतिभा होती है तथा उस प्रतिभा को जागृत करना व निरंतर प्रयास करना ही सफलता का मूलमंत्र है। जीवन में सफल होने वाले व्यक्ति हमेशा बड़ा सोचते हैं और हर बड़ा सोचने वाला व्यक्ति परिश्रम के द्वारा एक दिन जरूर सफल होता है। यूपीएससी क्रैक करने के लिये काबिलियत के साथ - साथ हार ना मानने का जज्बा भी होना चाहिये।
उक्त बातें छत्तीसगढ़ की पहली महिला आईपीएस और सक्ती जिले के तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने महिला दिवस के पूर्व संध्या संक्षिप्त चर्चा में अरविन्द तिवारी से कही। बताते चलें एक ओर जहाँ इनके पुलिसिंग कार्यप्रणाली से नक्सली भी थर्राते हैं वहीं दूसरी ओर यूपीएसपी छात्र छात्राओं को अध्यापन - मार्गदर्शन देने से ये लाखों युवाओं के प्रेरणास्रोत भी हैं। अपने क्षेत्र में अभिनव पहल के चलते भी लोग इन्हें सैल्यूट करते हैं, सोशल मीडिया पर इनके लाखों फालोअर हैं। आज हम ऐसे ही जांबाज महिला आईपीएस से आपको रूबरू कराने जा रहे हैं , जो परिचय की मोहताज नही है। इन्होंने कठिन मेहनत से आईपीएस बनने तक का सफर हासिल किया है। इनकी बहादुरी के किस्से आज देश भर में मशहूर हैं।आईपीएस सुश्री अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के सिकोसा गांव की निवासी हैं और इनका ननिहाल पाटन में है। इनका जन्म 25 जून 1990 को हुआ , इनकी मां सविता शर्मा एक गृहिणी हैं और पिता राकेश शर्मा एक बिजनेमैन हैं। ये तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाली अंकिता ने सेंट जेवियर्स स्कूल दुर्ग से अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की है। इसके बाद इन्होंने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय से फाइनेंस और ह्यूमन रिसोर्स में एमबीए की , जिसमें ये गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इसके बाद वे सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिये दिल्ली गईं, लेकिन उनका वहां मन नहीं लगा। छह महीने में ही वे दिल्ली छोड़कर अपने घर वापस आ गईं और वहीं से परीक्षा की तैयारी करने की ठानी। आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा दो बार यूपीएससी क्रैक करने में असफल रही थीं लेकिन अपनी कड़ी मेहनत, लगन के दम पर उन्होंने तीसरे प्रयास में परीक्षा को पास किया और आईपीएस बनीं। इन्होंने यूपीएससी 2018 की परीक्षा में 1035 अंको के साथ 203 रैंक हासिल की थी। इन्हें छत्तीसगढ़ कैडर में आईपीएस रैंक आवंटित हुई थी , इसके साथ वे राज्य की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनी थीं। सक्ती जिला से पहले वे मई 2022 में खैरागढ़ - छुईखदान - गंडई जिले में बतौर एसपी पदस्थ रहीं। इसके अलावा इन्हें नक्सल प्रभावित इलाकों में एंटी नक्सली ऑपरेशन का इंचार्ज भी बनाया गया। इस दौरान इन्होंने नक्सलियों के खिलाफ कई सफल अभियान चलाये , इनकी जांबाजी के किस्से देश भर में मशहूर हैं। ये किरण बेदी को अपना रोल माडल मानती हैं। इनको घुड़सवारी और बैडमिंटन का खासा शौक है। ये योगा, प्राणायाम और शारीरिक कसरत करती हैं। खान-पान पर भी विशेष ध्यान देती हैं , छत्तीसगढ़ी व्यंजन में इनको मां के हाथ चीला और टमाटर मिर्च की चटनी काफी पसंद है।
: बालको की महिला कर्मचारियों ने लिखी आत्मनिर्भर की गाथा
Thu, Mar 7, 2024
बालकोनगर, 07 मार्च, 2024। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) महिला कर्मचारियों के योगदान और उपलब्धियों का सम्मान करता। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2024 थीम “निवेश महिलाओं में: प्रगति को तेज करें” के सपने को साकार करते हुए महिला कर्मचारियों ने अपने कौशल के माध्यम से बालको के उत्तरोत्तर प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में जहां महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम है वहां बालको की ये महिलाएं इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं।
बालको में कार्यरत स्नातक प्रशिक्षु हिमांशी गुप्ता पॉटलाइन फ़ंक्शन में कार्य करती हैं, जो कंपनी के ऑपरेशन क्षेत्र में काम करने वाली कई महिला पेशेवरों में से एक हैं। ऑपरेशन क्षेत्र पुरुषों के लिए उपयुक्त है इस धारणा को पीछे छोड़ती हिमांशी ने संगठन को मजबूत किया है। कई युवा लड़कियां और उनके माता-पिता मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में करियर बनाने, शिक्षा और नौकरी की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने में उत्सुकता व्यक्त करते हैं क्योंकि मैं उत्साहपूर्वक काम के प्रति अपने जुनून को साझा करती हूं।
बालको में मटेरियल्स इंजीनियर प्रीति शिखा नंदा ने धातुविज्ञान, अनुसंधान एवं विकास और उत्पाद गुणवत्ता में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि उत्पाद गुणवत्ता मूल्यांकन हमारे उत्पादों में उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के साथ ही कास्टहाउस के संचालन प्रक्रियाओं के मानक में समय पर सुधार भी करते हैं। सामग्री के लिए मेरा जुनून लगातार इस भूमिका में मेरे उत्साह को बढ़ावा देता है, जहां हम सूक्ष्म परीक्षणों के माध्यम से एल्यूमीनियम इंगट्स और वायर रॉड जैसे उत्पादों की सावधानीपूर्वक जांच करते हैं।
बालको की चोटिया माइंस में कार्यरत खनन इंजीनियर तपस्विनी प्रियदर्शनी ने कहा कि ओपन माइंस में कार्य करते मुझे काफी खुशी मिलती है। सुचारू लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित करना और टर्नअराउंड समय की निगरानी करना मेरी जिम्मेदारियों के महत्वपूर्ण पहलू हैं। मैंने कंपनी में अपने जैसी महिलाओं के लिए एक सहायक और सशक्त कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का अनुभव किया है। ऐसी कंपनी का हिस्सा बनना प्रेरणादायक है जो विविधता के महत्व सर्वोपरी रखता है और पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अवसर पैदा करने को प्राथमिकता दी है।
अंजलि पवार भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) में क्वालिटी एश्योरेंस डिपार्टमेंट की हेड के रूप में कार्यरत हैं। अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले पंद्रह वर्षों में मैंने वैश्विक बेंचमार्क हासिल करने के लिए हमारी प्रक्रियाओं और मानकों की प्रगति को साक्षी रही हूँ। उत्पाद के गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के साथ-साथ इसमें उत्कृष्टता और ग्राहक संतुष्टि की संस्कृति को बढ़ावा देना शामिल है। इस यात्रा का नेतृत्व करना मेरे लिए अविश्वसनीय रहा है। बालको प्रबंधन द्वारा मेरे कार्यों को मिली सराहना ने आत्मविश्वास बढ़ाने का काम किया। शैक्षणिक ज्ञान मेरे कार्य क्षेत्र में काफी सहायक रहा जिसने मेरे प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बालको में हेड-प्रोजेक्ट मैंनेजमेंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत सुनीला एमवीएस बालको की विस्तार परियोजना की जिम्मेदारियों के साथ इंजीनियरों की एक टीम का मार्गदर्शन भी करती हैं जो उनके सहयोगी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के किसी भी स्तर पर महिला पेशेवरों को इंडस्ट्री में और अधिक महिलाओं को शामिल करने की वकालत करने की बात करता है। उद्योग भी तेजी से कौशल-उन्मुख होता जा रहा है जो टेक्नोलॉजी एकीकरण में सभी पेशेवरों के लिए समान अवसर प्रदान करता है।'
बालको सक्रिय रूप से महिलाओं को अवसर, विभिन्न कौशल और समर्थन के साथ सशक्त बना रहा है जो यह सुनिश्चित करता है कि वे बाधाओं को पीछे छोड़ महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरें। वेदांता के दृष्टिकोण के अनुरूप, कंपनी ने महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण और उनके विकास के लिए उपयुक्त वातावरण को बढ़ावा देने और कौशल वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न पहल लागू की हैं।
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