: मंत्री लखनलाल देवांगन का यादव समाज ने किया सम्मान
Thu, Mar 7, 2024
कोरबा,
अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा, छत्तीसगढ़ कोरबा ने राधाकृष्ण मंदिर, शारदा विहार में लखनलाल देवांगन के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन थे। उन्होंने यादव समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम की प्रशंसा की। उन्होंने आयोजन को सामाजिक एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया इस अवसर पर श्री देवांगन ने कोरबा में यादव समाज के विभिन्न मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री भुनेश्वर यादव एवं विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय महासचिव श्री डी आर यादव की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
श्री भुनेश्वर यादव ने मंत्री श्री देवांगन के सामने समाज का मांगपत्र रखते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में हमारे समाज के लोगों को प्रथामिकता दी जाए। यादव समाज के लोगों को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचना हमारा लक्ष्य है। इसके लिये हमें कड़ी मेहनत की जरूरत है।
श्री डी आर यादव अपने संबोधन में कहा कि यादव समाज के लोग देश के विकास में प्रशंसनीय योगदान दे रहे हैं। निरंतर प्रगति करने के लिए समाज को एकजुट होने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
युवा अध्यक्ष श्री मिथिलेश यादव ने कहा कि हम सभी को अपने-अपने जिले में संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। समाज आगे बढ़ सके इसके लिये हमें संगठित होकर काम करने की जरूरत है।
भाजपा जिला महामंत्री युवा मोर्चा श्री नरेंद्र देवांगन, पार्षद श्री बुधवार साय यादव , जितेंद्र यादव सुजीत यादव, छोटे लाल यादव, बिलासपुर, सुरेश यादव रायपुर, राजकुमार यादव अंबिकापुर, श्री रिखी राम यादव, महिला प्रकोष्ठ श्रीमती हार बाई यादव, सरिता यादव, दंतेवाड़ा सैलाना यादव, जांजगीर ओमकार बाई यादव, सुषमा यादव, बाराद्वार, श्रीमती सुभद्रा यादव, सुनीता यादव,
विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद थे.यादव समाज के संरक्षक श्री केदार यादव श्री चंद्रमणि यादव, श्री हीरालाल यादव, श्री मूरत यादव श्री चुवाराम यादव,
प्यार यादव जगन्नाथ यादव, शिवनाथ यादव, विशेष तौर पर उपस्थित थे अतिथियों ने समाज के उत्थान की दिशा में विचार व्यक्त किये।इस कार्यक्रम,मे महिला प्रकोष्ठ से श्रीमती ऊमा यादव, संतोषी यादव, सुशीला यादव, गुड़िया यादव,सुनीता यादव, चमेली यादव,विमला यादव, पूर्णिमा यादव,कमला यादव, सुशीला यादव,नीता यादव, देवला यादव, पुनम यादव, अहिल्याबाई यादव,दुर्गा यादव,रूपकुँवर यादव, बुदकुंवर यादव, पौधाबाई, राखी यादव, राधिका यादव, सुनीता यादव, भगवती यादव, ललिता यादव, धनबाई यादव, चैनबाई यादव, पूर्णिमा यादव, शालिन यादव, द्रोपति यादव, पुनम यादव, प्रमिला यादव, सीता यादव, गंगादेवी यादव, मालती यादव, शांति यादव, अनुराधा यादव, गंगोत्री यादव,पुरूष वर्ग से मनोहर यादव, अशोक यादव, विनोद यादव, संतोष यादव, राजा यादव, मनहरण यादव, सत्येंद्र यादव, नरेश यादव, लीलाम्बर यादव, रामेश्वर यादव, करमहा यादव, बाबुलाल यादव, सुखीराम यादव, रुपेश यादव, महादेव यादव, श्यामलाल यादव, सत्येंद्र यादव, विजय यादव,श्रवण कुमार यादव, नरेश यादव, मनशोधन यादव, दिलेश्वर यादव, जागेश्वर यादव, मुरत यादव, राजू यादव, बृजेश यादव, चक्राधार यादव, भुजबल यादव, उत्तम यादव, बालकराम यादव, हेतराम यादव, रविकुमार यादव, सेदकुमार यादव, राहुल यादव, भानुकुमार यादव, अनिल यादव, दिलीप यादव, रामगोपाल यादव, व महिलाएं बच्चे एवं स्वजाती बंधो बड़ी संख्या में उपस्थित रहें
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना से हुई। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ शाल श्रीफल से किया गया।
: छग प्रवास के अंतिम चरण में दुर्ग पहुंचे पुरी शंकराचार्य
Thu, Mar 7, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टदुर्ग - हिन्दू राष्ट्र के प्रणेता ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज अपने राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के तहत 27 फरवरी से अष्टदिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। इस तारतम्य में उन्होंने श्रीसुदर्शन संस्थानम् में दर्शन - संगोष्ठी -दीक्षा , मुरा में विशाल धर्मसभा , जामुल (भिलाई) में धर्मसभा को संबोधित किये। जामुल में सभी कार्यक्रमों की समाप्ति पश्चात पुरी शंकराचार्यजी आज शाम सड़क मार्ग से जामुल से लंगूरवीर हनुमान मंदिर दुर्ग के लिये रवाना हुये। यहां मानव सोनकर , नारायण शर्मा , हिमांशु शुक्ला, विनोद दुबे , प्रदीप साहू , कान्हा महाराज, प्रकाश राजपूत , पुष्पांजलि पंडा , शिवकुमारी द्विवेदी , किरण सिंह सहित शिष्यों एवं धर्मप्रेमियों द्वारा महाराजश्री का भव्य स्वागत किया गया। यहां महाराजश्री ने लंगूरवीर हनुमानजी का दर्शन किया , वहीं गुरूकुल के विद्यार्थियों एवं शिष्यों ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। यहां से शंकराचार्यजी अग्रसेन वेलफेयर ट्रस्ट, टोल प्लाजा के पास बाईपास रोड दुर्ग पहुंचे , जहां उनका तीनदिवसीय निवास रहेगा। कल 04 मार्च को पूर्वान्ह साढ़े ग्यारह बजे दर्शन , संगोष्ठी - दीक्षा और पत्रकार वार्ता का कार्यक्रम आयोजित है। वहीं शाम चार बजे कान्हा महाराज एवं देवा महाराज की टीम द्वारा वाद्ययंत्रों के साथ भारतीय वेशभूषा में हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जायेगा। इसके पश्चात पुरी शंकराचार्यजी शाम पांच बजे महाराजा अग्रसेन वेलफेयर ट्रस्ट ,टोल प्लाजा के पास , बाईपास रोड दुर्ग में विशाल हिन्दू राष्ट्र धर्मसभा को संबोधित करेंगे। अपने छग प्रवास के अंतिम दिन महाराजश्री का 05 मार्च को पूर्वान्ह साढ़े ग्यारह बजे अग्रसेन वेलफेयर ट्रस्ट में दर्शन , दीक्षा कार्यक्रम आयोजित है। यहां सभी कार्यक्रमों की समाप्ति के पश्चात पुरी शंकराचार्यजी रात्रि साढ़े आठ बजे सारनाथ एक्सप्रेस से प्रयागराज के लिये रवाना हो जायेंगे। पुरी शंकराचार्यजी द्वारा संस्थापित संगठन पीठ परिषद , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी ने सभी श्रद्धालुओं से उक्त कार्यक्रमों में शामिल होकर दर्शन , श्रवण लाभ लेने की अपील की है। इसकी जानकारी श्रीसुदर्शन संस्थानम् , पुरी शंकराचार्य आश्रम / मीडिया प्रभारी अरविन्द तिवारी ने दी।
: डिप्टी सीएम ने किया कविता संग्रह बस्तर की सुबह का विमोचन
Thu, Mar 7, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - बस्तर के मानवशास्त्री एवं साहित्यकार डॉ० रूपेन्द्र कवि की बहुप्रतीक्षित कविता संग्रह "बस्तर की सुबह" का विमोचन छत्तीसगढ़ के यशस्वी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के हाथों उनके निवास कार्यालय सिविल लाईन में आज संपन्न हुआ। बताते चलें फिलहाल यह किताब जहाँ दो भाषाओं हलबी व हिन्दी में लिखी गई है , वहीं अन्य भाषाओं में भी इसके अनुवाद करने की ज़रूरत है। इस किताब को डिप्टी सीएम शर्मा ने अवार्ड विनिंग बुक कहकर लेखक प्रकाशक को शुभकामनायें दी है। इस कविता संग्रह विमोचन के समय और कोई साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
अपने संक्षिप्त परिचय देते हुये कवि डा० रूपेन्द्र ने अरविन्द तिवारी को बताया कि उनका जन्म वनांचल बस्तर के जगदलपुर में 17 फरवरी 1979 में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा बस्तर में होने के बाद उनकी उच्च शिक्षा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में सम्पन्न हुई। मानव विज्ञान में इन्होंने पीएचडी कार्य सम्पन्न किया। भाषाविज्ञान, विरासत प्रबन्धन संग्रहालय विज्ञान ,समाजशास्त्र , हिंदी साहित्य आदि विषयों की पढ़ाई इनके ज्ञान विस्तार और जिज्ञासावृत्ति के सूचक हैं। देश विदेश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में पचास से अधिक शोधपत्र , राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में इनका शामिल होना और अध्यक्षता इनके अकादमिक अभिरुचि के अभिलक्षण हैं। ये अपने लोक बस्तर को साहित्यिक सृजन की दृष्टि से देखते हैं , जिसका शुभ पक्ष इनकी कविता लेखन यात्रा है। भारतीय जाति व्यवस्था: शास्त्रीय एवं आधुनिक' , 'बस्तर में आदिवासी विकास' इनके द्वारा लिखित मानवविज्ञान की मानीखेज़ पुस्तक है। इसके अलावा इनकी बाल साहित्य की पुस्तकें नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया से प्रकाशित हुई है। 'आधारभूत मानवविज्ञान ' इनकी शीघ्र प्रकाश्य पुस्तक है। बस्तर के लोकजीवन पर इनके संजीदा विचार उल्लेखनीय हैं। इनको देश के विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। इनकी लेखन यात्रा अनवरत जारी है। कवि रूपेन्द्र वर्तमान में उपसंचालक आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, (छत्तीसगढ़)में पदस्थ हैं। बस्तर के यशस्वी रचनाकार डॉ.रूपेंद्र कवि,'कवि ' नाम के अनुरूप मूलतः मानवविज्ञानी होते हुये भी कविकर्म को साथ लेकर चलते हैं। कवि की प्रथम कविता संग्रह 'बस्तर की सुबह' दो अर्थों में विशेष है - प्रथम यह अपने बस्तर भूमि से बस्तर की हल्बी बोली में हिंदी कविता का अर्थविस्तारक है। यह कविता संग्रह द्विभाषी है-हल्बी और हिंदी। दूसरा संग्रह की कवितायें बस्तर की संस्कृति और संस्कृति की को मानवविज्ञान की नजर से देखता है। बस्तर की धरती से देश दुनियां की संवेदनलय से हमें जोड़ती है।