: भाकपा के जिला सचिव पवन कुमार वर्मा एवं साथियों द्वारा 16 फरवरी 2024 से भूख हड़ताल किया जाएगा।
Wed, Jan 31, 2024
दिनांक 31 जनवरी 2024 को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव पवन कुमार वर्मा ने अनुविभागीय ढण्ड अधिकारी को पत्र लिख कर सूचित किया कि 16 फरवरी 2024 से कोरबा घंटाघर में भूख हड़ताल शाम 4:00 बजे से किया जाएगा कामरेड वर्मा ने कहा कि कोरोना काल के बाद से लगातार कोरबा एवं राज्य स्तरीय मुद्दों को पार्टी द्वारा प्रमुखता से उठाया जा रहा है लेकिन शासन प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आज आम जनता के मुद्दे जैसे कोरबा को प्रदूषण मुक्त करना, कोरबा के सभी तालाबों की साफ सफाई एवं पानी भराव की व्यवस्था, नगर निगम के सफाई कर्मी एवं कचरा उठाने वाले को न्यूनतम मजदूरी एवं सामाजिक सुरक्षा तत्काल दिया जाए,भू स्थापितों को नौकरी मुआवजा पुनर्वास, सभी वार्डों में पीने का पानी की व्यवस्था, सड़क, बिजली, नाली, साफ सफाई, बाल्को कंपनी में महिला -पुरुषों की उपेक्षा, रोड डामरीकरण एवं रोड निर्माण में गुणवत्ता की जांच, किसानों की जमीन का अधिग्रहण का मुआवजा, रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका आशा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, छत्तीसगढ़ राज्य के उदयोगो में आउटसोर्स बंद करना एवं उसमें लगे कर्मचारियों को नियमित करना, ईएसआईसी हॉस्पिटल को सर्व सुविधायुक्त करना, निराश्रित एवं वृद्धा पेंशन 3000 करना एवं समय से देना सुनिश्चित करना, छत्तीसगढ़ राज्य में न्यूनतम मजदूरी 26000 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाए, विभिन्न ट्रेन चलाने की मांग किया गया है। कोरबा रायगढ़ इंटरसिटी, हावड़ा साप्ताहिक एक्सप्रेस, पटना साप्ताहिक एक्सप्रेस, रीवा साप्ताहिक एक्सप्रेस, कोरबा से अंबिकापुर तक रेल मार्ग ए विभिन्न मुद्दों को लेकर 16 फरवरी 2024 को पूरे देश में किसान मजदूर आम आदमी हड़ताल पर जा रहा है उसी दिन कामरेड नवरंग लाल जी की पुण्यतिथि है पार्टी के जिला सचिव पवन कुमार वर्मा एवं उनके साथियों द्वारा *16 फरवरी 2024 से आमरण अनशन किया जाएगा* आजादी के 75 साल बाद भी भारत के अधिकांश किसानों को आज भी फसलों का वाजिब दाम नहीं मिलता है।भारत के 85% मजदूरों को न्यूनतम वेतन नहीं मिलता है। उनसे यूनियन बनाने का अधिकार लगभग छीन लिया गया है। अस्थाई नौकरियों को खत्म करके उनका ठेका कारण किया जा रहा है।
बच्चों की शिक्षा का स्तर लगातार तेज गति से गिरता जा रहा है। गरीबों के बच्चे ठीक से लिख और पढ़ पाते भी नहीं है।समाज के अधिकांश लोग अच्छे स्वास्थ्य, शिक्षा, जल, वायु, बेहतर स्कूलों और बेहतर अस्पतालों से महरूम बने हुए हैं, विश्व स्तरीय विश्वविद्यालयों और अस्पतालों का पूरी तरह से अभाव बना हुआ है, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भयंकर लूट और मुनाफाखोरी की आंधी चल रही है। विश्व पैमाने पर चुनावी लोकतंत्र में भारत 108वें स्थान पर है, भुखमरी में 149वें में स्थान पर है, खुशहाली में 126वें स्थान पर है, प्रेस की आजादी में 161वें स्थान पर है।आज जनता को रोजगार, दवा, वस्त्र, अनाज, मकान, साफ पानी, प्रदूषण रहित वातावरण देने की कोई बात नहीं हो रही है।
: सतनाम का संदेश लेकर लौटे समाज के युवा
Wed, Jan 31, 2024
कोरबा । सतनाम के संदेश को लेकर गुरू के दर्शन करने पुरानी बस्ती आदिले चौक कोरबा से कविराज आदिले, प्रकाश खूंटे, रोशन और ऋषभ 27 जनवरी को पैदल यात्रा कर गिरौैदपुरी धाम गये। गुरू का दर्शन कर 31 जनवरी को कोरबा वापस लौटे।
सतनाम के संदेश को लेकर 27 जनवरी को पुरानी बस्ती से युवाओं के सदस्यों की एक टीम गिरौदपुरी धाम पैदल गई। तीन दिनों के इस यात्रा में पहले दिन 38 किलोमीटर दूरी तय कर खिसोरा में रात्रि विश्राम किया गया। दूसरे दिन 28 जनवरी को प्रात: 5 बजे यात्रा प्रारंभ किए और ग्राम सेमरा में रात्रि विश्राम किए। सभी युवा सतनाम का प्रचार कर तीसरे दिन गिरौदपुरी पहुंचकर गुरू का दर्शन किए। तीसरे दिन ही सतनाम के नाम का ज्ञान लेकर आज कोरबा आगमन हुआ। कोरबा में कोरबा सतनामी कल्याण समिति के सदस्य त्रिवेन्द्र आदिले, कार्यकारिणी सदस्य के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर सविता खरे, सावित्री आदिले, सविता खूंटे, सरोज आदिले, किरण खूंटे, चंद्रिका बंजारे, लता खंूटे, लक्ष्मीन मनहर, गायत्री आदिले, पुष्पा खूंटे, चंद्रकला आदिले सहित समाज के अन्य लोग उपस्थित थे।
: गाय को अनुदान नही सम्मान चाहिये - गोपालमणि
Tue, Jan 30, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - मनुष्य जब जन्म लेता है तो पहला शब्द मां होता है , यह शब्द गौमाता से ही हम सबको मिला है। ये भारत देश तभी धन्य होगा जब गौमाता राष्ट्रमाता के पद पर प्रतिष्ठित होगी। गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने के लिये हम गोभक्त अपनी जान की बाजी भी लगाने के लिये तत्पर हैं। गौमाता ही धर्म , अर्थ , काम , मोक्ष की प्रदात्री है। वे भगवानों के भी भगवान है , कोई भी शुभकर्म या सद्कर्म गौमाता के बिना संभव नही है। हमारे किसी भी सद्कर्म की साक्षी गौमाता ही होती है , इसलिये कन्यादान के बाद गोदान करने की हमारी परंपरा रही है। पूजा - पाठ , जप - तप ये सब हम लोग एकांत में बिना किसी को बताये करते हैं। लेकिन जब भी गौमाता पर संकट आयेगी तो गोभक्त चुपचाप नही बैठ सकता , वह घर से बाहर निकलकर क्रांति जरूर करेगा।
उक्त बातें आज मेक कॉलेज (महाराज अग्रसेन कॉलेज) समता कॉलोनी के सभागृह में भारतीय गौ क्रांति मंच के बैनर तले गौ रत्न सम्मान समारोह को संबोधित करते हुये गौ क्रांति अग्रदूत गोपालमणि महाराज ने कही। गौमाता पर संकट के समय गोभक्त के सामने आने की कथा का उल्लेख करते हुये महाराजश्री ने कहा कि पांडवों के बारह वर्षों के अज्ञातवास के समय उनके पता नही लगने पर दुर्योधन को बताया गया कि गौमाता पर संकट खड़ा करने से उनका पता चल सकता है। इस बात की जानकारी होते ही दुर्योधन ने विराट की गौधाम में आग लगा दी। जैसे ही गौमाता पर संकट आया , तुरंत अर्जुन अपना धनुष बाण लेकर सामने आ गया। दुर्योधन ने कहा कि अभी अज्ञातवास समाप्त नही हुआ है और अब फिर से बारह वर्षों तक पांडवों को अज्ञातवास करना होगा। तब भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों का पक्ष लेते हुये अज्ञातवास पूरा हो जाने की बात बताई। इस कथा के माध्यम से महाराजश्री ने बताया कि अगर हम धर्म के साथ हैं और गौमाता के साथ हैं तो हमारे पीछे खड़े होकर भगवानश्री कृष्ण निश्चित रूप से हमारा सहयोग करेंगे। महाभारत के चीरहरण कथा पर विस्तृत प्रकाश डालते हुये महाराजश्री ने कहा कि द्रौपदी को भीष्म पितामह और धर्मराज युधिष्ठिर के रहते चीरहरण नही होने पर विश्वास था लेकिन उनकी दासता के चलते वे सभी उनकी रक्षा करने में असमर्थ रहे। इसके माध्यम से महाराजश्री ने कहा कि जब तक हम गौमाता के लिये अनुदान लेते रहेंगे तब तक दासता की बेड़ियों में जकड़े रहेंगे। उन्होंने अपनी सैकड़ों गौधामों में शासन के तरफ से कुछ भी सहयोग नही लेने की बात बताते हुये इस बात पर जोर दिया कि गौमाता को अनुदान नहीं बल्कि सम्मान चाहिये। उन्होंने धेनुमानस ग्रंथ पर प्रकाश डालते हुये कहा कि मैंने पच्चीस साल तक रामकथा , भागवतकथा कहने के बाद गौमाता की कृपा से इसे लिखा है। यह कथा सभी ग्रंथों का सार है , जिसे सभी संतों ने स्वीकार भी किया है। उन्होंने सभी गोभक्तों से इस पुस्तक का पाठ करने को भी कहा। अंत में उन्होंने गोभक्तों को दोनों हाथ खड़ा करके गोसेवा करने और गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने तक अपनी मेहनत जारी रखने शपथ दिलायी। इसके साथ ही महाराजश्री ने राज्य और केन्द्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की बात कही। इस समारोह में चार सौ से अधिक गोभक्तों को सम्मानित किया गया। वहीं सम्मान समारोह में साध्वी राजेश्वरी देवाजी महंत श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर दिल्ली , संत रामबालक दास महात्यागी महाराजजी , संत पंडित प्रकाश शुक्ला , संरक्षक अमृतलाल बिल्थरे , प्रेम शंकर गोटिया , प्रेम सिंघानिया , विश्वेशर पटेल , प्रदेश अध्यक्ष नवीन अग्रवाल , प्रचार प्रमुख झनक लाल बिसेन , महामंत्री राजा पांडे , सूरज यादव , नरेश चंद्रवंशी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।