: रात्रि कालीन क्रिकेट प्रतियोगिता 15 दिसम्बर से बालको नगर में प्रारंभ
Thu, Dec 12, 2024
चैलेंज कप रात्री कालीन क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन बालको नगर में किया जा रहा है जिसमें जिले की सभी टीमें आमंत्रित है जिसमें प्रथम पुरस्कार 25000 रुपए एवं कप एवं द्वितीय पुरस्कार 15000 रुपए एवं कप है 15 दिसंबर से इसका आयोजन बालको नगर शहीद खेल मैदान सेक्टर 3 में किया जा रहा है आयोजक समिति + 30 क्रिकेट क्लब बालको नगर की है जो प्रतिवर्ष क्रिकेट एवं अन्य प्रतियोगिता जिले में आयोजन करती है जिसके अध्यक्ष नवीन कश्यप है संरक्षक प्रकाश चतुर्वेदी है। इस प्रतियोगिता में जिले की सभी इच्छुक टीमों का आमंत्रण है एवं जिले की बाहर की टीम भी इस प्रतियोगिता में भाग लेंगी
प्लस 30 क्रिकेट क्लब का मुख्य उद्देश्य शहर में खेल भावना का विकाश करना और गरीब जरूरमंद बच्चों को खेल की सामग्री प्रदान करना होता है जो पिछले 10 साल से शहीद खेल मैदान सेक्टर 3 की देख भाल मरम्मत और खेल के लिए उचित वातावरण बनाना है।जिसमें उनका योगदान परवीन गिरी ,सुनील फुलर ,गौरव सोनी, विनोद सिंह ,अविनाश त्रिपाठी शेखर अविनाश जायसवाल और उनके सभी साथियों का रहता है।इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में शहर वासियों कर्मचारियों और बालको के ठेका संस्थानों स्थानीय जन प्रतिनिधियों का भी विशेष योगदान रहता है
: बालको ने माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन अनुकूल स्कूल बनाने के लिए चलाया अभियान
Fri, Dec 6, 2024
*बालकोनगर, 6 दिसंबर 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने सामुदायिक विकास परियोजना ‘नयी किरण’ के अंतर्गत मितान भवन में दो दिवसीय जिला स्तरीय माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। कोरबा जिले के 113 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अध्यापक प्रतिनिधियों को माहवारी स्वच्छता के अनेक आयामों से परिचित कराया गया। साथ ही कार्यक्रम में एमएचएम पर एक माड्यूल-1 भी लांच किया गया। ‘नयी किरण’ परियोजना का उद्देश्य महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता के जैव वैज्ञानिक पहलुओं, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों और उनके समाधान, पोषण आहार आदि से परिचित कराना है।
बालको की नई किरण परियोजना के अंतर्गत एमएचएम फ्रेंडली स्कूलों के निर्माण के लिए विशेष रूप से मॉड्यूल डिजाइन की गई है। इसका उद्देश्य शुरूआत से ही विद्यार्थियों को किशोर स्वास्थ्य, माहवारी संबंधी मिथकों और भ्रांतियों के प्रति जागरूकता तथा प्रबंधन एवं स्वच्छ प्रथाओं का विकास करना है। स्कूल के बच्चों को जागरूक करने के लिए ‘एमएचएम किट’- पैड, पैड सिलाई सामग्री, कैसे प्रयोग करें, साबुन और डिस्पोजल एवं डस्टबिन की व्यवस्था है। इसके साथ ही प्रशिक्षण सत्रों में सभी प्रतिनिधियों को शारीरिक समझ, किशोरवस्था में आने वाले बदलाव, माहवारी स्वास्थ्य एवं प्रबंधन तथा स्वच्छता के बारें में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
इस पहल के तहत वर्ष 2023 से सरकारी एवं प्राइवेट प्रशिक्षित स्कूलो की संख्या 71 से बढ़कर 113 हो गई है। प्रत्येक स्कूलों से एक टीचर को ‘एमएचएम साथी’ बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। कैंपेन का उद्देश्य एक न्यायसंगत और समावेशी स्कूल बनाना है जहां बच्चे माहवारी के बारे में सामान्य तरीके से बातचीत कर सके। बीते वर्ष इस कैंपने के अंतर्गत लक्षित क्षेत्रों में माहवारी संबंधी उत्पाद, अस्पतालों और क्लीनिक के सेवा प्रदाताओं से माहवारी पर बातचीत और पारदर्शी पैकेजिंग को खुले तौर पर अपनाने की शपथ लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको की नयी किरण परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य स्तर में उत्तरोत्तर सुधार तथा माहवारी संबंधी भ्रांतियों और शंकाओं का समाधान करना है। इसके अंतर्गत लक्षित वर्ग को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के लिए उन्हें अनेक गतिविधियों से जोड़ा गया है। स्कूलों में माहवारी के प्रति जागरूकता अभियान से बेहतर भविष्य का निर्माण होगा। समाज में माहवारी के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के प्रति बालको प्रबंधन कटिबद्ध है।बालको ने वर्ष 2019 से सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कोरबा जिले के 45 गांवों एवं नगर पालिक निगम क्षेत्रों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता परियोजना लागू की। परियोजना के अंतर्गत 600 से अधिक एमएचएम लीडर बनाएं गए जिसमें किशोर बालक, बालिकाएं, स्वं सहायता समूह, आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता और अध्यापकगण शामिल हैं। सभी लीडर समुदाय में जाकर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति बालिकाओं और महिलाओं को जागरूक करनें में सक्षम हुई हैं। परियोजना के दायरे में समुदाय के लगभग 50000 से अधिक लोग शामिल हैं।
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: बालको 'सुरक्षा संकल्प' के 3 वर्ष पूरे, सुरक्षा संस्कृति को मिली मजबूती
Tue, Dec 3, 2024
*बालकोनगर, 2 दिसंबर 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी मासिक सुरक्षा पहल 'सुरक्षा संकल्प' के तीन साल पूरा कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस कार्यक्रम में कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों दोनों की भागीदारी शामिल है, जिसने संयंत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने और सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परिणामस्वरूप संयंत्र परिसर के भीतर सुरक्षा मानकों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।
दिसंबर 2021 से आरंभ सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम का उद्देश्य कोचिंग, कॉउंसिलिंग, मॉनिटिरिंग और त्वरित प्रतिक्रिया प्रदान करने में निहित सुरक्षा संस्कृति का पोषण करना है। प्रत्येक महीने के पहले दिन आयोजित होने वाले व्यापक प्रशिक्षण सत्रों ने कर्मचारियों को कार्यस्थल पर रचनात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करते हुए सुरक्षा-प्रथम व्यवहार को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लगातार तीसरने वर्ष में आयोजित 36वें प्रशिक्षण में 1500 से अधिक कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों ने हिस्सा लिया। सभी इस पहल के माध्यम से सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में तीन वर्षों के समर्पित प्रयासों का जश्न मना रहे थे।
सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम अपने संचालन के सभी क्षेत्रों में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई विभिन्न प्रकार की थीम को शामिल करता है। कंपनी सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में शिक्षित करने के साथ विभिन्न टीमों के भीतर सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारियों को पुरस्कृत कर उन्हें प्रोत्साहित किया है। पुरस्कृत व्यक्ति अपने विभागों के भीतर सुरक्षा जागरूकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है और दूसरों को कार्यस्थल में सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी में हम जीरो हार्म के अपने दृष्टिकोण का पालन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करते हैं। सुरक्षा संकल्प’ एक मजबूत सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक रहा है जो हमारे कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों की भलाई को प्राथमिकता देने के साथ एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करता है। हम अपने सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं। इस पहल की निरंतरता और लगातार सुदृढ़ीकरण से सुरक्षा मानसिकता को विकसित करने तथा सुरक्षा व्यवहार में परिवर्तन लाने में सहायक साबित हुआ।मजबूत सुरक्षा संस्कृति का निर्माण करने के लिए कंपनी कई अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया है। जैसे- ऑगमेंटेड एंड वर्चुअल रिएलिटी आधारित प्रशिक्षण केंद्र, वीडियो एनालिटिक्स, सस्टेनेबेलिटी मोबाइल ऐप और ई-लर्निंग पाठ्यक्रम जैसे डिजिटलीकरण के माध्यम से कर्मचारियों को सुरक्षा संस्कृति से जोड़ा गया है। सुरक्षा क्षेत्र में बालको अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर की मदद से यातायात एवं सड़क सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला सहित विभिन्न सुरक्षा कार्यों में बेहतर निर्णय लेने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस और डेटा अंतर्दृष्टि का लाभ उठा रहा है। रियल टाइम डेटा की निगरानी, कोयला यार्ड में हॉट स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम जैसी परियोजनाओं सहित एंड-टू-एंड डिजिटल डैशबोर्ड की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थर्मल निरीक्षण का उपयोग करना शामिल है। शॉप फ्लोर में भारी वाहनों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए एलईडी लोगो प्रोजेक्टर का प्रयोग हो रहा है। टी-पल्स निगरानी प्रणाली जो एआई मॉडल का उपयोग करके कैमरा नेटवर्क के माध्यम से रियल टाईम में संयंत्र के अंदर चल रहे कार्यों की निगरानी करता है। सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए आंतरिक वाहन संचालन में अत्याधुनिक एआई तकनीक एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएमएस) को लागू किया गया है।
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