: शव निकालने में एसडीआरएफ टीम को मिली सफलता
Tue, Sep 19, 2023
कोरबा - एसडीआरएफ बिलासपुर की टीम ने कोरबा नगरसेना टीम के संयुक्त कार्यवाही से नागिन भांठा बांकीमोंगरा स्थित अरिहन नदी में डूबे नाबालिग के शव को ढूंढ़ निकालने में सफलता हासिल की है।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये एसडीआरएफ टीम के जवान दीपक तिवारी ने अरविन्द तिवारी को बताया कि रविवार को सुबह नौ बजे के लगभग सौरभ कौशिक पिता स्व० प्रेम कौशिक उम्र 12 वर्ष अपने साथियों के साथ नदी में नहाने गया था और नहाते हुये नदी में डूब गया। इसकी जानकारी एसडीआरएफ बिलासपुर को दी गई। जानकारी मिलते ही डीआईजी एस०के०ठाकुर के निर्देशानुसार एवं जिला सेनानी अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ के आदेशानुसार मेजर बलराम ध्रुव के नेतृत्व में हमारी टीम दूसरे दिन सोमवार को तड़के सुबह घटनास्थल के लिये रवाना हुई। यहां पहुंचकर एसडीआरएफ टीम ने नगर सेना कोरबा के साथ संयुक्त कार्यवाही करते हुये एक घंटे की मशक्कत करने के बाद नाबालिग के शव को चट्टान से निकालने में सफलता हासिल की। पुलिस ने पोस्टमार्टम के पश्चात शव को उनके परिजनों को सौंप दिया।जिला सेनानी अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ ने एसडीआरएफ टीम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। इस कार्यवाही में एसडीआरएफ जवान दीपक तिवारी , सुरेश आदित्य , शिव शंकर कंवर , अजय सिदार कंवर , कमलेश साहू , वाहन चालक जनकराम पटेल के साथ बांकीमोंगरा थाना प्रभारी निरीक्षक ऊषा सोंधिया , रामगोपाल साहू , पुरूषोत्तम भारती , दीपक खाण्डे , मुंशी जागीर तंवर का सराहनीय योगदान रहा।
: बालको के इंजीनियर सस्टेनबिलिटी एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद को दे रहे हैं बढ़ावा
Mon, Sep 18, 2023
बालकोनगर, 18 सितंबर, 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) में इंजीनियरों की विविध और कुशल टीम है जो अपनी कार्यकुशलता से कंपनी के प्रचालन को उत्कृष्ट बनाने में योगदान दे रही है। इंजीनियर अपने तकनीकी समझ और विशेषज्ञता से संयंत्र के विभिन्न पहलुओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद और पर्यावरणीय जिम्मेदारी सुनिश्चित करते हैं।
बालको अपने एल्यूमिनियम स्मेल्टर में अत्याधुनिक तकनीक को अपनाता हैं। कंपनी में प्रचालन की उत्कृष्टता को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिभाशाली इंजीनियर लगातार काम कर रहे हैं। इन्हीं में से एक मेटलर्जिकल इंजीनियर राम प्रताप यादव ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि स्मेलटिंग प्रोसेस (धातु के गलने की प्रक्रिया) के दौरान एल्यूमिना को चमकदार एल्यूमीनियम धातु में परिवर्तित होते देखना काफी आकर्षक है! तकनीकी प्रभारी के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी पॉटरूम के भीतर स्मेलटिंग प्रोसेस के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने में निहित है। मेटलर्जी की विशेषज्ञता मुझे मानक मिश्रण का उपयोग करने में मदद करती है जो हमारे उत्पाद को उत्कृष्ट बनाती है।
उत्पाद की गुणवत्ता के प्रति बालको की अटूट प्रतिबद्धता इसके कार्यकुशलता को दर्शाती है। बालको में मटेरियल्स इंजीनियर प्रीति शिखा नंदा ने धातुविज्ञान, अनुसंधान एवं विकास और उत्पाद गुणवत्ता में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि उत्पाद गुणवत्ता मूल्यांकन हमारे उत्पादों में उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के साथ ही कास्टहाउस के संचालन प्रक्रियाओं के मानक में समय पर सुधार भी करते हैं। सामग्री के लिए मेरा जुनून लगातार इस भूमिका में मेरे उत्साह को बढ़ावा देता है, जहां हम सूक्ष्म परीक्षणों के माध्यम से एल्यूमीनियम इंगट्स और वायर रॉड जैसे उत्पादों की सावधानीपूर्वक जांच करते हैं।
धातु सामग्री के उत्पादन में गैर-धातु सामग्री का महत्व पहली नज़र में आसानी से स्पष्ट नहीं होता है, लेकिन बालको उनके महत्व को पहचानता है और इन कार्यों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए बेहतरीन प्रतिभाओं को नियोजित किया है। बालको में काम करने वाले सिरेमिक इंजीनियर संकेत कुमार दानी ने कहा कि रिफ्रैक्टरी मटेरियल मुख्य रूप से गैर-धातु से बने होते हैं जो धातु उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हॉल-हेरॉल्ट इलेक्ट्रोलिसिस विधि के माध्यम से एल्यूमीनियम निर्माण प्रक्रिया में एनोड महत्वपूर्ण हैं क्योंकि एनोड बेकिंग भट्टियों में अत्यधिक तापमान का सामना करते हैं। हम सिरेमिक इंजीनियरों के रूप में उत्पादित एनोड की अस्वीकृति दर को कम करने और अंततः प्रचालन दक्षता को बढ़ाने के लिए इन रिफ्रैक्टरी मटेरियल के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बालको का पर्यावरण मिशन इसके अग्रणी प्रभावशाली और पर्यावरण-अनुकूल व्यावसायिक नवाचारों में मजबूती से निहित है, जो उद्योग में नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पॉटलाइन संचालन में काम करने वाले एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग कारिवेदा श्रीकांत कहते हैं कि हमारी टीम प्रचालन दक्षता के साथ पर्यावरण पारिस्थितिक तंत्र की मजबूती को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हम उत्सर्जन पर नज़र रखने के साथ-साथ निरंतर मूल्यांकन करते हैं। पर्यावरण प्रबंधन के लिए हमारी प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने के लिए हमारे पॉटरूम सामग्री और संसाधनों पर नजर रखते हैं।
बालको का प्रचालन औद्योगिक सुविधाओं से आगे बढ़कर खनन के क्षेत्र में भी प्रवेश कर रहा है। विशेष रूप से बालको चोटिया कोयला खदान में खनन कर रहा है जहां इंजीनियरों की एक समर्पित टीम कुशल कोयला खनन प्रबंधन सुनिश्चित कर रही है। चोटिया माइंस में माइनिंग इंजीनियर वुय्याला संतोष प्रथिक ने कहा कि मेरी भूमिका में कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संचालन की देखरेख और भूमि के तापमान की निगरानी करना शामिल है। हम सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और हमने अपने खनन संचालन में सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के लिए डिजिटल समाधान लागू किए हैं।
बालको अपने पास मौजूद विविध और विशिष्ट प्रतिभाओं के माध्यम से प्रचालन उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियरिंग जैसे मुख्यधारा के इंजीनियरिंग से लेकर मेटलर्जिकल, मैटेरियल्स, माइनिंग, सिरेमिक, पॉवर और एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में लगभग 1500 इंजीनियर कपंनी में अपनी सेवा दे रहे हैं। ये व्यक्ति सामूहिक रूप से बालको की प्रचानल क्षमता, नवाचार को बढ़ावा देने और लगातार विकसित हो रहे औद्योगिक परिदृश्य में कंपनी की निरंतर सफलता सुनिश्चित करने का आधार बनते हैं।
: सड़क पर पंडाल-बैनर पोस्टर लगाने वाले और अवैध विद्युत कनेक्शन पर होगी कार्यवाही
Sun, Sep 17, 2023
कोरबा / कलेक्टर श्री सौरभ कुमार के मार्गदर्शन तथा जिला पुलिस अधीक्षक श्री उदय किरण, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू, श्री दिनेश नाग, अपर आयुक्त श्री खजांची कुम्हार, तहसीलदार श्री अमित केरकेट्टा की उपस्थिति में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी और 28 सितंबर को ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी), अनंत चतुर्दशी, भगत सिंह जयंती को शांति पूर्वक मनाए जाने हेतु आवश्यक चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में हमेशा की तरह सभी पर्व को शान्ति और सौहार्दपूर्ण मनाया जाए। किसी के धार्मिक भावनाओं को आघात पहुचाने और समाज को भड़काने वाले कार्य न किए जाए। जिले की शांति व्यवस्था और सदभावनापूर्ण माहौल को खराब करने वालों पर कड़ी कार्यवाही का निर्णय लिया गया।
शान्ति समिति की बैठक में गणेश प्रतिमा के विसर्जन को लेकर समितियों को निर्देशित किया गया कि विसर्जन से पूर्व वे नियमानुसार सूचना और अनुमति अपने क्षेत्र के एसडीएम से लेवें। इस दौरान विसर्जन रुट और स्थल की जानकारी भी दें, प्रतिमा की ऊँचाई भी बहुत ज्यादा न हो, ताकि जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकें। जिला प्रशासन द्वारा निर्देशित किया गया कि आवागमन वाले सड़कों पर पंडाल न लगाई जाए। मुख्य मार्ग में बैनर पोस्टर लगाने पर कार्यवाही की जाएगी। किसी भी कार्यक्रम या पंडाल के लिए विद्युत कनेक्शन भी नियमानुसार प्राप्त करें। विद्युत तार के संपर्क में कोई न आ सकें, इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन द्वारा निर्देशित किया गया कि कार्यक्रम स्थल पर ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित न हो इसका भी समुचित ध्यान रखा जाए। बैठक में विसर्जन स्थल पर साफ सफाई, प्रकाश व्यवस्था, तैराक-गोताखोरों की व्यवस्था, अग्निशमन, अस्पताल में आपात स्थिति के लिए चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह ईद-ए-मिलाद के अवसर पर मुस्लिम समाज द्वारा जुलूस निकालने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। बैठक में समिति के सदस्य उपस्थित थे।