: बालको संयंत्र की दक्षता बढ़ाने के लिए कर रहा तकनीक क्षेत्र में निवेश
Thu, Jan 19, 2023
बालकोनगर, 19 जनवरी, 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) अपने प्रचालन में स्मार्ट तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रहा है। रणनीतिक व्यवसायिक ईकाई (एसबीयू) स्तर पर निर्णय लेने के लिए स्मार्ट एनालिटिक्स से लेकर कार्यस्थल पर रियल टाइम मॉनिटरिंग तक कंपनी ने व्यावसायिक उत्कृष्टता हेतु अत्याधुनिक डिजिटल समाधान का उपयोग किया है। कंपनी ने उपकरण और एसबीयू स्तर पर तेल की खपत और रिकवरी को ट्रैक करने के लिए बिजनेस इंटेलीजेंस टूल्स का इस्तेमाल करते हुए अपनी ऑयल मॉनिटरिंग प्रोसेस को फिर से तैयार किया है। इससे बालको के तकनीकी वाहनों और भारी मशीनरी में अपने संचालन में तेल की खपत को अनुकूलित और कम किया है।सिस्टम एप्लिकेशन एंड प्रोडक्ट्स (एसएपी) और मटेरियल रिटर्न वाउचर (एमआरवी) मॉड्यूल जैसे बिजनेस इंटेलिजेंस टूल्स के माध्यम से सभी बिजनेस यूनिट्स को तेल की खपत की पूर्ति करने, बेहतर योजना और अधिक दक्षता के साथ उपयोग किए गए तेल को वापस प्राप्त कर परिष्कृत करना है जिससे लागत में बचत और अपशिष्ट में कमी आएगी। इससे कंपनी के दृष्टिकोण 'जीरो वेस्ट और जीरो डिस्चार्ज' की ओर बढ़ने के साथ-साथ ही प्रचालन में उत्पादकता और दक्षता में वृद्धि होगी। जो अंततः प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद करेगी। यह कंपनी के सतत विकास और उत्तरदायी निर्माण प्रथाओं के प्रतिबद्धता के अनुरूप है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने तकनीकी महत्व के दृष्टिकोण पर कहा कि बालको प्रबंधन ने अपने प्रचालन में अत्याधुनिक स्मार्ट तकनीकों को अपनाया है। आधुनिक तकनीक हमारे प्रचालन की दक्षता, ऊर्जा के समुचित उपयोग, सुरक्षा, उत्पादन, उत्पादकता, गुणवत्ता और उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने का काम करते हैं। हमारे प्रचालन में तेल संतुलन पहल का एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक प्रभाव होगा जो व्यवसाय के उत्तरोत्तर विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। स्मार्ट तकनीकों का प्रयोग हमारे संगठन को श्रेष्ठतम उचांई तक लेकर जा रहे हैं। बालको भारत के एल्यूमिनियम की जरूरतों को पूरा करता है और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में मदद कर रहा है।बालको अपने प्रचालन क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठा रहा है, पावर प्लांट की दक्षता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग, विभिन्न बिक्री और विपणन गतिविधियों में रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (आरपीए) का उपयोग, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग का उपयोग कर मोबाइल ऐप के माध्यम से संयंत्र परिसर के अंदर तरल एल्यूमिनियम ले जाने वाले वाहनों के आवागमन की निगरानी करना। ‘तकनीक प्रथम’ के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए बालको को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं जिसमें प्रतिष्ठित ‘मैन्युफैक्चरिंग टुडे-रीइन्वेंटिंग द फ्यूचर’ पुरस्कार भी पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। बालको को सुरक्षा डिजिटलीकरण पर ‘सुरक्षा संकल्प कुटुम्ब’ परियोजना के लिए 5वीं सीआईआई नेशनल सेफ्टी प्रैक्टिस कंपटीशन में 'प्लैटिनम विजेता' घोषित किया गया है।
: बालको का वेदांता स्किल स्कूल फाइव स्टार प्रशिक्षण केंद्र में शामिल
Wed, Jan 11, 2023
बालकोनगर, 11 जनवरी, 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षण देने और उन्हें सशक्त बनाने में हमेशा सबसे आगे रहा है। कंपनी के कौशल विकास केंद्र 'वेदांत स्किल स्कूल' को भारत सरकार के अंतर्गत स्मार्ट सेंटर द्वारा 5-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया। स्किल स्कूल छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) मान्यता प्राप्त केंद्र में शामिल है।वेदांता स्किल स्कूल गरीबी रेखा से नीचे के युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में कंपनी की ओर से प्रारंभ ऐसी संस्था है जो युवाओं को आत्मनिर्भर बन जाने का आत्मविश्वास और संबल देता है। अकुशल अथवा अर्द्धकुशल युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार मिलने से उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। ऐसे युवा देश और छत्तीसगढ़ राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।वेदांता स्किल स्कूल अपनी तरह का एक ऐसा कौशल संस्थान है जो स्थानीय युवाओं को तकनीकी शिक्षा प्रदान करता है ताकि उन्हें एक ऐसे व्यवसाय के लिए तैयार किया जा सके जो उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और बड़े पैमाने पर समाज के विकास को बढ़ावा दे रहा है। संस्थान प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेसमेंट के साथ प्रशिक्षुओं की मदद करने के साथ-साथ आतिथ्य उद्योग, वेल्डिंग, सिलाई मशीन ऑपरेटर, सोलर पीवी टेक्निशियन, इलेक्ट्रीशियन और फिटर के छह ट्रेडों में मुफ्त आवासीय प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। 45 से 65 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है और देश भर के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में लगभग 73% प्लेसमेंट के साथ छत्तीसगढ़ के लगभग 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने वेदांता स्किल स्कूल पर विचार साझा करते हुए कहा कि वेदांता समूह अपने तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल में सतत प्रगति के साथ ही सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से अपने प्रचालन क्षेत्रों में ऐसी परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने में विश्वास रखता है। देश के उत्तरोत्तर विकास में प्रशिक्षित युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। कौशल विकास केंद्र के जरिए युवाओं को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, वहीं प्रोजेक्ट कनेक्ट के जरिए जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। श्री पति ने कहा कि युवाओं के प्रतिभा प्रोत्साहन के लिए बालको प्रतिबद्ध है।वेदांता स्किल स्कूल के प्रशिक्षु पूर्णेश दरवेश ने कहा कि कौशल स्कूल में दाखिला लेना मेरे जीवन के सबसे अच्छे फैसलों में से एक रहा है। मैं खाद्य और पेय कार्यक्रम में प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुआ था। अपने परिवार को आर्थिक रूप से सहायता देने और पिता के साथ जिम्मेदारियों को साझा करने पर गर्व है।पूर्व छात्रा संतोषी धुर्वे ने आभार जताते हुए कहा कि स्किल स्कूल ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। आर्थिक रूप से परिवारजनों की मदद कर उन्हें गौरव की अनुभूति होती है। संस्थान ने आत्मनिर्भरता होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।बालको आसपास के युवाओं को प्रशिक्षण देने के अलावा, संस्थान इस क्षेत्र में रोजगार दर, जीवन की गुणवत्ता, असमानताओं को कम करने और जीवन के कई अन्य पहलुओं में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
: बालको अपने संयंत्र प्रचालन के लिए कर रहा है बायोडीजल का उपयोग
Wed, Dec 14, 2022
बालकोनगर, 14 दिसंबर, 2022। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने तकनीकी वाहनों में बायोडीजल के उपयोग की शुरुआत की है। यह पहल 2050 या उससे पहले कार्बन उत्सर्जन को शून्य तक कम करने की कंपनी की प्रतिबद्धता के अनुरूप अपने संयंत्र को डीकार्बोनाइज करने के लिए संगठन की यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। बायोडीजल जैविक पदार्थ से प्राप्त ईंधन का एक रूप है, जिसे जलाने पर पारंपरिक गैर-नवीकरणीय ईंधन की तुलना में कार्बन फुटप्रिंट काफी कम होता है।डीकार्बोनाइजेशन की यात्रा में ऊर्जा संरक्षण और हरित ईंधन में वृद्धि बालको के दो महत्वपूर्ण पहल हैं। इस दिशा में बालको हरित ईंधन के विभिन्न स्रोतों, जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, बायोमास, बायोडीजल आदि के माध्यम से अपने ऊर्जा मिश्रण में हरित ऊर्जा की मात्रा को बढ़ा रहा है। कंपनी वर्तमान में अपने बिजली संयंत्रों में प्रतिदिन 40-50 टन बायोमास ब्रिकेट का उपयोग कर रही है और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने के लिए बायोमास खपत की मात्रा को और बढ़ाने की योजना है।वित्त वर्ष 2022 में बालको ने विभिन्न उर्जा संरक्षण के माध्यम से लगभग 22000 गीगा जूल ऊर्जा की बचत की है। कंपनी ने पिघले हुए गर्म धातु (एल्यूमिनियम) को लेकर जाने वाले लैडल्स को गर्म करने के लिए बायोडीजल का इस्तेमाल किया। गर्म धातु को उच्च ताप पर ही पॉटलाइन से कास्ट हाउस तक लेकर जाने के लिए लैडल्स की जरूरत पड़ती है। एक बड़े क्षेत्र में फैले हुए पॉटलाइन में एल्यूमिना पाउडर को इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के द्वारा पिघले एल्यूमिनियम में परिवर्तित किया जाता है। लैडल के भीतर की नमी को खत्म करने के लिए प्रीहीटिंग प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे पिघले हुए एल्यूमिनियम को विभिन्न उत्पादों में परिवर्तित करने के लिए कास्ट हाउस भेजते हैं।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने कहा कि बालको बड़े पैमाने पर छत्तीसगढ़ और भारत के सतत विकास में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए कई पहल कर रहे हैं। हमने ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के तरीकों में सुधार एवं ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों का अधिकतम उपयोग करने के लिए नवीन तकनीकों को अपनाया है। विभिन्न संयंत्र संचालनों में बायोडीजल के सफल प्रायोगिक परीक्षण हमें अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में प्रोत्साहित करते हैं। ईएसजी में उत्कृष्टता पहल के साथ बालको निरंतर सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए व्यवसाय और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ लाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।ईएसजी लक्ष्यों की दिशा में उत्कृष्ट कार्यों हेतु बालको को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। कंपनी को सबसे प्रतिष्ठित सम्मान आईएमसी आरबीएनक्यू माइलस्टोन मेरिट्स रिकग्निशन 2021 पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। साथ ही वित्तीय वर्षों में नेशनल एनर्जी लीडर्स अवॉर्ड 2022 तथा धातु क्षेत्र में उत्कृष्ट ऊर्जा प्रबंधन के लिए 23वां सीआईआई नेशनल अवॉर्ड फोर एक्सीलेंस इन एनर्जी मैनेजमेंट पुरस्कार मिला। सीआईआई द्वारा लगातार तीसरी बार उत्कृष्ट ऊर्जा कुशल इकाई के रूप में मान्यता दी गई है।