: औचक निरीक्षण कर सांसद ने देखा कोरबा स्टेशन का हाल, जताई नाराजगी
Wed, Dec 7, 2022
कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने प्रवास के दौरान कोरबा रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यहां व्याप्त असुविधाओं और अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर करते हुए रेलवे प्रबंधन के क्रियाकलापों पर सवाल उठाएं। सांसद ने 60 साल पुराने गेवरा रोड स्टेशन को बंद करने की तैयारी का विरोध करने की बात कही।
सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने यात्री ट्रेनों के लगातार कैंसल होने, लेट-लतीफी व गेवरा रोड रेलवे स्टेशन में 8 माह से बंद पड़ी यात्री ट्रेन, कोरबा स्टेशन में बंद पड़ी टिकट वेंडर मशीन, लिफ्ट की हालत, साफ-सफाई सहित अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर सांसद ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। सांसद ज्योत्सना महंत ने पूरे स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया और जल्द से जल्द सुधार करने के निर्देश रेलवे के अधिकारियों को दिए। सांसद ने इस दौरान कहा कि यात्री ट्रेनों को कैंसल करने व लेट-लतीफी से आम जनता परेशान है। केन्द्र की मोदी सरकार सब कुछ बेच रही है या फिर बंद कर रही है। ज्ञात हुआ है कि गेवरा रोड स्टेशन से पिछले 8 महिने से एक भी यात्री ट्रेन नहीं चलाई जा रही है जबकि कुल 12 यात्री ट्रेनों का संचालन गेवरा रोड से होता रहा है। वर्ष 1963 से प्रारंभ हुए गेवरा रोड स्टेशन को बंद करने की तैयारी हो रही है और अगर ऐसा कुछ है तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। गेवरा स्टेशन के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास सफल नहीं होने देंगे। सांसद ने कहा कि कोरबा स्टेशन में सेकण्ड एंट्री गेट बंद है। यहां की यात्री सुविधाओं को जनता भली-भांति जान और समझ रही हैं। वाहनों की पार्किंग तक को रेलवे प्रबंधन चालू नहीं करा पा रहा है। देश की आन-बान और शान का प्रतीक तिरंगा ध्वज को भी रेलवे प्रबंधन संभाल नहीं पा रहा है। यहां वेटिंग हॉल, वॉश रूम, शीतल जल, एटीव्हीएम मशीन बदहाल है। सांसद ने कहा कि रेलवे सिर्फ अपने कोयला लदान पर ज्यादा ध्यान दे रहा है जिसकी वजह से जनता को यात्री सुविधाएं सुचारू रूप से नहीं दी जा रही है। रेलवे प्रबंधन का यह रवैय्या कतई उचित नहीं है। पहले भी क्षेत्र की जनता रेल सुविधाओं के लिए संघर्ष करती आई है जिसे रेल प्रशासन नजर अंदाज कर रहा है। यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ और गेवरा स्टेशन से सभी यात्री ट्रेनों का पुन: संचालन प्रारंभ नहीं किया गया तो जनता का आक्रोश फूट सकता है जिसके लिए रेलवे प्रबंधन ही जिम्मेदार होगा। इस दौरान सांसद के साथ सांसद प्रतिनिधि हरीश परसाई, कांग्रेस नेत्री उषा तिवारी सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
: बालको ने दिव्यांगों को दिया माहवारी स्वच्छता प्रबंधन प्रषिक्षण
Wed, Dec 7, 2022
बालकोनगर, 5 दिसंबर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सामुदायिक विकास कार्यक्रम की परियोजना ‘नई किरण’ के अंतर्गत इनरव्हील एजुकेषन सोसाइटी संचालित दिव्य ज्योति स्कूल के दिव्यांग छात्राओं के लिए एक दिवसीय माहवारी स्वच्छता प्रबंधन प्रषिक्षण कार्यषाला आयोजित की। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर आयोजित कार्यषाला में प्रतिभागियों को माहवारी स्वच्छता के अनेक आयामों से परिचित कराया गया। कार्यषाला के दौरान प्रतिभागियों को यौन एवं प्रजनन संबंधी अधिकारों की जानकारी भी दी गई। ‘नई किरण’ परियोजना का उद्देष्य महिलाओं और किषोरी बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता के जैव वैज्ञानिक पहलुओं, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों और उनके समाधान, पोषण आहार आदि से परिचित कराना है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेषक श्री अभिजीत पति ने कहा कि बालको की नई किरण परियोजना का उद्देष्य क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य स्तर में उत्तरोत्तर सुधार तथा माहवारी संबंधी भ्रांतियों और शंकाओं का समाधान करना है। इसके अंतर्गत लक्षित महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के लिए उन्हें अनेक गतिविधियों से जोड़ा गया है। माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियानों के निरंतर संचालन के जरिए समाज में माहवारी के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के प्रति बालको प्रबंधन कटिबद्ध है।
इनरव्हील एजुकेषन सोसाइटी की अध्यक्ष एवं दिव्य ज्योति स्कूल, कोरबा की प्राचार्य श्रीमती रीता खेत्रपाल ने बालको के अभियान की प्रषंसा करते हुए कहा कि दिव्यांग छात्राओं को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने की दृष्टि से कार्यषाला का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने आयोजन के लिए बालको प्रबंधन को साधुवाद दिया।
बालको ने वर्ष 2019 से सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कोरबा जिले के 45 गांवों एवं नगर पालिक निगम क्षेत्रों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता परियोजना लागू की। परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की 200+ महिलाओं, 600+ किशोर बालिकाओं और अग्रिम पंक्ति की 60 कार्यकर्ताओं को नेतृत्वकर्ताओं के तौर पर विकसित किया गया है जिससे वे समुदाय में जाकर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति बालिकाओं और महिलाओं को जागरूक करनें में सक्षम हुई हैं। अभियान के अंतर्गत पुरुषों को भी शामिल किया गया है ताकि वे महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल में योगदान कर सकें। 60 किषोर बालकों को माहवारी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए कम्यूनिटी चैंपियन के तौर पर प्रषिक्षित किया गया है। इस वर्ष बालको ने ग्रामीण क्षेत्रों में चार स्वास्थ्य सुविधा केंद्र विकसित किए जहां महिलाओं और किषोरियों को माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी दी जाती है। परियोजना के दायरे में लगभग 45000 महिलाएं, किशोरी बालिकाएं, पुरुष और किषोर बालक शामिल हैं।
: बालको ने दिव्यांगों को दिया माहवारी स्वच्छता प्रबंधन प्रशिक्षण
Tue, Dec 6, 2022
बालकोनगर, 6 दिसंबर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सामुदायिक विकास कार्यक्रम की परियोजना ‘नई किरण’ के अंतर्गत इनरव्हील एजुकेशन सोसाइटी संचालित दिव्य ज्योति स्कूल के दिव्यांग छात्राओं के लिए एक दिवसीय माहवारी स्वच्छता प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागियों को माहवारी स्वच्छता के अनेक आयामों से परिचित कराया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को यौन एवं प्रजनन संबंधी अधिकारों की जानकारी भी दी गई। ‘नई किरण’ परियोजना का उद्देश्य महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता के जैव वैज्ञानिक पहलुओं, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों और उनके समाधान, पोषण आहार आदि से परिचित कराना है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने कहा कि बालको की नई किरण परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य स्तर में उत्तरोत्तर सुधार तथा माहवारी संबंधी भ्रांतियों और शंकाओं का समाधान करना है। इसके अंतर्गत लक्षित महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के लिए उन्हें अनेक गतिविधियों से जोड़ा गया है। माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियानों के निरंतर संचालन के जरिए समाज में माहवारी के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के प्रति बालको प्रबंधन कटिबद्ध है।इनरव्हील एजुकेशन सोसाइटी की अध्यक्ष एवं दिव्य ज्योति स्कूल, कोरबा की प्राचार्य श्रीमती रीता खेत्रपाल ने बालको के अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिव्यांग छात्राओं को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने की दृष्टि से कार्यशाला का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने आयोजन के लिए बालको प्रबंधन को साधुवाद दिया।बालको ने वर्ष 2019 से सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कोरबा जिले के 45 गांवों एवं नगर पालिक निगम क्षेत्रों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता परियोजना लागू की। परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की 200+ महिलाओं, 600+ किशोर बालिकाओं और अग्रिम पंक्ति की 60 कार्यकर्ताओं को नेतृत्वकर्ताओं के तौर पर विकसित किया गया है जिससे वे समुदाय में जाकर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति बालिकाओं और महिलाओं को जागरूक करनें में सक्षम हुई हैं। अभियान के अंतर्गत पुरुषों को भी शामिल किया गया है ताकि वे महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल में योगदान कर सकें। 60 किशोर बालकों को माहवारी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए कम्यूनिटी चैंपियन के तौर पर प्रशिक्षित किया गया है। इस वर्ष बालको ने ग्रामीण क्षेत्रों में चार स्वास्थ्य सुविधा केंद्र विकसित किए जहां महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी दी जाती है। परियोजना के दायरे में लगभग 45000 महिलाएं, किशोरी बालिकाएं, पुरुष और किशोर बालक शामिल हैं।