: रोजगार की मांग पर भू विस्थापित किसानों का धरना 28 वें दिन भी जारी
Mon, Nov 29, 2021
*29 नवंबर को आक्रोश सभा और मशाल जुलूस निकालेंगे भू विस्थापित किसान*
*1 दिसंबर को कुसमुंडा खदान बंद को सफल बनाने गांव गांव में बैठक कर रहे हैं किसान मिल रहा व्यापक जनसमर्थन*
कुसमुंडा क्षेत्र के भू विस्थापित किसान 31 अक्टूबर को 12 घंटे कुसमुंडा खदान को पूर्ण रूप से बंद करने के बाद रोजगार की मांग को लेकर एसईसीएल के कुसमुंडा मुख्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर रोजगार एकता संघ के बेनर तले बैठे हैं आंदोलन की शुरुआत से ही माकपा,किसान सभा के कार्यकर्ता हर दिन आंदोलन स्थल पहुंच कर भू विस्थापितों का हौसला बढ़ाने का काम कर रहे हैं अपने वायदे अनुसार एसईसीएल 30 नवंबर तक सभी को रोजगार नहीं देगी तो 1 दिसंबर को कुसमुंडा खदान को पूर्ण रूप से बंद किया जाएगा।
28 वें दिन चल रहे धरना को संबोधित करते हुए माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के चालीस साल बाद भी पुनर्वास का मसला हल नहीं हुआ दरअसल एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के लिए अधिग्रहित गांवो के ग्रामीण वर्षों से रोजगार की राह ताक रहे हैं वे कार्यालयों का चक्कर लगाकर थक चुके है अब उनके सब्र का बांध टूट चुका है। रोजगार की मांग को लेकर खदान बंद आंदोलन को माकपा का पूर्ण समर्थन रहेगा।धरना को संबोधित करते हुए रोजगार एकता संघ के सचिव दामोदर और उपाध्यक्ष रेशम यादव ने कहा कि सरकार को विस्थापितों को ऐसा जीवन प्रदान करना चाहिए जिससे उनको लगे की उन्होंने अपनी जमीन नहीं खोया है लेकिन सरकार गरीबों की जमीन लेकर गरीबों को जमीन पर लाकर खड़ा कर देती है। गरीब भू विस्थापित कोर्ट भी नहीं जा सकते उनके पास इतने पैसे भी नहीं है इसके अलावा सालो साल अदालतों में मामले लंबित रह जाते हैं। गरीबों के पास संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा एसईसीएल प्रबंधन और सरकार सभी भू विस्थापित परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की प्रक्रिया जल्द शुरू करे।रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष राधेश्याम कश्यप ने कहा कि वर्ष 1978 से 2004 तक 12 गांव की जमीन का अभिग्रहण किया गया अधिग्रहण के बाद से लगातार रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं अब भू विस्थापित बिना रोजगार के घर वापस नहीं जाने वाले हैं आंदोलन रोजगार मिलने तक जारी रहेगा 29 नवंबर को आक्रोश सभा और मशाल जुलूस भी निकाला जाएगा और 1 दिसंबर से पहले रोजगार की मांग पूरी नहीं होने पर 1 दिसंबर को कुसमुंडा खदान को पूर्ण रूप से बंद किया जाएगा आंदोलन को राजनैतिक, सामाजिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। आज के धरना में प्रमुख रूप से दीनानाथ कौशिक, मोहन लाल कौशिक, बलराम कश्यप,सनत,विजय, दीपक, अनिरुद्ध, रामप्रसाद, बजरंग सोनी,अनिल बिंझवार,अमरपाल, नरेंद्र, हरिशंकर, अश्वनी,अजय, हेमलाल, चंद्रशेखर, राजेश,रामेश्वर, विनय उपस्थित थे
: अजगरबहार और गढ़ उपरोड़ा के आदिवासी बालक आश्रमों का कलेक्टर ने किया निरीक्षण
Sun, Nov 28, 2021
कोरबा 27 नवम्बर 2021/कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने आज अजगरबहार और गढ़ उपरोड़ा वनांचल क्षेत्र में स्थित आदिवासी बालक आश्रमों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आश्रमों में विद्यार्थियों के लिए की गई सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने दोनों ही आश्रमों में विद्यार्थियों के लिए लगाए गए बिस्तरों, पीने के पानी की सुविधा, साफ-सफाई, सुसज्जित शौचालय आदि के बेहतर इंतजाम के लिए सहायक आयुक्त श्रीमती माया वॉरियर की तारीफ की और जिले के सभी आश्रम छात्रावासों में व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आश्रमों में रहकर पढ़ रहे विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई के बारे में भी पूछा। उन्होंने बच्चों से पाठ पढ़वाये। पढ़ाई में बच्चों की स्थिति बेहतर जानकर भी कलेक्टर ने सभी बच्चों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अजगरबहार के आश्रम में बच्चों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन किया और सभी बच्चों को मन लगाकर पढ़ने तथा आगे बढ़ने की समझाईश दी। दोनों आश्रमों में कलेक्टर ने स्मृति स्वरूप आम के वृक्ष भी लगाए और बच्चों तथा पूरे स्टाफ के साथ फोटो भी खिंचाई।
: अरदा स्कूलों में मनाया संविधान दिवस, देश की गरिमा बनाए रखने का प्रण लिया।
Sat, Nov 27, 2021
अरदा:- शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अरदा जिला कोरबा में संविधान दिवस मनाया गया ।प्रातः 11:00 बजे भारतीय संविधान के प्रस्तावना का पाठन एवम संविधान के प्रति शपथ लिया गया। भारतीय सँविधान के जनक डॉ भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र में प्राचार्य श्री व्ही बी तिर्की द्वारा माल्यार्पण किया गया। संविधान की प्रस्तावना एवम सँविधान की निर्माण पर छात्र छात्राओं द्वारा विस्तार से चर्चा एवम क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कक्षा 12 वी की छात्रा कु कामना पटेल द्वारा संविधान की विशेषता पर प्रकाश डाला गया। जिस प्रकार एक घर या विद्यालय संचालन हेतु नियम एवम अनुशासन की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार से हमारे देश की शासन चलाने के लिए संविधान की आवश्यकता हुई। वरिष्ठ व्याख्याता एम एस कंवर के द्वारा सँविधान को मान्य नियमों का समूह के रूप में परिभाषित किये। रा से यो के कार्यक्रम अधिकारी के एस कंवर के द्वारा प्रस्तावना को विस्तार से बताये। पी एल राजवाड़े स्काउट मास्टर द्वारा सभी शिक्षकों को स्काउट टिकट लगाकर संविधान के अधिकार कर्तव्य भाग एवं अनुसूचियों को विस्तार से वर्णन किये। कार्यक्रम का संचालन श्री के एस कंवर द्वारा किया गया। अंत मे प्राचार्य व्ही बी तिर्की द्वारा उद्बोधन स्वरूप संविधान के पालन करने के लिए प्रेरित किये। इस अवसर पर सभी शिक्षक शिक्षिकाएं एवम कर्मचारी उपस्थित रहे ।