: बालको ने डिजिटल नवाचार के साथ प्रचालन उत्कृष्टता एवं सुरक्षा को दिया बढ़ावा
Wed, May 14, 2025
बालकोनगर, 14 मई 2025। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर अपने पूरे मूल्य श्रृंखला में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रचालन उत्कृष्टता और सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। दक्षता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बालको ने कई डिजिटल नवाचार किये हैं जिससे प्रचालन में सकारात्मक बदलाव आया है।
सस्टेनेबल और ऊर्जा-कुशल संचालन को बढ़ावा देने के लिए बालको ने अपने पॉटलाइन में एक नया रीलाइनिंग डिज़ाइन अपनाया है। 100 प्रतिशत ग्रैफिटाइज़ेशन के बाद से ऊर्जा की खपत में 400 किलोवाट-घंटा प्रति मीट्रिक टन की कमी आई है, जिससे करंट एफिशिएंसी में सुधार हुआ है और उत्सर्जन में भी कमी आई है।
इसके साथ बालको ने फिनिशिंग लाइन एरिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिमुलेटर को एकीकृत किया है, जो प्रक्रिया मापदंडों का व्यापक विश्लेषण करने में सक्षम हैं। यह समाधान रोल्ड प्रोडक्ट्स के उत्पादन को अधिकतम करने के लिए अनुकूल स्थितियों की पहचान कर प्रक्रिया दक्षता को बेहतर बनाते हैं।एआई आधारित उन्नत तकनीक ने बालको के फर्नेस में एनोड निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह रोबोट-आधारित तकनीक फर्नेस की रिफ्रेक्टरी संरचनाओं का स्वतः परीक्षण करती है, जिससे घिसाव और क्षति का सटीकता से पता चलता है और एनोड की गुणवत्ता बेहतर होती है, साथ ही संचालन की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।बालको के 1200 मेगावाट बिजली संयंत्र में लागू किया गया एआई-संचालित कन्वेयर बेल्ट मॉनिटरिंग सिस्टम सुरक्षा और दक्षता दोनों को बढ़ाता है। यह सिस्टम कन्वेयर की स्वास्थ्य जांच, रियल-टाइम अग्नि अलर्ट और संचालन बेल्ट के पास मानव उपस्थिति की पहचान करता है, जिससे सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होता है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको में हम अपने प्रत्येक प्रचालन क्षेत्र में डिजिटल नवाचार को एकीकृत कर रहे हैं जिससे एफिशिएंसी, सेफ्टी और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ाया जा सके। हमारे डिजिटल पहल प्रचालन उत्कृष्टता में नए मानक स्थापित कर रहे हैं जिससे हम भारत के एल्यूमिनियम उद्योग में नेतृत्व करते हुए सतत भविष्य के लिए योगदान दे रहे हैं।तकनीक का उपयोग अब एल्यूमिनियम ‘भविष्य की धातु’ उत्पादन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। डिजिटल परिवर्तन के तहत 62 प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया गया जिससे मैनुअल कार्यों की जगह अब रियल-टाइम डेटा संग्रह ने ले ली है। संसाधनों का कुशल उपयोग संभव हुआ और निर्णय प्रक्रिया भी अधिक डेटा-आधारित हो गई है। मानव एवं मशीन इंटरैक्शन के बीच संतुलन सुनिश्चित हुई जिससे सुरक्षा मानकों को मजबूती मिली है। प्रक्रियाओं और संचालन में व्यापक विश्लेषणात्मक अंतर्दृष्टि प्रदान करके बालको ने सुरक्षा, स्थिरता और संचालन उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है।बालको ने मजबूत सुरक्षा संस्कृत के निर्माण की दिशा में अपने प्रचालन क्षेत्र में कई अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया है। फिनिश्ड गुड्स टावर और ऐश एवं कोल कंट्रोल टावर 24x7 लाइव मॉनिटरिंग डैशबोर्ड की सुविधा प्रदान करते हैं, जो रीयल-टाइम जीपीए ट्रैकिंग और स्पीड मॉनिटरिंग के माध्यम से निरंतर और सुचारू प्रचालन सुनिश्चित करते हैं। सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए आंतरिक वाहन संचालन में अत्याधुनिक एआई तकनीक एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएमएस) को लागू किया गया है। ऑगमेंटेड एंड वर्चुअल रिएलिटी आधारित प्रशिक्षण केंद्र, वीडियो एनालिटिक्स, सस्टेनेबेलिटी मोबाइल ऐप और ई-लर्निंग पाठ्यक्रम जैसे डिजिटलीकरण के माध्यम से कर्मचारियों को सुरक्षा संस्कृति से जोड़ा गया है। सेंट्रलाइज्ड सिक्योरिटी ऑपरेशन्स सेंटर (सीएसओसी) डिजिटल इंटेलिजेंस और डेटा इनसाइट्स का उपयोग कर सुरक्षा, ट्रैफिक एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में बेहतर निर्णय लेने में सहायता करता है। कोल यार्ड में थर्मल निरीक्षण द्वारा संचालित हॉट स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम सहित एंड-टू-एंड डिजिटल डैशबोर्ड द्वारा रियल टाइम डेटा की निगरानी जैसी परियोजनाएं सुरक्षा को सुनिश्चित करती हैं। संयंत्र में एलईडी लोगो प्रोजेक्टर का उपयोग फर्श पर सुरक्षा संकेतों को उजागर करने के लिए किया जाता है, जिससे कम रोशनी, धूल भरे और उच्च ट्रैफिक वाले क्षेत्रों में भी सुरक्षा संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
: बालको ने जिला प्रशासन के सहयोग से किया मॉक ड्रिल का आयोजन
Mon, May 12, 2025
बालकोनगर, 12 मई 2025। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ऐश डाइक के पास मॉक ड्रिल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन जिला प्रशासन के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो सुरक्षा और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करना था।
इस अवसर पर राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) एवं आपातकालीन अग्नि सुरक्षा, छत्तीसगढ़, जिला प्रशासन के अधिकारी, बालकोनगर पुलिस तथा बालको अस्पताल टीम और स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल में एक संभावित औद्योगिक दुर्घटना का अनुकरण किया गया, जिसके माध्यम से सभी सहभागियों ने आपातकालीन प्रतिक्रिया की वास्तविक प्रक्रिया का अनुभव किया।इस अवसर पर सविता सिदार, नायब तहसीलदार ने कहा कि इस तरह की स्थिति में सभी कर्मचारियों को जागरूक और सतर्क रहना चाहिए। यह अभ्यास नियमित रूप से होना चाहिए ताकि हर कोई आपातकालीन स्थिति में सही तरीके से प्रतिक्रिया देना जानता हो। महिला और पुरुष कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ जागरूकता बढ़ाने के साथ आम जनता को आपदा के समय आत्मनिर्भर बनाती हैं।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि इस मॉक ड्रिल से आपात स्थितियों में सामूहिक जागरूकता और प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल ना केवल सुरक्षा प्रक्रियाओं की जांच का अवसर प्रदान करती है, बल्कि इसमें सुधार के लिए आवश्यक सुझाव भी सामने आते हैं। कंपनी का लक्ष्य एक सुरक्षित और सतत औद्योगिक वातावरण सुनिश्चित करना है, जिसमें समुदाय की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।कंपनी लंबे समय से सामाजिक उत्तरदायित्व और सुरक्षा प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी रही है। औद्योगिक विकास के साथ कंपनी समाज, पर्यावरण और कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई के प्रति भी पूरी तरह समर्पित है। कर्मचारियों की सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण सत्र, वर्कशॉप और सेमिनार आयोजित किए साथ ही समुदाय की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया गया। इस आयोजन के माध्यम से कंपनी ने संदेश दिया कि सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाना उसकी कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
: बालको ने मजदूर दिवस पर सुरक्षित और समावेशी कार्यस्थल के संकल्प को दोहराया
Sat, May 3, 2025
बालकोनगर, 3 मई 2025।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने मजदूर दिवस के अवसर पर सुरक्षित, डिजिटल और समावेशी कार्यस्थल निर्माण की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रचालन क्षेत्र में 11,000 से अधिक कर्मचारियों और व्यावसायिक भागीदारों के साथ कंपनी एक ऐसी कार्य संस्कृति को बढ़ावा दे रही है, जहाँ सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। डिजिटलीकरण से कार्य प्रक्रियाएं अधिक कुशल बनी हैं और इससे कर्मचारियों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
बालको में सुरक्षा साझी जिम्मेदारी है, सभी कर्मचारी एवं आगंतुक सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं। पूरे प्लांट में अग्नि एवं सड़क सुरक्षा जैसे विषय पर होने वाली मासिक चर्चाएं सुरक्षा संस्कृति को और मजबूती प्रदान करती हैं। इन कार्यों को एआई-संचालित निगरानी प्रणालियों तथा डिजिटल सुरक्षा डिस्प्ले के सहयोग से जोखिमों की पहचान तथा सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कर कंपनी के शून्य-हानि दर्शन की प्रतिबद्धता को मजबूत किया है।कंपनी ने डिजिटलाजेशन से कर्मचारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया है जिससे प्रचालन का कार्य सुरक्षित व दक्षता के साथ हो रहा है। पॉटलाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एआर/वीआर प्रशिक्षण ने कर्मचारियों को सुरक्षित एवं नियंत्रित वातावरण में जटिल कार्यों के लिए तैयार होने में सक्षम बनाया है। मैटेरियल मूवमेंट और कास्ट हाउस के कार्यों का संचालन रियल-टाइम डैशबोर्ड और स्वचालित ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से अधिक पारदर्शिता और दक्षता के साथ किया जाता है। इन्वेंट्री प्रोसेसिंग से लेकर इंटरलॉक प्रोटेक्शन तक डिजिटल टूल टीम को तेजी से निर्णय लेने, जोखिमों की पहचान करने और कार्यस्थल के तनाव को कम करने में सहायक हैं।बालको में स्वास्थ्य और कल्याण कार्यस्थल से शुरू होता है, जहाँ नियमित जांच और स्वास्थ्य जांच के माध्यम से निवारक देखभाल दैनिक कार्यों में अंतर्निहित है। कर्मचारियों और उनके परिवारों के पास बालको अस्पताल के 100 से अधिक बेड वाले मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की सेवाएं सुलभ हैं, जहाँ उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उन्नत चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त होती हैं।बालको शारीरिक देखभाल के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देता है। कर्मचारियों को मेंटल वैलनेस एप्लिकेशन भी मुहैया कराई गई है जो गोपनीय रूप से परामर्श और आवश्यक संसाधन प्रदान करती है। जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए बालको विभिन्न मैराथन, टूर्नामेंट और फिटनेस पहल का आयोजन भी करता है, जो शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ सामुदायिक एकता को भी मजबूत करते हैं। ये सभी प्रयास मिलकर एक ऐसे कार्यस्थल का निर्माण करते हैं जो पेशेवर और व्यक्तिगत विकास दोनों को प्राथमिकता देता है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने मजदूर दिवस पर कंपनी में कार्यरत श्रमिकों को असली ताकत बताया। हम जो भी उपलब्धि हासिल करते हैं, वह उनकी क्षमता, प्रतिबद्धता और एक-दूसरे का ख्याल रखने के गुणों पर आधारित होती है। हमारी हर उपलब्धि उनकी प्रतिबद्धता, क्षमता और पारस्परिक सहयोग की भावना का प्रमाण है। हमारा उद्देश्य एक ऐसा कार्यस्थल बनाना है, जहाँ वे सुरक्षित, सशक्त और समर्थित महसूस करें।बालको की हाउसकीपिंग टीम की सदस्य संतोषी चौहान ने कहा कि बालको में सुरक्षा सिर्फ़ एक नियम नहीं है बल्कि यह जीवन जीने का एक तरीका है। हम बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना अपना दिन शुरू नहीं करते हैं। अनुशासन की यह संस्कृति मुझे आत्मविश्वास देती है और यह गर्व की बात है कि मैं ऐसे कार्यस्थल का हिस्सा हूँ, जहाँ सुरक्षा और सम्मान दोनों साथ चलते हैं।बालको जागरूकता, भागीदारी और स्वामित्व को बढ़ावा देने वाले स्ट्रक्चर्ड प्लैटफॉर्मों के माध्यम से अपने कार्यस्थल की संस्कृति को मजबूती प्रदान किया है। इनमें 'सुरक्षा संकल्प' जैसे मासिक कार्यक्रम शामिल हैं जो कंपनी का प्रमुख सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम है। यह मंच कर्मचारियों और भागीदारों को अपने विचार साझा करने और संवाद करने का अवसर देता है। कंपनी के कर्मचारी बालको प्रीमियर लीग, वॉलीबॉल टूर्नामेंट और सामुदायिक मैराथन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से खेल और मनोरंजन में भाग लेते हैं।
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