: बालको ने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए लागू की शिक्षा सहायता नीति
Thu, Apr 17, 2025
बालकोनगर, 16 मार्च 2025।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए एक प्रगतिशील शिक्षा सहायता नीति लागू की। समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप कंपनी द्वारा उठाया गया यह कदम ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने हेतु 1 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसका उद्देश्य शैक्षिक अंतर को कम करना और विकास के लिए नए रास्ते खोलना है।वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए एक प्रगतिशील शिक्षा सहायता नीति लागू की है। समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप कंपनी द्वारा उठाया गया यह कदम ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने हेतु 1 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसका उद्देश्य शैक्षिक अंतर को कम करना और विकास के लिए नए रास्ते खोलना है।शिक्षा सहायता योजना उन सभी ट्रांसजेंडर कर्मचारियों पर लागू है, जिन्होंने कम से कम 18 महीने की सेवा पूरी कर ली है। इस पहल के माध्यम से बालको इस विश्वास को सुदृढ़ करता है कि वास्तविक समावेशी वातावरण तभी संभव है जब सभी को सीखने और कौशल अर्जित करने के समान अवसर प्रदान किए जाएँ, ताकि वे पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर आगे बढ़ सकें।बालको ने अपने विविधता, समानता और समावेशी चार्टर के तहत कई पहल को संस्थागत रूप दिया है। इनमें लिंग पुनः निर्धारण नीति सर्जरी के लिए वित्तीय सहायता, विशेष अवकाश के साथ ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए आवास सहायता भी शामिल है। संगठन में स्वीकृति और जागरूकता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संवेदीकरण सत्र और सामुदायिक सहभागिता के विभिन्न कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको में हम मानते हैं कि समावेशी संस्कृति केवल एक नीति नहीं है बल्कि एक मूल्य है, जहाँ लिंग पहचान की परवाह किए बिना सभी को सीखने, बढ़ने और नेतृत्व करने के समान अवसर मिलते हैं। अपने ट्रांसजेंडर कर्मियों को उनकी पेशेवर आकांक्षाओं को साकार करने में सहयोग कर, समावेशी कार्यस्थल के निर्माण के लिए कटिबद्ध हैं।बालको में सुरक्षाकर्मी के रूप में काम करने वाली व्यावसायिक भागीदार सुमन ने कहा कि मैं बालको में काम करके वास्तव में धन्य महसूस करती हूँ। यहीं पर मुझे लिंग पुनः निर्धारण नीति को चुनने का साहस और समर्थन मिला। कुछ ऐसा जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। बालको ने मुझे अपनी पहचान को सम्मान के साथ अपनाने और आत्म-सम्मान का जीवन जीने का मौका दिया। अब शिक्षा नीति के शुभारंभ के साथ, मैं और भी बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित हूँ। मैं न केवल अपने लिए, बल्कि मेरे जैसे अन्य लोगों के लिए भी एक बेहतर भविष्य बनाने के उद्देश्य से आगे की शिक्षा प्राप्त करने की योजना बना रही हूँ।बालको अपनी विभिन्न पहल के माध्यम से ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को प्रमुख कार्यों में एकीकृत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने वाली यह नीति, कंपनी के लंबे समय से चले आ रहे एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय के सशक्तिकरण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण योगदान है। कंपनी ने एक ऐसे भविष्य में अपना विश्वास प्रकट किया है जहाँ प्रत्येक कर्मचारी का सम्मान, सशक्तिकरण और समावेश सुनिश्चित किया जा सके।
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: बालको की आरोग्य परियोजना से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में आया बदलाव
Fri, Apr 11, 2025
बालकोनगर, 11 अप्रैल 2025।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी स्वास्थ्य परियोजना ‘आरोग्य’ के तहत स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से 10,000 से अधिक माताओं को सशक्त बनाकर स्वास्थ्य सेवा में बदलाव लाया है। बच्चों के विकास वर्षों में स्वस्थ आहार की भूमिका पर जोर देते हुए बालको ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी कमियों को दूर कर रहा है।
आरोग्य परियोजना बच्चों को पोषण स्थिति के आधार पर, उन्हें वर्गीकृत करने के लिए स्वास्थ्य जांच प्रदान करता है। कुपोषित बच्चों की पहचान कर, माताओं के साथ 12-दिवसीय पीडी हर्थ (पोषित आहार पुनर्वास केंद्र) सत्र आयोजित किए जाते हैं। इस अभियान से बच्चे के पोषण और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सफलता मिली है। सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले स्वास्थ्य पूरक टेक होम राशन (टीएचआर) का उपयोग करके व्यंजन बनाना सिखाया जाता है। विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कंपनी ग्रामीण समुदाय में स्थायी स्वास्थ्य प्रथाओं का पोषण कर रही है। भारत सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु की देखभाल के लिए शुरू की गई ‘पोषण माह’ पहल के अनुरूप बालको जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण संबंधी सहायता एवं जागरूकता प्रदान करता है। विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से कंपनी ग्रामीण समुदायों में सस्टेनेबल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा दे रहे है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी स्वास्थ्य पहल को प्राथमिकता देती है क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य मजबूत समुदाय की नींव है। स्वस्थ माताएँ और बच्चे राष्ट्र के विकास की रीढ़ होते हैं। कंपनी स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए, सभी तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच और जागरूकता को बढ़ावा दिया है। विभिन्न पहल के माध्यम से हम एक मजबूत, समावेशी चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाया है। हम समुदायिक भलाई एवं स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध हैं।
खटियापारा गांव की निवासी नेहा साहू बताती हैं कि एक मां के रूप में मैं अपने बच्चे को पोषण देने के लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि हर बच्चे की पोषण संबंधी ज़रूरतें अलग-अलग होती हैं। जब मेरी छोटी बच्ची को मध्यम तीव्र कुपोषण का पता चला तब मैंने बालको द्वारा आयोजित पीडी हर्थ सेशन में सक्रिय रूप से भाग लेना शुरू किया। इससे मेरे बच्चे के वजन में वृद्धि तथा सकारात्मक स्वास्थ्य सुधार देखने को मिला। जागरूकता अभियान के ज़रिए मैंने जो जानकारी प्राप्त की, अब उसे मैं हर किसी से साझा करती हूँ।बालको ने एक डिजिटल सीरीज़ भी शुरू किया है जो माताओं को कुपोषण से उबरने के लिए ज़रूरी टिप्स देती है। इसके साथ ही कंपनी नंदघर के ज़रिए बच्चों की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करता है, इसमें एनीमिया की रोकथाम और स्वच्छता जागरूकता पहल शामिल है।
बालको अपने सामुदायिक विकास के स्वास्थ्य पहल, ग्रामीण स्वास्थ्य पोस्ट और मेगा स्वास्थ्य शिविर के ज़रिए कंपनी अपने आसपास के समुदाय के जीवन को बदल रहा है। प्रोजेक्ट नई किरण के प्रयास से कई स्कूल ने माहवारी स्वास्थ्य प्रथाओं को अपनाकर किशोरियों के लिए माहवारी अनुकूल स्थान सुनिश्चित किया है। इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) स्थापित कर, कंपनी पहली कॉर्पोरेट संस्थान के रूप में राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के साथ भागीदारी की है। इसके साथ ही मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) की मदद से आसपास के 70 समुदाय में घर-घर जाकर चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इससे 22,500 से ज़्यादा लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त हुई हैं।बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) नया रायपुर में अत्याधुनिक सुविधायुक्त कैंसर अस्पताल के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान करती है। जहां साल भर में 83,000 से ज़्यादा ओपीडी आते हैं और 13,000 से ज़्यादा मरीज़ों का इलाज होता है। कोरबा में बालको अस्पताल 120 बेड वाला मल्टीस्पेशलिटी हेल्थकेयर सुविधा प्रदान करता है। अस्पताल में 80 से ज़्यादा मेडिकल पेशेवर और 110 से ज़्यादा सहायक कर्मचारियों की टीम साल भर में 1.8 लाख से ज़्यादा लोगों को चिकित्सा सेवा प्रदान करता है। आयुष्मान भारत और मेडिक्लेम जैसी सरकारी पहल के तहत मुफ़्त स्वास्थ्य जांच शिविर और टीकाकरण अभियान भी चलाए जाते हैं।समुदायिक स्वास्थ्य सेवा के साथ ही बालको संयंत्र में अपने कर्मचारियों और व्यावसायिक भागीदारों की भलाई को प्राथमिकता देता है। नियमित टीकाकरण अभियान, स्वास्थ्य जाँच और फिटनेस सत्र आयोजित किए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कंपनी के विशेष ‘स्वास्थ्य चौपाल’ आयोजन में 500 से अधिक कर्मचारी तथा व्यावसायिक साझेदार स्वास्थ्य जांच, योग मॉड्यूल, संतुलित आहार और पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेषज्ञ सलाह के लिए एकत्रित हुए। बालको अपने स्वास्थ्य पहल से कर्मचारियों तथा समुदाय के जीवन को सशक्त बना रहा है।____________
: बालको का सामुदायिक विकास कार्य सराहनीय : लखन लाल देवांगन
Sun, Apr 6, 2025
बालकोनगर, 06 अप्रैल 2025। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा सोनगुढ़ा पंचायत में सामुदायिक भवन एवं बेलाकछार में कल्वर्ट पुल का निर्माण किया गया है। आयोजित उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार उपस्थित थे। सोनगुढ़ा एवं बेलाकछार में आयोजित कार्यक्रमों में अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, बालको के अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित थे। श्री लखन लाल देवांगन ने सामुदायिक निर्माण कार्यों के लिए बालको प्रबंधन को साधुवाद दिया।
बालको सीएसआर ने अपनी प्रमुख सामुदायिक विकास पहल के तहत दो महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं—बेलाकछार में एक बॉक्स कल्वर्ट ब्रिज और सोनगुढ़ा पंचायत में एक सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य पूरा किया। ये संरचनाएं ग्रामीण व्यवस्था को सशक्त बनाने एवं क्षेत्र में सामुदायिक जीवन को समृद्ध करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
बेलाकछार में निर्मित बॉक्स कल्वर्ट ब्रिज से बेलाकछार सहित दोंदरो, कैलाश नगर, संगम नगर और अन्य गांवों के 2,000 से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। इस पुल के निर्माण से आवागमन में सुविधा होगी और विशेष रूप से मानसून के दौरान ग्रामीणों को राहत मिलेगी। वहीं, सोनगुढ़ा में नवनिर्मित सामुदायिक भवन सामाजिक आयोजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं सार्वजनिक बैठकों के लिए एक उपयुक्त स्थल के रूप में कार्य करेगा, जिससे सोनगुढ़ा पंचायत के 1,000 से अधिक समुदाय सदस्य लाभान्वित होंगे।इस अवसर पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बालको की सामुदायिक विकास पहलों की सराहना करते हुए कहा कि बालको औद्योगिक विकास के साथ-साथ समुदाय की भलाई के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। बालको द्वारा निर्मित सामुदायिक भवन एवं पुल यह दर्शाते हैं कि कंपनी अपने सीएसआर कार्यों के माध्यम से समाज के उत्थान हेतु हमेशा तत्पर है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे औद्योगिक परिवर्तनों से छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास सुनिश्चित होगा।इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी अपने मूल दर्शन—समाज को वापस लौटाने—के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की आधारभूत संरचनाओं का निर्माण ग्रामीण निवासियों के जीवन में सुविधा एवं खुशियाँ लाता है। हमारी सीएसआर पहल का उद्देश्य मौजूदा सुविधाओं को बेहतर बनाकर समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। समुदाय एवं सरकार के साथ मिलकर सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए बालको सदैव अग्रसर है। जिला प्रशासन के सहयोग से हम समुदाय के साथ मिलकर एक उज्जवल भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।बालको की सीएसआर अंतर्गत आधारभूत संरचना विकास पहल के तहत, पिछले दो वर्षों में कंपनी ने सामूहिक प्रयासों से 80 से अधिक संरचनाओं का निर्माण किया है, जिनमें सड़कें, सामुदायिक भवन, बच्चों के पार्क, आंगनवाड़ी केंद्र एवं सरकारी स्कूलों का नवीनीकरण शामिल है। इन प्रयासों से 45 गाँवों में 14,000 से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। क्षेत्र के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता के साथ, कंपनी आवश्यक बुनियादी ढाँचे के निर्माण में सतत निवेश कर रही है और अपने सीएसआर के माध्यम से समुदायों के समावेशी विकास में सतत योगदान दे रही है।
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