: बालको के ‘निक्षय मित्र’ पहल की हुई सराहना, टीबी जागरूकता को मिला बढ़ावा
Thu, Apr 17, 2025
बालकोनगर, 27 मार्च, 2025।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व टीबी दिवस पर बालको और जिला स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी के कर्मचारी (स्वयंसेवक) ‘निक्षय मित्रों’ को उनके निरंतर सहयोग के लिए सम्मानित किया। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान’ में सहयोग देने के उद्देश्य से बालको ने अपनी सामुदायिक विकास परियोजना आरोग्य के अंतर्गत कोरबा स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर 2023 में निक्षय मित्र पहल शुरू की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार एवं जिला स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी द्वारा उचित आहार सेवन और पोषण सुनिश्चित करने वाले इस अभियान के लिए बालको की सराहना की है।
निक्षय मित्र पहल में बालको के कर्मचारी, 6 महीने तक टीबी मरीजों की स्वैच्छिक मदद करते हुए उन्हें पोषण आहार बास्केट की सहायता प्रदान करते हैं। टीबी पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य सुधार में उचित पोषण की अहम भूमिका होती है। संतुलित आहार से रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा स्वास्थ्य बेहतर होता है जिससे टीबी की दवाइयों का असर भी बढ़ता है। निक्षय मित्र के तहत कंपनी के 25 कर्मचारियों ने समुदाय में 33 टीबी मरीज को पोषण आहार की आर्थिक मदद की है। इस दौरान लगभग 90 फीसदी मरीज ठीक हो चुके हैं और बाकी मरीज के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। टीबी के मरीजों ने अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आभार जताया है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी अपने संयंत्र के आसपास के समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जागरूकता कार्यक्रम से समुदाय में टीबी रोग के रोकथाम और पहचान करने में आसानी हुई है। समुदाय के स्वास्थ्य की देखभाल को सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं को बढ़ाना है और इसके साथ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।बालको के टीबी मुक्त अभियान की सराहना करते हुए कोरबा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. एन. केसरी ने कि हमें कोरबा को टीबी मुक्त जिला बनाना है। उन्होंने कहा कि सभी जागरूक सदस्य समुदाय में टीबी रोग नियंत्रण और रोकथाम पर चर्चा करके जागरूकता बढ़ाने का कार्य करें। प्रशिक्षण में मिली जानकारी से सदस्य समुदाय में टीबी रोग पर फैली भ्रांतियों को दूर करने का काम करें। उन्होंने कहा कि लक्षण दिखने पर घबराएं नहीं बल्कि जांच करवाएं । इस तरह के कार्यक्रम कंपनी द्वारा समुदाय के स्वास्थ्य एवं भलाई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।अभियान के दौरान स्लोगन लेखन और समुदाय में विभिन्न घर पर जागरूकता संदेश के साथ चित्रकारी भी की। अपने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कंपनी ने स्थानीय स्वास्थ्य निकायों (महिला आरोग्य समिति और ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति) के 97 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को टीबी जागरूकता, पहचान, कारण, संपर्क ट्रेसिंग, रेफरल उपचार आदि के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया है। सभी प्रशिक्षित टीबी लीडर ने 70 से अधिक जागरूकता सत्र आयोजित किए और 1000 से अधिक समुदाय के सदस्यों को जागरूक किया।बालको, सोशल रिवाइवल ग्रुप ऑफ अर्बन, रूरल एंड ट्राइबल (एसआरओयूटी) के सहयोग से आरोग्य परियोजना के तहत समुदाय के लोगों की स्वास्थ्य देखभाल एवं सेवा करने के लिए कटिबद्ध है। कंपनी ग्रामीण स्वास्थ्य पोस्ट, मोबाइल हेल्थ वैन, स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता अभियानों का आयोजन कर गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करती है। स्वास्थ्य देखभाल को सुनिश्चित करते हुए टीकाकरण और स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देती है।
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: बालको ने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए लागू की शिक्षा सहायता नीति
Thu, Apr 17, 2025
बालकोनगर, 16 मार्च 2025।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए एक प्रगतिशील शिक्षा सहायता नीति लागू की। समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप कंपनी द्वारा उठाया गया यह कदम ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने हेतु 1 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसका उद्देश्य शैक्षिक अंतर को कम करना और विकास के लिए नए रास्ते खोलना है।वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए एक प्रगतिशील शिक्षा सहायता नीति लागू की है। समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप कंपनी द्वारा उठाया गया यह कदम ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने हेतु 1 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसका उद्देश्य शैक्षिक अंतर को कम करना और विकास के लिए नए रास्ते खोलना है।शिक्षा सहायता योजना उन सभी ट्रांसजेंडर कर्मचारियों पर लागू है, जिन्होंने कम से कम 18 महीने की सेवा पूरी कर ली है। इस पहल के माध्यम से बालको इस विश्वास को सुदृढ़ करता है कि वास्तविक समावेशी वातावरण तभी संभव है जब सभी को सीखने और कौशल अर्जित करने के समान अवसर प्रदान किए जाएँ, ताकि वे पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर आगे बढ़ सकें।बालको ने अपने विविधता, समानता और समावेशी चार्टर के तहत कई पहल को संस्थागत रूप दिया है। इनमें लिंग पुनः निर्धारण नीति सर्जरी के लिए वित्तीय सहायता, विशेष अवकाश के साथ ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए आवास सहायता भी शामिल है। संगठन में स्वीकृति और जागरूकता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संवेदीकरण सत्र और सामुदायिक सहभागिता के विभिन्न कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको में हम मानते हैं कि समावेशी संस्कृति केवल एक नीति नहीं है बल्कि एक मूल्य है, जहाँ लिंग पहचान की परवाह किए बिना सभी को सीखने, बढ़ने और नेतृत्व करने के समान अवसर मिलते हैं। अपने ट्रांसजेंडर कर्मियों को उनकी पेशेवर आकांक्षाओं को साकार करने में सहयोग कर, समावेशी कार्यस्थल के निर्माण के लिए कटिबद्ध हैं।बालको में सुरक्षाकर्मी के रूप में काम करने वाली व्यावसायिक भागीदार सुमन ने कहा कि मैं बालको में काम करके वास्तव में धन्य महसूस करती हूँ। यहीं पर मुझे लिंग पुनः निर्धारण नीति को चुनने का साहस और समर्थन मिला। कुछ ऐसा जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। बालको ने मुझे अपनी पहचान को सम्मान के साथ अपनाने और आत्म-सम्मान का जीवन जीने का मौका दिया। अब शिक्षा नीति के शुभारंभ के साथ, मैं और भी बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित हूँ। मैं न केवल अपने लिए, बल्कि मेरे जैसे अन्य लोगों के लिए भी एक बेहतर भविष्य बनाने के उद्देश्य से आगे की शिक्षा प्राप्त करने की योजना बना रही हूँ।बालको अपनी विभिन्न पहल के माध्यम से ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को प्रमुख कार्यों में एकीकृत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने वाली यह नीति, कंपनी के लंबे समय से चले आ रहे एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय के सशक्तिकरण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण योगदान है। कंपनी ने एक ऐसे भविष्य में अपना विश्वास प्रकट किया है जहाँ प्रत्येक कर्मचारी का सम्मान, सशक्तिकरण और समावेश सुनिश्चित किया जा सके।
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: बालको की आरोग्य परियोजना से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में आया बदलाव
Fri, Apr 11, 2025
बालकोनगर, 11 अप्रैल 2025।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी स्वास्थ्य परियोजना ‘आरोग्य’ के तहत स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से 10,000 से अधिक माताओं को सशक्त बनाकर स्वास्थ्य सेवा में बदलाव लाया है। बच्चों के विकास वर्षों में स्वस्थ आहार की भूमिका पर जोर देते हुए बालको ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी कमियों को दूर कर रहा है।
आरोग्य परियोजना बच्चों को पोषण स्थिति के आधार पर, उन्हें वर्गीकृत करने के लिए स्वास्थ्य जांच प्रदान करता है। कुपोषित बच्चों की पहचान कर, माताओं के साथ 12-दिवसीय पीडी हर्थ (पोषित आहार पुनर्वास केंद्र) सत्र आयोजित किए जाते हैं। इस अभियान से बच्चे के पोषण और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सफलता मिली है। सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले स्वास्थ्य पूरक टेक होम राशन (टीएचआर) का उपयोग करके व्यंजन बनाना सिखाया जाता है। विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कंपनी ग्रामीण समुदाय में स्थायी स्वास्थ्य प्रथाओं का पोषण कर रही है। भारत सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु की देखभाल के लिए शुरू की गई ‘पोषण माह’ पहल के अनुरूप बालको जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण संबंधी सहायता एवं जागरूकता प्रदान करता है। विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से कंपनी ग्रामीण समुदायों में सस्टेनेबल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा दे रहे है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी स्वास्थ्य पहल को प्राथमिकता देती है क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य मजबूत समुदाय की नींव है। स्वस्थ माताएँ और बच्चे राष्ट्र के विकास की रीढ़ होते हैं। कंपनी स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए, सभी तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच और जागरूकता को बढ़ावा दिया है। विभिन्न पहल के माध्यम से हम एक मजबूत, समावेशी चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाया है। हम समुदायिक भलाई एवं स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध हैं।
खटियापारा गांव की निवासी नेहा साहू बताती हैं कि एक मां के रूप में मैं अपने बच्चे को पोषण देने के लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि हर बच्चे की पोषण संबंधी ज़रूरतें अलग-अलग होती हैं। जब मेरी छोटी बच्ची को मध्यम तीव्र कुपोषण का पता चला तब मैंने बालको द्वारा आयोजित पीडी हर्थ सेशन में सक्रिय रूप से भाग लेना शुरू किया। इससे मेरे बच्चे के वजन में वृद्धि तथा सकारात्मक स्वास्थ्य सुधार देखने को मिला। जागरूकता अभियान के ज़रिए मैंने जो जानकारी प्राप्त की, अब उसे मैं हर किसी से साझा करती हूँ।बालको ने एक डिजिटल सीरीज़ भी शुरू किया है जो माताओं को कुपोषण से उबरने के लिए ज़रूरी टिप्स देती है। इसके साथ ही कंपनी नंदघर के ज़रिए बच्चों की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करता है, इसमें एनीमिया की रोकथाम और स्वच्छता जागरूकता पहल शामिल है।
बालको अपने सामुदायिक विकास के स्वास्थ्य पहल, ग्रामीण स्वास्थ्य पोस्ट और मेगा स्वास्थ्य शिविर के ज़रिए कंपनी अपने आसपास के समुदाय के जीवन को बदल रहा है। प्रोजेक्ट नई किरण के प्रयास से कई स्कूल ने माहवारी स्वास्थ्य प्रथाओं को अपनाकर किशोरियों के लिए माहवारी अनुकूल स्थान सुनिश्चित किया है। इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) स्थापित कर, कंपनी पहली कॉर्पोरेट संस्थान के रूप में राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के साथ भागीदारी की है। इसके साथ ही मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) की मदद से आसपास के 70 समुदाय में घर-घर जाकर चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इससे 22,500 से ज़्यादा लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त हुई हैं।बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) नया रायपुर में अत्याधुनिक सुविधायुक्त कैंसर अस्पताल के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान करती है। जहां साल भर में 83,000 से ज़्यादा ओपीडी आते हैं और 13,000 से ज़्यादा मरीज़ों का इलाज होता है। कोरबा में बालको अस्पताल 120 बेड वाला मल्टीस्पेशलिटी हेल्थकेयर सुविधा प्रदान करता है। अस्पताल में 80 से ज़्यादा मेडिकल पेशेवर और 110 से ज़्यादा सहायक कर्मचारियों की टीम साल भर में 1.8 लाख से ज़्यादा लोगों को चिकित्सा सेवा प्रदान करता है। आयुष्मान भारत और मेडिक्लेम जैसी सरकारी पहल के तहत मुफ़्त स्वास्थ्य जांच शिविर और टीकाकरण अभियान भी चलाए जाते हैं।समुदायिक स्वास्थ्य सेवा के साथ ही बालको संयंत्र में अपने कर्मचारियों और व्यावसायिक भागीदारों की भलाई को प्राथमिकता देता है। नियमित टीकाकरण अभियान, स्वास्थ्य जाँच और फिटनेस सत्र आयोजित किए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कंपनी के विशेष ‘स्वास्थ्य चौपाल’ आयोजन में 500 से अधिक कर्मचारी तथा व्यावसायिक साझेदार स्वास्थ्य जांच, योग मॉड्यूल, संतुलित आहार और पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेषज्ञ सलाह के लिए एकत्रित हुए। बालको अपने स्वास्थ्य पहल से कर्मचारियों तथा समुदाय के जीवन को सशक्त बना रहा है।____________