: संतान प्राप्ति एवं रक्षा का व्रत है बहुला चतुर्थी - अरविन्द तिवारी
Sun, Sep 3, 2023
रायपुर - भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी यानि आज ही की तिथि में बहुला चौथ व्रत रखा जाता है , इस चतुर्थी को बहुला चतुर्थी कहते हैं। इस तिथि में विवाहित महिलायें अपने पुत्रों की रक्षा के लिये इस व्रत को रखती हैं। वस्तुत: यह गौ पूजा और सत्य वचन की मर्यादा का पर्व है। माता की भांँति अपना दूध पिलाकर गौ माता मनुष्य की रक्षा करती है, उसी कृतज्ञता के भाव से इस व्रत को सभी करते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये अरविन्द तिवारी ने बताया कि इस व्रत को रखने से संतान के सारे कष्ट अपने आप ही शीघ्र खत्म हो जाते हैं। यह व्रत नि:संतान को संतान तधा संतान को मान सम्मान एवं ऐश्वर्य प्रदान करने वाला माना जाता है , मन की इच्छायें पूर्ण होती हैं , शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है , धन-धान्य में वृद्धि होती है। बहुला चौथ की पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन स्त्रियां अपने बच्चों की खुशहाली और लंबी उम्र के लिये कुम्हारों द्वारा मिट्टी से भगवान शिव-पार्वती, कार्तिकेय-श्रीगणेश , गाय तथा सिंह की प्रतिमा बनवाती हैं. इसके बाद मंत्रोच्चारण तथा विधि-विधान के साथ इस प्रतिमा को स्थापित करके उसकी पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा में भगवान को भोग लगाने के लिये कई तरह के पकवान बनाये जाते हैं जिसे बाद में गाय और बछड़े को खिलाया जाता है। व्रत रखने वाली स्त्री इस दिन बहुला कथा का श्रवण , पाठ भी करती हैं। इस व्रत को रखने और सुनने से अपार धन व सभी तरह के ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है , घर परिवार में सुख शांति आती है , साथ ही यह व्रत जन्म मरण के चक्र से मुक्ति भी दिलाता है। इस व्रत में गाय और बछड़े के पूजन का बड़ा महत्व बताया गया है। इस दिन गाय के दूध या उससे बनी कोई चीज उपभोग नही करते हैं। इस गाय के दूध पर उसके बछडे के अधिकार समझना चाहिये। आज दिन भर व्रत रखकर संध्या के समय बछड़े सहित गाय माता की पूजा करनी चाहिये। इस दिन गेंहूँ और चाँवल का भोज्य वर्जित माना गया है।
बहुला चौथ व्रत कथा के अनुसार किसी ब्राह्मण के घर में बहुला नामक एक गाय थी। बहुला गाय का एक बछड़ा था. बहुला को संध्या समय में घर वापिस आने में देर हो जाती तो उसका बछड़ा व्याकुल हो उठता था। एक दिन बहुला घास चरते हुये अपने झुंड से बिछड़ गई और जंगल में काफ़ी दूर निकल गयी , तभी भगवान श्रीकृष्ण को माया सूझी। जंगल में जब गाय अपने घर लौटने का रास्ता खोज रही थी कि भगवान अचानक उसके सामने एक खूंखार सिंह के रूप में पहुँचे , सिंह ने बहुला पर झपट्टा मारा। तब बहुला उससे विनती करने लगी कि उसका छोटा-सा बछड़ा सुबह से उसकी राह देख रहा है , वह भूखा है और दूध मिलने की प्रतीक्षा कर रहा है , आप कृपया कर मुझे जाने दें। मैं उसे दूध पिलाकर वापिस आ जाऊँगी, तब आप मुझे खाकर अपनी भूख को शांत कर लेना। सिंह को बहुला पर विश्वास नहीं था कि वह वापिस आयेगी , तब बहुला ने सत्य और धर्म की शपथ ली और सिंहराज को विश्वास दिलाया कि वह वापिस जरूर आयेगी तब सिंह ने बहुला को उसके बछड़े के पास वापिस जाने दिया। बहुला शीघ्रता से घर पहुँची , अपने बछडे़ को शीघ्रता से दूध पिलाया और उसके बाद अपना वचन पूरा करने के लिये सिंहराज के समक्ष जाकर खडी़ हो गयी। सिंह के रुप में भगवान कृष्ण को उसे अपने सामने देखकर बहुत हैरानी हुई। उसे देखकर सिंह का रूप धरे श्रीकृष्ण भगवान प्रकट हो गये और बोले यह तेरी परीक्षा थी। तू अपने सत्य धर्म पर दृढ़ रही, अत: इस प्रभाव से घर-घर में तेरा पूजन होगा और तू गौ माता के नाम से पुकारी जायेगी। बहुला अपने घर लौट आयी और अपने बछड़े के साथ आनंद से रहने लगी। यह व्रत हमें अपने सत्य धर्म की रक्षा की संदेश देती है।
: पत्रकार मुकेश भारती की 4 वर्षीय पुत्री यशस्वी भारती ने 19वीं राज्य स्तरीय ताइक्वांडो स्पर्धा में दिखाए जौहार
Wed, Aug 23, 2023
नया रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ताइक्वांडो कराटे स्पर्धा 2023 में कोरबा जिले के माने जाने पत्रकार मुकेश भारती की 4 वर्षीय पुत्री यशस्वी भारती ने अपने कुशल खेल का प्रदर्शन करते हुए इस प्रतियोगिता में तीसरा स्थान अर्जित किया तथा कोरबा जिला का नाम रोशन किया ।
यशस्वी भारती की इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ प्रदेश उपमुख्यमंत्री श्री टी एस सिंह देव ने यशस्वी को पुरस्कृत कर उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की।
तो वहीं यशस्वी भारती के माता-पिता ने यशस्वी के प्रदर्शन पर उनके ट्रेनर योगेश श्रीवास तथा तुलसीराम बरेठ के प्रति आभार व्यक्त किया है। बता दें की यशस्वी के पिता मुकेश भारती क्षेत्र के माने जाने पत्रकार हैं तो वहीं उनकी माता श्रीमती रेखा भारती एक Lic अभिकर्ता है।
तो वहीं इस आयोजन में ताइक्वांडो सॉन्ग के प्रदेश महासचिव अनिल द्विवेदी के द्वारा पत्रकार मुकेश भारती को मंच पर बतौर विशिष्ट अतिथि के तौर पर सम्मानित करते हुए उन्हें मेमोंटो प्रदान किया।
गौरतलब है कि नया रायपुर में आयोजित इस स्पर्धा में कोरबा समेत विभिन्न जिलों रायपुर, सरगुजा, जशपुर, बिलासपुर, सूरजपुर, सुकमा, दुर्गा, शक्ति, नारायणपुर, रायगढ़, धमतरी, कोरिया, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, शक्ति एवं महासमुंद के खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर अपने खेल का प्रदर्शन किया जिसमें कोरबा जिले ने ओवरऑल परफॉर्मेंस के तौर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
जिसे लेकर अनिल द्विवेदी (छत्तीसगढ़ ताइक्वांडो संघ प्रदेश महासचिव) ने समस्त खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है तथा भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन हेतु उन्हें प्रोत्साहित किया है।
: छत्तीसगढ़ की प्रतिभा की चमक बॉलीवुड तक
Thu, Aug 17, 2023
*जनसंपर्क विभाग के अधिकारी अंकित पांडेय ने केके मेनन की अपकमिंग फिल्म लव आल के लिए लिखे गीत**महेश भट्ट और पुलेला गोपीचंद द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली फिल्म के प्रोड्यूसर डायरेक्टर हैं सुधांशु शर्मा**अंकित ने लिखे हैं दो गीत, पहले गीत गीली सी सुबह को गाया है पापोन ने तथा बातों बातों में गीत को गाया है जुबिन नौटियाल ने, म्यूजिक कंपोजिशन सौरभ वैभव का*
रायपुर,12 अगस्त, 2023। जनसंपर्क संचालनालय रायपुर में कार्यरत सहायक सूचना अधिकारी और मूल रूप से अंबिकापुर निवासी श्री अंकित पांडेय के दो गीत 25 अगस्त को देश भर में 7 भाषाओं में रिलीज की जाने वाली फिल्म लव आल में दर्शक सुन सकेंगे। प्रख्यात निर्माता निर्देशक श्री महेश भट्ट और प्रख्यात बैडमिंडन खिलाड़ी तथा बैडमिंटन की टीम इंडिया के नेशनल कोच श्री पुलेला गोपीचंद द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली इस फिल्म के निर्माता निर्देशक श्री सुधांशु शर्मा हैं।
फिल्म के गीत गीली सी सुबह की लांचिंग मुंबई के अंधेरी में की गई। इस मौके पर मौजूद श्री महेश भट्ट ने कहा कि इस गीत की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके गीतकार अंकित पांडेय छत्तीसगढ़ से हैं। जब देश के मुख्तलिफ हिस्सों से आये लोग सिनेमा रचते हैं तो सिनेमा ज्यादा समृद्ध, ज्यादा सच्चा होता है। फिल्म के डायरेक्टर श्री शर्मा ने भी इसकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लव आल में जो सीन था उसके मुताबिक मुझे बहुत से गीत दिखाये गये, कोई भी गीत पसंद नहीं आ रहा था। फिर अंकित द्वारा लिखा गया गीत गीली सी सुबह सुनाया गया। मुझे लगा कि मैं इसी गीत की तलाश में था। गीत बहुत खूबसूरत जज्बात के साथ लिखा गया है। सौरभ वैभव ने बहुत सुंदर कंपोजिशन किया है। खास बात यह है कि वे भी छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर से ही हैं। पापोन ने इसे अपने अनूठे स्वर में गाया है। केके मेनन ने कहा कि खूबसूरत गीत और कंपोजिशन तथा पापोन की प्रस्तुति ने इस गीत को और भी खूबसूरत बना दिया है।उल्लेखनीय है कि यह गीत अंकित ने दशक भर पहले लिखा था जब उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा समाप्त की थी। कोरोना की वजह से फिल्म में कुछ विलंब हुआ।उल्लेखनीय है कि यह फिल्म देश भर के 700 थियेटर्स में एक साथ प्रस्तुत की जा रही है। फिल्म में बैडमिंटन के नेशनल लेवल के प्लेयर दिखाये गये हैं। खास बात यह है कि फिल्म में एक्टर्स को बैडमिंटन के लिए और बैडमिंटन प्लेयर्स को एक्टिंग के लिए ग्रूम किया गया है। फिल्म में एक अन्य गीत बातों बातों में भी अंकित ने लिखा है। इसे जुबिन नौटियाल ने गाया है।गीली सी सुबह की लांचिंग के मौके पर अंकित को मुंबई बुलाया गया। जब महेश भट्ट आये तो उन्होंने कहा कि इस गीत की खास बात यह है कि इसके लेखक छत्तीसगढ़ के हैं। फिर निर्देशक ने अंकित का परिचय कराया और कहा कि जिनकी बात आप कर रहे हैं। वे भी आज हमारे साथ हैं। इस पर महेश भट्ट ने बताया कि गीत बहुत खूबसूरत है और चाँद पर जो तुमने हिस्सा लिखा है वो सबसे खूबसूरत है।*जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने की प्रशंसा*
अंकित की इस उपलब्धि पर जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने भी प्रशंसा की है। आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपांशु काबरा ने कहा कि अंकित ने देश भर में प्रदेश का नाम बढ़ाया है। संचालक जनसंपर्क श्री सौमिल रंजन चौबे ने भी अंकित की प्रशंसा करते हुए कहा है कि अपने मौलिक लेखन से अंकित ने सबका दिल छू लिया है। विभाग के अपर संचालक श्री जेएल दरियो, श्री उमेश मिश्र, श्री संजीव तिवारी ने भी अंकित की प्रशंसा की है। जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष श्री बालमुकुंद तंबोली ने भी संघ की ओर से अंकित को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि अपने विभागीय कार्यों के बेहतर संपादन के साथ ही अंकित ने कला के क्षेत्र में भी बढ़िया काम कर दिखाया है। इससे पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा है।