: श्री सुदर्शन संस्थानम् में धूमधाम से मनाया गया अन्नकूट महोत्सव
Sun, Nov 3, 2024
रायपुर - अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाभाग द्वारा संस्थापित श्री सुदर्शन संस्थानम् , पुरी शंकराचार्य आश्रम रावाभांठा रायपुर में स्थित श्री गोवर्धन गौशाला में प्रांतीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में आज अन्नकूट महोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। आचार्य विमल दुबे द्वारा मंत्रोच्चार के साथ गौमाता एवं गोबर से निर्मित श्री गोवर्धन महाराज का षोडशोपचार पूजन कराया गया। इसके पश्चात खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर श्रीमती सीमा तिवारी , टीकाराम साहू , राकेश राजगढ़िया , श्रीमती रोशनी भट्ट , देवराज भट्ट , परमेश्वरी यादव , हिमांशु साहू और सुरेश द्विवेदी सहित आसपास क्षेत्रों के पीठ परिषद , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित थे। इसकी जानकारी श्री सुदर्शन संस्थानम् , पुरी शंकराचार्य आश्रम / मीडिया प्रभारी अरविन्द तिवारी ने दी।
: दीक्षांत समारोह आपके जीवन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर - महामहिम राष्ट्रपति
Sun, Oct 27, 2024
रायपुर - महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह के अवसर पर कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में विकसित छत्तीसगढ़ का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होगा। समग्र विकास के लिये नागरिकों का अच्छा स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है। अच्छा स्वास्थ्य लोगों की उत्पादकता और रचनात्मकता को बढ़ाने में सहायक होता है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह शामिल होकर संस्थान के 25 विद्यार्थियों को 33 स्वर्ण पदक एवं 06 विद्यार्थियों को सुपर स्पेशलिस्ट की उपाधि प्रदान की। वहीं विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत समरोह के अवसर पर 6337 चिकित्सकों को उपाधि प्रदान की गई , इनमें 06 सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सक , 606 स्नातकोत्तर चिकित्सक और 5725 स्नातक चिकित्सक शामिल हैं और 25 चिकित्सकों को स्वर्ण पदक से भी अलंकृत किया गया। इस समारोह को संबोधित करते हुये महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि जनजाति समाज में सिकल सेल एनीमिया की अभी भी समस्या है। भारत सरकार सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिये प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी ही अग्रिम पंक्ति में होते हैं। आप सामान्य लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूक बना सकते , आम नागरिकों को सरकार द्वारा किये जा रहे हैं प्रयासों से अवगत करा सकते हैं। आप नीति निर्माता और सम्माननीय जनता के बीच सेतु का कार्य कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप लोगोें के ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से देश की बहुत बड़ी जनसंख्या की वास्तविक समस्याओं से अवगत हो पायेंगे। मैं चाहती हूं कि सभी विद्यार्थियों को समय-समय पर गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ करना चाहिये। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अधिकांश जनता गांव में रहती हैं , उन लोगों तक उचित स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना चुनौती पूर्ण कार्य है। इस संदर्भ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में चिकित्सा शिक्षण , प्रशिक्षण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिये इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान इस विश्वविद्यालय के प्रमुख लक्ष्यों में से एक है। यह प्रसन्नता की बात है कि विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुष की शिक्षा भी दी जाती है। बहुत सारे कालेजो में नर्सिंग के कोर्स कराये जा रहे हैं। इस प्रकार यह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अभी भी मलेरिया , फाइलेरिया और टीबी जैसे संक्रमक बीमारियों का पूरी तरह से उन्मूलन नहीं हुआ है। भारत सरकार इन रोगों के उन्मूलन के लिये आगे बढ़ी है। उन्होंने आगे कहा कि दीक्षांत समारोह आपके जीवन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सफलता आपकी प्रतिभा , लगन और परिश्रम के साथ-साथ आपके माता-पिता , परिवारजनों , शिक्षक के सहयोग और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि आपको अपने भविष्य की रूपरेखा बनाते समय यह ध्यान रखना है कि आपकी इस शिक्षा में समाज का भी योगदान है। समाज ने आपकी शिक्षा में जो निवेश किया है वह समाज को लौटाना आपका कर्तव्य है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि महान राष्ट्रवादी विचारों एवं भारतीय राजनीति की सम्मानित विभूतियां में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय में आकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मुझे यह बताते हुये बहुत हर्ष हो रही है कि उपाधि प्राप्त करने वाले अधिकांश हमारी बेटियां हैं , यह प्रदर्शन बेटियों के वर्चस्व को रेखाँकित करता है। राष्ट्रपति ने कहा कि दो दिनों के अपने इस छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान मुझे दो इंजीनियरिंग और दो मेडिकल संस्थानों के विद्यार्थियों को संबोधित करने का अवसर मिला। इस दौरान मैं विद्यार्थियों और शोधार्थियों में ललक को महसूस की। ऐसे युवाओं में मेरी भारत की झलक दिखती है और नया भारत जो पूरे मजबूती के साथ विश्व में अपना उचित स्थान पाने के लिये आगे बढ़ रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रदीप कुमार पात्रा ने संस्थान का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह और शाल मेंट किया।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका , विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह , मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय , स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल , पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रदीप कुमार पात्रा , रजिस्ट्रार सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
: आईआईटियन्स ने वैश्विक स्तर पर बनाई अपनी विशेष पहचान - महामहिम राष्ट्रपति
Sun, Oct 27, 2024
रायपुर - राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के लिये का दिन स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जाएगा। देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इस संस्थान की तृतीय एवं चतुर्थ दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर संस्थान के विभिन्न इंजिनियरिंग शाखाओं के प्रतिभावान विद्यार्थियों को अपने हाथों से स्वर्ण पदक प्रदान किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुये। राष्ट्रपति मुर्मु ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों उनके अभिभावकों , प्राध्यापकों , साथियों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन आपके लिये खुद को यह याद दिलाने का दिन है कि आप एक जिम्मेदार नागरिक और सक्षम व्यक्ति के रूप में बाहर की दुनिया में प्रवेश करने के लिये तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आईआईटी भिलाई द्वारा आदिवासी समाज की प्रगति के लिए तकनीकी क्षेत्र में किये गये विशेष प्रयास सराहनीय हैं। आईआईटी भिलाई ने ऐग्रीटेक , हेल्थटेक और थिंकटैंक पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया है। आईआईटी भिलाई नेे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एम्स रायपुर के साथ सहयोग करके मोबाइल फ़ोन ऐप्स बनाये हैं , जिससे गांव के लोगों को घर बैठे चिकित्सा संबंधी मदद मिल जाती है। इस संस्थान ने इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के साथ भी सहयोग करके किसानों के लिये समाधान बनाये हैं। जिससे उन्हें अपने संसाधनों का सही उपयोग करने के लिये मार्गदर्शन और सहायता मिलती है। यह सराहनीय है कि छह लाख किसान क्रॉप डॉक्टर नाम के मोबाइल ऐप्लिकेशन का उपयोग कर रहे हैं , यह संस्थान सामाजिक तौर पर प्रासंगिक अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है। यहां राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा संबंधी प्रोजेक्ट भी चलाये जा रहे हैं। इसके साथ ही महुआ जैसे लघुवनोपज पर भी शोध किया जा रहा है। आईआईटी भिलाई एक समावेशी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है और यहां वंचित तथा पिछड़े वर्गों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस संस्थान ने छात्राओं की संख्या और भागीदारी बढ़ाने के लिये भी कदम उठाये हैं। आईआईटी के छात्रों ने विश्व स्तर पर विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र मेें अपनी विशेष पहचान बनाई है। ग्लोबल कंपनी का नेतृत्व करते हुये हमारे आईआईटियन्स ने अपने तकनीक एवं कौशल से 21वीं सदी की दुनियां में उच्च स्थान प्राप्त किया है। आईआईटी के विद्यार्थियों ने स्वरोजगार एवं उद्यमिता का रास्ता चुना है और रोजगार का सृजन किया है। आईआईटियन्स ने अपनी अग्रणी खोज , अपनी वैज्ञानिक सोच , नवोन्मेषी एवं दूरगामी दृष्टिकोण से देश एवं दुनियां की प्रगति में अपना योगदान दिया है। उन्होंने भारत में डिजिटल ट्रान्सफार्मेशन एवं स्टार्टअप कल्चर को भी बढ़ावा दिया है। तकनीकी विकास के माध्यम से देश को विश्व में उंचा स्थान दिलाने में आईआईटी इको सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका को हम सब जानते हैं। आप सभी विद्यार्थियों पर इस परम्परा को आगे बढ़ाने का बड़ा दायित्व है। यहां के छात्र अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग करेंगे। उपयोग के क्षेत्र में कहा जाता है नो रिस्क नो गेन। दूसरे शब्दों में रिस्क नहीं लेेने की मानसिकता से स्वरोजगार में सफलता नहीं मिल सकती। रिस्क एपेटाइट के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। एआई , ब्लॉकचेन , आग्युमेन्टेड रियालिटी , क्वांटम कम्प्यूटिंग , साईबर सिक्योरिटी और अन्य तकनीक को आप सभी जानते है। उन्होंने युवाओं से कहा नई तकनीक का विकास करें और दुनिया को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करें। भारत सरकार ने देश के सभी क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी उच्च शिक्षा देने के लिये देश भर में 23 आईआईटी स्थापित किये हैं। सर्वाेच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान की जा रही है। देश में भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिये आईआईटीएक मजबूत इको सिस्टम तैयार करेंगे। यह इको सिस्टम विकसित भारत की पहचान बनेगा। आईआईटी भिलाई नये सपनों , नई सोच , नवीनतम तकनीक के साथ यह संस्थान और विद्यार्थी देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने और विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को और आगे बढ़ाने की आपकी यात्रा के लिये मेरी अनंत शुभकामनायें। मेरी मंगलकामना है कि आप सबका भविष्य उज्ज्वल हो और आप विकास के नये कीर्तिमान स्थापित करते रहें।आईआईटी ने बहुत कम समय में बनाई अपनी जगह - राज्यपाल डेकाराज्यपाल रमेन डेका ने आईआईटी भिलाई के तीसरे और चौथे संयुक्त दीक्षांत समारोह के इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में हम सभी के लिये यह सम्मान की बात है कि हमारे माननीय राष्ट्रपति ने आज इस समारोह में अपनी उपस्थिति से हमें सम्मानित किया है। राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ में आईआईटी भिलाई की स्थापना ने राज्य के तकनीकी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही कमी को पूरा किया। इस संस्थान का स्थायी परिसर हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 फरवरी 2024 को राष्ट्र को समर्पित किया गया। यह हमारे लिये बहुत गर्व की बात है कि वैश्विक सोच और दृष्टि वाला राष्ट्रीय महत्व का यह संस्थान अब हमारे राज्य में फल-फूल रहा है। बहुत कम समय में , इस संस्थान ने छत्तीसगढ़ के लोगों के दिलों और दिमाग में अपनी जगह बनाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ भारत के धान के कटोरे के रूप में प्रसिद्ध है। हमारा राज्य प्राकृतिक संसाधनों और खनिज के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत में भी समृद्ध है। यह संस्थान हमारे राज्य के लोगों के लिये प्रत्यक्ष सामाजिक और आर्थिक प्रासंगिकता के मुद्दों पर हमारी सरकार की विभिन्न शाखाओं के साथ कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार के विभागों , एजेंसियों और आईआईटी भिलाई के बीच कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गये हैं। कुछ परियोजनायें नदियों के पुनरुद्धार , जिला प्रशासन की क्षमता निर्माण और राज्य की अमूर्त विरासत को संरक्षित करने से संबंधित हैं। उन्होंने संस्थान के सभी विद्यार्थियों , शिक्षकों और कर्मचारियों को बधाई देते हुये कहा कि भविष्य में यह संस्थान हमारे राज्य तथा राष्ट्र के लिये उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प तकनीकी प्रगति से हो सकेगा संभव - मुख्यमंत्री सायमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हम सभी के लिये गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ के गौरवशाली शिक्षण संस्थान आईआईटी भिलाई के तीसरे और चौथे संयुक्त दीक्षांत समारोह में देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु उपस्थित हैं। इस मंच पर उनकी उपस्थिति से मैं स्वयं को भी गौरवान्वित अनुभव कर रहा हूं। उन्होंने सभी विद्यार्थी को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि इस संस्थान का शिलान्यास हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी ने किया था। छत्तीसगढ़ में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आईआईटी भिलाई जैसे गौरवशाली संस्थान की नींव रखी , तो उन्होंने इस राज्य के स्वर्णिम भविष्य की भी नींव रख दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय तकनीक का समय है। जिस देश और प्रदेश के पास तकनीक की ताकत होगी वह उतनी ही तेजी से विकास करेगा। आज भारत दुनियां की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। हम विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं। यह लक्ष्य तकनीक को हासिल किये बिना हासिल नहीं किये जा सकते। यह हमारे सौभाग्य है कि राज्य में आईआईटी भिलाई के साथ-साथ ट्रिपल आईटी , एनआईटी जैसे उत्कृष्ट संस्थान मौजूद है। ये संस्थान तकनीक से लैस एक ऊर्जावान युवा पीढ़ी का निर्माण कर रहे हैं जो देश और राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। आईआईटी भिलाई हमारे राज्य में एक अत्याधुनिक आईटी पार्क की स्थापना के लिये हमारी सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। यह इस राज्य का पहला आईटी पार्क होगा। इससे सूचना प्रौद्योगिकी के साथ-साथ स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, परिवहन, एग्रीटेक और हेल्थटेक के क्षेत्र में भी युवाओं के लिये अवसर खुलेंगे। इसी तरह आईआईटी भिलाई हमारी सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ में एक विद्या समीक्षा केन्द्र स्थापित करने का काम कर रहा है। यह केन्द्र छत्तीसगढ़ के स्कूलों के लिये एक एआई आधारित सेंट्रलाइज्ड कमांड और नियंत्रण केन्द्र तैयार करेगा। यह हमें स्कूलों के प्रदर्शन , बुनियादी ढांचे और छात्रों की संख्या आदि के संबंध में जानकारियां प्रदान करेगा। इससे नीतियों के निर्माण और संसाधनों के वितरण के संबंध में सटीक निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।समारोह में आईआईटी भिलाई के बोर्ड ऑफ गवर्नर के अध्यक्ष के. वेंकटरमन , डायरेक्टर प्रोफेसर राजीव प्रकाश , संभागायुक्त एस.एन. राठौर , आईजी आर.जी. गर्ग , कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी , एसपी जितेन्द्र शुक्ला सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं संस्थान के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।