: जिम्बाब्वे के विरूद्ध पहले वनडे में भारत की दस विकेट से शानदार जीत
Fri, Aug 19, 2022
हरारे (जिम्बाब्वे) - भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया।सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में जहां टीम इंडिया की कमान केएल राहुल के हाथों में थी। वहीं जिंबाब्वे की कप्तानी सीरीज में विकेटकीपर बल्लेबाज रेजिस चकाबवा संभाल रहे थे। जिम्बाब्वे ने पहले बैटिंग करते हुये 189 रन बनाये , वहीं भारत ने भारत ने आसानी से दस विकेट से यह मैच जीतकर वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है। सीरीज के तीनों मैच इसी ग्राउंड पर खेले जायेंगे , वहीं सीरीज का दूसरा मुकाबला 20 अगस्त को खेला जायेगा। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे में भारत के कप्तान केएल राहुल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। मेजबान टीम के लिये पारी की शुरुआत करने के लिये मैदान में इनोसेंट केइया और टी मारूमानी पहुंचे। पहले वनडे मैच में जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पूरी तरह फेल साबित हुई। भारत की कसी हुई गेंदबाजी के सामना जिम्बाब्वे की टीम 40.3 ओवर में 189 रन बनाकर ढेर हो गई। जिंबाब्वे ने 110 रन पर आठ विकेट गंवा दिये। जिम्बाब्वे के लिये सबसे ज्यादा रन कप्तान रेगिस चकाबवा ने 35 रन बनाये , वहीं नागरवा ने 34 और इवांस ने नाबाद 33 रन की पारी खेली। जीत के लिये भारत को 190 रन बनाने का लक्ष्य मिला है। भारत के लिये सबसे ज्यादा 3-3 विकेट दीपक चाहर , अक्षर पटेल और प्रसिद्ध कृष्णा ने लिये , वहीं एक सफलता मोहम्मद सिराज के हाथ लगी।जिम्बाब्वे के 190 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुये भारत ने गिल ( 82) और धवन (81) के बीच अटूट शतकीय साझेदारी से 19.1 ओवर शेष रहते बिना विकेट खोये 192 रन बनाकर जीत दर्ज की। इस तरह से भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को पहले वनडे मुकाबले में दस विकेट से मात दे दी। बताते चलें भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ आखिरी वनडे सीरीज 3-0 से अपने नाम किया था। वर्ष 2016 में भारत और जिम्बाब्वे के बीच आखिरी वनडे सीरीज खेली गई थी , जिसमें भारत ने 3-0 से जीत दर्ज की थी। दोनों के बीच अभी तक 09 बार वनडे सीरीज खेली जा चुकी है , जिसमें 08 बार भारत ने सीरीज पर कब्जा जमाया है , जबकि एक बार जिम्बाब्वे की टीम जीतने में कामयाब रही। हालांकि जब जिम्बाब्वे ने सीरीज जीती थी तब सिर्फ एक ही मैच सीरीज में खेला गया था। वहीं हरारे स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 16 बार भिड़ंत हुई है जिसमें से 14 मैच में भारत और 02 मैच में जिम्बाब्वे की टीम विजयी हुई है। दोनों टीमों का वनडे क्रिकेट इतिहास में 63 बार आमना-सामना हो चुका है , इसमें पलड़ा टीम इंडिया का भारी रहा है। टीम इंडिया ने 51 मैच में जीत हासिल की है। वहीं 10 मैच जिम्बाब्वे के खाते में गये हैं और 02 बार मैच टाई हुये हैं।टीम इंडिया इलेवन - केएल राहुल(कप्तान) , शिखर धवन , शुभमन गिल , दीपक हुड्डा , संजू सैमसन(विकेटकीपर) , दीपक चाहर , कुलदीप यादव , प्रसिद्ध कृष्णा , मोहम्मद सिराज।टीम जिम्बाब्वे इलेवन - तदिवानाशे मारुमानी , इनोसेंट काइया , सीन विलियम्स , वेज्ली मधेवेरे , सिकंदर रजा , रेजिस चकबवा (कप्तान और विकेटकीपर) , रयान बर्ल , ल्यूक जोंगवे , ब्रैडली इवांस , विक्टर न्याउची , रिचर्ड नगारवा।
: कामनवेल्थ खेलों में 22 स्वर्ण के साथ भारत का शानदार प्रदर्शन
Sat, Aug 13, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टबर्मिघम (इंग्लैंड) - भारत ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 61 मेडल जीतकर इन खेलों में अपने अभियान का समापन किया। इसमें भारत ने 22 स्वर्ण , 16 रजत और 23 कांस्य पदक जीते। भारत के लिये बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के आखिरी दिन पीवी सिंधु , लक्ष्य सेन और सात्विकसाइराज रेंकी रेडडी तथा चिराग शेट्टी की जोड़ी ने बैडमिंटन में और अचंता शरत कमल ने टेबल टेनिस में स्वर्ण पदक जीते। वहीं जी साथियान ने टेबल टेनिस में कांस्य पदक हासिल किया जबकि भारतीय पुरुष हॉकी टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हाकी में भारतीय पुरूष टीम को आस्ट्रेलिया के खिलाफ 7-0 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही टीम इंडिया ने स्वर्ण जीतने का मौका गंवा दिया और रजत पदक के साथ अपने अभियान को खत्म किया। बताते चलें ऑस्ट्रेलिया ने 178 मेडल जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। उसे 67 स्वर्ण , 57 रचत और 57 कांस्य मिले। इंग्लैंड (176) दूसरे और कनाडा (92) तीसरे नंबर पर रहा।भारत को मिले पदकों की सूची -कुल 22 स्वर्ण पदक - मीराबाई चानू , जेरेमी लालरिनुंगाज्ञ, अंचिता शेउली , महिला लॉन बॉल टीम , टीटी पुरुष टीम , सुधीर , बजरंग पूनिया , साक्षी मलिक , दीपक पूनिया , रवि दहिया , विनेश , नवीन , भाविना , नीतू , अमित पंघाल , एल्डहॉस पॉल , निकहत जरीन , शरत-श्रीजा , पीवी सिंधु , लक्ष्य सेन , सात्विक-चिराग , शरत।कुल 16 रजत पदक - संकेत सरगर , बिंदियारानी देवी , सुशीला देवी , विकास ठाकुर , भारतीय बैडमिंटन टीम , तूलिका मान , मुरली श्रीशंकर , अंशु मलिक , प्रियंका , अविनाश साबले , पुरुष लॉन बॉल टीम , अब्दुल्ला अबोबैकर , शरथ-साथियान, महिला क्रिकेट टीम , सागर , पुरुष हॉकी टीम।कुल 23 कांस्य पदक - गुरुराजा , विजय कुमार यादव , हरजिंदर कौर , लवप्रीत सिंह , सौरव घोषाल , गुरदीप सिंह , तेजस्विन शंकर , दिव्या काकरन , मोहित ग्रेवाल , जैस्मिन , पूजा गहलोत , पूजा सिहाग , मोहम्मद हुसामुद्दीन , दीपक नेहरा , रोहित टोकस , महिला हॉकी टीम , संदीप कुमार , अन्नू रानी , सौरव-दीपिका , किदांबी श्रीकांत , त्रिषा-गायत्री , साथियान।
: नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में रजत जीतकर रचा इतिहास
Mon, Jul 25, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टयूजीन (अमेरिका) - अमेरिका के यूजीन में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2022 मेन्स जेवलिन थ्रो फाइनल में वर्ल्ड के चौथी वरीयता प्राप्त भारत के ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा का वर्ल्ड के नंबर वन ग्रेनाडा के जेवलिन थ्रोअर एंडरसन पीटर्स से रोमांचक मुकाबला था।दोनों के बीच मौजूदा सीजन के पिछले कुछ मुकाबलों में जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। इसमें गोल्ड मेडल ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स ने जीता वहीं नीरज चोपड़ा को सिल्वर मेडल पर ही संतोष करना पड़ा। इसमें पहली बार वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप हिस्सा ले रहे नीरज ने 88.13 मीटर दूर भाला फेंककर सिल्वर मेडल पर निशाना साधकर इतिहास रचा। नीरज से पहले किसी भी एशियाई खिलाड़ी ने जेवलिन थ्रो में ओलंपिक में पदक नहीं जीता था। वहीं वे इस चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने हैं। साथ ही वे पहले भारतीय पुरुष एथलीट हैं , जिसने इस चैंपियनशिप में कोई पदक जीता है। बताते चलें वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन पहली बार 1983 में किया गया था. तब से भारत इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल नहीं जीत पाया है। यह इन खेलों के 39 साल के इतिहास में भारत का ओवरऑल दूसरा और पहला रजत पदक है। इनसे पहले अंजू बॉबी जॉर्ज ने वर्ष 2003 में लॉन्ग जंप इवेंट में कांस्य पदक जीता था। लेकिन नीरज उनसे एक कदम आगे निकले और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। टोक्यो में उनके ओलंपिक स्वर्ण पदक के बाद सीनियर स्तर पर नीरज चोपड़ा के करियर की ये सबसे बड़ी उपलब्धि है। नीरज ने जेवलिन थ्रो के क्वालिफायर में पहले ही थ्रो में 88.39 मीटर दूर तक भाला फेंकते हुये फाइनल में जगह पक्की की थी।क्वालिफिकेशन ग्रुप-ए में वो पहले और ओवरऑल दूसरे नंबर पर रहे थे। ग्रेनाडा के मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन एंडरसन पीटर्स ने 90.54 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता। अपने पहले ही प्रयास में एंडरसन ने 90.21 मीटर दूर भाला फेंका। वहीं दूसरे प्रयास में एंडरसन ने 90.46 मीटर की दूरी तय करते हुये इसे और बेहतर कर लिया और इसी वजह से वो गोल्ड जीतने में सफल रहे। जबकि नीरज के पहले , पांचवें और छठवें कुल तीन थ्रो फाउल रहे थे। यही वजह रही कि नीरज गोल्ड से चूक गये। नीरज ने सिर्फ तीन थ्रो के बदौलत ही सिल्वर मेडल जीत लिया।वर्ल्ड एथेलिक्टस चैंपियनशिप के फाइनल में नीरज चोपड़ा (Neeraj की शरुआत बेहतरीन नहीं हुई। नीरज चोपड़ा का पहला थ्रो फाउल साबित हुआ और पहले ही प्रयास में वे फेल साबित हो गये। चोपड़ा ने दूसरे राउंड में 82.39 मीटर दूर भाला फेंका। इसके बाद उन्होंने तीसरे राउंड में अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुये 86.37 मीटर दूर भाला फेंका। चौथे प्रयास में नीरज ने अपने अनुभव का फायदा उठाया और 88.13 मीटर थ्रो ने उन्हें रजत पदक की दौड़ में शामिल करा दिया। नीरज चोपड़ा का पांचवां और छठा थ्रो भी फाउल हो गया। इस मुकाबले में उनके कुल तीन थ्रो फाउल हो गये और वे गोल्ड मेडल से चूक गये।हर बार गोल्ड जीतना संभव नहीं - नीरजसिल्वर मेडल जीतने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुये नीरज चोपड़ा ने कहा कि आज काफी अच्छा लग रहा है। अगले साल फिर वर्ल्ड चैंपियनशिप है वहां गोल्ड जीतने की पूरी कोशिश करुंगा। भारत सरकार और उन तमाम लोगों का शुक्रिया जिनकी मदद के बिना ये संभव नहीं होता। यही कारण है आज मैं वर्ल्ड लेवल पर लगभग सभी प्रतियोगितायों में भाग ले पा रहा हूं। उम्मीद है सभी खेलों में इसी तरह का सपोर्ट मिलता रहेगा और हम आने वाले समय में खेल के हर क्षेत्र में इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सहयोग करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देते हुये कहा कि हर बार गोल्ड मेडल जीतना संभव नहीं है। हर दिन एक जैसा नहीं होता। आज कंडीशन थोड़ी मुश्किल थी। मैं अपनी कोशिश जारी रखूंगा और आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन करुंगा।भारतीय खेलों के लिये खास पल - पीएम मोदीनीरज चोपड़ा को उनकी जीत पर पूरे देश की ओर से शुभकामना संदेश भेजे जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नीरज को बधाई दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा है- हमारे देश के दिग्गज एथलीटों में से एक नीरज चोपड़ा ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्हें इस वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतने के लिये बधाई। यह भारतीय खेलों के लिये एक खास पल है। नीरज चोपड़ा को उनके अगले टूर्नामेंट और भविष्य के लिये भी शुभकामनायें। पीएम मोदी के अलावा पूर्व खेल मंत्री किरण रिजिजू और कई खेल जगत की हस्तियों ने भी नीरज चोपड़ा को बधाई दी हैं। इसी तरह हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने भी नीरज चोपड़ा को बधाई दी। सीएम ने ट्वीट कर लिखा कि खेल की दुनियां में हमने एक कदम और आगे बढ़ाया है। प्रदेश सरकार की नीतियों व हरियाणा के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की पूरे विश्व में चर्चा हो रही है। हम हरियाणा को नीरज चोपड़ा जैसे युवाओं के सहारे ही खेलों में आगे बढ़ायेंगे , हरियाणा को स्पोर्टस आफ इंडिया बनायेंगे। हरियाणा के सीएम ने नीरज की तारीफ करते हुये नीरज चोपड़ा को और उनके परिवार वालों को बधाई और शुभकामनाये दिया है।